रायपुर, 28 अक्टूबर: वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की सबसे मजबूत रीढ़ देश की तकनीकी युवा पीढ़ी है, जो आने वाले समय में विश्व पटल पर भारत के गौरव और समृद्धि का नेतृत्व करेगी। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), रायपुर और भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी (Indian National Academy of Engineering – INAE) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ‘यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस’ के समापन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने यह बात कही। NIT Raipur Youth Conclave (एनआईटी रायपुर यूथ कॉनक्लेव) के मंच से श्री साव ने इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों, शोधार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे अपने अर्जित ज्ञान, शोध और तकनीकी नवाचारों को केवल व्यक्तिगत सफलताओं तक सीमित न रखें, बल्कि उसे समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्रहित में समर्पित करें। इस अवसर पर हैकाथॉन, प्रोजेक्ट प्रदर्शनी और उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले होनहार छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘NIT Raipur Youth Conclave’: एनआईटी रायपुर और आईएनएई (INAE) के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन।
- डिप्टी सीएम अरुण साव रहे मुख्य अतिथि: तकनीकी विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों को दिया राष्ट्र निर्माण का मंत्र।
- विकसित भारत का नेतृत्व: साव बोले—’2047 के विकसित भारत की बागडोर आज के युवाओं के हाथों में होगी।’
- नवाचार को समाज से जोड़ने की सीख: केवल व्यक्तिगत लाभ नहीं, बल्कि जनकल्याण में उपयोग हो इंजीनियरिंग का ज्ञान।
- हैकाथॉन व शोधकर्ताओं का सम्मान: प्रोजेक्ट प्रदर्शनी और उत्कृष्ट रिसर्च पेपर प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागी पुरस्कृत।
- शीर्ष वैज्ञानिक नेतृत्व की मौजूदगी: आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश व जेएनआरडीडीसी निदेशक डॉ. रोहित गुप्ता रहे उपस्थित।
NIT Raipur Youth Conclave: ‘निजी लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में लगाएं तकनीक का ज्ञान’: अरुण साव
एनआईटी रायपुर के मुख्य सभागार में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने तकनीकी शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्संबंधों पर गहरा प्रकाश डाला।
NIT Raipur Youth Conclave के दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें वैश्विक मंच देने के लिए अभूतपूर्व नीतियां लागू की जा रही हैं। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे युवाओं पर देश की बहुत बड़ी उम्मीदें टिकी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से भावनात्मक संवाद करते हुए कहा कि हमारी पीढ़ी उस समय रहे या न रहे, लेकिन जब भारत दुनिया में एक सशक्त आर्थिक और तकनीकी महाशक्ति के रूप में खड़ा होगा, तब उसका नेतृत्व आज के युवा ही कर रहे होंगे। इसलिए युवाओं को अभी से अपनी जिम्मेदारी समझते हुए ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य तकनीक और आधुनिक अधोसंरचना के क्षेत्र में स्वदेशी समाधान तलाशने चाहिए।
एनआईटी रायपुर और INAE का संयुक्त मंच: हैकाथॉन और प्रोजेक्ट प्रदर्शनी में दिखा दम
दो दिनों तक चले इस राष्ट्रीय महाकुंभ में देश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का लोहा मनवाया:
- शोधपत्र और नवाचार प्रदर्शनी: प्रतिभागियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, सस्टेनेबल इंजीनियरिंग और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े उन्नत शोधपत्र प्रस्तुत किए।
- हैकाथॉन विजेताओं का सम्मान: जटिल औद्योगिक और सामाजिक समस्याओं के त्वरित तकनीकी समाधान खोजने के लिए आयोजित हैकाथॉन और प्रोजेक्ट प्रदर्शनी के विजेताओं को उप मुख्यमंत्री के कर-कमलों से प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए।
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अनुसंधान और उद्योग के बीच समन्वय जरूरी: शीर्ष शिक्षाविदों के विचार
कॉनक्लेव के विभिन्न तकनीकी सत्रों में देश के प्रमुख वैज्ञानिक और शैक्षणिक संस्थानों के निदेशकों ने अपने विचार साझा किए:
- अनुसंधान का व्यावसायीकरण: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में होने वाले अनुसंधानों को सीधे उद्योगों और जमीनी आवश्यकताओं से जोड़ना आवश्यक है, ताकि लैब में विकसित तकनीक आम जनता तक पहुंच सके।
- धातु और सामग्री विज्ञान में अवसर: जवाहर लाल नेहरू एल्यूमिनियम रिसर्च, डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर (JNARDDC) के निदेशक डॉ. रोहित कुमार गुप्ता ने खनिज समृद्ध छत्तीसगढ़ में उन्नत धातु विज्ञान और सतत उत्पादन पर जोर दिया।
“विकसित भारत का निर्माण आज की युवा पीढ़ी के स्वर्णिम भविष्य के लिए हो रहा है। देश को अपने इंजीनियरों और युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभा से असीम अपेक्षाएं हैं। जब आप अपनी प्रयोगशालाओं और कक्षाओं से बाहर निकलकर अपनी योग्यता का उपयोग देश की समस्याओं को सुलझाने में करेंगे, तभी वास्तविक आत्मनिर्भरता आएगी। युवा अपनी क्षमता से भारत को विश्व गुरु बनाने का संकल्प लें।”— श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
समारोह में उपस्थित प्रमुख वैज्ञानिक, शिक्षाविद एवं प्राध्यापक
एनआईटी रायपुर के इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन में शैक्षणिक जगत के प्रमुख हस्ताक्षर उपस्थित रहे:
- मुख्य अतिथि: श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन।
- विशिष्ट अतिथिगण: प्रो. राजीव प्रकाश (निदेशक, आईआईटी भिलाई), डॉ. रोहित कुमार गुप्ता (निदेशक, जेएनआरडीडीसी)।
- एनआईटी रायपुर संकाय नेतृत्व: प्रो. समीर वाजपेयी, प्रो. अर्चना शर्मा, डॉ. एस. सान्याल, डॉ. संजीव कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में तकनीकी विद्यार्थी।
एनआईटी रायपुर यूथ कॉनक्लेव 2026: एक नजर में
- कार्यक्रम का नाम: यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस (NIT Raipur Youth Conclave)
- आयोजक संस्थाएं: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर एवं इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (INAE)
- मुख्य अतिथि: उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव
- अवधि व स्थल: दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन, एनआईटी रायपुर परिसर (28 अक्टूबर 2026)
- प्रमुख गतिविधियां: हैकाथॉन, तकनीकी शोधपत्र प्रस्तुति, प्रोजेक्ट प्रदर्शनी एवं प्रतिभा सम्मान
- प्रमुख वैज्ञानिक अतिथि: प्रो. राजीव प्रकाश (निदेशक, IIT भिलाई), डॉ. रोहित कुमार गुप्ता (निदेशक, JNARDDC)
- संयोजक प्राध्यापक: प्रो. समीर वाजपेयी, प्रो. अर्चना शर्मा, डॉ. एस. सान्याल, डॉ. संजीव कुमार
- मूल संदेश: तकनीकी ज्ञान का उपयोग व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर उठकर समाज व राष्ट्रहित में करना
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
NIT Raipur Youth Conclave का आयोजन किन संस्थाओं द्वारा मिलकर किया गया?
इस दो दिवसीय यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर और भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी (INAE) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि कौन थे और उन्होंने क्या संदेश दिया?
मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विद्यार्थियों से कहा कि विकसित भारत 2047 का नेतृत्व आज के युवा करेंगे; अतः वे अपने तकनीकी ज्ञान और नवाचार को राष्ट्र और समाज की सेवा में लगाएं।
इस दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस में किन-किन प्रमुख प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ?
कॉनक्लेव में उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुति, प्रोजेक्ट प्रदर्शनी और हैकाथॉन जैसी तकनीकी स्पर्धाओं का आयोजन हुआ, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवा शोधकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कौन-कौन से प्रमुख वैज्ञानिक और शिक्षाविद उपस्थित रहे?
समारोह में आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, जेएनआरडीडीसी के निदेशक डॉ. रोहित कुमार गुप्ता तथा एनआईटी रायपुर के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. समीर वाजपेयी, प्रो. अर्चना शर्मा आदि उपस्थित रहे।
आधिकारिक स्रोत: उप मुख्यमंत्री सचिवालय / खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन / राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), रायपुर / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur)