रायपुर / सारंगढ़, 4 सितंबर 2026: कहते हैं कि एक शिक्षक का प्रभाव अनंत होता है, वह कभी नहीं बता सकता कि उसका प्रभाव कहाँ जाकर रुकेगा। इस कहावत को चरितार्थ करते हुए छत्तीसगढ़ की एक समर्पित शिक्षिका ने अपनी अभिनव शिक्षण शैली से पूरे देश में प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की होनहार शिक्षिका श्रीमती सुनीता यादव को प्रतिष्ठित National Teacher Award CG (राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान-2026) के लिए चुना गया है। सबसे खास बात यह है कि वे इस वर्ष पूरे प्रदेश से इस सर्वोच्च सम्मान के लिए चयनित होने वाली एकमात्र शिक्षिका हैं।
शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में उन्हें प्रशस्ति पत्र (Citation), शाल और चेक प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। श्रीमती सुनीता यादव ने प्राथमिक शिक्षा को केवल ब्लैकबोर्ड और चॉक तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे तकनीक, साहित्य और सिनेमाई नवाचार (Cinematic Innovation) से जोड़कर इतना रोचक बना दिया कि कक्षा के अंतिम पायदान पर बैठा बच्चा भी अब मुख्यधारा से जुड़ने लगा है।
सुनीता यादव की यह उपलब्धि साबित करती है कि यदि एक शिक्षक में संवेदनशीलता और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो एक छोटी सी शासकीय पाठशाला भी राष्ट्रीय उत्कृष्टता का केंद्र बन सकती है।
| राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान 2026: मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| चयनित शिक्षिका | श्रीमती सुनीता यादव |
| विद्यालय एवं विकासखंड | शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिचरी (बरमकेला विकासखंड) |
| जिला | सारंगढ़-बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़ |
| सम्मान का नाम | National Teacher Award CG (2026) |
| पूर्व में प्राप्त सम्मान | राज्य शिक्षक सम्मान (2024), पं. मुकुटधर पांडे अलंकरण (2025) |
डिजिटल नवाचार: दीक्षा एप से लेकर लघु फिल्मों तक
बरमकेला विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय ‘खिचरी’ में पदस्थ श्रीमती सुनीता यादव को यह National Teacher Award CG उनके अनूठे शिक्षण तरीकों के लिए दिया जा रहा है। उन्होंने बच्चों के सीखने को सरल बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया है:
- वे दीक्षा एप (Diksha App), स्टोरीवीवर (StoryWeaver), ऑडियो बुक और पॉडकास्ट (Podcast) के माध्यम से बच्चों को पढ़ाती हैं।
- उनका सबसे विशेष प्रयास लघु फिल्मों (Short Films) का निर्माण है, जिसमें वे स्वयं और उनके विद्यार्थी अभिनय (Acting) करते हैं। इन फिल्मों के जरिए जटिल विषयों को बेहद सहज ढंग से समझाया जाता है।
- उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) के परिप्रेक्ष्य में प्राथमिक विद्यालयों में आए बदलाव पर एक विस्तृत ‘शोध पत्र’ (Research Paper) भी तैयार किया है।
पोषण, समाजसेवा और प्रकृति संरक्षण में योगदान
एक शिक्षक की भूमिका स्कूल के बाहर भी होती है, जिसे श्रीमती सुनीता ने बखूबी निभाया है। उनके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी योगदान निम्नलिखित हैं:
- स्वास्थ्य और पोषण: बच्चों के पोषण के लिए वे अपने निजी खर्च से नियमित दूध उपलब्ध कराती हैं और ‘न्योता भोजन’ (Nyota Bhojan) के लिए लोगों को प्रेरित करती हैं।
- समर कैंप: उन्होंने बिलासपुर जिले में आदिवासी बच्चों के लिए आयोजित निःशुल्क ‘समर कैंप’ में अध्यापन कार्य किया है।
- समाज एवं पर्यावरण: वे प्रकृति संरक्षण के लिए ‘सीड बॉल’ (Seed Ball) का निर्माण करती हैं और देश के सैनिकों के लिए ‘राखी’ बनाने जैसे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता निभाती हैं।
पूर्व में मिल चुके हैं कई बड़े सम्मान
शिक्षा के साथ साहित्य और समाजसेवा में उनकी इस सक्रियता को पहले भी सराहा जा चुका है। उन्हें वर्ष 2024 में ‘राज्य शिक्षक सम्मान’ तथा वर्ष 2025 में ‘पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण’ से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी यह उपलब्धि उनके समर्पण और संवेदनशील शिक्षण का ही परिणाम है।
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UPSC/CGPSC Static Facts: न्योता भोजन और दीक्षा ऐप क्या है?
चूंकि शिक्षा के क्षेत्र में इस National Teacher Award CG का विशेष महत्व है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC Paper-7 / UPSC GS-2) के छात्रों के लिए इन पहलों से जुड़े बुनियादी (Static) तथ्य जानना आवश्यक है:
- राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (National Teachers’ Award): यह पुरस्कार प्रतिवर्ष 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है। इसका उद्देश्य देश के उन बेहतरीन शिक्षकों के अद्वितीय योगदान का जश्न मनाना है, जिन्होंने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है।
- न्योता भोजन (Tithi Bhojan): छत्तीसगढ़ में पीएम पोषण (PM POSHAN – मिड डे मील) योजना के तहत ‘न्योता भोजन’ की शुरुआत की गई है। इसमें समुदाय का कोई भी व्यक्ति अपने जन्मदिन, वर्षगांठ या अन्य अवसरों पर स्कूली बच्चों को अपनी ओर से पौष्टिक भोजन करा सकता है।
- दीक्षा ऐप (DIKSHA): शिक्षा मंत्रालय (MoE) द्वारा 2017 में लॉन्च किया गया ‘Digital Infrastructure for Knowledge Sharing’ (DIKSHA) एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म है, जो शिक्षकों और छात्रों को ई-लर्निंग सामग्री (QR कोडेड किताबें) प्रदान करता है।
विश्लेषण: प्राथमिक शिक्षा में शिक्षक की ‘मल्टीडायमेंशनल’ भूमिका
(CGPSC Mains Analysis – Role of Education)
1. डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) को पाटना: ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे बरमकेला के खिचरी गांव) में बच्चों के पास अक्सर स्मार्टफोन या इंटरनेट नहीं होता। ऐसे में एक शिक्षिका द्वारा ‘स्टोरीवीवर’, पॉडकास्ट और शॉर्ट फिल्मों का उपयोग कर डिजिटल कंटेंट को क्लासरूम तक लाना, ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच की खाई को पाटने का एक शानदार मॉडल है।
2. NEP 2020 का वास्तविक क्रियान्वयन: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 रटने वाली शिक्षा के बजाय प्रयोगात्मक (Experiential Learning) और कला-एकीकृत शिक्षा (Art-integrated education) पर जोर देती है। बच्चों से लघु फिल्मों में अभिनय करवाना इसका सबसे जीवंत उदाहरण है।
3. कुपोषण से लड़ाई में शिक्षक का योगदान: स्कूल में खुद के खर्चे से दूध बांटना यह सिद्ध करता है कि एक बच्चा भूखे पेट अच्छी शिक्षा ग्रहण नहीं कर सकता (Maslow’s hierarchy of needs)। यह शिक्षक की गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. वर्ष 2026 के लिए National Teacher Award CG (राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान) के लिए छत्तीसगढ़ से किसे चुना गया है?
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय ‘खिचरी’ में पदस्थ शिक्षिका श्रीमती सुनीता यादव को इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चुना गया है।
Q2. श्रीमती सुनीता यादव को इससे पूर्व किन प्रमुख सम्मानों से नवाजा जा चुका है?
श्रीमती सुनीता यादव को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2024 में ‘राज्य शिक्षक सम्मान’ और वर्ष 2025 में ‘पंडित मुकुटधर पांडे स्मृति अलंकरण’ से सम्मानित किया जा चुका है।
Q3. शिक्षण में नवाचार के लिए श्रीमती सुनीता यादव किन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करती हैं?
वे बच्चों को रोचक तरीके से पढ़ाने के लिए दीक्षा एप (Diksha App), स्टोरीवीवर, ऑडियो बुक, पॉडकास्ट और स्वयं बच्चों द्वारा अभिनीत लघु फिल्मों (Short Films) का उपयोग करती हैं।
स्रोत (Source)
छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 04 सितंबर 2026, रायपुर।
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