सोनमणि बोरा आईएएस: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने ली मैराथन समीक्षा बैठक; वार्डों के दैनिक निरीक्षण, 38 नालंदा परिसरों और 4-डस्टबिन प्रणाली को लेकर दिए कड़े निर्देश

सोनमणि बोरा आईएएस सोनमणि बोरा आईएएस

रायपुर | 20 अगस्त 2026


छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों के प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण, ई-गवर्नेंस के एकीकरण और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नवनियुक्त प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा आईएएस (भा.प्र.से.-1999) ने आज 20 अगस्त 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में एक उच्च स्तरीय मैराथन बैठक ली। कार्यभार ग्रहण करने के अगले ही दिन आयोजित इस व्यापक समीक्षा बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), नालंदा परिसर और अन्य बुनियादी ढांचागत योजनाओं की मैदानी प्रगति की गहन समीक्षा की।

बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुँचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने मैदानी स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए नगर निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMOs) को दैनिक वार्ड भ्रमण करने और जमीनी समस्याओं का त्वरित निपटारा करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

महत्वपूर्ण संकेतकनगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक के मुख्य नीतिगत निर्देश
विभागीय कमानसोनमणि बोरा आईएएस (प्रमुख सचिव – नगरीय प्रशासन विभाग)
अनिवार्य दैनिक कर्तव्यआयुक्तों और सीएमओ द्वारा दैनिक सुबह वार्ड भ्रमण और व्हाट्सएप ग्रुप में तस्वीरें साझा करना
स्वच्छता का मुख्य रणनीतिक लक्ष्यकचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण हेतु ‘चार डस्ट बिन’ (4-Dustbin) व्यवस्था का कड़ा क्रियान्वयन
नालंदा परिसर परियोजना प्रगतिविभिन्न निकायों में निर्माणाधीन 38 नालंदा परिसरों को समय-सीमा में पूर्ण करना
पर्यटन स्थल सौंदर्यीकरण निर्देशशुद्ध पेयजल, सुगम शौचालय, डस्टबिन की पर्याप्त व्यवस्था और शहरी वानिकी का विस्तार
जन-शिकायत निवारण माध्यमसीएम हेल्पलाइन और सीपीग्राम्स (CPGRAMS) शिकायतों का समयबद्ध निराकरण

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Table of Contents

सोनमणि बोरा आईएएस: दैनिक वार्ड निरीक्षण और ‘चार डस्ट बिन’ व्यवस्था पर विशेष जोर

कार्यभार संभालने के दूसरे ही दिन आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में सोनमणि बोरा आईएएस ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी नगर निगम आयुक्त और सीएमओ अपनी टीमों के साथ प्रतिदिन सुबह वार्डों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि फाइलों के आंकड़ों के स्थान पर मैदानी अमले की सक्रियता धरातल पर दिखनी चाहिए:

  • वार्डों का नियमित भ्रमण: सभी आयुक्त, अपर आयुक्त, उपायुक्त और जोन कमिश्नर अनिवार्य रूप से रोजाना वार्डों का निरीक्षण करेंगे और विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में लाइव तस्वीरें साझा करेंगे, जिससे कार्यों की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा सके।
  • कचरे के स्रोत पर ही पृथक्करण (Source Segregation): स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की समीक्षा करते हुए उन्होंने ‘चार डस्ट बिन’ व्यवस्था को लागू करने पर जोर दिया। प्रमुख बाजारों में नियमित रात की सफाई, समय पर कचरा उठाने और नागरिक सहभागिता (Citizen Engagement) के लिए निरंतर जन-जागरूकता गतिविधियों के आयोजन का आदेश दिया गया है।

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38 नालंदा परिसरों का समयबद्ध निर्माण और पुस्तकालयों का अग्रिम आधुनिकीकरण

राज्य शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना की समीक्षा करते हुए सोनमणि बोरा आईएएस ने विभिन्न स्थानीय निकायों में निर्माणाधीन 38 नालंदा परिसरों के निर्माण कार्यों का निरंतर स्थलीय भौतिक सत्यापन करने के कड़े निर्देश दिए:

  • अग्रिम संसाधन तैयारी: उन्होंने निर्देशित किया कि नालंदा परिसर (Central Library-cum-Reading Zone) का निर्माण कार्य पूर्ण होने से पूर्व ही वहाँ आवश्यक संसाधन जैसे कंप्यूटर पैनल, पुस्तकें और पुस्तकालयाध्यक्ष (Librarian) की नियुक्तियां सुनिश्चित कर ली जाएं, ताकि निर्माण पूरा होते ही छात्र इसका उपयोग कर सकें।
  • अमृत मिशन और पीएम आवास (शहरी): अमृत मिशन के तहत बिछाई जा रही पेयजल और सीवरेज पाइपलाइनों की गुणवत्ता का प्रत्यक्ष स्थलीय निरीक्षण करने तथा पीएम आवास योजना के शेष निर्माण कार्यों को कड़ाई से समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा गया।

पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण, ईडब्ल्यूएस आवास और आउट-ऑफ-द-बॉक्स प्रशासनिक सुधार

शहरी क्षेत्रों के परिसीमन के बाद जुड़े नए वार्डों और पर्यटन स्थलों के संतुलित विकास के लिए विभाग अब नवीन वित्तीय विकल्पों को तलाशेगा। इसके अतिरिक्त, शहर की हरियाली को बढ़ाने के लिए सोनमणि बोरा आईएएस ने सार्वजनिक पार्कों के पुनरुद्धार और पीपीपी (PPP) मोड पर फंडिंग जुटाने के नए विकल्प तलाशने के निर्देश दिए:

  • रायपुर के पर्यटन स्थलों का कायाकल्प: रायपुर नगर निगम के आयुक्त को निर्देशित किया गया है कि शहर के प्रमुख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक केंद्रों को चिन्हित कर वहाँ पेयजल, शौचालय और सफाई की चाक-चौबंद व्यवस्था की जाए।
  • नवोन्मेषी शहरी नियोजन (Out-of-the-box Thinking): स्लम पुनर्विकास (Slum Redevelopment), पुराने हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की मरम्मत और खाली पड़ी ईडब्ल्यूएस (EWS) भूमियों पर व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक (Viable Commercial Projects) योजनाओं को तैयार करने पर मंथन किया गया।
  • सहयोगी प्रशासनिक अमला: बैठक में UAD संचालक श्री आर. एक्का, सूडा के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल, रायपुर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, बीरगांव निगम आयुक्त श्री युगल किशोर उर्वशा और उप सचिव श्री भागवत जायसवाल सहित तकनीकी विंग के मुख्य अभियंता उपस्थित थे।

UPSC & CGPSC Urban Infrastructure Fact Box: AMRUT Mission & Nalanda Parisar

  • अमृत मिशन (AMRUT – Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation): वर्ष 2015 में शुरू किए गए इस राष्ट्रीय मिशन का मुख्य उद्देश्य सभी शहरी परिवारों को सुरक्षित नल जल कनेक्शन प्रदान करना, सीवरेज नेटवर्क का निर्माण करना और शहरी हरियाली (पब्लिक पार्क) को बढ़ाना है।
  • नालंदा परिसर (Central Library Model): यह छत्तीसगढ़ सरकार की एक अनूठी पहल है, जिसके तहत युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 24×7 वाई-फाई, डिजिटल लाइब्रेरी, और शांत अध्ययन क्षेत्र (Reading Zone) युक्त आधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाता है।
  • सीपीग्राम्स (CPGRAMS): यह भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा संचालित एक केंद्रीकृत ऑनलाइन लोक-शिकायत निवारण प्रणाली है, जो नागरिकों को सीधे मंत्रालयों और विभागों तक शिकायत दर्ज करने की सुविधा देती है।

UPSC & State PCS Mains Analysis: शहरी स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government), लोक सेवा प्रदायगी और जन-उत्तरदायित्व

मुख्य परीक्षा के लोक प्रशासन, समाजशास्त्र और शहरी नियोजन (Urban Planning) के दृष्टिकोण से, सोनमणि बोरा आईएएस द्वारा शुरू की गई यह प्रशासनिक पहल नौकरशाही के विकेंद्रीकरण और नागरिक-उन्मुख सुशासन की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करती है। 74वें संविधान संशोधन के तहत स्थानीय शहरी निकायों (ULBs) का प्राथमिक दायित्व केवल बजट का निष्पादन नहीं है, बल्कि ‘नागरिक-प्रसन्नता’ (Citizen Well-being) और गुणवत्तापूर्ण जीवन सुनिश्चित करना है।

आयुक्तों के लिए ‘दैनिक वार्ड भ्रमण’ और व्हाट्सएप ग्रुप आधारित लाइव रिपोर्टिंग को अनिवार्य करना ‘प्रशासनिक जवाबदेही’ (Administrative Accountability) और त्वरित प्रतिक्रिया समय (Response Time) को मजबूत करता है। इसके अलावा, ठोस कचरा प्रबंधन में ‘कचरे के स्रोत पर पृथक्करण’ (4-Dustbin System) की विनियामक कड़ाई पर्यावरण संरक्षण (SDG-11: सतत शहर और समुदाय) के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है। यह समग्र, उत्तरदायी और तकनीक-सक्षम प्रशासनिक मॉडल अंततः छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर को सुधारने और लोकतांत्रिक विश्वास को बहाल करने की दिशा में एक अत्यंत मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।


अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण शहरी सुशासन कार्यशाला और राष्ट्रीय मिशनों पर अपने सामान्य ज्ञान का परीक्षण करें:

प्रश्न 1: हाल ही में चर्चा में रहे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सोनमणि बोरा आईएएस ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग छत्तीसगढ़ के प्रमुख सचिव के रूप में कार्यभार संभालने के बाद किस महत्वाकांक्षी पुस्तकालय योजना के तहत 38 परिसरों को समय-सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया?

(A) नालंदा परिसर योजना (Nalanda Parisar Scheme)
(B) विवेकानंद रीडिंग जोन
(C) मोर माटी वाचनालय कार्यक्रम
(D) एपीजे अब्दुल कलाम डिजिटल लाइब्रेरी

उत्तर: (A) नालंदा परिसर योजना (Nalanda Parisar Scheme)
व्याख्या: छत्तीसगढ़ की महत्वाकांक्षी ‘नालंदा परिसर’ (Central Library-cum-Reading Zone) योजना के तहत राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में 38 परिसरों का निर्माण किया जा रहा है, जिन्हें समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रश्न 2: केंद्र सरकार द्वारा जून 2015 में शुरू किए गए ‘अमृत मिशन’ (AMRUT Mission) का प्राथमिक उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में निम्नलिखित में से किस बुनियादी सुविधा को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करना है?

(A) शत-प्रतिशत सौर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था
(B) सुव्यवस्थित नल जल कनेक्शन और सीवरेज नेटवर्क (Tap Water & Sewerage)
(C) शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
(D) इलेक्ट्रिक बस परिवहन नेटवर्क

उत्तर: (B) सुव्यवस्थित नल जल कनेक्शन और सीवरेज नेटवर्क (Tap Water & Sewerage)
व्याख्या: अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (AMRUT) का मुख्य उद्देश्य नल जल आपूर्ति, जल निकासी (सीवरेज) और शहरी उद्यानों का सुव्यवस्थित विकास करना है।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. सोनमणि बोरा आईएएस ने अपनी पहली समीक्षा बैठक में शहरी स्वच्छता के लिए क्या महत्वपूर्ण निर्देश दिए?

सोनमणि बोरा आईएएस ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत ‘चार डस्ट बिन’ (4-Dustbin) प्रणाली को कड़ाई से लागू करने, कचरे के स्रोत पर पृथक्करण (Source Segregation) और प्रमुख बाजारों की नियमित रात्रि साफ-सफाई के कड़े निर्देश दिए हैं।

Q2. नगर निगम आयुक्तों और सीएमओ (CMOs) के लिए दैनिक प्रशासनिक कार्यों में क्या बदलाव किए गए हैं?

सभी नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMOs), जोन आयुक्तों और तकनीकी अमले के लिए प्रतिदिन सुबह अनिवार्य रूप से वार्डों का दौरा करना और वहां की वास्तविक तस्वीरें विभाग के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करना विनियामक रूप से अनिवार्य किया गया है।

Q3. इस मैराथन बैठक में रायपुर के पर्यटन और पर्यावरण विकास के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?

रायपुर नगर निगम आयुक्त को शहर के पर्यटन स्थलों को चिन्हित कर वहां सुगम शौचालय, शुद्ध पेयजल और स्वच्छता सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही शहरी वानिकी (Urban Forestry) के विस्तार और पब्लिक गार्डन्स के पुनरुद्धार के लिए पीपीपी (PPP) मोड पर फंड जुटाने के विकल्प तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।


तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)

  • अधिकारियों की मैदानी जवाबदेही: सोनमणि बोरा आईएएस द्वारा कमान संभालने के बाद राज्य के सभी नगर निगम आयुक्तों और सीएमओ के लिए वार्डों का दैनिक भ्रमण करना और व्हाट्सएप ग्रुप में लाइव फोटो रिपोर्ट साझा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
  • नालंदा परिसरों का तीव्र विस्तार: राज्य भर में निर्माणाधीन 38 नालंदा परिसरों को समय-सीमा में पूर्ण करने के साथ ही कंप्यूटर पैनल, पुस्तकें और स्टाफ की नियुक्तियां निर्माण कार्य पूर्ण होने से पूर्व करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • सहकारी आजीविका और आवास सुधार: खाली पड़ी ईडब्ल्यूएस (EWS) भूमियों पर व्यावसायिक रूप से व्यावहारिक प्रोजेक्ट्स का निर्माण करने तथा परिसीमन के बाद जुड़े नए शहरी क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल और सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।

UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)

यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-3 (छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा, स्थानीय स्वशासन – 74वां संविधान संशोधन), पेपर-6 (छत्तीसगढ़ का सामाजिक परिदृश्य, लोक-कल्याणकारी योजनाएं एवं ई-गवर्नेंस सेवाएं), तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (स्थानीय स्वशासन, शहरी स्थानीय निकाय (ULBs), विकासात्मक प्रक्रियाएं और सुशासन अनुप्रयोग) और सामान्य अध्ययन पेपर-3 (बुनियादी ढांचा: अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, शहरी नियोजन और पर्यावरण संरक्षण) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक समसामयिक विषय है।

Official Source (आधिकारिक स्रोत)

यह लेख छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग (DPRCG), नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग छत्तीसगढ़, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) छत्तीसगढ़, और प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के सचिवालय द्वारा 20 अगस्त 2026 को रायपुर में आयोजित मैराथन समीक्षा बैठक के आधिकारिक प्रगति विवरणों पर आधारित है।

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