CG Crop Diversification 2026: धान के बदले दलहन-तिलहन लगाने पर ₹15 हजार प्रति एकड़ अनुदान; APC परदेशी के कड़े निर्देश

CG Crop Diversification 2026 CG Crop Diversification 2026

रायपुर, 28 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के अन्नदाताओं की आय में स्थायी वृद्धि, पारंपरिक खेती को बाजार की मांग से जोड़ने और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए राज्य शासन ने फसल विविधीकरण को मिशन मोड में लागू करने का निर्णय लिया है। बुधवार को रायपुर संभाग के कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्यपालन और सहकारिता विभागों की मैराथन समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने CG Crop Diversification 2026 (छत्तीसगढ़ फसल विविधीकरण 2026) को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने धान के स्थान पर दलहन, तिलहन और मिलेट्स (कोदो, कुटकी, रागी) अपनाने पर किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये अनुदान योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। साथ ही 15 नवंबर को बिरसा मुंडा जयंती से शुरू हो रही धान खरीदी की तैयारियों, अमानक कीटनाशक विक्रेताओं पर कठोर कानूनी कार्रवाई और हर जिले में 2 से 3 विशिष्ट कृषि मॉडल विकसित करने का स्पष्ट रोडमैप जारी किया।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘CG Crop Diversification 2026’: रायपुर संभाग की मैराथन बैठक में APC सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने की विस्तृत समीक्षा।
  • प्रति एकड़ ₹15,000 अनुदान: धान के बदले दलहन, तिलहन, मिलेट्स व मखाना लगाने वाले किसानों को मिलेगा सीधा लाभ।
  • 15 नवंबर से धान खरीदी: भगवान बिरसा मुंडा जयंती से शुरू होगा महाअभियान; साथी पोर्टल से होगी बीज-खाद की निगरानी।
  • कसडोल का ब्लैक राइस मॉडल सराहा: बलौदाबाजार में 700 एकड़ में ब्लैक राइस उत्पादन; जापानी कंपनी ₹25,000/क्विंटल से कर रही खरीद।
  • जबरन टैगिंग व अमानक कीटनाशक पर वार: निजी कृषि केंद्रों पर फोर्स टैगिंग रोकने और अवैध विक्रेताओं पर कार्रवाई के आदेश।
  • चक्रवात ‘अर्नब’ राहत निर्देश: बारिश से फसल नुकसान होने पर तत्काल फील्ड सर्वे कराकर मुआवजा प्रकरण बनाने के निर्देश।

CG Crop Diversification 2026: धीमी प्रगति पर नाराजगी, ₹15 हजार प्रति एकड़ अनुदान का उठाएं लाभ

कृषि उत्पादन आयुक्त ने रायपुर संभाग में फसल विविधीकरण की सुस्त रफ्तार पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए विभागीय अमले को कार्यशैली बदलने की हिदायत दी।

CG Crop Diversification 2026 के प्रावधानों को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि केवल परंपरागत धान की खेती पर निर्भर रहने से भूजल स्तर घटता है और बाजार का जोखिम बढ़ता है। राज्य सरकार किसानों को धान के स्थान पर दलहन (अरहर, मूंग, उड़द, चना), तिलहन (सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी) तथा कोदो-कुटकी, रागी जैसी मिलेट्स फसलों को अपनाने पर प्रति एकड़ 15 हजार रुपये का सीधा अनुदान दे रही है। उन्होंने उद्यानिकी फसलों के विस्तार पर जोर देते हुए फूलों, फलों, मखाना और ऑयल पाम की खेती को मिशन स्तर पर बढ़ावा देने को कहा ताकि किसानों को सालभर नियमित नकद आमदनी मिल सके।

कसडोल में 700 एकड़ में ब्लैक राइस: जापानी कंपनी खरीद रही ₹25,000 प्रति क्विंटल

बैठक में किसानों को अंतरराष्ट्रीय और उच्च-मूल्य वाले बाजारों से जोड़ने का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया गया:

  • बलौदाबाजार जिले की अनूठी पहल: बलौदाबाजार कलेक्टर ने जानकारी दी कि कसडोल विकासखंड में लगभग 700 एकड़ क्षेत्र में जैविक विधि से ‘ब्लैक राइस’ (काला चावल) का उत्पादन कराया जा रहा है।
  • जापानी कंपनी से सीधा अनुबंध: इसके विपणन के लिए जापान की एक प्रतिष्ठित कंपनी के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, जो किसानों से ₹25,000 प्रति क्विंटल की रिकॉर्ड दर पर सीधे ब्लैक राइस खरीद रही है।
  • हर जिले में 2-3 विशिष्ट मॉडल: APC परदेशी ने इस नवाचार की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि संभाग का प्रत्येक जिला कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के साथ मिलकर स्थानीय जलवायु के अनुरूप दो से तीन विशिष्ट फसलों के व्यावसायिक क्लस्टर विकसित करे।

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15 नवंबर से धान खरीदी: साथी पोर्टल से निगरानी और चक्रवात ‘अर्नब’ सर्वे

आगामी 15 नवंबर को धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के पावन अवसर पर शुरू हो रहे धान खरीदी महाअभियान की चाक-चौबंद व्यवस्था की समीक्षा की गई:

  • साथी पोर्टल से डिजिटल ट्रैकिंग: कृषि उत्पादन आयुक्त ने कृषि, सहकारिता और मार्कफेड को निर्देश दिए कि खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण में शत-प्रतिशत पारदर्शिता के लिए ‘साथी पोर्टल’ का अनिवार्य उपयोग किया जाए।
  • चक्रवात ‘अर्नब’ पर त्वरित राहत: बंगाल की खाड़ी के चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण यदि प्रदेश में कहीं भी बेमौसम बारिश से धान या अन्य फसलों को क्षति पहुंचती है, तो राजस्व व कृषि अमला तत्काल संयुक्त सर्वे कर प्रभावित किसानों को शासन के नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराए।

अमानक कीटनाशक व फोर्स टैगिंग पर कड़ा प्रहार: कृषि यंत्रीकरण का प्रशिक्षण अनिवार्य

निजी कृषि आदान केंद्रों द्वारा किसानों के शोषण की शिकायतों पर कृषि उत्पादन आयुक्त ने बेहद कड़ा रुख अपनाया:

  • जबरन उत्पाद बेचने (Force Tagging) पर रोक: उन्होंने कहा कि किसान जब नामी कंपनियों के बीज या दवा खरीदते हैं, तो विक्रेता उनके साथ जबरन अमानक उत्पाद थमा देते हैं। इस प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए और बिना लाइसेंस कीटनाशक बेचने वाली दुकानों पर छापे मारकर लाइसेंस निरस्त किए जाएं।
  • कृषि यंत्रों का व्यावहारिक प्रशिक्षण: उन्होंने चिंता जताई कि शासन द्वारा बड़े पैमाने पर कृषि यंत्र सब्सिडी पर देने के बावजूद कटाई के समय पंजाब-हरियाणा से हार्वेस्टर बुलाने पड़ते हैं। उन्होंने स्थानीय किसानों और ग्रामीण युवाओं को कृषि यंत्रों के संचालन, मेंटेनेंस और रिपेयरिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए ताकि खेती की लागत में कमी आए।
  • पीएम-आशा और नैनो उर्वरक: प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के तहत फसलों की समयबद्ध खरीद और भुगतान सुनिश्चित करने तथा नैनो डीएपी व नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।

“किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि केवल उत्पादन बढ़ाने से नहीं, बल्कि बाजार आधारित फसलों और आधुनिक तकनीक को अपनाने से ही संभव है। धान के स्थान पर दलहन, तिलहन और मिलेट्स लगाने पर सरकार ₹15 हजार प्रति एकड़ अनुदान दे रही है। कसडोल का ₹25 हजार प्रति क्विंटल ब्लैक राइस मॉडल यह साबित करता है कि सही विजन से किसान समृद्ध हो सकते हैं। अधिकारियों को चाहिए कि वे हर जिले में ऐसे मॉडल बनाएं और अमानक खाद-बीज बेचने वालों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई करें।”— श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि उत्पादन आयुक्त, छत्तीसगढ़ शासन

समीक्षा बैठक में शामिल शीर्ष प्रशासनिक एवं तकनीकी नेतृत्व

रायपुर संभाग की इस उच्चस्तरीय मैराथन बैठक में शासन और विभागीय शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे:

  • समीक्षा अध्यक्ष: कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी।
  • विभागाध्यक्ष व प्रबंध संचालक: संचालक कृषि श्री राहुल देव, मार्कफेड के प्रबंध संचालक श्री जितेंद्र शुक्ला, बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री अजय अग्रवाल, संचालक पशुधन विकास श्री चंद्रकांत वर्मा, संचालक मत्स्यपालन श्री एन.एस. नाग, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री महेंद्र सावन्नी, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक।
  • मैदानी प्रशासन: रायपुर संभाग के सभी जिलों के जिला कलेक्टर, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) तथा कृषि, सहकारिता और उद्यानिकी विभागों के संयुक्त संचालक व उप संचालक।

रायपुर संभाग कृषि समीक्षा बैठक: एक नजर में

  • बैठक का विषय: रायपुर संभाग स्तरीय कृषि एवं संबद्ध विभाग मैराथन समीक्षा
  • समीक्षा अध्यक्ष: कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी
  • स्थल व तिथि: रायपुर संभाग मुख्यालय (28 अक्टूबर 2026)
  • फसल विविधीकरण प्रोत्साहन: धान के बदले दलहन, तिलहन, मिलेट्स पर ₹15,000 प्रति एकड़ अनुदान
  • सफल मॉडल: कसडोल (बलौदाबाजार) में 700 एकड़ ब्लैक राइस (जापानी कंपनी द्वारा ₹25,000/क्विंटल पर खरीद)
  • धान खरीदी 2026-27: 15 नवंबर (भगवान बिरसा मुंडा जयंती) से शुरुआत, साथी पोर्टल से निगरानी
  • आपदा निर्देश: चक्रवात ‘अर्नब’ से फसल क्षति होने पर तत्काल सर्वे व मुआवजा
  • कड़े प्रशासनिक निर्देश: अमानक कीटनाशक विक्रेताओं व जबरन टैगिंग पर सख्त कानूनी कार्रवाई
  • यंत्रीकरण सुधार: बाहरी मशीनों पर निर्भरता घटाने के लिए स्थानीय किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

CG Crop Diversification 2026 के तहत धान के बदले अन्य फसलें लगाने पर कितना अनुदान मिलता है?

CG Crop Diversification 2026 के अंतर्गत धान के बदले दलहन, तिलहन, कोदो-कुटकी, रागी (मिलेट्स) तथा उद्यानिकी फसलें अपनाने वाले किसानों को राज्य सरकार द्वारा प्रति एकड़ ₹15,000 का अनुदान प्रदान किया जाता है।

बलौदाबाजार के कसडोल में ब्लैक राइस उत्पादन का क्या मॉडल विकसित किया गया है?

कसडोल विकासखंड में लगभग 700 एकड़ क्षेत्र में ब्लैक राइस (काला चावल) का उत्पादन किया जा रहा है, जिसे जापान की एक कंपनी द्वारा ₹25,000 प्रति क्विंटल की प्रीमियम दर पर सीधे खरीदा जा रहा है।

निजी खाद-बीज विक्रेताओं द्वारा ‘फोर्स टैगिंग’ पर कृषि उत्पादन आयुक्त ने क्या निर्देश दिए?

कृषि उत्पादन आयुक्त ने प्रतिष्ठित बीजों के साथ अमानक कीटनाशक जबरन बेचने (Force Tagging) पर तत्काल रोक लगाने तथा बिना लाइसेंस व अमानक कृषि उत्पाद बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।

चक्रवात ‘अर्नब’ से फसलों के नुकसान को लेकर बैठक में क्या राहत निर्देश दिए गए हैं?

बैठक में निर्देश दिए गए कि यदि चक्रवात के प्रभाव से फसलों को नुकसान पहुंचता है, तो अधिकारी तत्काल मैदानी सर्वे कर क्षति का आकलन करें और नियमानुसार प्रभावित किसानों को त्वरित राहत उपलब्ध कराएं।

आधिकारिक स्रोत: कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय / किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन / संभागीय जनसंपर्क कार्यालय, रायपुर

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