Published on 13 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
औद्योगिक विविधीकरण, शून्य कार्बन उत्सर्जन और छत्तीसगढ़ को वैश्विक स्तर पर टिकाऊ विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से आयोजित छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग (Chhattisgarh Industry Dialogue on Green Steel) में राज्य को ₹13,840 करोड़ के विशाल निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। आज 13 अगस्त 2026 को रायपुर में आयोजित इस उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से किया गया। इस सम्मेलन में प्राप्त कुल निवेश प्रस्तावों से राज्य में 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार (Employment Generation) के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। यह कदम राज्य को केवल कच्चे लोहे के उत्पादक से बदलकर वैश्विक स्तर की मूल्य-संवर्धित (Value-Added) औद्योगिक महाशक्ति बनाने की दिशा में अत्यंत exigent सुधार है।
| महत्वपूर्ण संकेतक | छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग व औद्योगिक सुधारों के सटीक आंकड़े |
|---|---|
| समारोह का नाम | छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील (CII के सहयोग से) |
| कुल प्राप्त निवेश प्रस्ताव | ₹13,840 करोड़ (ग्रीन स्टील और डाउनस्ट्रीम परियोजनाओं के लिए) |
| अनुमानित रोजगार सृजन | 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे |
| राज्य का देश में अनूठा रिकॉर्ड | देश का पहला राज्य जिसने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट’ (EoDB Act) लागू किया है |
| क्रिसिल-नीति आयोग सूचकांक 2026 | ‘रेगुलेटरी ईज’ और ‘इंस्टीट्यूशनल एनवायरनमेंट’ में देश में प्रथम स्थान हासिल किया |
| नवीन स्वीकृत औद्योगिक पार्क | राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा और बस्तर में 4 नए पार्क स्वीकृत |
| राजनांदगांव इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर (EMC 2.0) | भारत सरकार द्वारा 306 एकड़ में स्वीकृत; 9 हजार नए रोजगार की संभावना |
| विद्युत सरप्लस क्षमता | 26,000 मेगावाट से अधिक बिजली उपलब्धता व प्रतिस्पर्धी औद्योगिक दरें |
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छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग: मूल्य संवर्धित और स्पेशियलिटी स्टील उत्पादों पर ज़ोर
छत्तीसगढ़ में उत्पादित कच्चे लोहे और स्टील का मूल्य संवर्धन (Value Addition) राज्य के भीतर ही सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कड़ा औद्योगिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है:
- डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों का निर्माण: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल स्टील उत्पादन तक सीमित नहीं होना चाहिए। छत्तीसगढ़ का स्टील कच्ची धातु के रूप में बाहर जाने के बजाय यहीं ऑटो कंपोनेंट्स, उन्नत इंजीनियरिंग उत्पादों, रेलवे, रक्षा उपकरणों और सौर ऊर्जा के धातु ढांचे जैसी मूल्य-संवर्धित कड़ियों में बदला जाना चाहिए, ताकि रोजगार स्थानीय युवाओं को मिले।
- ग्रीन स्टील (Green Steel) क्रांति: शून्य कार्बन उत्सर्जन के वैश्विक लक्ष्यों के अनुरूप दुनिया तेजी से पर्यावरण-अनुकूल ‘ग्रीन स्टील’ की ओर बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ अपनी 26,000 मेगावाट से अधिक की सरप्लस बिजली क्षमता और प्रतिस्पर्धी बिजली दरों के कारण इस ऊर्जा-आधारित हरित विनिर्माण के लिए देश का सबसे अनुकूल राज्य है।
देश का पहला ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट’ और राज्य की राष्ट्रीय रैंकिंग
निवेशकों का विश्वास जीतने और प्रशासनिक अड़चनों (Red Tapism) को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने विनियामक ढांचे में क्रांतिकारी सुधार किए हैं:
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट (EoDB Act): छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जिसने इस अधिनियम को कानूनी रूप से लागू किया है। इसके तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए स्व-प्रमाणीकरण (Self-Certification), जोखिम आधारित विनियामक व्यवस्था और निर्धारित समय-सीमा में मंजूरी न मिलने पर ‘डीम्ड अप्रूवल’ (Deemed Approval – स्वतः मंजूरी) का कड़ा कानूनी अधिकार दिया गया है। इससे राज्य के 15 लाख एमएसएमई को सीधा लाभ मिलेगा।
- क्रिसिल-नीति आयोग सूचकांक 2026 (Investment Friendliness Index): इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सूचकांक में छत्तीसगढ़ ने देश के प्रमुख राज्यों के बीच ‘रेगुलेटरी ईज’ (Regulatory Ease) और ‘इंस्टीट्यूशनल एनवायरनमेंट’ में प्रथम स्थान तथा ‘एनवायरनमेंटल रेजिलिएंस’ (Environmental Resilience) में दूसरा स्थान हासिल किया है।
विकेंद्रीकृत औद्योगिक विकास: 4 नए औद्योगिक पार्क और राजनांदगांव EMC 2.0
औद्योगिक विकास का लाभ केवल रायपुर-भिलाई बेल्ट तक सीमित न रहे, इसके लिए सरकार विकेंद्रीकृत औद्योगिक विकास (Decentralised Industrial Development) को लागू कर रही है:
- 4 नए औद्योगिक पार्कों की मंजूरी: राज्य सरकार ने गैर-पारंपरिक क्षेत्रों के आर्थिक उत्थान के लिए राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा और बस्तर में चार नए औद्योगिक पार्क स्वीकृत किए हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0): भारत सरकार ने राजनांदगांव में लगभग 306 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर को मंजूरी प्रदान की है। इसमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स की विनिर्माण इकाइयां स्थापित होंगी, जिससे क्षेत्र में 9,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
UPSC & CGPSC Prelims Fact Box: Green Steel, CII & EMC 2.0
- ग्रीन स्टील (Green Steel): पारंपरिक रूप से स्टील का निर्माण कोयले से चलने वाली ब्लास्ट फर्नेस में किया जाता है, जिससे भारी कार्बन उत्सर्जन होता है। ग्रीन स्टील का निर्माण कोयले के स्थान पर पर्यावरण-अनुकूल हाइड्रोजन ऊर्जा (Green Hydrogen) या नवीकरणीय बिजली का उपयोग कर किया जाता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य हो जाता है।
- भारतीय उद्योग परिसंघ (CII): यह भारत की एक गैर-सरकारी, गैर-लाभकारी और उद्योग-नेतृत्व वाली प्रबंधन संस्था है, जिसकी स्थापना वर्ष 1895 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल नीतियों का निर्माण करना है।
- EMC 2.0 योजना: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा शुरू की गई ‘इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर’ योजना, जिसका उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक सिग्नलों, सेमीकंडक्टरों और स्मार्ट उपकरणों के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा विकसित करना है।
UPSC & State PCS Mains Analysis: हरित विनिर्माण, विनियामक सुगमता और विकेंद्रीकृत औद्योगिक विकास का छत्तीसगढ़ मॉडल
मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से, छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग के अंतर्गत प्राप्त हुए ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव और राज्य के प्रशासनिक सुधार भारत के सतत विनिर्माण (Sustainable Manufacturing) और सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) के अनूठे मॉडल को स्पष्ट करते हैं।
ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन (Anthropocene Era) के इस दौर में, भारी उद्योगों (विशेष रूप से स्टील और माइनिंग) का हरित रूपांतरण (Green Transition) करना पर्यावरण नीति की मुख्य आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ द्वारा कोयला-आधारित ब्लास्ट फर्नेस के स्थान पर ग्रीन हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित ‘ग्रीन स्टील’ को अपनाना देश के कार्बन-तटस्थता (Net-Zero 2070) के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में बड़ा रणनीतिक कदम है।
इसके अतिरिक्त, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट’ के तहत ‘डीम्ड अप्रूवल’ जैसी कानूनी व्यवस्थाओं को लागू करना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ नौकरशाही बाधाओं को पूरी तरह समाप्त कर ‘सुशासन आधारित अर्थव्यवस्था’ (Governance-led Economy) की ओर बढ़ रहा है। राजनांदगांव में 306 एकड़ के इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर (EMC 2.0) का विकास और बस्तर व जांजगीर जैसे आकांक्षी क्षेत्रों में 4 नए औद्योगिक पार्कों का निर्माण विकेंद्रीकृत आर्थिक मॉडल (Decentralized Economic Model) की पुष्टि करता है। यह दृष्टिकोण न केवल क्षेत्रीय आर्थिक विषमता को कम करेगा, बल्कि वनांचल अंचलों के आदिवासियों को सीधे विनिर्माण की वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ @ 2047 के संकल्प को धरातल पर साकार करने की सबसे मजबूत सुशासनात्मक रीढ़ साबित होगा।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण सामरिक और औद्योगिक विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में आयोजित किए गए छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग के संदर्भ में, छत्तीसगढ़ भारत का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने निवेशकों के हितों की रक्षा और प्रशासनिक सुगमता के लिए निम्नलिखित में से किस अधिनियम को कानूनी रूप से लागू किया है?
(A) औद्योगिक सिंगल विंडो अधिनियम 2025
(B) ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट (Ease of Doing Business Act)
(C) रियल एस्टेट विनिमय कानून 2026
(D) छत्तीसगढ़ एमएसएमई संवर्धन अधिनियम
उत्तर: (B) ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट (Ease of Doing Business Act)
व्याख्या: छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट’ को कानूनी रूप से लागू किया है, जिसके तहत ‘डीम्ड अप्रूवल’ और स्व-प्रमाणीकरण की कड़ी व्यवस्था की गई है।
प्रश्न 2: भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा छत्तीसगढ़ के किस जिले में लगभग 306 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक ‘इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर’ (EMC 2.0) को मंजूरी प्रदान की गई है?
(A) रायपुर जिला
(B) बिलासपुर जिला
(C) राजनांदगांव जिला (Rajnandgaon)
(D) बस्तर जिला
उत्तर: (C) राजनांदगांव जिला (Rajnandgaon)
व्याख्या: भारत सरकार ने राजनांदगांव में लगभग 306 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) को मंजूरी दी है, जहाँ सेमीकंडक्टर और ईवी कंपनियों द्वारा विनिर्माण इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग क्या है और इसके तहत राज्य को कितने निवेश प्रस्ताव मिले हैं?
यह छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से रायपुर में आयोजित एक उच्च-स्तरीय औद्योगिक शिखर सम्मेलन है। इसके तहत राज्य को कुल ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 10,921 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
Q2. क्रिसिल-नीति आयोग ‘इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स 2026’ में छत्तीसगढ़ का राष्ट्रीय स्तर पर क्या स्थान रहा है?
इस राष्ट्रीय सूचकांक में छत्तीसगढ़ ने देश के प्रमुख राज्यों के बीच ‘रेगुलेटरी ईज’ (Regulatory Ease) और ‘इंस्टीट्यूशनल एनवायरनमेंट’ में पहला (1st) स्थान हासिल किया है, तथा पर्यावरण लचीलापन (Environmental Resilience) में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
Q3. राज्य के किन गैर-पारंपारिक जिलों में नए औद्योगिक पार्कों के विकास को मंजूरी दी गई है?
औद्योगिक विकास का विकेंद्रीकरण करने के लिए राज्य सरकार ने रायपुर-भिलाई से बाहर राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा और बस्तर जिलों में चार नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना को मंजूरी प्रदान की है।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- ₹13,840 करोड़ का हरित निवेश: छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग के कड़े क्रियान्वयन से राज्य में पर्यावरण-अनुकूल ‘ग्रीन स्टील’ और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग को ₹13,840 करोड़ का निवेश और 10,921 नौकरियों का संबल मिला है।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश में अव्वल: छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जिसने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट’ लागू किया है, तथा क्रिसिल-नीति आयोग सूचकांक 2026 में विनियामक सुगमता में पहला स्थान पाया है।
- राजनांदगांव में 306 एकड़ का इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर: केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत EMC 2.0 क्लस्टर के माध्यम से राजनांदगांव अब सेमीकंडक्टर और ईवी (EV) विनिर्माण के नए राष्ट्रीय हब के रूप में उभरेगा।
UPSC Relevance (यूपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-3 (भारतीय अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचा—ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण—ग्रीन स्टील तकनीक) और सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-5 (छत्तीसगढ़ का आर्थिक भूगोल, औद्योगिक नीतियां व नए उद्योग) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और अनिवार्य समसामयिक मुद्दा है।
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह लेख छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग, भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) सचिवालय, नीति आयोग (NITI Aayog), और जनसंपर्क विभाग (DPRCG) द्वारा 13 अगस्त 2026 को रायपुर में आयोजित ग्रीन स्टील संगोष्ठी के उपरांत जारी की गई आधिकारिक प्रेस समीक्षा और बजटीय ब्योरों पर आधारित है।