Chhattisgarh UCC Committee: जगदलपुर में 4 मुख्य विषयों पर हुआ मंथन; समान नागरिक संहिता पर 30 अक्टूबर तक पोर्टल पर दे सकेंगे सुझाव

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रायपुर, 17 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) को लागू करने और राज्य की सामाजिक व सांस्कृतिक विविधता के अनुरूप उसका प्रभावी मसौदा तैयार करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने बस्तर संभाग में अपनी सघन परामर्श प्रक्रिया पूरी की है। बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित जिला कलेक्ट्रेट के प्रेरणा हॉल में Chhattisgarh UCC Committee (छत्तीसगढ़ यूसीसी कमेटी) द्वारा आयोजित महत्वपूर्ण बैठक एवं समूह चर्चा में समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस श्री एम.के. राऊत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन सिंह पवार, श्रीमती ज्योति रानी सिंह, समिति के सचिव श्री श्याम धावड़े तथा बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में जगदलपुर और कोण्डागांव जिले के विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक संगठनों और शिक्षाविदों ने चार मुख्य विषयों—विवाह व तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंधों पर अपनी बेबाक राय रखी।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Chhattisgarh UCC Committee’: बस्तर कलेक्ट्रेट के प्रेरणा हॉल में समान नागरिक संहिता के प्रारूप पर आयोजित हुई उच्चस्तरीय परिचर्चा।
  • 4 प्रमुख विषयों पर केंद्रित विमर्श: विवाह और तलाक, उत्तराधिकार एवं पैतृक विरासत, भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) तथा लिव-इन रिलेशनशिप।
  • जगदलपुर और कोण्डागांव का प्रतिनिधित्व: सामाजिक व धार्मिक संगठनों के प्रमुखों, राजनीतिक दलों, शिक्षाविदों और आयोगों के पदाधिकारियों ने रखे विचार।
  • कार्यवाही का वीडियोग्राफी दस्तावेजीकरण: सभी सुझावों को राज्य स्तर पर तैयार होने वाले अंतिम कानूनी ड्राफ्ट में शामिल किया जाएगा।
  • 30 अक्टूबर तक सुझाव देने का अवसर: राज्य सरकार ने वेब पोर्टल, ईमेल और रायपुर स्थित समिति कार्यालय के पते पर आम जनता से मांगे सुझाव।
  • जनजातीय परंपराओं पर मंथन: बस्तर के आदिवासी समाज की रूढ़िजन्य व्यवस्थाओं और सनातन परंपराओं के संरक्षण पर हुई विस्तृत चर्चा।

Chhattisgarh UCC Committee: जगदलपुर और कोण्डागांव के प्रतिनिधियों संग विमर्श

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य में समान नागरिक संहिता के अध्ययन और ड्राफ्टिंग के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति पूरे प्रदेश के विभिन्न संभागों का दौरा कर रही है।

Chhattisgarh UCC Committee की इस जगदलपुर बैठक में बस्तर और कोण्डागांव जिले के विभिन्न वर्गों ने हिस्सा लिया। समिति ने कहा कि बस्तर की अनूठी सामाजिक संरचना, आदिवासी समुदाय के रीति-रिवाज और स्थानीय परंपराएं कानून के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। बैठक में प्राप्त सभी मौखिक और लिखित सुझावों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सम्पूर्ण कार्यवाही का विधिवत दस्तावेजीकरण, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई है ताकि कोई भी महत्वपूर्ण स्थानीय विचार छूटने न पाए।

मंथन के केंद्र में रहे 4 प्रमुख विषय: विवाह, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन

बैठक में उपस्थित प्रतिभागियों ने दैनिक जीवन और पारिवारिक कानूनों से जुड़े चार मुख्य स्तंभों पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं:

  • 1. विवाह और विवाह-विच्छेद (तलाक): बाल विवाह की रोकथाम, विवाह का अनिवार्य पंजीकरण और आपसी सहमति से होने वाले तलाक की प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर चर्चा हुई।
  • 2. उत्तराधिकार एवं पैतृक विरासत: पैतृक और स्व-अर्जित संपत्ति में बेटियों को पुरुषों के बराबर अधिकार देने तथा जनजातीय महिलाओं के पारंपरिक संपत्ति अधिकारों के संरक्षण पर बात हुई।
  • 3. भरण-पोषण और सहायता (Alimony): तलाक या परित्याग के बाद महिलाओं और बच्चों के भरण-पोषण के लिए धर्म से परे एक समान और सख्त कानूनी व्यवस्था की मांग की गई।
  • 4. लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relations): लिव-इन में रहने वाले जोड़ों के अनिवार्य पंजीकरण, महिलाओं के शोषण की रोकथाम और ऐसे संबंधों से जन्मे बच्चों को पिता की संपत्ति में पूर्ण जैविक अधिकार व उत्तराधिकार सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

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30 अक्टूबर तक पोर्टल और ईमेल पर भेज सकेंगे सुझाव: ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम

समान नागरिक संहिता समिति ने स्पष्ट किया है कि यह कानून जनता के सुझावों से ही समृद्ध होगा। इसके लिए राज्य भर के नागरिकों और संगठनों के लिए तीन माध्यम खुले रखे गए हैं:

  • आधिकारिक वेब पोर्टल: नागरिक सीधे राज्य सरकार के पोर्टल https://ucc.cgstate.gov.in/ पर जाकर अपना सुझाव ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
  • ईमेल के माध्यम से: इच्छुक व्यक्ति या संगठन अपने विस्तृत सुझाव ईमेल आईडी ucc-chhattisgarh@cg.gov.in पर भेज सकते हैं।
  • डाक या व्यक्तिगत रूप से: लिखित सुझाव समिति के राज्य कार्यालय—कार्यालय समान नागरिक संहिता समिति, नवीन सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स, रायपुर (छत्तीसगढ़) के पते पर भेजे जा सकते हैं।
  • अंतिम तिथि: सुझाव प्रेषित करने की अंतिम समय-सीमा 30 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

बस्तर की जनजातीय रूढ़ियों और महिलाओं के अधिकारों का संतुलन

परिचर्चा के दौरान बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह और समिति सदस्यों ने रेखांकित किया कि बस्तर संभाग में पेसा (PESA) कानून और जनजातीय रूढ़िजन्य परंपराएं (Customary Laws) अत्यंत प्रभावशाली हैं।

उपस्थित सामाजिक प्रमुखों ने सुझाव दिया कि यूसीसी का प्रारूप ऐसा होना चाहिए जो एक ओर महिलाओं और बच्चों को समानता व न्याय का अधिकार दे, वहीं दूसरी ओर आदिवासी समाज के पारंपरिक मांझी-चालकी व्यवस्था, देवगुड़ी और ग्राम सभाओं के पारंपरिक अधिकारों को किसी भी तरह से आहत न करे। समिति के सदस्य एम.के. राऊत और मोहन सिंह पवार ने आश्वस्त किया कि बस्तर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखकर ही अनुशंसाएं तैयार की जाएंगी।

“समान नागरिक संहिता का उद्देश्य किसी की धार्मिक या सांस्कृतिक परंपराओं को समाप्त करना नहीं, बल्कि कानूनी विसंगतियों को दूर कर समाज के हर नागरिक—विशेषकर महिलाओं और बच्चों—को न्याय और सुरक्षा देना है। बस्तर में जगदलपुर और कोण्डागांव के प्रबुद्ध नागरिकों ने जो व्यावहारिक सुझाव दिए हैं, वे अत्यंत मूल्यवान हैं। 30 अक्टूबर तक पोर्टल पर मिलने वाले सुझावों को जोड़कर हम एक ऐसा ड्राफ्ट बनाएंगे जो पूरे देश के लिए एक आदर्श बनेगा।”— एम.के. राऊत (सेवानिवृत्त IAS) एवं मोहन सिंह पवार (वरिष्ठ अधिवक्ता), सदस्य, UCC समिति छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के नागरिकों और बस्तर अंचल के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • कानून निर्माण में जनता की सीधी भागीदारी: 30 अक्टूबर तक पोर्टल खुलने से राज्य का आम नागरिक भी अपनी बात सीधे ड्राफ्टिंग कमेटी तक पहुंचा सकता है।
  • महिलाओं की विधिक सुरक्षा: संपत्ति में बराबरी, भरण-पोषण और लिव-इन के नियम तय होने से महिलाओं के साथ होने वाले पारिवारिक और आर्थिक शोषण पर रोक लगेगी।
  • जनजातीय संस्कृति का आदर: बस्तर में सीधे संवाद से आदिवासियों के मन से यह भ्रम दूर हुआ है कि यह कानून उनकी परंपराओं के विरुद्ध है।

छत्तीसगढ़ यूसीसी जगदलपुर बैठक: एक नजर में

  • विषय: समान नागरिक संहिता (UCC) उच्च स्तरीय समिति परिचर्चा
  • स्थान: प्रेरणा हॉल, जिला कलेक्ट्रेट, जगदलपुर, जिला बस्तर (छत्तीसगढ़)
  • शामिल जिले: जगदलपुर (बस्तर) एवं कोण्डागांव
  • समिति सदस्य: श्री एम.के. राऊत (सेवानिवृत्त IAS), श्री मोहन सिंह पवार (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्रीमती ज्योति रानी सिंह
  • प्रशासनिक नेतृत्व: श्री श्याम धावड़े (सचिव, UCC समिति), श्री डोमन सिंह (कमिश्नर, बस्तर)
  • 4 मुख्य विमर्श विषय: विवाह-तलाक, उत्तराधिकार व विरासत, भरण-पोषण और लिव-इन संबंध
  • सुझाव पोर्टल: https://ucc.cgstate.gov.in/ | ईमेल: ucc-chhattisgarh@cg.gov.in
  • सुझाव की अंतिम तिथि: 30 अक्टूबर 2026
  • समिति का पता: नवीन सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स, रायपुर

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Chhattisgarh UCC Committee की बैठक जगदलपुर में किन विषयों पर केंद्रित थी?

Chhattisgarh UCC Committee की बैठक में मुख्य रूप से चार विषयों—विवाह और तलाक, उत्तराधिकार एवं विरासत, भरण-पोषण और सहायता तथा लिव-इन रिलेशनशिप के कानूनी प्रावधानों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

समान नागरिक संहिता पर आम नागरिक अपने सुझाव कब तक और कैसे भेज सकते हैं?

नागरिक 30 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक वेब पोर्टल https://ucc.cgstate.gov.in/, ईमेल ucc-chhattisgarh@cg.gov.in अथवा नवीन सर्किट हाउस, रायपुर स्थित समिति कार्यालय में पत्र भेजकर अपने सुझाव दे सकते हैं।

जगदलपुर में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में समिति के कौन-से सदस्य उपस्थित थे?

बैठक में समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस श्री एम.के. राऊत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन सिंह पवार, श्रीमती ज्योति रानी सिंह, समिति सचिव श्री श्याम धावड़े तथा बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह उपस्थित थे।

इस परिचर्चा में किन दो जिलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया?

इस परिचर्चा में बस्तर संभाग के जगदलपुर (बस्तर) और कोण्डागांव जिले के राजनीतिक दलों, सामाजिक-धार्मिक संगठनों, शिक्षाविदों और आयोगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

आधिकारिक स्रोत: समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति / जिला जनसंपर्क कार्यालय (DPR), बस्तर-रायपुर (छत्तीसगढ़ शासन)

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