आलेख: राष्ट्रीय एकता दिवस विशेष लेख (अखंडता का संकल्प) | लेखक: श्री धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक, जनसंपर्क) एवं श्री अशोक कुमार चन्द्रवंशी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
रायपुर, 29 अक्टूबर: भारत की वास्तविक पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता और आंतरिक एकात्मता में निहित है। अनेक भाषाएं, विभिन्न पंथ, परंपराएं और जीवनशैलियां होने के बावजूद 140 करोड़ देशवासियों को एक सूत्र में पिरोने वाली भावना राष्ट्रीय एकता है। हर वर्ष 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर पूरा देश Rashtriya Ekta Diwas 2026 (राष्ट्रीय एकता दिवस 2026) मनाता है। यह पावन अवसर न केवल 560 से अधिक देशी रियासतों का भारत संघ में विलय कराने वाले सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को नमन करने का दिन है, बल्कि आधुनिक भारत में अखंडता, आपसी विश्वास और सामाजिक समरसता को अक्षुण्ण बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी का भी बोध कराता है। एकता केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Rashtriya Ekta Diwas 2026’: 31 अक्टूबर को देश भर में मनेगा राष्ट्रीय एकता दिवस; ‘रन फॉर यूनिटी’ का होगा आयोजन।
- अखंड भारत के शिल्पी सरदार पटेल: 560 से अधिक रियासतों का विलय कर वी. पी. मेनन के सहयोग से गढ़ा था एकीकृत भारत।
- वर्ष 2014 से राष्ट्रीय परंपरा: लौह पुरुष के सम्मान में 2014 से लगातार राष्ट्रीय एकता दिवस और एकता शपथ का आयोजन।
- विकास से मजबूत होती एकता: प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत व जल जीवन मिशन से बढ़ रहा जनविश्वास।
- ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पर्व: 1 से 15 नवंबर 2026 तक सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए आयोजित होगा ‘भारत पर्व’।
- लेखक द्वय का विश्लेषण: संयुक्त संचालक धनंजय राठौर व सहायक जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार चन्द्रवंशी का विशेष आलेख।
Rashtriya Ekta Diwas 2026: सरदार पटेल और 560 से अधिक देशी रियासतों का ऐतिहासिक एकीकरण
वर्ष 1947 में स्वाधीनता प्राप्ति के समय भारत के सम्मुख सबसे विकट चुनौती देश के भौगोलिक और राजनीतिक विखंडन को रोकने की थी।
Rashtriya Ekta Diwas 2026 के संदर्भ में लेखकों ने रेखांकित किया है कि अंग्रेजों द्वारा भारत छोड़ने के बाद सैकड़ों बंटी हुई रियासतों को एक तिरंगे के नीचे लाना लगभग असंभव माना जा रहा था। ऐसे संकटपूर्ण समय में देश के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने वरिष्ठ सहयोगी वी. पी. मेनन के साथ मिलकर दृढ इच्छाशक्ति, कूटनीतिक संवाद और प्रशासनिक कौशल का परिचय दिया। उन्होंने 560 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में ऐतिहासिक विलय कराकर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी। वर्ष 2014 से केंद्र सरकार द्वारा उनकी स्मृति में 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की ऐतिहासिक शुरुआत की गई, जिसके तहत देश के कोने-कोने में ‘रन फॉर यूनिटी’ और राष्ट्रीय एकता की शपथ ली जाती है।
आज विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हो रही राष्ट्रीय एकता
आज के लोकतांत्रिक भारत में राष्ट्रीय एकता की रक्षा केवल सीमाओं की सुरक्षा से नहीं, बल्कि विकास के समान अवसरों से सुनिश्चित होती है:
- अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं: आधुनिक दौर में जब दूरदराज के वनांचल तक सड़क, रेल, बिजली, इंटरनेट और डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचती है, तब नागरिक स्वयं को राष्ट्र की विकास यात्रा से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
- जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव: प्रधानमंत्री आवास योजना के पक्के मकान, आयुष्मान भारत का निःशुल्क स्वास्थ्य कवच, जल जीवन मिशन से शुद्ध पेयजल और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से महिला स्वावलंबन समाज के गरीब और पिछड़े वर्गों में व्यवस्था के प्रति अटूट विश्वास पैदा करते हैं। यही जनविश्वास राष्ट्रीय एकता की सबसे अभेद्य दीवार है।
सहकारी संघवाद और विविधता का सम्मान: भारत की वास्तविक शक्ति
लेखक द्वय ने स्पष्ट किया है कि भारत जैसे विशाल राष्ट्र में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सशक्त समन्वय और सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) अनिवार्य शर्त है:
- संवैधानिक मर्यादा और संवाद: लोकतंत्र में भिन्न राजनीतिक विचार और क्षेत्रीय आकांक्षाएं स्वाभाविक हैं, लेकिन उनका समाधान टकराव के बजाय निरंतर संवाद और संवैधानिक मर्यादाओं से होना चाहिए।
- विविधता में एकात्मता: भारत की एकता का तात्पर्य किसी एक विचार या भाषा को थोपना नहीं है, बल्कि अलग-अलग बोलियों, पहनावे, खानपान और जीवनशैलियों का सम्मान करते हुए पारस्परिक सद्भाव से साथ रहना है। सोशल मीडिया के युग में अफवाहों और विघटनकारी प्रवृत्तियों से बचकर सामाजिक सौहार्द की रक्षा करना हर नागरिक का परम धर्म है।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’: 1 से 15 नवंबर तक देश भर में मनेगा ‘भारत पर्व’
सांस्कृतिक जुड़ाव को सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2015 में प्रारंभ की गई ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पहल आज जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है:
विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, अंतरराज्यीय पर्यटन और शैक्षणिक भ्रमण के जरिए युवा एक-दूसरे की संस्कृति को समझ रहे हैं। इसी क्रम में 1 से 15 नवंबर 2026 तक ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर राष्ट्रव्यापी ‘भारत पर्व’ का आयोजन किया जाएगा। जब देश का युवा संकीर्ण जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखता है, तभी सरदार पटेल के सपनों का सशक्त और आत्मनिर्भर भारत साकार होता है।
“एकता केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारे दैनिक आचरण और सामाजिक व्यवहार का स्थायी संस्कार होना चाहिए। सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस अदम्य साहस से रियासतों को जोड़कर भारत को एक राजनीतिक स्वरूप दिया, आज हमारा कर्तव्य है कि हम विकास के समान अवसर, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के जरिए इस एकता को अमर बनाएं। राष्ट्रीय एकता ही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत और संप्रभुता का आधार है।”— श्री धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक) एवं श्री अशोक कुमार चन्द्रवंशी (सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
राष्ट्रीय एकता दिवस 2026: एक नजर में
- दिवस का नाम: राष्ट्रीय एकता दिवस 2026 (Rashtriya Ekta Diwas 2026)
- आयोजन तिथि: 31 अक्टूबर 2026 (प्रतिवर्ष लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती पर)
- आलेख प्रस्तुति: संयुक्त संचालक श्री धनंजय राठौर एवं सहायक जनसंपर्क अधिकारी श्री अशोक कुमार चन्द्रवंशी
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: वर्ष 1947 में 560 से अधिक देशी रियासतों का भारत संघ में विलय
- प्रमुख सहयोगी: रियासतों के एकीकरण में सरदार पटेल के प्रमुख सहयोगी वी. पी. मेनन
- राष्ट्रीय आयोजन: ‘रन फॉर यूनिटी’, राष्ट्रीय एकता शपथ एवं पदयात्राएं
- आगामी सांस्कृतिक उत्सव: 1 से 15 नवंबर 2026 तक ‘भारत पर्व’ का भव्य आयोजन
- मूल दर्शन: विविधता का सम्मान, सामाजिक न्याय, समावेशी विकास एवं सहकारी संघवाद
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Rashtriya Ekta Diwas 2026 कब और किसकी स्मृति में मनाया जाता है?
Rashtriya Ekta Diwas प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
सरदार वल्लभभाई पटेल का भारत के एकीकरण में क्या ऐतिहासिक योगदान रहा है?
आजादी के समय सरदार वल्लभभाई पटेल ने वी. पी. मेनन के सहयोग से देश की 560 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराकर अखंड भारत का निर्माण किया था।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर देश भर में कौन-सा प्रमुख खेल व फिटनेस कार्यक्रम आयोजित होता है?
वर्ष 2014 से इस दिन देश भर के शहरों और गांवों में ‘रन फॉर यूनिटी’ (Run for Unity) दौड़ का आयोजन किया जाता है, जिसमें नागरिक एकता की शपथ लेते हैं।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ अभियान के तहत नवंबर 2026 में क्या आयोजन प्रस्तावित है?
राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए 1 से 15 नवंबर 2026 तक ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर राष्ट्रव्यापी ‘भारत पर्व’ आयोजित किया जाएगा।
आधिकारिक स्रोत: जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन / राष्ट्रीय एकता दिवस विशेष आलेख संकलन — श्री धनंजय राठौर एवं श्री अशोक कुमार चन्द्रवंशी