रायपुर, 02 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य, पोषण स्तर और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने राजधानी रायपुर में SaiSure Nutrition Pilot Project (साईंश्योर न्यूट्रिशन पायलट प्रोजेक्ट) का शुभारंभ किया। श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट के सहयोग से प्रारंभ किए गए इस कार्यक्रम के प्रथम चरण में रायपुर जिले के तीन चयनित शासकीय विद्यालयों के लगभग 500 बच्चों को प्रतिदिन निःशुल्क पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- ‘SaiSure Nutrition Pilot Project’ (साईंश्योर न्यूट्रिशन पायलट प्रोजेक्ट) का रायपुर के 3 शासकीय स्कूलों से हुआ विधिवत आगाज।
- नवागांव, परसदा और छेरीखेड़ी के लगभग 500 स्कूली बच्चों को नियमित रूप से मिलेगा निःशुल्क पौष्टिक पूरक आहार।
- श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट और श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की मेडिकल टीम के तकनीकी सहयोग से हुआ शुभारंभ।
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जुलाई 2026 में मुद्देनहल्ली दौरे के बाद धरातल पर उतरी योजना; पूरे प्रदेश में विस्तार की तैयारी।
पायलट प्रोजेक्ट में रायपुर के 3 स्कूल शामिल: किन बच्चों को मिलेगा लाभ?
पायलट चरण के अंतर्गत रायपुर जिले के तीन प्रमुख विद्यालयों को चिन्हित किया गया है:
- नवीन प्राथमिक शाला, नवागांव
- शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल, परसदा
- शासकीय विद्यालय, छेरीखेड़ी
इन विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा पहली से आठवीं तक के लगभग 500 छात्र-छात्राओं को सुबह प्रार्थना सभा के बाद नियमित रूप से स्वादिष्ट और सूक्ष्म पोषक तत्वों (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स) से भरपूर ‘साईंश्योर’ हेल्थ सप्लीमेंट दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों की एकाग्रता, कक्षा में सीखने की ग्रहणशीलता और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है।
श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट: देश के 1 करोड़ बच्चों तक पहुंच
कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट के ट्रस्टी आनंद कडली, स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, संबंधित विद्यालयों के शिक्षक और श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नया रायपुर की विशेषज्ञ मेडिकल टीम उपस्थित रही। अतिथियों ने स्वयं बच्चों को साईंश्योर न्यूट्रिशन का वितरण कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में भारत के 25 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के शासकीय स्कूलों में 1 करोड़ से अधिक बच्चों को नियमित प्रातःकालीन पोषण (Morning Nutrition) पहुंचाया जा रहा है। अब छत्तीसगढ़ भी इस राष्ट्रव्यापी बाल पोषण क्रांति का हिस्सा बन गया है।
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मुद्देनहल्ली में CM साय की सद्गुरु मधुसूदन साईं से मुलाकात का सुखद परिणाम
छत्तीसगढ़ में इस महत्वाकांक्षी पोषण अभियान की नींव जुलाई 2026 में रखी गई थी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्नाटक स्थित सत्य साईं ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा कर सद्गुरु श्री मधुसूदन साईं से भेंट की थी।
उस बैठक में प्रदेश के दूरस्थ आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य, पोषण और बाल शिक्षा के सुदृढ़ीकरण पर विस्तृत चर्चा हुई थी। उसी विजन को अमलीजामा पहनाते हुए राज्य सरकार ने श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट के साथ समन्वय बनाकर इस पायलट प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारा है।
‘पोषित बच्चा ही बेहतर सीख सकता है’: पूरे छत्तीसगढ़ में होगा विस्तार
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खाली पेट या कुपोषित शरीर के साथ कोई भी बच्चा पूरी एकाग्रता से पढ़ाई नहीं कर सकता। अगर बच्चों का पोषण सुधरेगा, तो स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ेगी और ड्रॉप-आउट दर में कमी आएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि रायपुर जिले में 500 बच्चों पर शुरू किए गए इस पायलट कार्यक्रम के अनुभवों, बच्चों के स्वास्थ्य सुधार और अकादमिक परिणामों का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा। इसके सफल निष्कर्षों के आधार पर भविष्य में इस योजना का विस्तार बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के अन्य सभी जिलों के शासकीय स्कूलों में किया जाएगा।
“एक सुपोषित और स्वस्थ बच्चा ही बेहतर तरीके से ज्ञान अर्जित कर सकता है। साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम हमारे सरकारी स्कूलों के बच्चों को ऊर्जावान और मानसिक रूप से सतर्क बनाएगा। हम इस पायलट प्रोजेक्ट के सफल परिणामों के बाद इसे पूरे छत्तीसगढ़ के स्कूलों में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”— गजेन्द्र यादव, स्कूल शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़
स्कूली बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए इसके क्या मायने हैं?
- प्रातःकालीन भूख से मुक्ति: ग्रामीण क्षेत्रों से कई बच्चे सुबह बिना नाश्ता किए स्कूल पहुंचते हैं; सुबह मिलने वाला यह पोषण आहार बच्चों को दिनभर ऊर्जावान रखेगा।
- सीखने और याद रखने की क्षमता में सुधार: आयरन, कैल्शियम और आवश्यक विटामिन्स से भरपूर आहार से बच्चों का मानसिक फोकस और परीक्षा परिणाम बेहतर होंगे।
- अभिभावकों पर पोषण का आर्थिक बोझ कम: गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को स्कूल में ही मुफ्त हेल्थ ड्रिंक मिलने से परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
साईंश्योर न्यूट्रिशन पायलट प्रोजेक्ट की मुख्य रूपरेखा
- परियोजना का नाम: SaiSure Nutrition Pilot Project (साईंश्योर न्यूट्रिशन)
- सहयोगी संस्था: श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट एवं श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल
- प्राथमिक दायरा: रायपुर जिले के 3 शासकीय स्कूल (नवागांव, परसदा और छेरीखेड़ी)
- कुल लाभार्थी: प्रथम चरण में लगभग 500 स्कूली बच्चे
- भविष्य की योजना: पायलट परिणामों के आधार पर राज्यव्यापी विस्तार।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
SaiSure Nutrition Pilot Project (साईंश्योर न्यूट्रिशन) क्या है?
यह स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए शुरू किया गया प्रातःकालीन निःशुल्क पौष्टिक पूरक आहार कार्यक्रम है।
रायपुर के किन तीन सरकारी स्कूलों में यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ है?
यह प्रोजेक्ट नवीन प्राथमिक शाला नवागांव, प्राथमिक व मिडिल स्कूल परसदा तथा शासकीय विद्यालय छेरीखेड़ी में शुरू किया गया है।
इस पोषण कार्यक्रम में किस सामाजिक संस्था का सहयोग लिया जा रहा है?
इसमें श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट का सहयोग लिया जा रहा है, जो देश के 25 राज्यों में 1 करोड़ से अधिक बच्चों को सुबह का पोषण आहार उपलब्ध कराता है।
छत्तीसगढ़ में इस योजना की शुरुआत की पृष्ठभूमि क्या है?
जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्नाटक के मुद्देनहल्ली में सद्गुरु श्री मधुसूदन साईं से मुलाकात कर राज्य में पोषण सहयोग पर सहमति बनाई थी।
स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / स्कूल शिक्षा विभाग)