Baba Kartik Oraon Statue: सीएम ने किया प्रतिमा का अनावरण; डिगमा कॉलेज का नाम बदला, सीतापुर को फोरलेन सड़क

Baba Kartik Oraon Statue Baba Kartik Oraon Statue

रायपुर, 29 अक्टूबर: जनजातीय अस्मिता के पुनर्जागरण, वंचितों के शैक्षणिक उत्थान और सामाजिक चेतना के अग्रदूत, महान जननायक, प्रख्यात अभियंता एवं पूर्व सांसद बाबा कार्तिक उरांव की जन्मशताब्दी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके सम्मान में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से सरगुजा अंचल में आयोजित भव्य समारोह में बाबा कार्तिक उरांव की आदमकद प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया। Baba Kartik Oraon Statue (बाबा कार्तिक उरांव प्रतिमा अनावरण) के इस गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज और जनप्रतिनिधियों की मांग पर शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, डिगमा (अंबिकापुर) का नामकरण ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अंबिकापुर’ करने की बड़ी घोषणा की। साथ ही, सीतापुर में 28 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 3.82 किमी लंबी फोरलेन सड़क का भूमिपूजन तथा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के नवनिर्मित आवासीय भवनों व महिला एनजीओ मेस का लोकार्पण किया।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Baba Kartik Oraon Statue’: जन्मशताब्दी पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया आदमकद प्रतिमा का अनावरण।
  • इंजीनियरिंग कॉलेज का नामकरण: डिगमा (अंबिकापुर) कॉलेज अब ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव सीआईटी’ के नाम से जाना जाएगा।
  • सीतापुर को फोरलेन सड़क की सौगात: सोनतराई से सूर तक 3.82 किमी फोरलेन सड़क हेतु ₹28 करोड़ का भूमिपूजन।
  • पुलिस आवासों का लोकार्पण: उदयपुर में 24 और सीतापुर में 12 पुलिस आवासों सहित महिला एनजीओ मेस भवन का उद्घाटन।
  • संसद में गूंजी थी बाबा की आवाज: धर्मांतरण के बाद आरक्षण विसंगतियों और जनजातीय अस्मिता पर उठाई थी प्रखर आवाज।
  • शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी: मंत्री रामविचार नेताम, लक्ष्मी राजवाड़े, राजेश अग्रवाल, सांसद चिंतामणि महाराज व विधायक रहे उपस्थित।

Baba Kartik Oraon Statue: जनजातीय समाज के स्वाभिमान, शिक्षा और संघर्ष की प्रेरक गाथा

सरगुजा अंचल में आयोजित इस जन्मशताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बाबा कार्तिक उरांव के विराट व्यक्तित्व और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।

Baba Kartik Oraon Statue के अनावरण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा कार्तिक उरांव केवल जनजातीय समाज के महान जननेता ही नहीं, बल्कि एक उच्च शिक्षित अभियंता, दूरदर्शी विचारक और समाज के अधिकारों के सजग प्रहरी थे। उन्होंने उस दौर में विदेश जाकर इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा हासिल की, जब वंचित समाज के लिए बुनियादी शिक्षा पाना भी एक सपना था। उन्होंने शिक्षा को व्यक्तिगत करियर तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे समाज में आमूलचूल परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बनाया। उनका दृढ़ विश्वास था कि “शिक्षा, संगठन और सामाजिक चेतना” के बल पर ही जनजातीय समुदाय अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए विकास की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकता है।

डिगमा इंजीनियरिंग कॉलेज का नया नामकरण: ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव सीआईटी’

मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज और क्षेत्रीय सांसद की बहुप्रतीक्षित मांग पर ऐतिहासिक मुहर लगाई:

  • संस्थान का नया स्वरूप: शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, डिगमा, अंबिकापुर को अब आधिकारिक रूप से ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अंबिकापुर’ के नाम से जाना जाएगा।
  • युवा इंजीनियरों के लिए प्रेरणा: मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि बाबा कार्तिक उरांव स्वयं एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रतिभाशाली इंजीनियर थे, इसलिए तकनीकी संस्थान का यह नामकरण विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दक्षता के साथ-साथ समाज और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित रहने की आजीवन प्रेरणा देगा।

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सीतापुर को ₹28 करोड़ की फोरलेन सड़क: सोनतराई से सूर तक सुगम होगा आवागमन

सीतापुर विधानसभा क्षेत्र के अधोसंरचनात्मक विकास के लिए मुख्यमंत्री ने फोरलेन सड़क का भूमिपूजन किया:

  • 3.82 किमी फोरलेन निर्माण: राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सीतापुर के सोनतराई से सूर तक लगभग 3.82 किलोमीटर लंबे हिस्से को 28 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से चौड़ा कर फोरलेन बनाया जाएगा।
  • व्यापार और सुरक्षा को गति: इस निर्माण से सीतापुर नगर सहित वनांचल के दर्जनों गांवों का आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा तथा स्थानीय हाट-बाजारों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और कृषि उत्पादों के परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी।

पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के 36 आवासों और महिला एनजीओ मेस का लोकार्पण

कानून व्यवस्था संभालने वाले पुलिस बल के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित परिसरों का लोकार्पण किया:

  • महिला एनजीओ मेस भवन: महिला पुलिस कर्मियों के लिए आधुनिक भोजन एवं विश्राम की सुव्यवस्थित सुविधा।
  • उदयपुर में 24 आवासीय भवन: 12 अराजपत्रित अधिकारी (NGO) आवास तथा 12 प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक आवास।
  • थाना सीतापुर में 12 आवास: 12 प्रधान आरक्षक एवं आरक्षक आवासीय भवन। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर आवासीय वातावरण से जवानों का मनोबल और कार्यक्षमता और अधिक सुदृढ़ होगी।

संसद में मुखर आवाज: धर्मांतरण और जनजातीय अधिकारों पर बाबा का ऐतिहासिक रुख

मुख्यमंत्री ने लोकसभा में सांसद के रूप में बाबा कार्तिक उरांव द्वारा दिए गए अविस्मरणीय योगदान को रेखांकित किया:

उन्होंने बताया कि बाबा कार्तिक उरांव ने संसद में जनजातीय समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने धर्मांतरण के बाद जनजातीय आरक्षण एवं अन्य संवैधानिक सुविधाओं के अनुचित लाभ से जुड़े विषयों को संसद में अत्यंत प्रखरता और तथ्यात्मक रूप से उठाया था। उनका स्पष्ट मानना था कि जनजातीय समाज की रूढ़िजन्य परंपराएं, देवस्थल और सांस्कृतिक विरासत ही उसकी मूल पहचान हैं, जिन्हें आधुनिक शिक्षा और तकनीक के साथ संरक्षित रखना अनिवार्य है।

बस्तर में शांति और छत्तीसगढ़ की प्रगति: सीएम साय का विजन

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के तीन वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से बस्तर में चार दशकों से जारी नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। बस्तर के वनांचल में अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रतिदिन लगभग 1,600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं तथा बस्तर में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार ने 15 हजार अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए हैं। ‘अंजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मंत्रियों एवं जनप्रतिधियों का उद्बोधन

समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने बाबा कार्तिक उरांव के विचारों को समाज का सुरक्षा कवच बताया:

  • जनजातीय विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम: बाबा कार्तिक उरांव ने समाज को एकजुट कर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का स्वाभिमान सिखाया।
  • महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े: उनका जीवन हमारी बेटियों और युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा के सर्वोच्च शिखर छूने की प्रेरणा देता है।
  • पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल व सांसद श्री चिंतामणि महाराज: बाबा के नाम पर इंजीनियरिंग कॉलेज का नामकरण और सीतापुर को फोरलेन सड़क की सौगात पूरे सरगुजा अंचल के लिए गौरव का विषय है।

“बाबा कार्तिक उरांव केवल जनजातीय समाज के नेता नहीं, बल्कि देश के महान दूरदर्शी अभियंता और सामाजिक क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में उच्च तकनीकी शिक्षा हासिल कर यह साबित किया कि दृढ़ संकल्प से हर शिखर छुआ जा सकता है। डिगमा इंजीनियरिंग कॉलेज का उनके नाम पर नामकरण हमारी कृतज्ञ श्रद्धांजलि है। हमारी सरकार जनजातीय महापुरुषों की गौरवशाली विरासत को संजोने और प्रदेश के हर अंचल तक विकास पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से समर्पित है।”— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (जन्मशताब्दी समारोह वर्चुअल संबोधन)

समारोह में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक

अंबिकापुर एवं सीतापुर में आयोजित इस समागम में शासन, संगठन और समाज के प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे:

  • मुख्यमंत्री निवास रायपुर से: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय।
  • कार्यक्रम स्थल से: जनजातीय विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, सरगुजा सांसद श्री चिंतामणि महाराज।
  • विधायकगण: सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, सीतापुर विधायक श्री रामकुमार टोप्पो।
  • स्थानीय व सामाजिक नेतृत्व: अंबिकापुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्येंद्र सिंह, संरक्षक श्री गणेश राम भगत, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. आजाद भगत, प्रशासनिक अधिकारी एवं हजारों की संख्या में जनजातीय समाजजन।

बाबा कार्तिक उरांव जन्मशताब्दी एवं विकास कार्य: एक नजर में

  • समारोह: जननायक बाबा कार्तिक उरांव जन्मशताब्दी समारोह
  • प्रतिमा अनावरण: आदमकद प्रतिमा का अनावरण (अंबिकापुर) मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा (वर्चुअल)
  • बड़ा नामकरण: शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज डिगमा अब ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव सीआईटी, अंबिकापुर’
  • सड़क निर्माण भूमिपूजन: सीतापुर में सोनतराई से सूर तक 3.82 किमी फोरलेन सड़क (लागत ₹28+ करोड़)
  • पुलिस अधोसंरचना लोकार्पण: 36 आवासीय भवन (उदयपुर में 24, सीतापुर में 12) एवं महिला एनजीओ मेस
  • ऐतिहासिक भूमिका: लंदन से उच्च तकनीकी शिक्षा, संसद में जनजातीय अधिकारों व धर्मांतरण आरक्षण पर प्रखर आवाज
  • संबद्ध योजनाएं: पीएम आवास (प्रतिदिन 1,600 निर्माण + सरेंडर नक्सलियों हेतु 15,000 आवास)
  • प्रमुख उपस्थिति: रामविचार नेताम, लक्ष्मी राजवाड़े, राजेश अग्रवाल, चिंतामणि महाराज, रामकुमार टोप्पो, मंजूषा भगत

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Baba Kartik Oraon Statue का अनावरण किसने और किस अवसर पर किया?

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रायपुर से वर्चुअल माध्यम से महान जननायक, पूर्व सांसद एवं प्रख्यात अभियंता बाबा कार्तिक उरांव की जन्मशताब्दी के अवसर पर उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया।

शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय डिगमा का नया नाम क्या रखा गया है?

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय डिगमा, अंबिकापुर का नाम अब ‘अभियंता बाबा कार्तिक उरांव छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, अंबिकापुर’ (ABKOCIT) होगा।

सीतापुर में किस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना का भूमिपूजन किया गया?

सीतापुर के सोनतराई से सूर तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर 28 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाली लगभग 3.82 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का भूमिपूजन किया गया।

छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के किन भवनों का लोकार्पण हुआ?

महिला एनजीओ मेस भवन, उदयपुर में 24 पुलिस आवासीय भवन (12 एनजीओ व 12 आरक्षक आवास) तथा सीतापुर थाने में 12 आरक्षक आवासीय भवनों का लोकार्पण किया गया।

आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन / जिला जनसंपर्क कार्यालय (PRO), अंबिकापुर (सरगुजा)

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