संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी 115 कलाकारों को सम्मानित; देखें फेलो और पुरस्कार विजेताओं की संपूर्ण सूची

संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2026 संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2026

Published on 11 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in


संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2026 की घोषणा के तहत राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 13 अगस्त 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष गरिमामयी अलंकरण समारोह में देश के 115 उत्कृष्ट कलाकारों को सम्मानित करेंगी। पत्र सूचना कार्यालय (PIB) द्वारा आज 11 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस गरिमामयी समारोह में वर्ष 2024 और 2025 के लिए संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप (अकादमी रत्न) और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार) प्रदान किए जाएंगे।

इस समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखवत, संस्कृति राज्य मंत्री श्री राव इंद्रजीत सिंह, संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल और संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। चयनित कलाकार संगीत, नृत्य, नाटक, लोक एवं जनजातीय कला, कठपुतली और रंगमंच की विभिन्न विधाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।

महत्वपूर्ण संकेतकसंगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2026 के प्रमुख तथ्य व कड़े आंकड़े
अलंकरण समारोह की तिथि व स्थान13 अगस्त 2026, विज्ञान भवन, नई दिल्ली (पूर्वाह्न 11:30 बजे)
कुल सम्मानित कलाकार115 कलाकार (वर्ष 2024 और 2025 के संयुक्त विजेता)
अकादमी फेलोशिप (अकादमी रत्न) संख्याकुल 7 प्रतिष्ठित कलाकारों को फेलोशिप प्रदान की जाएगी
फेलोशिप पुरस्कार राशि₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) नकद, ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम
अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार) राशि₹1,00,000 (एक लाख रुपये) नकद, ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम
पुरस्कारों की शुरुआत का वर्षवर्ष 1952 से निरंतर प्रदान किए जा रहे हैं (सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान)
छत्तीसगढ़ की कूटनीतिक उपलब्धियांरायगढ़ घराने के कत्थक गुरु रामलाल बरेठ (फेलोशिप) और बस्तर बैंड के संस्थापक अनूप रंजन पांडेय (लोक संगीत) शामिल

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Table of Contents

संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप (अकादमी रत्न) के विजेताओं की सूची

अकादमी फेलोशिप (Akademi Ratna) को प्रदर्शन कला (Performing Arts) के क्षेत्र में दिया जाने वाला देश का सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इस वर्ष कुल 7 महान हस्तियों को इससे सम्मानित किया जा रहा है:

  1. रामलाल बरेठ (Ramlal Bareth): कथक नृत्य (रायगढ़ घराना, छत्तीसगढ़)
  2. ए. वी. आनंद (A V Anand): कर्नाटक वाद्य संगीत
  3. रीता गांगुली (Rita Ganguly): सुगम और शास्त्रीय संगीत
  4. पुरू दाधीच (Puru Dadheech): कथक नृत्य और शास्त्र
  5. चित्तरंजन ज्योतिषी (Chittaranjan Jyotishi): हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन
  6. पसुमर्थी रट्टैया शर्मा (Pasumarthi Rattaiah Sarma): कुचिपुड़ी नृत्य
  7. सुधाराणी रघुपति (Sudharani Raghupathy): भरतनाट्यम नृत्य

वर्ष 2024 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेताओं की सूची

क. संगीत विधा (Music – 12 विजेता)

  • अरुण नागेश कशालकर (Arun Nagesh Kashalkar) – हिंदुस्तानी गायन
  • निर्मल्य डे (Nirmalya Dey) – हिंदुस्तानी गायन (ध्रुपद)
  • भारत भूषण गोस्वामी (Bharat Bhushan Goswami) – हिंदुस्तानी वाद्य (सारंगी)
  • संजय मुखर्जी (Sanjay Mukherjee) – हिंदुस्तानी वाद्य (तबला)
  • कृष्णा वागीश (Krishna Vageesh) – कर्नाटक गायन
  • एन. विजय शिव (N. Vijay Siva) – कर्नाटक गायन
  • ए. एस. कृष्णन (A S Krishnan) – कर्नाटक वाद्य (मोरचंग)
  • कोमंडुरी शेषाद्रि (Komanduri Seshadri) – कर्नाटक वाद्य (वायलिन)
  • राकेश चौरसिया (Rakesh Chaurasia) – रचनात्मक और प्रयोगात्मक (बांसुरी)
  • प्रभाती मुखर्जी (Prabhati Mukherjee) – सुगम संगीत
  • आनंद भाटे (Anand Bhate) – अभंग गायन
  • समंदर खान मांगणियार (Samandar Khan Manganiar) – मांड लोक गायन

ख. नृत्य विधा (Dance – 11 विजेता)

  • राजेश्वरी साईनाथ (Rajeswari Sainath) – भरतनाट्यम
  • बिपुल चंद्र दास (Bipul Chandra Das) – कथक
  • राजकुमारी थम्बलसाना देवी (Rajkumari Thambalsana Devi) – मणिपुरी
  • वीणा मूर्ति विजय (Veena Murthy Vijay) – कुचिपुड़ी
  • बिचित्रानंद स्वैन (Bichitrananda Swain) – ओडिसी
  • प्रेमा ओझा बोरबयान (Prema Ozah Borbayan) – सत्रिया
  • श्रीमती श्रीदेवी राजन (Sreedevi Rajan) – मोहिनीअट्टम
  • नृपेन साहिष (Nripen Sahis) – छऊ नृत्य
  • शशिधरन नायर (Shashidharan Nair) – रचनात्मक और प्रयोगात्मक
  • कलामंडलम उन्नीकृष्णन (Kalamandalam Unnikrishnan) – कथकली नृत्य संगीत
  • कुमारा सूर्य नारायण (Kumara Surya Narayana) – नृत्य संगीत

ग. रंगमंच विधा (Theatre – 10 विजेता)

  • सतीश दवे (Satish Dave) – निर्देशन
  • टी. एस. नागाभरण (T S Nagabharana) – निर्देशन
  • रवि चतुर्वेदी (Ravi Chaturvedi) – निर्देशन
  • ओम कटारे (Om Katare) – निर्देशन
  • गुम्माडी गोपाल कृष्ण राव (Gummadi Gopala Krishna Rao) – अभिनय
  • वगई चंद्रशेखर (Vagai Chanderasekar) – अभिनय
  • अरुण नलावडे (Arun Nalavde) – अभिनय
  • धीरेंद्र डी. मर्चेंट (Dhiren D Merchant) – रंगमंच प्रकाश व्यवस्था (Lighting)
  • दिनेश कुमार पोद्दार (Dinesh Kumar Poddar) – रंगमंच प्रकाश व्यवस्था (Lighting)
  • मुकुंद राम मराठे (Mukund Ram Marathe) – पारंपरिक संगीत नाटक

घ. लोक एवं पारंपरिक कला/कठपुतली/वाद्य निर्माण (Folk, Tribal & Puppetry – 13 विजेता)

  • दुशेट्टी रमैया (Dursheti Ramaiah) – लोक संगीत, तेलंगाना
  • के. मुरुगन (K Murugan) – लोक नृत्य, पुडुचेरी
  • एस. सी. शर्मा (S C Sharma) – लोक और जनजातीय संगीत, कर्नाटक
  • आत्मजीत सिंह (Atamjeet Singh) – नौटंकी, उत्तर प्रदेश
  • महेन्द्र राम (Mahendra Ram) – लोक संगीत, बिहार
  • बुटन देवी और सोमारी देवी (Butan Devi & Somari Devi) – लोक नृत्य, झारखंड (संयुक्त)
  • रणजीत कुमार नाग (Ranajit Kumar Nag) – संबलपुरी लोक नृत्य, ओडिशा
  • हवा सिंह (Hawa Singh) – लोक संगीत, हरियाणा
  • वेस्वुजो फेसाओ (Veswuzo Phesao) – लोक संगीत और नृत्य, नागालैंड
  • गुलाबो सपेरा (Gulabi Sapera) – कालबेलिया लोक नृत्य, राजस्थान
  • लोरेम्बम बेदाबती (Lourembam Bedabati) – लोक संगीत, मणिपुर
  • सुभाष नारायण नकाशे (Subhash Narayan Nakashe) – लोक नृत्य, महाराष्ट्र
  • किशोरभाई सोमाभाई मिस्त्री (Kishorbhai Somabhai Mistry) – रुद्र वीणा वाद्य निर्माण

ङ. समग्र योगदान/अन्य विधाएं (Overall Contribution – 5 विजेता)

  • टी. एस. सत्यवती (T S Sathyavathi) – संगीत में समग्र योगदान
  • वोलेटी रंगामणि (Voleti Rangamani) – नृत्य में समग्र योगदान
  • शुभदा मनोहर वरदकर (Shubhada Manohar Varadkar) – प्रदर्शन कला छात्रवृत्ति (नृत्य)
  • तपती चौधुरी (Tapati Chowdhurie) – प्रदर्शन कला समीक्षा (Critique)
  • सुनंदा नायर (Sunanda Nair) – प्रवासी भारतीय नृत्य (मोहिनीअट्टम)

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वर्ष 2025 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार विजेताओं की सूची

क. संगीत विधा (Music – 12 विजेता)

  • कृष्ण मोहन पाठक (Krishna Mohan Pathak) – हिंदुस्तानी गायन (ध्रुपद)
  • सुरेश गंधर्व (Suresh Gandharv) – हिंदुस्तानी गायन
  • शैलेश भागवत (Shailesh Bhagwat) – हिंदुस्तानी वाद्य (शहनाई)
  • ज्योति गणपति हेगड़े (Jyoti Ganpati Hegde) – हिंदुस्तानी वाद्य (रुद्र वीणा)
  • पंतुल रामा (Pantula Rama) – कर्नाटक गायन
  • पापनाशम अशोक रमणी (Papanasam Ashok Ramani) – कर्नाटक गायन
  • त्रिपुनितुरा एन. राधाकृष्णन (Tripoonithura N Radhakrishnan) – कर्नाटक वाद्य (घटम)
  • अनूर आर. अनंत कृष्ण शर्मा (Anoor R. Anantha Krishna Sharma) – कर्नाटक वाद्य (मृदंगम)
  • डी. श्रीनिवास (D. Srinivas) – कर्नाटक वाद्य (वीणा)
  • युगांतर सिंदूर (Yugantar Sindoor) – सुगम संगीत
  • सच्चिदानंद दास (Satchidananda Das) – मर्दाला वाद्य संगीत
  • सीमा अनिल सहगल (Seema Anil Sehgal) – सुगम संगीत

ख. नृत्य विधा (Dance – 12 विजेता)

  • रोजा कन्नन (Roja Kannan) – भरतनाट्यम
  • कृष्ण मोहन मिश्रा महाराज, वासवी मिश्रा और राम मोहन महाराज (Trio) – कथक (संयुक्त)
  • कलामंडलम कृष्णकुमार (Kalamandalam Krishnakumar) – कथकली
  • इरेंगबम नलिनी देवी (Irengbam Nalini Devi) – मणिपुरी
  • सीता नागाजोथी और पी. नागाजोथी (Joint) – कुचिपुड़ी (संयुक्त)
  • मल्लिका कंदाली (Mallika Kandali) – सत्रिया
  • गिरिजा चंद्रन (Girija Chandran) – मोहिनीअट्टम
  • पगुलू जेना (Pagulu Jena) – मयूरभंज छऊ नृत्य
  • कनियाल हरिप्रसाद (Kaniyal Hariprasad) – भरतनाट्यम नृत्य संगीत
  • भास्कर ज्योति ओझा (Bhaskar Jyoti Ojah) – सत्रिया नृत्य संगीत
  • एस. कुमार (S. Kumar) – भागवतमेल नृत्य नाटक

ग. रंगमंच विधा (Theatre – 10 विजेता)

  • कपिलदेव चंद्रकांत शुक्ला (Kapildev Chandrakant Shukla) – निर्देशन
  • कल्लोल भट्टाचार्य (Kallol Bhattacharyya) – निर्देशन
  • नवदीप कौर (Navdeep Kaur) – निर्देशन
  • प्रमोद ज्ञानेदेव पवार (Pramod Dnyandeo Pawar) – निर्देशन
  • सुबोध पटनायक (Subodh Patnaik) – निर्देशन
  • चेतना दास (Chetana Das) – अभिनय
  • सुरेश कुमार हज्जू (Suresh Kumar Hazzu) – अभिनय
  • माखन लाल सराफ (Makhan Lal Saraf) – अभिनय
  • अशोक पटकी (Ashok Patki) – रंगमंच संगीत निर्माण
  • ऊषा नांगियार (Usha Nangiar) – नांग्यारकूथ पारंपरिक रंगमंच

घ. लोक एवं पारंपरिक कला/कठपुतली/वाद्य निर्माण (Folk, Tribal & Puppetry – 12 विजेता)

  • अनूप रंजन पांडेय (Anup Ranjan Pandey): लोक संगीत, छत्तीसगढ़ (बस्तर बैंड के संस्थापक)
  • भेरू सिंह चौहान (Bheru Singh Chouhan) – निर्गुणी लोक संगीत, मध्य प्रदेश
  • सूर्य कुमार देबबर्मा (Surjya Kumar Debbarma) – लोक नृत्य, त्रिपुरा
  • जोगिंदर सिंह हब्बी (Joginder Singh Habbi) – लोक नृत्य, हिमाचल प्रदेश
  • रोमालो राम (Romalo Ram) – लोक संगीत और नृत्य, जम्मू-कश्मीर
  • हरमनप्रीत सिंह (Harmanpreet Singh) – लोक नृत्य, पंजाब
  • अली मोहम्मद (Ali Mohammad) – लोक संगीत, लद्दाख
  • डोमिन कारबाक (Domin Karbak) – लोक नृत्य, अरुणाचल प्रदेश
  • के. रोसियामा (K. Rosiama) – लोक नृत्य, मिजोरम
  • रानी मारिंग (Rani Maring) – पारंपरिक वाद्य निर्माण
  • सुशांत कुमार (Sushanta Kumar) – छऊ मुखौटा निर्माण (Mask Making)
  • मंगला प्रसाद शर्मा (Mangla Prasad Sharma) – पारंपरिक वाद्य निर्माण

ङ. समग्र योगदान/अन्य विधाएं (Overall Contribution – 5 विजेता)

  • कुणाल (Kunal) – रंगमंच में समग्र योगदान
  • मनीषा साठे (Maneesha Sathe) – कथक नृत्य में समग्र योगदान
  • राकेश सिन्हा (Rakesh Sinha) – कला फोटोग्राफी (Art Photography) में समग्र योगदान
  • मंजरी सिन्हा (Manjari Sinha) – प्रदर्शन कला समीक्षा (Art Critique)
  • टी. एस. नंदाकुमार (T S Nandakumar) – प्रवासी भारतीय संगीत (मृदंगम)

UPSC & CGPSC Prelims Fact Box: Sangeet Natak Akademi History & Awards

  • संगीत नाटक अकादमी (SNA): भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (अब संस्कृति मंत्रालय के अधीन) के एक प्रस्ताव द्वारा 31 मई 1952 को स्थापित देश की पहली राष्ट्रीय प्रदर्शन कला अकादमी है। इसका औपचारिक उद्घाटन 28 जनवरी 1953 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा किया गया था। इसके पहले अध्यक्ष डॉ. पी. वी. राजमन्नार थे। इसका मुख्यालय नई दिल्ली के रवींद्र भवन में स्थित है।
  • अकादमी फेलोशिप (अकादमी रत्न): यह अकादमी का सर्वोच्च सम्मान है। किसी भी एक समय में जीवित फेलो (रत्नों) की अधिकतम संख्या 40 से अधिक नहीं हो सकती।
  • रायगढ़ घराना कथक (रामलाल बरेठ): छत्तीसगढ़ का रायगढ़ कथक घराना राजा चक्रधर सिंह के संरक्षण में विकसित हुआ था। यह घराना मुख्य रूप से कथक में लयकारी, अनूठे हस्तक संचालन और तबला-पखावज के बोलों पर सुंदर पैर संचालन के लिए प्रसिद्ध है।
  • बस्तर बैंड (अनूप रंजन पांडेय): बस्तर के लुप्तप्राय लोक वाद्यों (जैसे तोड़ी, धनकुल, मुइआंग) और लोक धुनों को संरक्षित करने के लिए अनूप रंजन पांडेय द्वारा स्थापित किया गया एक अनूठा संगीतमय मंच, जिसने देश-विदेश में बस्तर की संस्कृति को ख्याति दिलाई है।

UPSC & State PCS Mains Analysis: प्रदर्शन कला का सांस्कृतिक संरक्षण और कूटनीतिक मूल्य

प्रदर्शन कलाएं (Performing Arts) किसी भी जीवंत राष्ट्र की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) की मुख्य रीढ़ होती हैं, जो राष्ट्रीय एकता, भाषाई समरसता और सॉफ्ट पावर कूटनीति (Soft Power Diplomacy) को सुदृढ़ करने का सबसे सशक्त माध्यम हैं।

मुख्य परीक्षा के दृष्टिकोण से, अकादमी द्वारा वर्ष 2024 और 2025 के लिए घोषित 115 कलाकारों की यह सूची भारत की ‘विविधता में एकता’ को व्यावहारिक रूप से प्रदर्शित करती है। रायगढ़ घराने के कथक पुरोधा गुरु रामलाल बरेठ को अकादमी फेलोशिप और छत्तीसगढ़ के अनूप रंजन पांडेय (बस्तर बैंड के प्रणेता) को लोक संगीत के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना सुदूर और जनजातीय अंचलों की कला प्रतिभाओं के राजकोषीय व सामाजिक सशक्तिकरण (Social Inclusion) को प्रमाणित करता है।

बस्तर बैंड जैसी पहलों ने बस्तर के घने वनों में सदियों से गूंजने वाले लोक वाद्यों और धुनों को संरक्षित कर उन्हें आधुनिक पीढ़ी के लिए सुलभ बनाया है। यह वनीकरण कला न केवल सांस्कृतिक संरक्षण का जरिया है, बल्कि यह पूर्व-संघर्ष प्रभावित बस्तर संभाग में ‘कला कूटनीति’ (Art Diplomacy) के माध्यम से शांति और सामाजिक विश्वास को पुनर्स्थापित करने का एक बेहतरीन सुशासनात्मक उदाहरण भी है। ऐसे राष्ट्रीय सम्मान कलाकारों को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ-साथ हमारी प्राचीन मौखिक और प्रदर्शन परंपराओं को यूनेस्को (UNESCO) मानकों के अनुसार भावी पीढ़ियों के लिए प्रलेखित करने की दिशा में सबसे मजबूत प्रशासनिक और नैतिक रीढ़ साबित होंगे।


अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पुरस्कार और कला इतिहास विषय पर अपने ज्ञान का परीक्षण करें?

प्रश्न 1: हाल ही में घोषित किए गए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2026 के कड़े प्रावधानों के अनुसार, अकादमी फेलो (अकादमी रत्न) और नियमित अकादमी पुरस्कार विजेता को क्रमशः कितनी नकद राशि प्रदान की जाती है?

(A) फेलो को ₹5,00,000 और पुरस्कार विजेता को ₹2,00,000
(B) फेलो को ₹3,00,000 और पुरस्कार विजेता को ₹1,00,000
(C) फेलो को ₹1,00,000 और पुरस्कार विजेता को ₹50,000
(D) दोनों को समान रूप से ₹2,50,000 की राशि दी जाती है

उत्तर: (B) फेलो को ₹3,00,000 और पुरस्कार विजेता को ₹1,00,000
व्याख्या: संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप (अकादमी रत्न) के विजेता को ₹3 लाख की नकद पुरस्कार राशि दी जाती है, जबकि नियमित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (अकादमी पुरस्कार) के विजेता को ₹1 लाख नकद, ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम प्रदान किया जाता है।

प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कला इतिहास के संदर्भ में, रायगढ़ कथक घराने के किस वयोवृद्ध गुरु को वर्ष 2024-2025 के प्रतिष्ठित ‘संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप’ (अकादमी रत्न) से अलंकृत किया गया है?

(A) अनूप रंजन पांडेय
(B) गुरु रामलाल बरेठ (Ramlal Bareth)
(C) तीजन बाई
(D) हबीब तनवीर

उत्तर: (B) गुरु रामलाल बरेठ (Ramlal Bareth)
व्याख्या: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ कथक घराने के महान गुरु रामलाल बरेठ को इस वर्ष प्रदर्शन कला के क्षेत्र में देश के सर्वोच्च सम्मान ‘अकादमी फेलोशिप’ (अकादमी रत्न) से अलंकृत कर सम्मानित किया गया है।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2026 का अलंकरण समारोह कब और कहाँ आयोजित किया जाएगा?

यह विशेष अलंकरण समारोह 13 अगस्त 2026 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में पूर्वाह्न 11:30 बजे आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के 115 उत्कृष्ट कलाकारों को वर्ष 2024 और 2025 के पुरस्कारों से सम्मानित करेंगी।

Q2. संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप (अकादमी रत्न) की क्या विशेषताएं हैं और इस बार कितने फेलो चुने गए हैं?

अकादमी फेलोशिप प्रदर्शन कला के क्षेत्र में दिया जाने वाला देश का सर्वोच्च सम्मान है। किसी भी एक समय में जीवित फेलो की अधिकतम संख्या 40 से अधिक नहीं हो सकती। इस वर्ष कुल 7 प्रतिष्ठित कलाकारों (जैसे छत्तीसगढ़ के कथक गुरु रामलाल बरेठ) को फेलोशिप के लिए चुना गया है।

Q3. इस वर्ष के पुरस्कारों में छत्तीसगढ़ राज्य से किन प्रमुख कला साधकों को राष्ट्रीय पहचान मिली है?

छत्तीसगढ़ से दो प्रमुख हस्तियों को चुना गया है: रायगढ़ कथक घराने के वयोवृद्ध गुरु रामलाल बरेठ को सर्वोच्च सम्मान ‘अकादमी फेलोशिप’ (अकादमी रत्न) प्रदान किया जाएगा, तथा बस्तर के पारंपरिक लोक वाद्यों और धुनों को सहेजने वाले बस्तर बैंड के प्रणेता अनूप रंजन पांडेय को वर्ष 2025 के लिए ‘लोक संगीत’ वर्ग में अकादमी पुरस्कार से नवाजा जाएगा।


तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)

  • 115 कला साधकों का राष्ट्रीय सम्मान: संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2026 के माध्यम से देश के 115 कलाकारों को राष्ट्रीय पुरस्कार और फेलोशिप प्रदान कर भारत की अमूल्य प्रदर्शन कला विरासत को सम्मानित किया जा रहा है।
  • छत्तीसगढ़ के लिए दोहरे गौरव का क्षण: रायगढ़ घराने के कथक पुरोधा गुरु रामलाल बरेठ को देश का सर्वोच्च फेलोशिप सम्मान और बस्तर बैंड के प्रणेता अनूप रंजन पांडेय को लोक संगीत के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा।
  • अमूर्त विरासत का प्रलेखन: संगीत, नृत्य, पारंपरिक रंगमंच और वाद्य यंत्रों के निर्माण में लगे कलाकारों को आर्थिक संबल और राष्ट्रीय पहचान देना भारत की सांस्कृतिक कूटनीति (Soft Power) को वैश्विक मंच प्रदान करता है।

UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)

यह विषय मुख्य रूप से संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-1 (भारतीय संस्कृति के विभिन्न रूप—नृत्य शैलियाँ, शास्त्रीय संगीत, लोक रंगमंच), सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्थाएं), तथा सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-6 (छत्तीसगढ़ का सामाजिक परिदृश्य, लोक-कला, साहित्य, संगीत और नृत्य शैलियाँ) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और अनिवार्य समसामयिक मुद्दा है।

Official Source (आधिकारिक स्रोत)

यह लेख भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, संगीत नाटक अकादमी (SNA) नई दिल्ली, और पत्र सूचना कार्यालय (PIB Delhi) द्वारा 11 अगस्त 2026 को जारी की गई आधिकारिक पुरस्कार सूची और प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

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