रायपुर, 20 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के रेल कनेक्टिविटी मानचित्र पर आज एक ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। आजादी के 79 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के घने वनांचल क्षेत्र रावघाट तक पहली बार यात्री रेलगाड़ी की सीटी गूंजी है। रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संयुक्त रूप से Rowghat Raipur Train Service (रावघाट रायपुर ट्रेन सर्विस) तथा रायपुर – कुरूद नई यात्री रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। विजयादशमी के पावन अवसर पर ताड़ोकी से रावघाट (17.5 किमी) और अभनपुर से कुरूद (22 किमी ब्रॉडगेज) रेलखंडों का लोकार्पण राष्ट्र को समर्पित किया गया। इसके साथ ही रायपुर में 300 हाई हॉर्सपावर वाले इंजनों के रखरखाव के लिए अत्याधुनिक ‘इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी’ की आधारशिला रखी गई।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Rowghat Raipur Train Service’: आजादी के बाद पहली बार बस्तर के रावघाट तक पहुंची यात्री रेल; रायपुर-कुरूद नई सेवा भी शुरू।
- ताड़ोकी-रावघाट व अभनपुर-कुरूद रेलखंड लोकार्पित: दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना का नया चरण पूर्ण; धमतरी तक ब्रॉडगेज की राह आसान।
- रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव डिपो: 300 हाई हॉर्सपावर रेल इंजनों के रखरखाव के लिए आधुनिक मेंटेनेंस फैसिलिटी की रखी गई आधारशिला।
- रेल बजट में 24 गुना रिकॉर्ड उछाल: 2014 से पूर्व प्रतिवर्ष मात्र ₹300 करोड़ मिलते थे, इस वर्ष छत्तीसगढ़ को मिला ₹7,470 करोड़ का भारी बजट।
- 2014 के बाद बिछीं 1,328 किमी पटरियां: वर्ष 2014 से पहले जहां मात्र 32 किमी लाइन बनी थी, वहीं मोदी सरकार में बिछीं 1,328 किमी नई रेल लाइनें।
- 32 अमृत भारत स्टेशन: प्रदेश के 32 स्टेशनों का ₹1,680 करोड़ से कायाकल्प; 8 स्टेशन बनकर पूरी तरह तैयार।
Rowghat Raipur Train Service: आजादी के बाद पहली बार रावघाट तक पहुंची भारतीय रेल
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना बस्तर और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण और सामरिक परियोजना है।
Rowghat Raipur Train Service का शुभारंभ होते ही बस्तर के आदिवासी अंचल का सीधा संपर्क राजधानी रायपुर से स्थापित हो गया है। लगभग ₹1,628 करोड़ की लागत वाली 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना के तहत दल्लीराजहरा से अंतागढ़ (77 किमी) तक यात्री ट्रेनें पहले से चल रही थीं। अब ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर नई रेल लाइन का कार्य पूरा कर ट्रेन का परिचालन शुरू कर दिया गया है। इससे रावघाट की विशाल लौह अयस्क खदानें सीधे भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) और देश के प्रमुख औद्योगिक गलियारों से जुड़ने की दिशा में अग्रसर हो गई हैं।
रायपुर-कुरूद रेल सेवा: धमतरी ब्रॉडगेज की दिशा में ऐतिहासिक कदम
कार्यक्रम के दौरान मध्य छत्तीसगढ़ के कृषि और व्यापारिक केंद्र कुरूद को भी बड़ी सौगात मिली:
- अभनपुर-धमतरी गेज कन्वर्जन: पहले रायपुर से धमतरी के बीच पुरानी नैरो गेज (छोटी लाइन) ट्रेन चलती थी। अभनपुर से कुरूद तक लगभग 22 किलोमीटर लाइन का ब्रॉडगेज (बड़ी लाइन) में आमान-परिवर्तन पूरा कर लिया गया है।
- धमतरी तक जल्द पहुंचेगी बड़ी लाइन: मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरूद तक नई यात्री ट्रेन शुरू होने के बाद अब कुरूद से धमतरी तक का शेष कार्य भी तेजी से पूरा कर रायपुर-धमतरी सीधी ब्रॉडगेज सेवा बहाल की जाएगी।
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रायपुर में बनेगी आधुनिक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी
रेल परिचालन की क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए रायपुर में एक विशाल रेल इंजन डिपो की नींव रखी गई:
- 300 हाई हॉर्सपावर इंजन क्षमता: इस अत्याधुनिक मेंटेनेंस शेड में एक साथ 300 भारी मालवाहक और यात्री इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के आवधिक निरीक्षण, परीक्षण और मरम्मत की सुविधा होगी।
- लॉजिस्टिक्स को गति: इससे हावड़ा-मुंबई रूट और छत्तीसगढ़ के कोयला-आयरन ओर फ्रेट कॉरिडोर में दौड़ने वाले इंजनों को मेंटेनेंस के लिए दूसरे राज्यों में नहीं भेजना पड़ेगा।
2014 के बाद छत्तीसगढ़ में बिछाई गईं 1,328 किमी नई रेल पटरियां: रेल मंत्री
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आंकड़ों के साथ बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के रेल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता मिली है:
- बजट में 24 गुना वृद्धि: पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के समय 2009 से 2014 के बीच छत्तीसगढ़ को सालाना औसतन मात्र ₹311 करोड़ मिलते थे, जिसे मोदी सरकार ने 24 गुना बढ़ाकर इस वर्ष ₹7,470 करोड़ कर दिया है।
- पटरियों का संजाल: वर्ष 2014 से पहले जहां राज्य में केवल 32 किमी नई लाइनें बिछाई गई थीं, वहीं 2014 के बाद रिकॉर्ड 1,328 किलोमीटर नई पटरियां, दोहरीकरण और तिहरीकरण का कार्य पूर्ण किया गया है।
- ₹54,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स: वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 54 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
- भविष्य का बस्तर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर: रेल मंत्री ने ऐलान किया कि रावघाट से आगे जगदलपुर तक लाइन बिछाने का काम जारी है, जिसे आगे कोरापुट होते हुए सीधे विशाखापट्टनम बंदरगाह से जोड़ा जाएगा।
32 रेलवे स्टेशनों का अमृत भारत योजना में विश्वस्तरीय विकास
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को ₹1,680 करोड़ से संवारा जा रहा है। इनमें से 8 रेलवे स्टेशन पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा चांपा, बालोद और सरोना स्टेशनों का वर्चुअल लोकार्पण किया गया है। उन्होंने जशपुर के पत्थलगांव से लोहरदगा रेल लाइन सर्वे को विशेष पैकेज में शामिल करने के लिए रेल मंत्री का धन्यवाद किया।
“रावघाट तक पहली बार रेल का पहुंचना केवल एक पटरी का बिछना नहीं, बल्कि बस्तर के स्वाभिमान और विकास के नए युग का उदय है। जहां रेल पहुंचती है, वहां स्कूल, अस्पताल, व्यापार और रोजगार अपने आप पहुंच जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी ने विजयादशमी पर छत्तीसगढ़ को 54 हजार करोड़ की रेल क्रांति की ऐतिहासिक सौगात दी है। बस्तर अब बंदूकों से नहीं, विकास की पटरियों से पहचाना जा रहा है।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (लोकार्पण समारोह संबोधन)
समारोह में उपस्थित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं शीर्ष रेल अधिकारी
रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में केंद्र व राज्य के प्रमुख जनप्रतिनिधि और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे:
- सांसदगण: श्री बृजमोहन अग्रवाल (सांसद, रायपुर), श्रीमती रूपकुमारी चौधरी (सांसद, महासमुंद), श्रीमती लक्ष्मी वर्मा (राज्यसभा सांसद), श्री भोजराज नाग (सांसद, कांकेर)।
- विधायकगण: श्री राजेश मूणत, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा एवं पूर्व सांसद व विधायक श्री विक्रम उसेंडी।
- रेलवे प्रशासन: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (GM) श्री तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक (DRM) रायपुर श्री दयानंद सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं यात्री।
रावघाट एवं कुरूद रेल सेवा शुभारंभ: एक नजर में
- प्रमुख नई रेल सेवाएं: रावघाट – रायपुर एवं रायपुर – कुरूद नई पैसेंजर ट्रेनें
- लोकार्पित नए रेलखंड: ताड़ोकी से रावघाट (17.5 किमी) एवं अभनपुर से कुरूद (22 किमी ब्रॉडगेज)
- परियोजना संदर्भ: दल्लीराजहरा – रावघाट परियोजना (95 किमी, कुल लागत ₹1,628 करोड़)
- नई आधारशिला: रायपुर में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी
- वार्षिक रेल बजट 2026-27: ₹7,470 करोड़ (2014 से पूर्व के ₹311 करोड़ से 24 गुना अधिक)
- राज्य में कुल चालू रेल कार्य: लगभग ₹54,000 करोड़ की परियोजनाएं
- 2014 से 2026 तक बिछी नई पटरियां: 1,328 किलोमीटर
- अमृत भारत स्टेशन योजना: 32 स्टेशन (8 स्टेशन विकसित होकर पूर्ण)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Rowghat Raipur Train Service का क्या ऐतिहासिक महत्व है?
Rowghat Raipur Train Service के जरिए आजादी के बाद पहली बार बस्तर संभाग के दूरस्थ जनजातीय अंचल रावघाट तक यात्री रेल सेवा शुरू हुई है, जिससे आदिवासी अंचल सीधे राजधानी रायपुर से जुड़ गया है।
ताड़ोकी से रावघाट रेल लाइन की लंबाई और परियोजना की लागत कितनी है?
ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किमी नई रेल लाइन का कार्य पूर्ण हुआ है। यह संपूर्ण दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना (95 किमी) का हिस्सा है, जिसकी कुल लागत लगभग ₹1,628 करोड़ है।
रायपुर में किस नई रेलवे तकनीकी सुविधा की आधारशिला रखी गई है?
रायपुर में अत्याधुनिक ‘इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस फैसिलिटी’ की आधारशिला रखी गई है, जिसमें 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की विश्वस्तरीय क्षमता होगी।
अभनपुर-धमतरी रेलमार्ग पर वर्तमान में क्या प्रगति हुई है?
आमान परिवर्तन (गेज कन्वर्जन) के तहत अभनपुर से कुरूद तक 22 किमी ब्रॉडगेज लाइन पूर्ण कर रायपुर-कुरूद ट्रेन शुरू की गई है, जिसके बाद कुरूद से धमतरी तक का कार्य पूरा किया जाएगा।
आधिकारिक स्रोत: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) / रेल मंत्रालय, भारत सरकार / मुख्यमंत्री सचिवालय एवं जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन