नारायणपुर/रायपुर, 29 अक्टूबर: कभी स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से दुर्गम और अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जाने वाला बस्तर संभाग का नारायणपुर जिला अब पूरे छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुधारों की नई मिसाल बनकर उभरा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी अप्रैल से सितंबर 2026 की अर्धवार्षिक ‘स्वास्थ्यांक’ रिपोर्ट में नारायणपुर ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए राज्य की शीर्ष ‘अचीवर्स’ (Achievers) श्रेणी में अपना स्थान सुरक्षित किया है। Narayanpur Swasthyank Report 2026 (नारायणपुर स्वास्थ्यांक रिपोर्ट 2026) के अनुसार जिले ने स्वास्थ्य बजट के प्रभावी उपयोग में 17 पायदानों की ऐतिहासिक छलांग लगाकर 22वें स्थान से सीधे 5वें स्थान पर कब्जा जमाया है। वहीं संस्थागत प्रसव में 54 प्रतिशत की दर हासिल कर राज्य के औसत (30.3%) को काफी पीछे छोड़ दिया है। मानसिक स्वास्थ्य में 173% स्क्रीनिंग तथा कुष्ठ उन्मूलन में ग्रेड-2 विकलांगता दर को शून्य पर लाकर जिले ने राष्ट्रीय स्तर के स्वास्थ्य मानकों को धरातल पर उतारा है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Narayanpur Swasthyank Report 2026’: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की रिपोर्ट में नारायणपुर बना शीर्ष ‘अचीवर’ जिला।
- वित्तीय प्रबंधन में 17 पायदान की छलांग: 2025-26 में 22वें स्थान पर रहने वाला जिला अब राज्य में 5वें पायदान पर।
- संस्थागत प्रसव में राज्य औसत से आगे: नारायणपुर में 54% रहा संस्थागत प्रसव, जबकि छत्तीसगढ़ का औसत केवल 30.3%।
- गर्भवती महिलाओं का 98% पंजीयन: पहली तिमाही में ही 98% माताओं का प्रारंभिक पंजीयन कर सुरक्षित मातृत्व को दिया संबल।
- मानसिक स्वास्थ्य में 2.00 का सर्वोच्च स्कोर: स्क्रीनिंग में 173% और उपचार में 132% की अप्रत्याशित उपलब्धि।
- कुष्ठ रोगियों में 0% विकलांगता: नए मरीजों में ग्रेड-2 डिसेबिलिटी शून्य, 100% संपर्कों को दी गई प्रिवेंटिव दवा।
Narayanpur Swasthyank Report 2026: बजट उपयोग में लगाई 17 पायदानों की छलांग
स्वास्थ्य बजट के पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन के क्षेत्र में नारायणपुर जिले ने प्रशासनिक दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है।
Narayanpur Swasthyank Report 2026 के अनुसार वर्ष 2025-26 में वित्तीय व्यय रैंकिंग में 22वें स्थान पर पिछड़ रहा नारायणपुर इस वर्ष 17 स्थानों की लंबी छलांग लगाकर छत्तीसगढ़ में 5वें स्थान पर पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के रिकॉर्ड ऑफ प्रोसिडिंग (RoP) के तहत जिले ने आवंटित राशि का 32.03 प्रतिशत व्यय कर प्राथमिक स्वास्थ्य अधोसंरचना, जीवन रक्षक दवाओं की खरीद और सुदूर स्वास्थ्य केंद्रों में उपकरणों की उपलब्धता को सुनिश्चित किया है। यह वित्तीय सुधार योजनाओं की त्वरित धरातलीय प्रगति को दर्शाता है।
सुरक्षित मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य: संस्थागत प्रसव 54% और 98% प्रारंभिक पंजीयन
वनांचल और अबूझमाड़ के बीहड़ों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में मितानिनों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने बड़ा परिवर्तन लाया है:
- संस्थागत प्रसव में भारी उछाल: रिपोर्ट के अनुसार नारायणपुर में संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 54 दर्ज किया गया है, जो राज्य के औसत 30.3 प्रतिशत से लगभग दोगुना है। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिली है।
- प्रथम तिमाही में 98% पंजीयन: पहली तिमाही (First Trimester) में 98 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक गर्भ पंजीयन सुनिश्चित किया गया है, जिससे समय पर प्रसव पूर्व जांच (ANC) और आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां उपलब्ध कराई जा सकी हैं।
- पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की सफलता: कुपोषित बच्चों के उपचार हेतु संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र में बेड ऑक्युपेसी दर 88 प्रतिशत तथा गंभीर कुपोषित बच्चों की रिकवरी दर 86 प्रतिशत दर्ज की गई है।
मानसिक स्वास्थ्य और कुष्ठ रोग उन्मूलन में शत-प्रतिशत कीर्तिमान
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में नारायणपुर जिले ने राज्य के अन्य सभी विकसित जिलों को पीछे छोड़ दिया है:
- राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (NMHP): जिले में मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग का आंकड़ा लक्ष्य के विरुद्ध 173 प्रतिशत और मरीजों के उपचार का प्रतिशत 132 तक पहुंचा है। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिले को 2.00 का सर्वोच्च स्कोर प्रदान किया गया है।
- राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (NLEP): समय पर सक्रिय पहचान और नियमित उपचार के कारण नए कुष्ठ रोगियों में ग्रेड-2 विकलांगता (Disability) की दर 0% (शून्य) दर्ज की गई है। इसके साथ ही मरीजों के संपर्क में आए संदिग्धों की पहचान और पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (SDR-PEP) के तहत 100 प्रतिशत दवा वितरण किया गया है।
आगामी महीनों की कार्ययोजना: हाई-रिस्क प्रेगनेंसी, सिकल सेल और टेली-कंसल्टेशन
स्वास्थ्यांक रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने भविष्य की रूपरेखा तैयार की है:
- हाई-रिस्क प्रेगनेंसी (HRP) पर फोकस: वर्तमान में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान 10% है। इसे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत एएनएम और मितानिनों द्वारा विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी तथा प्रसव के लिए फर्स्ट रेफरल यूनिट (FRU) तक सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित होगा।
- आयुष्मान आरोग्य मंदिर व सिकल सेल: दुर्गम वनांचलों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को पूरी क्षमता से संचालित करने, जनजातीय आबादी में सिकल सेल एनीमिया की सघन जांच करने और टेली-कंसल्टेशन (e-Sanjeevani) के जरिए विशेषज्ञ डॉक्टरों से उपचार उपलब्ध कराने की गति तेज की जाएगी।
“नारायणपुर जिले का ‘स्वास्थ्यांक’ रिपोर्ट में शीर्ष अचीवर्स श्रेणी में पहुंचना और वित्तीय रैंकिंग में 22वें से 5वें स्थान पर आना हमारे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों और डॉक्टरों के अथक परिश्रम का परिणाम है। वनांचल और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में 54% संस्थागत प्रसव और मानसिक स्वास्थ्य में 173% उपलब्धि यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प से हर भौगोलिक बाधा को पार किया जा सकता है। हमारा लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।”— मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), जिला नारायणपुर
नारायणपुर ‘स्वास्थ्यांक’ विश्लेषण रिपोर्ट: एक नजर में
- रिपोर्ट का नाम: स्वास्थ्यांक अर्धवार्षिक विश्लेषण रिपोर्ट (अप्रैल – सितंबर 2026)
- जारीकर्ता: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़
- नारायणपुर का समग्र दर्जा: राज्य की शीर्ष ‘अचीवर्स’ (Achievers) श्रेणी
- वित्तीय व्यय रैंकिंग: 5वां स्थान (गत वर्ष 22वें स्थान से 17 पायदान की छलांग, 32.03% व्यय)
- संस्थागत प्रसव दर: 54% (राज्य औसत 30.3% से काफी आगे)
- प्रथम तिमाही गर्भ पंजीयन: 98% गर्भवती महिलाएं
- पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC): बेड ऑक्युपेसी 88%, बाल रिकवरी दर 86%
- मानसिक स्वास्थ्य प्रदर्शन: 173% स्क्रीनिंग, 132% उपचार, सर्वोच्च स्कोर 2.00
- कुष्ठ उन्मूलन उपलब्धि: नए मामलों में 0% ग्रेड-2 विकलांगता, 100% संपर्क जांच व दवा वितरण
- भावी लक्ष्य: हाई-रिस्क प्रेगनेंसी ट्रैकिंग, सिकल सेल स्क्रीनिंग, टेली-कंसल्टेशन विस्तार
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Narayanpur Swasthyank Report 2026 में जिले को कौन-सी श्रेणी प्राप्त हुई है?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की स्वास्थ्यांक रिपोर्ट (अप्रैल से सितंबर 2026) में नारायणपुर जिले ने उत्कृष्ट स्वास्थ्य संकेतकों के आधार पर राज्य की शीर्ष ‘अचीवर्स’ (Achievers) श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है।
वित्तीय प्रबंधन में नारायणपुर जिले ने राज्य में कौन-सा स्थान हासिल किया?
जिले ने वित्तीय व्यय रैंकिंग में 17 पायदानों की छलांग लगाते हुए गत वर्ष के 22वें स्थान के मुकाबले राज्य भर में 5वां स्थान हासिल किया है, जिसमें बजट का 32.03% व्यय किया गया।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में नारायणपुर का प्रदर्शन राज्य औसत से कैसा रहा?
नारायणपुर में संस्थागत प्रसव 54 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो राज्य के औसत (30.3%) से कहीं अधिक है। वहीं पहली तिमाही में 98 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का प्रारंभिक पंजीयन सुनिश्चित किया गया।
मानसिक स्वास्थ्य और कुष्ठ रोग उन्मूलन में जिले को क्या उल्लेखनीय सफलता मिली?
मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग में 173% व उपचार में 132% उपलब्धि के साथ अधिकतम 2.00 स्कोर मिला, जबकि नए कुष्ठ रोगियों में ग्रेड-2 विकलांगता दर शून्य प्रतिशत (0%) दर्ज की गई।
आधिकारिक स्रोत: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), छत्तीसगढ़ / स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग / जिला जनसंपर्क कार्यालय (PRO), नारायणपुर / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur)