रायपुर, 08 अक्टूबर: राजधानी रायपुर के सबसे प्रमुख और लोकप्रिय लैंडमार्क तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर सोशल मीडिया और आम जनता के बीच चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मामले में आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हुए दो टूक कहा है कि Telibandha Chowk Name Change (तेलीबांधा चौक नाम परिवर्तन) की खबरें पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि न तो चौक का नाम बदला जा रहा है और न ही इसके मूल स्वरूप के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की जाएगी। तेलीबांधा चौक का ऐतिहासिक नाम यथावत रहेगा, इसे केवल राज्य सरकार के ‘सेवा ज्योति संकल्प’ अभियान के तहत सुंदर और प्रेरणादायी रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्य बिंदु:
- ‘Telibandha Chowk Name Change’: सीएम विष्णु देव साय ने साफ किया—’तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा, किसी तरह का भ्रम न रखें।’
- मूल स्वरूप रहेगा सुरक्षित: चौक के पारंपरिक नाम और पहचान से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी; सिर्फ सौंदर्यीकरण होगा।
- 38 स्थानों पर संकल्प चौक: प्रदेश के 38 प्रमुख स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प’ थीम के तहत चौराहों को विकसित किया जा रहा है।
- दुर्ग प्रस्थान से पहले बयान: ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में शामिल होने और महतारी वंदन की 32वीं किस्त जारी करने से पहले मीडिया से की बात।
‘न नाम बदलेगा, न मूल स्वरूप से छेड़छाड़’: सीएम साय ने दूर किया भ्रम
गुरुवार सुबह मीडिया से औपचारिक चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तेलीबांधा चौक को लेकर उत्पन्न विवाद पर स्थिति स्पष्ट की।
मुख्यमंत्री ने कहा, “तेलीबांधा चौक रायपुर की पहचान है। शासन द्वारा प्रदेश भर के 38 प्रमुख स्थलों को ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ की अवधारणा के तहत विकसित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें तेलीबांधा चौक भी एक स्थल है। लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि चौक का नाम बदला जा रहा है। चौक का नाम ‘तेलीबांधा चौक’ ही रहेगा। नागरिकों को किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम में आने की आवश्यकता नहीं है।”
क्यों उपजा था विवाद? 7 अक्टूबर की घोषणा के बाद फैली थीं अफवाहें
दरअसल, बुधवार 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख (मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री) के रूप में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रायपुर में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई थी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों सहित 38 स्थानों और रायपुर के तेलीबांधा चौक को ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर यह मैसेज तेजी से वायरल होने लगा कि तेलीबांधा मरीन ड्राइव चौक का नाम अब बदलकर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ कर दिया गया है।
दुर्ग के ‘सेवा सेतु’ और महतारी वंदन की 32वीं किस्त का किया उल्लेख
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने आज के दुर्ग दौरे का ब्योरा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वे दुर्ग में आयोजित विशाल ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं, जहाँ से प्रदेश की 67.38 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त (₹632.40 करोड़) सीधे डीबीटी द्वारा ट्रांसफर की जाएगी। साथ ही दुर्ग जिले को ₹218 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी जाएगी।
तेलीबांधा चौक स्पष्टीकरण: एक नजर में
- लैंडमार्क: तेलीबांधा चौक (मरीन ड्राइव जंक्शन), रायपुर
- विवाद का विषय: क्या चौक का नाम बदलकर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ किया जा रहा है?
- सीएम का आधिकारिक फैसला: नाम बिल्कुल नहीं बदलेगा; तेलीबांधा चौक नाम यथावत रहेगा।
- प्रस्तावित कार्य: केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प’ थीम पर आधारित सौंदर्यीकरण और लाइट व्यवस्था।
- राज्यव्यापी दायरा: छत्तीसगढ़ के कुल 38 स्थानों पर विकसित हो रहे हैं ऐसे संकल्प चौक।
- संबद्ध संदर्भ: पीएम मोदी के 25 साल के सेवाकाल पर चल रहा सेवा संकल्प अभियान।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या रायपुर के तेलीबांधा चौक का नाम बदला जा रहा है?
नहीं, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कर दिया है कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। इसका नाम यथावत रहेगा और किसी भ्रम की आवश्यकता नहीं है।
तेलीबांधा चौक पर किस तरह का विकास कार्य किया जाएगा?
चौक के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ किए बिना इसे ‘सेवा ज्योति संकल्प’ थीम पर केवल सुंदर बनाया जाएगा, जहाँ प्रेरणादायी ज्योति और कलाकृतियां स्थापित होंगी।
छत्तीसगढ़ में कुल कितने ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ विकसित किए जा रहे हैं?
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों सहित कुल 38 प्रमुख स्थानों पर सेवा ज्योति संकल्प चौक विकसित किए जा रहे हैं।
तेलीबांधा चौक के नाम बदलने की अफवाह क्यों फैली थी?
7 अक्टूबर को सेवा ज्योति यात्रा के दौरान सीएम द्वारा इसे संकल्प चौक के तहत विकसित करने की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर नाम बदलने का भ्रामक प्रचार शुरू हो गया था।
स्रोत (Source): मुख्यमंत्री सचिवालय / छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur)