Published on 06 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने और राज्य के हरित आवरण (Green Cover) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अभूतपूर्व वनीकरण अभियान की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कल 5 अगस्त 2026 को नया रायपुर में आयोजित एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान ‘वन महोत्सव-2026’ का आधिकारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अपनी पूज्य माताजी के नाम पर पीपल का पौधा रोपा और राज्य के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित Peepal for People Campaign CG 2026 के तहत एक व्यापक वनीकरण अभियान की शुरुआत की गई है।
इस वृहद कार्यक्रम के दौरान नया रायपुर के लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में रिकॉर्ड 2500 से अधिक पीपल (Ficus religiosa) के पौधे रोपे गए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) अभियान से जुड़कर प्रकृति संरक्षण के इस महा-अनुष्ठान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
| महत्वपूर्ण संकेतक | Peepal for People Campaign CG 2026 व वन महोत्सव के कड़े आंकड़े |
|---|---|
| अभियान का नाम | पीपल फॉर पीपुल (Peepal for People Campaign, Chhattisgarh) |
| मुख्य राष्ट्रीय विज़न | एक पेड़ माँ के नाम (Ek Ped Maa Ke Naam – पीएम मोदी द्वारा 5 जून 2024 को लॉन्च) |
| शुभारंभ की तिथि और स्थान | 5 अगस्त 2026, सेक्टर-क्षेत्र नया रायपुर (छत्तीसगढ़) |
| कुल रोपित क्षेत्र व प्रजाति | 15 एकड़ बंजर/खाली भूमि पर 2500 से अधिक पीपल (Ficus religiosa) के पौधे |
| चालू वित्त वर्ष का पौधारोपण लक्ष्य | छत्तीसगढ़ में इस वर्ष कुल 2.5 करोड़ (ढाई करोड़) पौधे लगाने का कड़ा लक्ष्य |
| विगत दो वर्षों का संचयी रिकॉर्ड | छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा रिकॉर्ड 7.5 करोड़ (7 करोड़ 50 लाख) पौधे रोपे गए |
| पीपल का वैज्ञानिक महत्व | सर्वाधिक ऑक्सीजन उत्सर्जन, अधिकतम कार्बन सिंक और शहरी प्रदूषण पर कड़ा नियंत्रण |
| मुख्य संरक्षण संकल्प | लगाए गए पौधों की जीवित रहने की दर (Survival Rate) सुनिश्चित करने के लिए देखभाल |
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Peepal for People Campaign CG 2026: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ और हरित भविष्य का रोडमैप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2024) को शुरू किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान आज छत्तीसगढ़ में एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। इस वर्ष Peepal for People Campaign CG 2026 के कड़े क्रियान्वयन के तहत नया रायपुर में पर्यावरण संरक्षण को मातृ सम्मान की पवित्र भावना से जोड़ा गया है:
- मातृ सम्मान और संरक्षण का संकल्प: मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई नागरिक अपनी माँ के नाम पर एक पौधा लगाता है, तो वह केवल एक वृक्षारोपण नहीं करता, बल्कि उस पौधे की देखरेख की जिम्मेदारी भी स्वतः स्वीकार करता है। प्रत्येक नागरिक को अपने घर, खेत की मेड़, कार्यस्थल या आसपास खाली जमीन पर एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
- प्रेरणादायक उदाहरण: मुख्यमंत्री ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आजीवन संकल्प (प्रतिदिन एक पौधा लगाने का कड़ा प्रण) का विशेष उल्लेख करते हुए इसे पर्यावरण अनुशासन का एक अनुकरणीय और वैश्विक उदाहरण बताया।
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Peepal for People Campaign CG 2026: वैज्ञानिक महत्व और वन विभाग का लक्ष्य
राज्य के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस विशेष वन महोत्सव के अवसर पर पीपल के पेड़ के धार्मिक और वैज्ञानिक पहलुओं को रेखांकित किया:
- ऑक्सीजन का महा-उत्सर्जक: पीपल का वृक्ष (Ficus religiosa) 24 घंटे ऑक्सीजन जारी रखने और वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) का अत्यधिक अवशोषण करने के लिए वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है। यह वायु की गुणवत्ता में तेजी से सुधार करता है और धूल के कणों को सोखकर शहरी प्रदूषण को कम करता है।
- जैव विविधता का आधार: पीपल एक कीस्टोन प्रजाति (Keystone Species) है, जो सैकड़ों पक्षियों, कीटों और सूक्ष्मजीवों को प्राकृतिक आवास और पोषण प्रदान कर स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाती है।
- ढाई करोड़ का विशाल लक्ष्य: वन विभाग द्वारा इस वर्ष राज्य में ढाई करोड़ नए पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री कश्यप ने सभी नागरिकों से आगामी स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर अपने घरों में तिरंगा फहराने के साथ-साथ एक पौधा रोपने का भी कड़ा आग्रह किया।
UPSC & CGPSC Prelims Fact Box: Van Mahotsav History & Peepal Tree Ecology
- वन महोत्सव (Van Mahotsav) का इतिहास: इसकी शुरुआत वर्ष 1950 में तत्कालीन केंद्रीय खाद्य और कृषि मंत्री कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी (K. M. Munshi) द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य वनीकरण को बढ़ावा देना और देश के नागरिकों को जंगलों के महत्व के प्रति जागरूक करना था। यह प्रतिवर्ष जुलाई/अगस्त के प्रथम सप्ताह में आयोजित होता है।
- पीपल वृक्ष का वैज्ञानिक नाम (Ficus religiosa): यह मोरैसी (Moraceae) परिवार से संबंधित एक पर्णपाती (Deciduous) या अर्ध-सदाबहार वृक्ष है। यह अपनी पत्तियों की अनूठी संरचना के कारण हल्की हवा में भी कंपन करता है, जिससे वाष्पोत्सर्जन (Transpiration) बढ़ता है और वातावरण ठंडा रहता है।
- कार्बन सिंक (Carbon Sink): वनस्पति और मिट्टी का वह प्राकृतिक तंत्र जो वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड को सोखता है और उसे अपने भीतर जमा कर लेता है, जिससे ग्रीनहाउस प्रभाव और ग्लोबल वार्मिंग पर कड़ा नियंत्रण लगता है।
UPSC & State PCS Mains Analysis: सामाजिक वानिकी, जलवायु लचीलापन और पर्यावरणीय शासन
मुख्य परीक्षा और पर्यावरण पारिस्थितिकी के दृष्टिकोण से Peepal for People Campaign CG 2026 जैसी रणनीतिक पहलों को भारत के ‘राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान’ (NDCs – Paris Agreement) और सामाजिक वानिकी (Social Forestry) के सफल क्रियान्वयन के रूप में देखा जाना चाहिए।
भारत ने पेरिस जलवायु समझौते के तहत वर्ष 2030 तक अतिरिक्त वन और वृक्ष आवरण के माध्यम से 2.5 से 3 बिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाने का कड़ा वैश्विक वादा किया है। इस वादे को पूरा करने के लिए केवल बड़े सरकारी वनों का विस्तार पर्याप्त नहीं है, बल्कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसी जनभागीदारी आधारित शहरी और सामाजिक वानिकी योजनाएं अनिवार्य हैं।
पर्यावरण नीति में ‘मातृ सम्मान’ के मनोवैज्ञानिक पहलू (Psychological Nudge) को जोड़ना एक अभिनव प्रशासनिक सुधार है, जो पौधों की जीवित रहने की दर (Survival Rate) को सीधे बढ़ाता है। इसके अतिरिक्त, नया रायपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे कंक्रीट-शहरी केंद्रों में पीपल (Ficus religiosa) जैसी कीस्टोन प्रजातियों का 15 एकड़ में सघन रोपण करना ‘शहरी वन’ (Urban Forestry) के विकास और शहरी ऊष्मा द्वीप (Urban Heat Island) के प्रभाव को कम करने का सबसे स्थायी वैज्ञानिक उपाय है, जो अंततः ‘हरित और स्वस्थ छत्तीसगढ़’ के नीतिगत लक्ष्यों को समयबद्ध धरातल पर साकार करने की मजबूत कूटनीतिक रीढ़ साबित होगा।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण समसामयिक और पर्यावरणीय विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में शुरू किए गए Peepal for People Campaign CG 2026 के तहत छत्तीसगढ़ के किस शहर में 15 एकड़ के क्षेत्र में 2500 से अधिक पीपल के पौधों का वृहद रोपण किया गया है?
(A) चित्रकोट, बस्तर
(B) नया रायपुर, रायपुर
(C) मैनपाट, सरगुजा
(D) सिरपुर, महासमुंद
उत्तर: (B) नया रायपुर, रायपुर
व्याख्या: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नया रायपुर में ‘वन महोत्सव-2026’ का शुभारंभ करते हुए ‘पीपल फॉर पीपुल’ अभियान के तहत 15 एकड़ भूमि पर 2500 से अधिक पीपल के पौधों का पौधारोपण किया।
प्रश्न 2: भारत में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले ‘वन महोत्सव’ (Van Mahotsav) की शुरुआत वर्ष 1950 में निम्नलिखित में से किस केंद्रीय मंत्री के प्रयासों से की गई थी?
(A) लाल बहादुर शास्त्री
(B) कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी (के. एम. मुंशी)
(C) सरदार वल्लभभाई पटेल
(D) जगजीवन राम
उत्तर: (B) कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी (के. एम. मुंशी)
व्याख्या: कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी (के. एम. मुंशी), जो तत्कालीन खाद्य और कृषि मंत्री थे, ने देश में जंगलों के संरक्षण और वनीकरण के प्रति चेतना जागृत करने के लिए वर्ष 1950 में ‘वन महोत्सव’ की शुरुआत की थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. Peepal for People Campaign CG 2026 क्या है और इसके मुख्य लक्ष्य क्या हैं?
यह छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा 5 अगस्त 2026 को शुरू किया गया एक विशेष राज्य स्तरीय वनीकरण अभियान है। इसके तहत नया रायपुर में 15 एकड़ के क्षेत्र में 2500 से अधिक पीपल के पौधे लगाए गए हैं। इसका लक्ष्य चालू वर्ष में राज्य में ढाई करोड़ पौधे लगाना और पर्यावरण का संरक्षण करना है।
Q2. ‘एक पेड़ माँ के नाम’ (Ek Ped Maa Ke Naam) राष्ट्रीय अभियान कब और किसके द्वारा शुरू किया गया था?
‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2024) के अवसर पर की गई थी। यह अभियान समाज के प्रत्येक नागरिक को अपनी माता के नाम पर एक पौधा लगाने और उसका संरक्षण करने के लिए प्रेरित करता है।
Q3. पर्यावरण विज्ञान के दृष्टिकोण से पीपल (Ficus religiosa) के वृक्ष को क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
पीपल का वृक्ष 24 घंटे ऑक्सीजन जारी रखने और वातावरण से अधिकतम कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने के लिए जाना जाता है। इसके अतिरिक्त, यह एक कीस्टोन प्रजाति है जो कई पक्षियों और सूक्ष्मजीवों को प्राकृतिक आश्रय प्रदान करती है तथा शहरी धूल व प्रदूषण को कम करती है।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- 15 एकड़ में पीपल का सघन रोपण: Peepal for People Campaign CG 2026 के तहत नया रायपुर में 15 एकड़ क्षेत्र में 2500 से अधिक पीपल के औषधीय और ऑक्सीजन-उत्सर्जक पौधे लगाए गए हैं।
- ढाई करोड़ का वार्षिक लक्ष्य: वन विभाग ने इस वर्ष राज्य में 2.5 करोड़ नए पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है, जबकि पिछले दो वर्षों में राज्य में रिकॉर्ड 7.5 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं।
- मातृ सम्मान और पर्यावरण शुचिता: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान ने पौधारोपण को सामाजिक सम्मान और आत्मीय जिम्मेदारी से जोड़कर पौधों के जीवित रहने की दर (Survival Rate) को बढ़ाने का कड़ा प्रशासनिक मॉडल पेश किया है।
UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-5 (छत्तीसगढ़ का आर्थिक भूगोल, वन संसाधन और नीतियां), पेपर-6 (पर्यावरण और सतत विकास कार्यक्रम), तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-3 (पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता हॉटस्पॉट, जलवायु परिवर्तन कूटनीति) और पेपर-1 (भौतिक भूगोल—प्राकृतिक वनस्पति और वन प्रकार) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और अनिवार्य समसामयिक मुद्दा है।
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह लेख छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, और पत्र सूचना कार्यालय (PIB Delhi) द्वारा 5 अगस्त 2026 को नया रायपुर में आयोजित राज्य वन महोत्सव के उपरांत जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति और वन विभाग के पौधारोपण ब्योरों पर आधारित है।
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