सैन्य अभ्यास मैत्री 2026: थाईलैंड में शुरू हुआ भारत और थाईलैंड का संयुक्त सैन्य अभ्यास; गोरखा राइफल्स के जवान सूरत थानी में दिखाएंगे दम

सैन्य अभ्यास मैत्री 2026 सैन्य अभ्यास मैत्री 2026

Published on 18 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in


दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र में अपनी रक्षा कूटनीति को सुदृढ़ करते हुए और द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाते हुए, सैन्य अभ्यास मैत्री 2026 (MAITREE-XV) के लिए भारतीय सेना का दल थाईलैंड के लिए रवाना हो चुका है। आज 17 अगस्त 2026 को नई दिल्ली से जारी आधिकारिक रक्षा रिपोर्ट के अनुसार, भारत और थाईलैंड के बीच आयोजित होने वाले इस वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास का 15वां संस्करण 18 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के सूरत थानी (Surat Thani) में स्थित विभावदी रंगसित कैंप (Vibhavadi Rangsit Camp) में संचालित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का पिछला यानी 14वां संस्करण सितंबर 2025 में भारत के उमरोई, मेघालय स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड (Foreign Training Node) में आयोजित किया गया था। इस वर्ष का सैन्य अभ्यास मैत्री 2026 दोनों देशों के बीच पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, जिसे दोनों सेनाओं के सर्वोच्च स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।

महत्वपूर्ण संकेतकसैन्य अभ्यास मैत्री 2026 के प्रमुख तथ्य एवं सामरिक विवरण
अभ्यास का नाम और वर्षसैन्य अभ्यास मैत्री 2026 (MAITREE-XV)
आयोजन की तिथि18 अगस्त से 31 अगस्त 2026 (14 दिवसीय अभ्यास)
आयोजन का स्थान (देश)विभावदी रंगसित कैंप, सूरत थानी, थाईलैंड (Surat Thani, Thailand)
भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व9 गोरखा राइफल्स (9 Gorkha Rifles) के जांबाज सैनिक (कुल 85 कर्मी)
थाईलैंड सेना का प्रतिनिधित्व3री बटालियन, 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड, 5वां डिवीजन (रॉयल थाई आर्मी – 85 कर्मी)
अभ्यास का मुख्य सामरिक फोकसजंगल और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी व विद्रोह विरोधी अभियान
अंतर्राष्ट्रीय कानूनी ढांचासंयुक्त राष्ट्र चार्टर का अध्याय VII (Chapter VII of UN Charter)

यह भी पढ़ें: UNCCD COP17 भारत की घास मैदान गाइड: मंगोलिया के उलानबटोर में भारत ने जारी की देश की पहली घास के मैदानों और खुले प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्रों (ONEs) के संरक्षण की ऐतिहासिक गाइड


Table of Contents

सैन्य अभ्यास मैत्री 2026: संयुक्त अभ्यास के मुख्य उद्देश्य और भागीदार बल

इस संयुक्त अभ्यास का प्राथमिक लक्ष्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग का विस्तार करना और वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित जवाबी कार्रवाई की क्षमता को विकसित करना है:

  • गोरखा राइफल्स का प्रतिनिधित्व: भारतीय सेना की ओर से इस वर्ष उत्कृष्ट युद्ध कौशल और बहादुरी के लिए विख्यात ‘9 गोरखा राइफल्स’ के 85 वीर सैनिकों की टुकड़ी इस सैन्य अभ्यास मैत्री 2026 में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व कर रही है। वहीं, रॉयल थाई आर्मी की ओर से इसकी 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड की तीसरी बटालियन के 85 सैनिक अपनी तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे।
  • कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण: इस 14 दिवसीय अभ्यास के दौरान कंपनी-स्तरीय संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य ध्यान घने जंगल और जटिल अर्ध-शहरी (Semi-urban) क्षेत्रों में सैन्य ऑपरेशनों को सफलतापूर्वक अंजाम देने पर केंद्रित रहेगा।

यह भी पढ़ें: Iga Swiatek Toronto Open 2026: एलिना रायबाकिना को सीधे सेटों में हराकर पोलिश स्टार ने जीता साल का पहला WTA 1000 खिताब


संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत सैन्य अभ्यास मैत्री 2026 की रणनीतिक भूमिका

यह अभ्यास दोनों देशों को आधुनिक युद्ध तकनीकों के आदान-प्रदान और आतंकवाद से लड़ने की साझा नीतियों को वैश्विक मानकों के अनुकूल बनाने का अवसर प्रदान करता है:

  • आतंकवाद विरोधी साझा रणनीतियाँ: इसके अलावा, जंगल और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के संचालन के लिए सैन्य अभ्यास मैत्री 2026 दोनों देशों के बीच युद्ध कौशल को निखारने का एक महत्वपूर्ण मंच है। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के अधिदेश के तहत आतंकवाद विरोधी और शांति स्थापना अभियानों पर आधारित होगा।
  • विभिन्न गतिविधियों का समावेश: इस व्यापक अभ्यास के पाठ्यक्रम में व्यावहारिक क्षेत्र प्रशिक्षण (Field Exercises), सामरिक चर्चाएं (Combat Discussions), लाइव प्रदर्शन, आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी और अंत में एक कठिन सत्यापन अभ्यास (Validation Exercise) शामिल होगा। इसके जरिए दोनों सेनाएं समकालीन रक्षा प्रौद्योगिकियों और रणनीतिक अनुभवों का आदान-प्रदान करेंगी।

UPSC & State PCS Prelims Fact Box: Exercise MAITREE History & Strategic Locations

  • मैत्री अभ्यास (Exercise MAITREE) की स्थापना: भारत और थाईलैंड के बीच सैन्य अंतःक्रियाशीलता को बढ़ावा देने के लिए इस संयुक्त रक्षा अभ्यास की शुरुआत वर्ष 2006 में की गई थी। यह दोनों मित्र देशों के बीच निरंतर सैन्य साझेदारी का प्रतीक बन गया है।
  • संयुक्त राष्ट्र चार्टर का अध्याय VII (Chapter VII of UN Charter): यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) को शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा बहाल करने के लिए सैन्य बलों के उपयोग और आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों को मंजूरी देने का अधिकार देता है।
  • सूरत थानी (Surat Thani): दक्षिणी थाईलैंड में स्थित एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तटीय प्रांत है, जो मलय प्रायद्वीप के पूर्वी तट पर स्थित है। इसका सामरिक स्थान थाईलैंड की खाड़ी के निकट समुद्री और थलीय रक्षा कूटनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

UPSC & State PCS Mains Analysis: ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’, समुद्री सुरक्षा और रक्षा कूटनीति का कूटनीतिक प्रभाव

मुख्य परीक्षा के प्रशासनिक और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों (International Relations) के दृष्टिकोण से सैन्य अभ्यास मैत्री 2026 का विमोचन भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ (Act East Policy) के तहत सुरक्षा वास्तुकला को सुदृढ़ करने की दिशा में एक गंभीर प्रयास है। थाईलैंड, भारत के लिए दक्षिण-पूर्वी एशिया और आसियान (ASEAN) क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक प्रवेश द्वार है।

हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) और अंडमान सागर में चीनी नौसेना और सैन्य प्रभुत्व के बढ़ते प्रभाव के बीच, थाईलैंड के साथ रक्षा कूटनीति को बढ़ाना भारत के ‘सागर’ (SAGAR – Security and Growth for All in the Region) दृष्टिकोण के अनुकूल है। जंगल युद्ध और शहरी विद्रोहों से निपटने में भारतीय सेना का विशाल अनुभव (जैसे गोरखा राइफल्स का विशिष्ट कौशल) रॉयल थाई आर्मी को एक महत्वपूर्ण रक्षा कवच प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, इस तरह के द्विपक्षीय जमीनी अभ्यासों से दोनों देशों के बीच सैन्य अंतःक्रियाशीलता (Interoperability) और सामरिक तालमेल मजबूत होता है, जो भविष्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा या मानवीय संकट (HADR ऑपरेशन्स) के समय संयुक्त रेस्क्यू मिशनों को सुचारू रूप से संचालित करने की दिशा में एक मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।


अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:

प्रश्न 1: हाल ही में 18 से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड में आयोजित किए जा रहे सैन्य अभ्यास मैत्री 2026 में भारतीय सेना की किस रेजिमेंट के जवान देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं?

(A) मद्रास रेजिमेंट
(B) 9 गोरखा राइफल्स (9 Gorkha Rifles)
(C) राजपूताना राइफल्स
(D) सिख लाइट इन्फैंट्री

उत्तर: (B) 9 गोरखा राइफल्स (9 Gorkha Rifles)
व्याख्या: थाईलैंड के सूरत थानी में आयोजित हो रहे इस 15वें द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास में भारत का प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से ‘9 गोरखा राइफल्स’ की टुकड़ी कर रही है।

प्रश्न 2: भारत और थाईलैंड के बीच सैन्य अंतःक्रियाशीलता को मजबूत करने के लिए वर्ष 2006 में शुरू किए गए संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री’ (Exercise MAITREE) का 14वां संस्करण वर्ष 2025 में भारत के किस स्थान पर आयोजित किया गया था?

(A) बकलोह, हिमाचल प्रदेश
(B) उमरोई, मेघालय (Umroi, Meghalaya)
(C) पिथौरागढ़, उत्तराखंड
(D) महाजन, राजस्थान

उत्तर: (B) उमरोई, मेघालय (Umroi, Meghalaya)
व्याख्या: अभ्यास मैत्री का 14वां संस्करण सितंबर 2025 में भारत के उमरोई, मेघालय स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. सैन्य अभ्यास मैत्री 2026 का आयोजन कब और कहाँ किया जा रहा है?

सैन्य अभ्यास मैत्री 2026 (MAITREE-XV) का आयोजन 18 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के सूरत थानी में स्थित विभावदी रंगसित कैंप (Vibhavadi Rangsit Camp) में किया जा रहा है।

Q2. इस अभ्यास का मुख्य सामरिक फोकस क्या है और इसमें कितने सैनिक भाग ले रहे हैं?

इस अभ्यास का मुख्य फोकस जंगल और अर्ध-शहरी परिदृश्य में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत आतंकवाद विरोधी और विद्रोह विरोधी अभियानों का संचालन करना है। इसमें भारत और थाईलैंड दोनों देशों की सेनाओं से 85-85 सैनिक (कुल 170 कर्मी) भाग ले रहे हैं।

Q3. इस द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास की शुरुआत किस वर्ष की गई थी?

भारत और थाईलैंड के बीच सैन्य सहयोग और सामरिक समझ बढ़ाने के उद्देश्य से मैत्री (Exercise MAITREE) की शुरुआत आधिकारिक रूप से वर्ष 2006 में की गई थी।


तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)

  • सैन्य सहयोग को नया आयाम: सैन्य अभ्यास मैत्री 2026 का सफल आयोजन भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच अंतःक्रियाशीलता (Interoperability) को बढ़ावा देगा, जिससे दोनों देशों की आतंकवाद विरोधी क्षमताएं मजबूत होंगी।
  • रणनीतिक महत्व के स्थानों पर प्रशिक्षण: घने जंगलों और अर्ध-शहरी इलाकों में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के दायरे में रहकर किया जा रहा यह अभ्यास दोनों मित्र राष्ट्रों को शांति अभियानों के लिए तैयार करता है।
  • ऐतिहासिक और दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंध: वर्ष 2006 से जारी ‘मैत्री’ सैन्य मंच भारत की हिंद-प्रशांत क्षेत्र और आसियान सुरक्षा कूटनीति की एक महत्वपूर्ण धुरी बन चुका है।

UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)

यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-5 (भारत का सामान्य भूगोल, वैश्विक आर्थिक मुद्दे) तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (भारत और उसके पड़ोसी देश, द्विपक्षीय रणनीतिक संबंध, एक्ट ईस्ट पॉलिसी और महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय रक्षा समझौते) और सामान्य अध्ययन पेपर-3 (सुरक्षा चुनौतियाँ, आंतरिक सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण समसामयिक रक्षा विषय है।

Official Source (आधिकारिक स्रोत)

यह लेख भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय (MoD), पत्र सूचना कार्यालय (PIB Delhi), भारतीय थल सेना (Indian Army HQ), और भारत-थाईलैंड द्विपक्षीय रक्षा सहयोग विंग द्वारा 17 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक सैन्य रवानगी प्रगति विवरणों पर आधारित है।

One thought on “सैन्य अभ्यास मैत्री 2026: थाईलैंड में शुरू हुआ भारत और थाईलैंड का संयुक्त सैन्य अभ्यास; गोरखा राइफल्स के जवान सूरत थानी में दिखाएंगे दम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *