नई दिल्ली, 23 अगस्त 2026: वैश्विक कूटनीति, आर्थिक सुधारों और नीतिगत नियोजन को एक नई दिशा देते हुए आज वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 (ET World Leaders Forum) का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक नीति निर्माताओं, व्यवसायियों और राजनयिकों के समक्ष ‘सुशासन से समृद्धि’ (Governance to Prosperity) की दिशा में बढ़ते नए भारत का आर्थिक विजन प्रस्तुत किया।
इस वर्ष के शिखर सम्मेलन की मुख्य विषयवस्तु ‘साझा भविष्य’ (Shared Futures) पर आधारित थी। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि हाल के वर्षों में आए वैश्विक उतार-चढ़ावों ने यह साबित कर दिया है कि दुनिया के सभी देशों के भविष्य आपस में जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि भारत ने अपनी जी-20 अध्यक्षता के दौरान ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ का कड़ा मंत्र दुनिया के सामने रखा था। इस गरिमामयी वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 में विदेश मंत्री श्री एस. जयशंकर, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन सहित दुनिया की कई शीर्ष हस्तियों ने हिस्सा लिया।
| महत्वपूर्ण संकेतक | वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 एवं भारतीय आर्थिक सुधारों के मुख्य बिंदु |
|---|---|
| शिखर सम्मेलन का नाम | वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 (प्रतिष्ठित शिखर सम्मेलन) |
| मुख्य थीम (विषयवस्तु) | ‘साझा भविष्य’ (Shared Futures) – ‘One Earth, One Family, One Future’ |
| गरीबी उन्मूलन का रिकॉर्ड | विगत वर्षों में देश के 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकाला गया |
| पीएलआई (PLI) योजना की सफलता | ₹2.5 लाख करोड़ का निवेश, ₹22 लाख करोड़ का उत्पादन, 14 लाख+ नौकरियों का सृजन |
| प्रशासनिक सरलीकरण नीति | 40,000 से अधिक अनुपालनों (Compliances) और 1,500 से अधिक पुराने कानूनों का अंत |
| डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति | ई-संजीवनी (Telemedicine) के माध्यम से लगभग 50 करोड़ टेली-परामर्श संपन्न |
| हरित ऊर्जा का नवीन संकल्प | पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 50 लाख+ छतों पर सोलर प्लांट का लक्ष्य |
वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026: ‘साझा भविष्य’ की अवधारणा और वैश्विक दक्षिण का नेतृत्व
वैश्विक मंदी, भू-राजनीतिक तनावों और बहुपक्षीय अविश्वास के इस दौर में दुनिया भारत को विकास और आशा की एक मजबूत किरण (Bright Spot) के रूप में देख रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस वर्ष के वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 के मंच से ‘साझा भविष्य’ (Shared Futures) की थीम पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी नीतियों को किसी भी बाहरी दबाव के बजाय देश के लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुकूल तैयार कर रहा है, जिससे समावेशी विकास (Inclusive Growth) संभव हो पाया है।
लाइसेंस राज के पीएलपी मॉडल बनाम वर्तमान पीएलआई योजना के कड़े परिणाम
औद्योगिक क्रांति को गति देने के लिए पुरानी और दमघोंटू आर्थिक सोच को बदलना आवश्यक था। इस ऐतिहासिक परिवर्तन को पीएम मोदी ने वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 के संबोधन के दौरान प्रस्तुत किया। उन्होंने लाइसेंस राज के दौर की कठोर नीतियों की आलोचना करते हुए उसे ‘उत्पादन लिंक्ड दंड’ (Production Linked Punishment – PLP) का नाम दिया, जिसमें निर्धारित सीमा से अधिक उत्पादन करने पर कम्पनियों को सजा भुगतनी पड़ती थी और आवश्यक वस्तुओं की कृत्रिम कमी पैदा की जाती थी:
- पीएलआई (PLI) योजना की भारी सफलता: इस दमनकारी सोच को बदलते हुए सरकार ने ‘उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन’ (Production Linked Incentive – PLI) योजना को लागू किया। इस योजना के तहत अब तक ₹2.5 लाख करोड़ का प्रत्यक्ष निवेश आकर्षित हुआ है, ₹22 लाख करोड़ का घरेलू उत्पादन व बिक्री दर्ज की गई है, ₹15 लाख करोड़ का निर्यात हुआ है और 14 लाख से अधिक रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है।
- ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EoDB) में अभूतपूर्व सुधार: व्यावसायिक सुगमता को बढ़ावा देने के लिए जन विश्वास विधेयक (Jan Vishwas Bill) के माध्यम से कई मामूली तकनीकी चूकों को गैर-अपराधिक घोषित किया गया। साथ ही, लगभग 40,000 से अधिक अनुपालनों (Compliances) को समाप्त किया गया और 1,500 से अधिक पुराने औपनिवेशिक कानूनों को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है।
डिजिटल सुशासन, बैंकों के बही-खाते और बुनियादी ढांचागत प्रगति
प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और आम नागरिकों के जीवन को सुगम (Ease of Living) बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक वैधानिक सुधार किए गए हैं। विधायी सुधारों के इस बहु-विषयक ढांचे को वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 की बैठक में एक प्रमुख गेम-चेंजर के रूप में रेखांकित किया गया:
- बैंकर्स बुक एविडेंस बिल का पारित होना: संसद के हालिया मानसून सत्र में इस बिल को पारित किया गया, जिसने 19वीं सदी के पुराने ब्रिटिश कानून को प्रतिस्थापित करते हुए डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड्स को कानूनी मान्यता प्रदान की है। यह बैंकिंग प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता लाएगा और मुकदमों को कम करेगा।
- रेलवे सुरक्षा और स्वच्छता का आधुनिकीकरण: रेलवे में संवेदनशीलता दिखाते हुए 6,500 से अधिक स्टेशनों और 10,000 लेवल क्रॉसिंग्स पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम स्थापित किया गया। साथ ही, लगभग 9,000 मानव रहित क्रॉसिंग्स को मिशन-मोड पर समाप्त करके रेल दुर्घटनाओं में पूर्व की तुलना में 90% तक की भारी कमी लाई गई है। इसके अलावा, ट्रेनों में 3.6 लाख से अधिक बायो-टॉयलेट स्थापित कर पटरियों पर मानव अपशिष्ट गिरने की समस्या को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
- नमो भारत और मेट्रो की समयबद्धता: दिल्ली-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल और दिल्ली मेट्रो का 99.9% समयबद्धता (On-Time Record) के साथ चलना नए भारत के बदलते कार्य-संस्कृति का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
- सुरक्षा और अंतरिक्ष विनिर्माण में ऐतिहासिक सुधार: ड्रोन उड़ानों को विनियामक बंधनों से मुक्त किया गया है, जिसके कारण कृषि और सुरक्षा में ड्रोन का उपयोग बढ़ा है। इसके साथ ही, ‘शांति विधेयक’ के माध्यम से परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी निवेश के लिए खोल दिया गया है और 40 आयुध कारखानों को 7 आधुनिक कॉरपोरेट संस्थाओं में पुनर्गठित किया गया है, जिससे रक्षा निर्यात में 55 गुना की भारी वृद्धि दर्ज हुई है। बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) ने विगत दो वर्षों में ही 250 से अधिक महत्वपूर्ण सीमावर्ती अधोसंरचना परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया है।
- हरित ऊर्जा संक्रांति (PM Surya Ghar): मुफ्त बिजली देने की लोकप्रिय चुनावी घोषणाओं के स्थान पर, सरकार ने ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत 50 लाख से अधिक मध्यम वर्गीय परिवारों के घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित करने की योजना बनाई है। इससे परिवार न केवल अपने बिजली बिलों को शून्य कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचकर स्थायी आय भी अर्जित कर रहे हैं।
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- उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना: इसकी शुरुआत भारत को वैश्विक विनिर्माण चैंपियन बनाने और आयात निर्भरता को कम करने के लिए की गई थी। यह योजना इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल और कपड़ा सहित 14 प्रमुख क्षेत्रों के विनिर्माण को लक्षित करती है।
- बैंकर्स बुक एविडेंस बिल: यह नया कानून पुराने बैंकर्स बुक एविडेंस एक्ट, 1891 को प्रतिस्थापित करता है। यह डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंटेड मीडिया में रखे जाने वाले बैंकिंग रिकॉर्ड्स को कानूनी साक्ष्य के रूप में पूर्ण मान्यता प्रदान करता है, जो फिनटेक युग के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- जन विश्वास (प्रावधानों का सरलीकरण) अधिनियम: इसका उद्देश्य व्यापार करने में सुगमता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न मंत्रालयों के दर्जनों अधिनियमों में मामूली तकनीकी उल्लंघनों को गैर-अपराधिक (Decriminalize) घोषित करना और केवल आर्थिक जुर्माना लगाना है।
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मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र, लोक नीति, अंतर्राष्ट्रीय संबंधों और आर्थिक सुशासन के दृष्टिकोण से, वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 की यह शिखर वार्ता भारत के विकासोन्मुख आर्थिक नियोजन के संक्रमण काल को प्रदर्शित करती है। वैश्वीकरण और बहुपक्षीय तनावों के वर्तमान दौर में किसी भी विकासशील देश के लिए पूंजी निवेश आकर्षित करना और अपने नागरिकों का सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करना एक जटिल चुनौती रहा है।
इस चुनौती के समाधान के रूप में, भारत सरकार द्वारा ‘लाइसेंस राज की प्रतिबंधात्मक नीतियों’ (जैसे PLP) के स्थान पर ‘प्रोत्साहन-आधारित प्रणालियों’ (PLI) और ई-गवर्नेंस (जैसे e-Sanjeevani, FASTag, Digi Yatra, e-KYC) को लागू करना डिजिटल समावेशन (Digital Inclusion) का सबसे उत्कृष्ट उदाहरण है। जब सरकार केवल मुफ्त उपहार देने के बजाय ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के माध्यम से सौर ऊर्जा बुनियादी ढांचे का विकास करती है, तो यह देश की संप्रभुता और आर्थिक स्वावलंबन को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करता है। यह समग्र, संवेदनशील और तकनीक-सक्षम सुशासन सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG-7: सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा, SDG-9: उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा, तथा SDG-16: शांति, न्याय और मजबूत संस्थाएं) के समयबद्ध लक्ष्यों को पूरा करने में ‘विकसित भारत @ 2047’ के विजन को साकार करने की सबसे मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण वैश्विक शिखर सम्मेलन और सरकारी सुधारों पर अपनी समझ का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित हुए वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संबोधित की गई मुख्य विषयवस्तु (Theme) क्या थी, जो वैश्विक सहयोग की वकालत करती है?
(A) वन अर्थ, वन ग्रिड, वन फ्यूचर
(B) ‘साझा भविष्य’ (Shared Futures – One Earth, One Family, One Future)
(C) सतत विकास और तकनीकी सुशासन
(D) डिजिटल इंडिया @ 2047
उत्तर: (B) ‘साझा भविष्य’ (Shared Futures – One Earth, One Family, One Future)
व्याख्या: वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 का मुख्य विषय ‘साझा भविष्य’ (Shared Futures) था, जो जी-20 के ऐतिहासिक मंत्र ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ के सिद्धांतों पर आधारित है।
प्रश्न 2: हाल ही में संपन्न संसद के मानसून सत्र के दौरान पारित किया गया ‘बैंकर्स बुक एविडेंस बिल’ (Bankers’ Books Evidence Bill) किस ऐतिहासिक औपनिवेशिक कानून को प्रतिस्थापित कर डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड्स को कानूनी मान्यता प्रदान करता है?
(A) बैंकर्स बुक एविडेंस एक्ट, 1891 (Bankers’ Books Evidence Act, 1891)
(B) इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया चार्टर, 1921
(C) भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934
(D) बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949
उत्तर: (A) बैंकर्स बुक एविडेंस एक्ट, 1891 (Bankers’ Books Evidence Act, 1891)
व्याख्या: नया कानून पुराने 1891 के बैंकर्स बुक एविडेंस एक्ट को प्रतिस्थापित करता है। यह आधुनिक डिजिटल युग के अनुरूप बैंकों के प्रिंटआउट और इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस को कानूनी साक्ष्य के रूप में पूर्ण मान्यता प्रदान करता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 का मुख्य विषय (Theme) क्या था और इसे किसने संबोधित किया?
वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 का मुख्य विषय ‘साझा भविष्य’ (Shared Futures) था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और कई अंतरराष्ट्रीय राजनयिक व व्यापारिक नेता शामिल हुए।
Q2. प्रधानमंत्री ने ‘लाइसेंस राज’ की विसंगतियों को किस प्रकार परिभाषित किया और वर्तमान सुधारों से इसकी क्या तुलना है?
पीएम मोदी ने पुराने लाइसेंस राज की कठोर नीतियों को ‘उत्पादन लिंक्ड दंड’ (PLP) बताया, जहाँ अधिक उत्पादन करने पर सजा मिलती थी। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने ‘उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन’ (PLI) योजना को लागू किया है, जिसने देश में ₹2.5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित कर 14 लाख से अधिक रोजगार उत्पन्न किए हैं।
Q3. ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ किस प्रकार एक दीर्घकालिक और पर्यावरण-अनुकूल सुधार है?
यह योजना केवल मुफ्त बिजली की घोषणा करने के बजाय, 50 लाख से अधिक परिवारों के घरों की छतों पर सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए वित्तीय सब्सिडी देती है। इससे परिवार न केवल मुफ्त बिजली पाते हैं, बल्कि बची हुई अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचकर स्थायी आय भी कमाते हैं।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- वैश्विक आर्थिक मंच पर भारत का डंका: वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 के ऐतिहासिक मंच से प्रधानमंत्री ने देश के 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने के कड़े सांख्यिकीय आंकड़े साझा किए और भारत को वैश्विक विकास का सबसे उज्ज्वल गंतव्य घोषित किया।
- प्रतिबंधात्मक नीतियों से प्रोत्साहन की ओर संक्रमण: पूर्ववर्ती दमनकारी ‘पीएलपी’ (PLP) मॉडल को पूरी तरह से विस्थापित कर ‘पीएलआई’ (PLI) योजना और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत 40,000 अनुपालनों को समाप्त करना औद्योगिक विकास का मुख्य आधार बन गया है।
- तकनीकी और संवेदनशील सुशासन: रेलवे में 3.6 लाख बायो-टॉयलेट्स की स्थापना, ई-संजीवनी के माध्यम से 50 करोड़ टेली-परामर्श, और सौर ऊर्जा के माध्यम से ‘सूरज ऑन एवरी रूफ’ (Surya Ghar) का संकल्प दिखाता है कि सरकारी नीतियों के केंद्र में मानवीय संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण सर्वोपरि हैं।
UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-5 (भारतीय अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास नीतियां, बजट और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं) तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सरकारी नीतियां और उनका क्रियान्वयन, महत्वपूर्ण विधेयक – बैंकर्स बुक बिल, ई-गवर्नेंस के अनुप्रयोग, लोक सेवा की भूमिका और सुशासन सुधार) और सामान्य अध्ययन पेपर-3 (औद्योगिक नीति, पीएलआई योजना, विनिर्माण क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, ढांचागत विकास और समावेशी विकास) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और अनिवार्य समसामयिक नीति व अर्थव्यवस्था विषय है।
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह लेख भारत सरकार के नीति आयोग, पत्र सूचना कार्यालय (PIB Delhi), केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय, रेल मंत्रालय और इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 की आधिकारिक संयुक्त विज्ञप्ति और विवरणों पर आधारित है।