दस साल के सफर पर CGJDPA का बड़ा आयोजन: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बच्चों के साथ बैठकर किया भोजन

श्याम बिहारी जायसवाल श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर, 23 अगस्त। छत्तीसगढ़ जुवेनाइल डायबिटीज पेरेंट्स एसोसिएशन (CGJDPA) ने अपनी निरंतर सेवा के सफल 10 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्री निरंजन धर्मशाला में एक विशाल शिक्षा एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल शामिल हुए। कार्यक्रम का सबसे भावुक और आत्मीय क्षण वह रहा, जब मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने टाइप-1 डायबिटीज (T1D) से जूझ रहे सभी बच्चों के साथ जमीन पर एक ही पंक्ति में बैठकर भोजन किया। इस संवेदनशील पहल ने उपस्थित बच्चों और उनके अभिभावकों का दिल छू लिया।

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने सरकार की ओर से दी जा रही मुफ्त ग्लूकोमीटर सुविधा की जानकारी दी और मौके पर ही 20 जरूरतमंद बच्चों को ग्लूकोमीटर वितरित किए। इस राज्य स्तरीय शिविर में कुल 125 बच्चों का पंजीयन हुआ और लगभग 100 परिवारों ने भाग लिया।


CGJDPA के 10 वर्षों का सफर: शिबाली ने रखा स्वागत उद्बोधन

कार्यक्रम की शुरुआत CGJDPA रायपुर के प्रतिनिधि श्री शिबाली के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने पिछले एक दशक के संघर्ष और उपलब्धियों का ब्योरा प्रस्तुत किया। इसके पश्चात आयोजित विशेष परिचय सत्र में सभी T1D बच्चों ने मंच पर आकर अपना परिचय दिया, जिससे पूरा माहौल अपनत्व और सामुदायिक एकजुटता से भर गया।

“बाल मधुमेह से पीड़ित बच्चों को अगर सही मार्गदर्शन, दवा और प्यार मिले तो वे जीवन में किसी भी मुकाम को हासिल कर सकते हैं। हमारी सरकार इन बच्चों के बेहतर इलाज और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता के लिए हरसंभव संवेदनशील कदम उठाएगी।”

— श्री श्याम बिहारी जायसवाल, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री

अनुभव साझाकरण सत्र में बच्चों, उनके माता-पिता और डायबिटीज के साथ सफल करियर बना चुके कामकाजी पेशेवरों ने अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि कैसे शुरुआती जांच के तनाव और दैनिक इंसुलिन प्रबंधन की चुनौतियों को पार कर पढ़ाई, खेल और करियर में नई ऊंचाइयां छुई जा सकती हैं।


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देश के शीर्ष डॉक्टरों और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट्स ने दिए दैनिक देखभाल के टिप्स

शिविर में देश और प्रदेश के जाने-माने विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से परिवारों को बाल मधुमेह प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया:

  • इंसुलिन थेरेपी एवं स्टोरेज: एम्स (AIIMS) रायपुर की डॉ. सिमरन स्याल ने इंसुलिन के सही रखरखाव, स्टोरेज तापमान और इंजेक्शन लगाने की सटीक तकनीक समझाई।
  • कार्बोहाइड्रेट काउंटिंग व पोषण: प्रसिद्ध पोषण विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी गोयल ने संतुलित डाइट और भोजन में कार्बोहाइड्रेट गणना (Carb Counting) पर विस्तृत सत्र लिया।
  • बीमारी प्रबंधन व प्रकार: एम्स रायपुर की डॉ. नीलम यादव ने अस्वस्थता (सिक डे मैनेजमेंट) के दौरान देखभाल और डायबिटीज के विभिन्न प्रकारों की जानकारी दी।
  • महिला एवं किशोरी स्वास्थ्य: देवी वीमेन एंड चाइल्ड हॉस्पिटल की डॉ. प्रीति सिंह ने किशोरियों और महिलाओं में डायबिटीज नियंत्रण पर मार्गदर्शन दिया।
  • मोटापा एवं जटिलताएं: डॉ. संजीव कुमार ने बच्चों में बढ़ते मोटापे और उससे उत्पन्न जटिलताओं पर प्रकाश डाला।
  • आंखों की सुरक्षा: नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष महोबिया ने डायबिटिक रेटिनोपैथी से बचाव और नियमित आई-चेकअप के महत्व को समझाया।
  • किशोरावस्था और नई चिकित्सा तकनीक: डॉ. बिप्लब बंद्योपाध्याय ने किशोरावस्था में मानसिक मजबूती और डॉ. तरुण मिश्रा ने विश्व स्तर पर डायबिटीज इलाज में हो रही नई खोजों की जानकारी दी। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ए. श्रीनाथ ने भी महत्वपूर्ण विचार रखे।

प्रत्येक तकनीकी सत्र के उपरांत प्रश्नोत्तर काल (Q&A) रखा गया, जिसमें अभिभावकों ने सीधे डॉक्टरों से अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।

CGJDPA
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आयोजन का मुख्य उद्देश्य: बाल मधुमेह पर बने प्रभावी मॉडल

इस राज्य स्तरीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यह स्थापित करना था कि उचित चिकित्सा, नियमित इंसुलिन, दैनिक ब्लड शुगर मॉनिटरिंग, संतुलित पोषण, शिक्षा और सामाजिक सहयोग मिलने पर टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चे भी पूरी तरह सामान्य, स्वस्थ और सार्थक जीवन जी सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ जुवेनाइल डायबिटीज पेरेंट्स एसोसिएशन (CGJDPA) विगत 10 वर्षों से प्रदेश में बाल मधुमेह (T1D) के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम करने वाली एकमात्र स्व-वित्तपोषित पंजीकृत संस्था है, जो बच्चों को निःशुल्क इंसुलिन सहायता देने के साथ परिवारों को मानसिक और सामाजिक संबल प्रदान कर रही है।


Official Source (आधिकारिक स्रोत): यह समाचार स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की उपस्थिति में आयोजित CGJDPA राज्य स्तरीय शिविर तथा छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPRCG) द्वारा 23 अगस्त 2026 को रायपुर में जारी आधिकारिक कार्यक्रम विवरण पर आधारित है।

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