रायपुर, 30 सितंबर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) रायपुर के कृषक मंडपम में 28 से 30 सितंबर तक आयोजित तीन दिवसीय ‘छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026’ का बुधवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम और विशिष्ट अतिथि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्टार्टअप पिचिंग सत्र के तीन सर्वश्रेष्ठ नवाचारी स्टार्टअप्स को क्रमशः 1 लाख रुपये, 75 हजार रुपये और 50 हजार रुपये के नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। कृषि मंत्री ने कहा कि भारत में कृषि के क्षेत्र में नवाचार और स्टार्टअप्स की असीमित संभावनाएं हैं और देश की 65 प्रतिशत युवा आबादी अपने दम पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती है।
मुख्य बिंदु:
- तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026 का समापन; 1,200 से अधिक युवा विद्यार्थी और 24 स्टार्टअप्स हुए शामिल।
- सर्वश्रेष्ठ नवाचारी विचार प्रस्तुत करने वाले तीन स्टार्टअप्स को मिला ₹1 लाख, ₹75 हजार और ₹50 हजार का नकद पुरस्कार।
- आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर, आईआईआईटी नवा रायपुर, नाबार्ड, बायरेक और सीजीकॉस्ट के साझा सहयोग से हुआ आयोजन।
- कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर की आधुनिक सुविधाओं का लिया जायजा।
पिचिंग में चमके तीन स्टार्टअप्स: मिले 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार के पुरस्कार
कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित तकनीकी व पिचिंग सत्रों में राज्यभर से चुने गए 24 उभरते स्टार्टअप्स ने अपने नवाचारों, एग्रीटेक मॉडल्स और उत्पादों का प्रदर्शन किया। जूरी पैनल के मूल्यांकन के उपरांत सबसे व्यावहारिक और प्रभावशाली समाधान प्रस्तुत करने वाले तीन उद्यमियों को मंच से सम्मानित किया गया।
प्रथम विजेता को 1 लाख रुपये, द्वितीय विजेता को 75 हजार रुपये और तृतीय विजेता को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह पुरस्कार इन नवाचारियों को अपने प्रोटोटाइप को बड़े व्यावसायिक स्तर पर स्थापित करने में संबल देगा।
‘देश की 65% आबादी युवा, कृषि में स्टार्टअप्स की सर्वाधिक संभावनाएं’: रामविचार नेताम
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ‘स्टार्टअप इंडिया’ और ‘स्किल इंडिया’ के जरिए युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा दे रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार ‘निपुण’ और मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना जैसी पहलों से युवाओं को लघु-मध्यम उद्यम लगाने के लिए प्रेरित कर रही है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) और एग्रीटेक स्टार्टअप्स से जुड़ें, ताकि वे नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाले बनें।
नौकरी के पीछे भागने के बजाय एग्री-स्टार्टअप्स से बदलें ग्रामीण अर्थव्यवस्था: बृजमोहन अग्रवाल
समारोह को संबोधित करते हुए रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा नए विचारों वाले युवाओं को सब्सिडी, आसान ऋण और तकनीकी इन्क्यूबेशन की सुविधाएं दी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को सिर्फ सरकारी या निजी नौकरी के पीछे भागने की अपनी मानसिकता बदलनी होगी। यदि युवा आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ कृषि आधारित उद्योग स्थापित करेंगे, तो इससे सीधे तौर पर किसानों की आय दोगुनी होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
1,200 से अधिक प्रतिभागी और देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों की सहभागिता
समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने बताया कि इस तीन दिवसीय समागम में 1,200 से अधिक नवोन्मेषी विद्यार्थियों, वैज्ञानिकों, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
यह कॉन्क्लेव भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई (IIT Bhilai), राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर (NIT Raipur), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान नवा रायपुर (IIIT-NR), छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CCOST), छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी (CBPS) और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया। इसका मुख्य ध्येय युवाओं को मेंटरशिप, बौद्धिक संपदा संरक्षण (IPR) और मार्केट लिंकेज का संपूर्ण इकोसिस्टम देना है।
सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का अवलोकन
समारोह के दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम और अतिथियों ने छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी द्वारा नवनिर्मित अत्याधुनिक ‘सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर’ का सघन अवलोकन किया।
अतिथियों ने केंद्र में स्थापित बायोसेफ्टी लैब्स, प्लांट टिश्यू कल्चर और टेस्टिंग उपकरणों का जायजा लिया। यह केंद्र बायोटेक और कृषि क्षेत्र के स्टार्टअप्स को आइडिया से लेकर प्रोडक्ट लॉन्च तक हैंडहोल्डिंग सपोर्ट देगा।
“कृषि भारत की आत्मा है और हमारे युवाओं के पास असीम रचनात्मक ऊर्जा है। जब युवा शक्ति कृषि के साथ तकनीक को जोड़ती है, तो आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त होता है। छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं के हर नवाचारी विचार को सफल उद्यम में बदलने के लिए पूर्ण सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।”— रामविचार नेताम, कृषि मंत्री, छत्तीसगढ़
समारोह में प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
समापन समारोह में राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, संचालक कृषि राहुल देव, भारत सरकार की संस्था बाइरेक (BIRAC) नई दिल्ली की डिप्टी मैनेजर डॉ. दीक्षा राठौर तथा सीजीकॉस्ट रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अमित दुबे ने भी विचार रखे।
कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आरती गुहे ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के संचालन में मुख्य आयोजन सचिव डॉ. वी.के. त्रिपाठी, आयोजन सचिव डॉ. हुलास पाठक और कुलसचिव डॉ. कपिलदेव दीपक सहित विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, वैज्ञानिक और प्राध्यापक सक्रिय रहे।
युवाओं, शोधार्थियों और कृषि क्षेत्र के लिए इसके क्या मायने हैं?
- सीधी फंडिंग और मेंटरशिप: स्टार्टअप्स को केवल विचार रखने का मौका नहीं मिला, बल्कि नाबार्ड, बायरेक और एंजल इन्वेस्टर्स से सीधे जुड़ने और फंडिंग पाने का रास्ता खुला।
- विश्वस्तरीय लैब की उपलब्धता: सुभाष चंद्र बोस इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से स्थानीय छात्रों को महंगी बायोटेक और टिश्यू कल्चर लैब्स का रियायती उपयोग सुलभ होगा।
- स्थानीय उपजों का मूल्य संवर्धन: सुगंधित चावल, कोदो-कुटकी, महुआ और औषधीय पौधों पर आधारित नए स्टार्टअप्स से छत्तीसगढ़ के वनांचल किसानों को अपनी फसलों के बेहतर दाम मिलेंगे।
यूथ इनोवेशन कॉन्क्लेव 2026: एक नजर में
- आयोजन अवधि: 28 से 30 सितंबर 2026
- आयोजन स्थल: कृषक मंडपम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर
- कुल सहभागिता: 1,200+ विद्यार्थी, शोधार्थी व उद्यमी; 24 स्टार्टअप्स का प्रदर्शन
- पुरस्कार राशि: प्रथम पुरस्कार ₹1 लाख, द्वितीय ₹75 हजार, तृतीय ₹50 हजार
- सहयोगी संस्थाएं: IIT भिलाई, NIT रायपुर, IIIT नवा रायपुर, CCOST, CBPS, NABARD और BIRAC
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव 2026 का आयोजन कहां हुआ?
यह आयोजन 28 से 30 सितंबर 2026 तक इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) रायपुर के कृषक मंडपम में संपन्न हुआ।
स्टार्टअप पिचिंग प्रतियोगिता में कितनी पुरस्कार राशि वितरित की गई?
प्रतियोगिता के तीन सर्वश्रेष्ठ नवाचारी स्टार्टअप्स को क्रमशः 1 लाख रुपये (प्रथम), 75 हजार रुपये (द्वितीय) और 50 हजार रुपये (तृतीय) के नकद पुरस्कार दिए गए।
इस कॉन्क्लेव में किन प्रमुख राष्ट्रीय तकनीकी संस्थानों ने भागीदारी की?
इसमें आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर, आईआईआईटी नवा रायपुर, नाबार्ड, केंद्रीय बायरेक (BIRAC) और सीजीकॉस्ट ने सह-आयोजक के रूप में भागीदारी की।
स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय)