रायपुर, 16 अक्टूबर: सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म कर आम जनता की समस्याओं का घर बैठे पारदर्शी, समयबद्ध और संवेदनशील निराकरण करने की व्यवस्था छत्तीसगढ़ में प्रभावी साबित हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित सीबीडी (CBD) बिल्डिंग में संचालित राज्य स्तरीय कॉल सेंटर पहुंचकर CM Helpline 1076 Chhattisgarh (सीएम हेल्पलाइन 1076 छत्तीसगढ़) के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की। आधिकारिक समीक्षा में सामने आया कि 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 के बीच हेल्पलाइन पर कुल 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों (88.85 प्रतिशत) का सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शिकायतों को बंद करने से पहले नागरिक की वास्तविक संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं फोन पर शिकायतकर्ताओं से बात कर उनका फीडबैक लिया।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘CM Helpline 1076 Chhattisgarh’: नवा रायपुर सीबीडी बिल्डिंग से संचालित केंद्रीय हेल्पलाइन की मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा।
- 88.85% का सफल निराकरण: 2.31 लाख से अधिक शिकायतों में से 2.05 लाख से अधिक का समाधान; शेष 25,854 पर कार्रवाई जारी।
- प्रतिदिन 1500 से 2000 कॉल: राशन, पेंशन, बिजली, पेयजल, राजस्व और आवास से जुड़ी शिकायतों का हो रहा है त्वरित निपटारा।
- मुख्यमंत्री का सीधा संवाद: गरियाबंद में एक हफ्ते में बदला ट्रांसफॉर्मर, जशपुर में 10 दिन में मिली आवास की ₹55,000 की किस्त और मुंगेली में 9 माह की रुकी पेंशन बहाल।
- शिकायतों के डेटा का रूट-कॉज एनालिसिस: बार-बार आने वाली शिकायतों की पहचान कर नीतियों और व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश।
- पंचायतों व राशन दुकानों में वॉल पेंटिंग: दूरस्थ वनांचल और बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक 1076 का प्रचार-प्रसार करने का आदेश।
CM Helpline 1076 Chhattisgarh: 2.31 लाख शिकायतों में से 2.05 लाख का रिकॉर्ड निराकरण
सुशासन और जन-जवाबदेही को परखने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अचानक नवा रायपुर के सीबीडी परिसर स्थित हेल्पलाइन कार्यालय पहुंचे।
CM Helpline 1076 Chhattisgarh की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अधिकारियों ने बताया कि 9 जून 2026 से 15 अक्टूबर 2026 की अवधि में जनता ने इस मंच पर अटूट भरोसा जताया है। प्रतिदिन औसतन 1,500 से 2,000 नागरिक अपनी समस्याएं 1076 पर दर्ज करा रहे हैं। कुल दर्ज 2,31,850 प्रकरणों में से 2,05,996 मामलों का समाधान कर संबंधित नागरिकों को राहत पहुंचाई जा चुकी है, जबकि केवल 25,854 प्रकरणों पर प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने 88.85% निराकरण दर को उत्साहवर्धक बताते हुए कहा कि यह अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों के समन्वित प्रयास का सकारात्मक परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने सीधे फोन पर की बात: तीन नागरिकों ने साझा की राहत की दास्तान
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं को सीधे कॉल मिलाकर उनसे बात की और पूछा कि क्या वे समाधान से संतुष्ट हैं:
1. गरियाबंद के मैनपुर में एक शिकायत से 85 परिवारों को मिली बिजली
गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र निवासी श्री दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके गांव का ट्रांसफॉर्मर जलने से 80 से 85 परिवारों के घरों में अंधेरा छा गया था। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उन्होंने 1076 पर कॉल किया। शिकायत दर्ज होने के मात्र 7 दिनों के भीतर बिजली विभाग ने नया ट्रांसफॉर्मर लगाकर आपूर्ति बहाल कर दी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
2. जशपुर के बगीचा में 10 दिन के भीतर खाते में आए ₹55,000
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड निवासी श्री वीरेंद्र यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत उनके मकान की दूसरी किस्त लंबे समय से अटकी थी, जिससे निर्माण रुक गया था। 1076 पर शिकायत करने के ठीक 10वें दिन उनके बैंक खाते में ₹55,000 की दूसरी किस्त जमा हो गई और अब उनका घर तेजी से बन रहा है।
3. मुंगेली में 9 महीने से बंद पड़ी पेंशन एरियर सहित बहाल
मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी श्री तोरण साहू ने मुख्यमंत्री से बात करते हुए बताया कि उनकी वृद्ध माताजी की सामाजिक सुरक्षा पेंशन 9 महीने से बंद थी। परिवार आर्थिक तंगी में था। हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होते ही समाज कल्याण विभाग ने जांच की, पेंशन दोबारा शुरू कराई और पिछले 9 महीने का पूरा बकाया (Arrears) एकमुश्त खाते में अंतरित कर दिया।
कागजी खानापूर्ति नहीं, वास्तविक समाधान: बंद करने से पहले संतुष्टि अनिवार्य
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े सभी 33 जिलों के कलेक्टरों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि हेल्पलाइन का संचालन केवल सांख्यिकी का खेल नहीं बनना चाहिए:
- फीडबैक आधारित क्लोजर: किसी भी शिकायत को तब तक सिस्टम में ‘सुलझा हुआ’ (Closed) नहीं माना जाएगा, जब तक कि कॉल सेंटर की टीम नागरिक से बात करके उसकी संतुष्टि दर्ज न कर ले।
- लापरवाही पर सख्त जवाबदेही: अच्छा काम करने वाले संवेदनशील अधिकारियों को पुरस्कृत किया जाएगा, लेकिन जिन मामलों में बिना समाधान के फर्जी रिपोर्ट लगाई जाएगी, उन कर्मचारियों पर निलंबन सहित कठोर विभागीय कार्रवाई होगी।

शिकायतों के डेटा का एनालिसिस: सिस्टम की कमियां सुधारने का बनेगा आधार
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 2.31 लाख शिकायतों के डेटा को केवल व्यक्तिगत केस मानकर न छोड़ें, बल्कि उसका गहन तकनीकी और विभागीय विश्लेषण (Big Data Analytics) करें:
यदि किसी जिले, ब्लॉक या विभाग में एक ही प्रकृति की शिकायतें (जैसे राशन कार्ड में नाम कटना, ट्रांसफॉर्मर जलना या नामांतरण में देरी) बार-बार आ रही हैं, तो यह उस विभाग के सिस्टम की खराबी का संकेत है। सरकार इस डेटा का उपयोग कर संबंधित नियमों, नीतियों और कार्यप्रणाली में बुनियादी बदलाव करेगी ताकि नागरिकों को शिकायत करने की नौबत ही न आए।
बस्तर और वनांचल तक पहुंचेगी 1076: राशन दुकानों और पंचायतों में दीवार लेखन के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर, सरगुजा और दूरस्थ वनांचल के आदिवासी ग्रामीणों के लिए 1076 सबसे बड़ा वरदान है क्योंकि इससे उन्हें 200 किमी दूर जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- प्रत्येक ग्राम पंचायत भवन, उचित मूल्य की राशन दुकान (PDS) और अटल डिजिटल सेवा केंद्र/सीएससी में वॉल पेंटिंग (दीवार लेखन) कर 1076 नंबर को बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा जाए।
- स्थानीय हाट-बाजारों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को बताया जाए कि वे किसी भी समस्या के लिए मोबाइल से निःशुल्क कॉल करके अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचा सकते हैं।
“शासन-प्रशासन की नजर में कोई समस्या छोटी हो सकती है, लेकिन एक गरीब के लिए नौ महीने से पेंशन न मिलना या आवास की ₹55 हजार की किस्त अटकना जीवन-मरण का प्रश्न होता है। सीएम हेल्पलाइन 1076 ने यह साबित किया है कि तकनीक का सही उपयोग जनता और सरकार के बीच का फासला मिटा सकता है। 89% समाधान उत्साहजनक है, लेकिन हमारा लक्ष्य 100% संतुष्टि है। जनता का विश्वास ही हमारी सरकार की सबसे बड़ी पूंजी है।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (सीबीडी सेंटर समीक्षा संबोधन)
समीक्षा बैठक में उपस्थित शीर्ष प्रशासनिक नेतृत्व
नवा रायपुर स्थित कॉल सेंटर में मुख्यमंत्री के साथ समीक्षा के दौरान राज्य के शीर्ष अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे:
- श्री विकास शील (मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन)
- श्री सुबोध कुमार सिंह (प्रमुख सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय)
- श्री राहुल भगत (सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय एवं सुशासन विभाग)
- श्री रजत बंसल (विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय एवं आयुक्त जनसंपर्क)
- सभी संबंधित विभागों के भारसाधक सचिव तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं जिला पंचायत सीईओ।
सीएम हेल्पलाइन 1076 प्रगति रिपोर्ट 2026: एक नजर में
- हेल्पलाइन नंबर: 1076 (टोल-फ्री नागरिक शिकायत समाधान नंबर)
- समीक्षा स्थल: केंद्रीय कॉल सेंटर, सीबीडी बिल्डिंग, नवा रायपुर
- अवधि: 9 जून 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक
- कुल दर्ज शिकायतें: 2,31,850 (2 लाख 31 हजार 850)
- कुल निराकृत शिकायतें: 2,05,996 (2 लाख 5 हजार 996)
- प्रगतिरत / प्रक्रियाधीन शिकायतें: 25,854
- औसत निराकरण दर: 88.85 प्रतिशत (~89%)
- दैनिक कॉल औसत: 1,500 से 2,000 शिकायतें प्रतिदिन
- प्रत्यक्ष फीडबैक केस: दमन साहू (ट्रांसफॉर्मर), वीरेंद्र यादव (पीएम आवास ₹55k), तोरण साहू (9 माह पेंशन)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
CM Helpline 1076 Chhattisgarh पर अब तक कुल कितनी शिकायतें दर्ज और निराकृत हुई हैं?
CM Helpline 1076 Chhattisgarh पर 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक कुल 2,31,850 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 2,05,996 शिकायतों (88.85%) का गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किन नागरिकों से सीधे फोन पर बात कर फीडबैक लिया?
मुख्यमंत्री ने गरियाबंद के दमन साहू (ट्रांसफॉर्मर बदलाव), जशपुर के वीरेंद्र यादव (पीएम आवास की ₹55,000 की किस्त), और मुंगेली के तोरण साहू (9 माह से रुकी पेंशन बहाली) से सीधे बात कर समाधान की पुष्टि की।
सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज होने वाली शिकायतों के डेटा का क्या उपयोग किया जाएगा?
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि शिकायतों के आंकड़ों का रूट-कॉज एनालिसिस किया जाए ताकि जिन विभागों से बार-बार शिकायतें आ रही हैं, उनकी व्यवस्था और नीतियों में बुनियादी सुधार कर समस्याओं को जड़ से मिटाया जा सके।
दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक 1076 का प्रचार करने के लिए क्या निर्देश दिए गए हैं?
प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य की राशन दुकानों (PDS) और कॉमन सर्विस सेंटरों में वॉल पेंटिंग और प्रचार माध्यमों से 1076 हेल्पलाइन नंबर को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / सुशासन एवं अभिसरण विभाग / जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन