रायपुर, 27 अगस्त 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कैम्प कार्यालय बगिया में ‘साइंस ऑन व्हील्स’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह चलती-फिरती विज्ञानशाला स्कूलों तक वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग और प्रदर्शनियां पहुंचाएगी। विशेष रूप से आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों तक सीमित पहुंच वाले क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| पहल | साइंस ऑन व्हील्स — चलती-फिरती विज्ञानशाला |
| शुभारंभ | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा |
| उद्देश्य | प्रयोगों, मॉडलों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान शिक्षा |
| चार मॉड्यूल | अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास, जल निस्पंदन |
| लाभार्थी | विशेषकर सीमित संसाधन वाले क्षेत्रों के विद्यार्थी |
| संचालन राज्य | छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश |
| सहयोगी | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, प्लक्ष विश्वविद्यालय, प्लक्ष फाउंडेशन |
चार मॉड्यूल: विद्यार्थी क्या-क्या सीखेंगे?
‘साइंस ऑन व्हील्स’ में विद्यार्थियों को मुख्य रूप से चार महत्वपूर्ण मॉड्यूल से जोड़ा जाएगा:
| मॉड्यूल | विषय एवं उद्देश्य |
|---|---|
| अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी | ब्रह्मांड और अंतरिक्ष विज्ञान की रोचक दुनिया से परिचय |
| रोबोटिक्स | नई तकनीकों, नवाचार और भविष्य के तकनीकी कौशल की समझ |
| सतत विकास | पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और बेहतर भविष्य के निर्माण |
| जल निस्पंदन | स्वच्छ जल, जल संरक्षण और वैज्ञानिक समाधान — प्रयोगों के माध्यम से |
एक बार की गतिविधि नहीं, निरंतर वैज्ञानिक जुड़ाव
‘साइंस ऑन व्हील्स’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल एक बार विज्ञान के प्रयोग दिखाना नहीं, बल्कि विज्ञान, नवाचार और तकनीक के प्रति स्थायी रुचि विकसित करना है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में:
- वैज्ञानिक दृष्टिकोण: सवाल पूछने, प्रयोग करने और समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने की प्रवृत्ति
- समस्या-समाधान: तार्किक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता
- भविष्य की तैयारी: बदलती दुनिया की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रारंभिक परिचय
तीन राज्यों में संचालन
‘साइंस ऑन व्हील्स’ एक राष्ट्रीय पहल है, जिसे छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की पहल के अंतर्गत सहयोग प्रदान किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में इस पहल के माध्यम से विज्ञान की व्यावहारिक शिक्षा को विद्यार्थियों के और करीब लाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
महत्वपूर्ण परिभाषाएं
- साइंस ऑन व्हील्स: एक चलती-फिरती विज्ञानशाला, जो विशेष रूप से सुसज्जित वाहन के माध्यम से स्कूलों में वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग और प्रदर्शनियां पहुंचाती है।
- रोबोटिक्स: रोबोट के डिजाइन, निर्माण, संचालन और अनुप्रयोग से संबंधित प्रौद्योगिकी।
- सतत विकास (Sustainable Development): वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति इस प्रकार करना कि भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं की पूर्ति की क्षमता प्रभावित न हो।
- जल निस्पंदन (Water Filtration): जल से अशुद्धियों को हटाकर शुद्ध जल प्राप्त करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया।
विज्ञान शिक्षा में नवाचार: व्यापक संदर्भ
(विश्लेषण)
‘साइंस ऑन व्हील्स’ जैसी पहल भारत में विज्ञान शिक्षा की एक प्रमुख चुनौती — सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच की खाई — को पाटने का प्रयास करती है। इसे व्यापक संदर्भ में समझना महत्वपूर्ण है:
- NEP 2020 और व्यावहारिक शिक्षा: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विज्ञान शिक्षा में प्रयोगात्मक और अनुभवात्मक शिक्षण (experiential learning) पर विशेष बल दिया गया है। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ इसी दृष्टिकोण को साकार करने का प्रयास है।
- ग्रामीण-शहरी डिजिटल विभाजन: ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में प्रयोगशालाएं, वैज्ञानिक उपकरण और प्रशिक्षित शिक्षकों की कमी है। मोबाइल साइंस लैब इस अंतर को पाटने का एक व्यावहारिक समाधान है।
- अंतरिक्ष और रोबोटिक्स: भारत के बढ़ते अंतरिक्ष कार्यक्रम (गगनयान, चंद्रयान) और तकनीकी क्षेत्र में प्रगति के लिए युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक रुचि विकसित करना आवश्यक है।
हालांकि, कुछ बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है:
- निरंतरता: एक बार का भ्रमण पर्याप्त नहीं। विद्यार्थियों में स्थायी वैज्ञानिक रुचि विकसित करने के लिए नियमित और आवर्ती (repeated) भ्रमण आवश्यक होंगे।
- शिक्षक प्रशिक्षण: मोबाइल लैब के भ्रमण के बाद भी स्थानीय शिक्षकों को विज्ञान शिक्षा में प्रयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रशिक्षित करना दीर्घकालिक समाधान होगा।
- व्यापक कवरेज: तीन राज्यों में संचालन एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन भारत के लाखों ग्रामीण स्कूलों तक पहुंचने के लिए इस मॉडल का बड़े पैमाने पर विस्तार आवश्यक होगा।
UPSC/CGPSC के लिए प्रासंगिक बिंदु
यह विषय CGPSC पेपर-4 (शिक्षा नीति) और पेपर-6 (विज्ञान शिक्षा) तथा UPSC सामान्य अध्ययन पेपर-2 (शिक्षा नीति — NEP 2020) और पेपर-3 (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी) के लिए प्रासंगिक है। परीक्षा की दृष्टि से निम्नलिखित बिंदु महत्वपूर्ण हैं:
- NEP 2020 — अनुभवात्मक और प्रयोगात्मक शिक्षण
- विज्ञान शिक्षा में ग्रामीण-शहरी अंतर
- मोबाइल साइंस लैब और नवाचार
- अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास
- जल संरक्षण और स्वच्छ जल — जल जीवन मिशन
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की भूमिका
तीन प्रमुख बातें
- चलती-फिरती विज्ञानशाला: CM विष्णु देव साय ने ‘साइंस ऑन व्हील्स’ को हरी झंडी दिखाई। यह विशेष वाहन स्कूलों में वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग और प्रदर्शनियां पहुंचाएगा। विशेषकर सीमित संसाधन वाले क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ।
- चार मॉड्यूल: अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास और जल निस्पंदन — प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान सिखाया जाएगा। उद्देश्य: स्थायी वैज्ञानिक रुचि, तार्किक सोच और नवाचार की क्षमता विकसित करना।
- राष्ट्रीय पहल, तीन राज्य: छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से संचालन। NEP 2020 के अनुभवात्मक शिक्षण दृष्टिकोण को साकार करने का प्रयास।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1: ‘साइंस ऑन व्हील्स’ में कितने मॉड्यूल शामिल हैं?
(A) दो
(B) तीन
(C) चार
(D) पांच
उत्तर: (C) चार
व्याख्या: चार मॉड्यूल — अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास और जल निस्पंदन — शामिल हैं।
प्रश्न 2: ‘साइंस ऑन व्हील्स’ किन राज्यों में संचालित हो रहा है?
(A) छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड
(B) छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश
(C) छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड
(D) छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात
उत्तर: (B) छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश
व्याख्या: ‘साइंस ऑन व्हील्स’ एक राष्ट्रीय पहल है, जिसे छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में संचालित किया जा रहा है।
प्रश्न 3: ‘साइंस ऑन व्हील्स’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) केवल विज्ञान के प्रयोग दिखाना
(B) विज्ञान, नवाचार और तकनीक के प्रति स्थायी रुचि विकसित करना
(C) केवल परीक्षा की तैयारी कराना
(D) केवल अंतरिक्ष विज्ञान पढ़ाना
उत्तर: (B) विज्ञान, नवाचार और तकनीक के प्रति स्थायी रुचि विकसित करना
व्याख्या: इसका उद्देश्य केवल एक बार प्रयोग दिखाना नहीं, बल्कि विज्ञान के प्रति स्थायी रुचि, तार्किक सोच और नवाचार की क्षमता विकसित करना है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. ‘साइंस ऑन व्हील्स’ क्या है?
‘साइंस ऑन व्हील्स’ एक चलती-फिरती विज्ञानशाला है, जो विशेष रूप से सुसज्जित वाहन के माध्यम से स्कूलों में वैज्ञानिक मॉडल, प्रयोग और प्रदर्शनियां पहुंचाती है। इसमें अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास और जल निस्पंदन — चार मॉड्यूल शामिल हैं।
Q2. इस पहल का लाभ किन विद्यार्थियों को मिलेगा?
विशेष रूप से आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों तक सीमित पहुंच वाले क्षेत्रों — ग्रामीण, दूरस्थ और आदिवासी अंचलों — के विद्यार्थियों को इसका विशेष लाभ मिलेगा, जहां प्रयोगशालाएं और वैज्ञानिक उपकरण सीमित हैं।
Q3. ‘साइंस ऑन व्हील्स’ किन राज्यों में संचालित हो रहा है?
यह एक राष्ट्रीय पहल है, जिसे छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
Q4. इस पहल का NEP 2020 से क्या संबंध है?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विज्ञान शिक्षा में प्रयोगात्मक और अनुभवात्मक शिक्षण (experiential learning) पर विशेष बल दिया गया है। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ इसी दृष्टिकोण को साकार करने का प्रयास है — किताबों से परे, प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान सिखाना।
स्रोत
छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 27 अगस्त 2026, रायपुर।
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