रायगढ़ / रायपुर, 4 सितम्बर 2026: कहते हैं कि एक बेहतरीन शिक्षक वो होता है जो केवल किताबें नहीं पढ़ाता, बल्कि जीवन जीने का नजरिया बदल देता है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले की दो ऐसी ही समर्पित शिक्षिकाओं ने अपनी अभिनव शिक्षण शैली से पूरे राज्य के सामने एक मिसाल कायम की है। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गतिविधि आधारित शिक्षण और सामुदायिक सहभागिता के लिए श्रीमती ओमकुमारी पटेल और श्रीमती आरती साहू को प्रतिष्ठित State Teacher Award CG (राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान) के लिए चुना गया है।
इन दोनों शिक्षिकाओं के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों के लिए वर्ष 2025 में इनके सम्मान की घोषणा की गई थी। अब 5 सितम्बर 2026 को शिक्षक दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर राजभवन (रायपुर) में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल (श्री रमेन डेका) के हाथों इन्हें यह सर्वोच्च राज्य सम्मान प्रदान किया जाएगा। वर्तमान में ये दोनों ही प्रतिभाएं रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड स्थित ‘शासकीय प्राथमिक शाला सेमरा’ में सहायक शिक्षक के पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं।
इन शिक्षिकाओं ने ग्रामीण पलायन और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों को पार करते हुए न केवल बच्चों को नवोदय और एकलव्य विद्यालयों के लिए तैयार किया, बल्कि माताओं को भी स्कूल की गतिविधियों से जोड़कर शिक्षा को एक ‘जनांदोलन’ बना दिया है।
| राज्य शिक्षक सम्मान 2026: मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| सम्मान का नाम | State Teacher Award CG (घोषणा वर्ष 2025) |
| सम्मानित शिक्षिकाएं | श्रीमती ओमकुमारी पटेल और श्रीमती आरती साहू |
| वर्तमान पदस्थापना | शासकीय प्राथमिक शाला सेमरा (विकासखंड पुसौर, रायगढ़) |
| प्रमुख नवाचार (आरती साहू) | ‘माता उन्मुखी कार्य’ (माताओं को स्कूल से जोड़ना) |
| पूर्व सम्मान (ओमकुमारी पटेल) | शिक्षा दूत पुरस्कार (वर्ष 2020) |
श्रीमती ओमकुमारी पटेल: ‘शिक्षा दूत’ और समर्पण की मिसाल
श्रीमती ओमकुमारी पटेल की शिक्षकीय यात्रा 27 जून 2009 को शुरू हुई। उनकी पहली पदस्थापना प्राथमिक शाला हिरीं (सारंगढ़) में हुई थी। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) और गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों में रचनात्मकता विकसित की। इस State Teacher Award CG के पीछे उनके निम्नलिखित 100% सटीक योगदान हैं:
- छात्र की सफलता: 2013 में प्राथमिक शाला शंकरपाली (पुसौर) में स्थानांतरण के बाद, उनके मार्गदर्शन में सत्र 2019-20 में छात्र निखिल साहू का चयन ‘जवाहर नवोदय विद्यालय’ के लिए हुआ।
- कोविड-19 में शिक्षा: महामारी के दौर में भी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़े रखा।
- पूर्व सम्मान: उनके नवाचारी कार्यों के लिए वर्ष 2020 में उन्हें ‘शिक्षा दूत पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है।
- सामुदायिक कार्य: ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन की चुनौती के बीच समुदाय के सहयोग से हरित परिसर, स्वच्छता अभियान और जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई।
श्रीमती आरती साहू: ‘माता उन्मुखी कार्य’ से बदली स्कूल की तस्वीर
श्रीमती आरती साहू ने 30 जून 2009 को अपनी सेवा प्रारंभ की। वे स्नातकोत्तर (वाणिज्य), छत्तीसगढ़ी भाषा, बी.एड. एवं केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) की योग्यता रखती हैं। वे बच्चों को खेलकूद, योग, नैतिक शिक्षा के साथ-साथ ‘जवाहर नवोदय विद्यालय’ और ‘एकलव्य विद्यालय’ की तैयारी कराती हैं। उनके State Teacher Award CG के मुख्य आधार इस प्रकार हैं:
- माता उन्मुखी कार्य: उनका मानना है कि बच्चे की सफलता में मां की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने घर-घर संपर्क कर ‘लर्निंग कॉर्नर’ का निर्माण कराया और माताओं को स्कूल की गतिविधियों से जोड़ा।
- माताओं की सक्रिय भागीदारी: माताओं को कहानी सुनाने, शिक्षण सामग्री बनाने, स्थानीय त्योहारों को मिलकर मनाने और समर कैंप में शामिल किया गया, जिससे बच्चों का शैक्षणिक स्तर सुधरा।
- व्यावसायिक शिक्षा: प्रतिवर्ष समर कैंप के माध्यम से वे बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा से भी जोड़ रही हैं।
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UPSC/CGPSC Static Facts: एकलव्य विद्यालय और TLM क्या है?
चूंकि इन शिक्षिकाओं को उनके नवाचारों के लिए State Teacher Award CG मिल रहा है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC Paper-7 / UPSC GS-2) के छात्रों के लिए इन पहलों से जुड़े बुनियादी (Static) तथ्य जानना आवश्यक है:
- एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS): यह जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) की एक योजना है, जिसे 1997-98 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति (ST) के बच्चों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण मुफ्त शिक्षा प्रदान करना है।
- शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM): Teaching-Learning Materials (TLM) वे उपकरण या संसाधन हैं (जैसे चार्ट, मॉडल, ऑडियो-विज़ुअल एड्स) जिनका उपयोग शिक्षक कक्षा में जटिल विषयों को सरल और रोचक बनाने के लिए करते हैं।
- शिक्षा दूत पुरस्कार: यह छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को ब्लॉक या जिला स्तर पर प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाने वाला एक महत्वपूर्ण सम्मान है।
विश्लेषण: ‘माता उन्मुखी कार्य’ प्राथमिक शिक्षा का गेम-चेंजर क्यों है?
(CGPSC Mains Analysis – Role of Women in Education)
1. स्कूल और घर के बीच का पुल: प्राथमिक शिक्षा में सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि स्कूल में बच्चा जो सीखता है, घर पर उसका अभ्यास नहीं होता। श्रीमती आरती साहू का ‘माता उन्मुखी कार्य’ (Mother Orientation) माताओं को साक्षर और जागरूक बनाता है, जिससे घर पर भी बच्चे को एक शैक्षणिक माहौल (Learning Corner) मिलता है।
2. ग्रामीण पलायन पर रोक: ग्रामीण भारत (विशेषकर रायगढ़ और सारंगढ़ के गांवों) में रोजगार के लिए मौसमी पलायन (Seasonal Migration) बहुत होता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई छूट जाती है। श्रीमती ओमकुमारी पटेल द्वारा समुदाय को साथ लेकर शिक्षा की निरंतरता बनाए रखना इस सामाजिक चुनौती का एक शानदार समाधान है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. State Teacher Award CG (2025) के लिए रायगढ़ जिले की किन दो शिक्षिकाओं को चुना गया है?
रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला सेमरा में पदस्थ सहायक शिक्षक श्रीमती ओमकुमारी पटेल और श्रीमती आरती साहू को इस राज्य स्तरीय सम्मान के लिए चुना गया है।
Q2. श्रीमती आरती साहू द्वारा शुरू किया गया ‘माता उन्मुखी कार्य’ क्या है?
यह एक नवाचारी पहल है जिसके तहत माताओं को विद्यालय की गतिविधियों (जैसे कहानी सुनाना, शिक्षण सामग्री बनाना और समर कैंप) से जोड़ा गया, जिससे बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार आया है।
Q3. श्रीमती ओमकुमारी पटेल को वर्ष 2020 में किस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था?
शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट एवं नवाचारी कार्यों, विशेषकर कोविड-19 के दौरान बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़े रखने के लिए, उन्हें वर्ष 2020 में ‘शिक्षा दूत पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था।
स्रोत (Source)
छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 04 सितम्बर 2026, रायगढ़/रायपुर।