रायपुर, 15 अक्टूबर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा नागरिकों को उच्च-गुणवत्ता की बिजली उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर के प्रसिद्ध नागलोक क्षेत्र को एक बड़ी सौगात मिली है। जिले के फरसाबहार तहसील अंतर्गत ग्राम समडमा में 2 करोड़ 91 लाख रुपये की लागत से Samdama Power Substation Jashpur (समडमा पावर सब स्टेशन जशपुर) का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। 33/11 केवी क्षमता वाले इस नए विद्युत सब स्टेशन के चालू होने से क्षेत्र के 16 गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी और पिछले कई वर्षों से चली आ रही लो-वोल्टेज व बार-बार ट्रिपिंग की गंभीर समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Samdama Power Substation Jashpur’: फरसाबहार के ग्राम समडमा में ₹2.91 करोड़ की लागत से 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन का निर्माण जारी।
- नागलोक के 16 गांवों को सीधा लाभ: समडमा, सांको, साहिलता, बांसाझाल, छरला, मांझापारा, कोरचिकानी, लावाकेरा, जूनाडीह, जगदमपुर, रेंगारमुण्डा, जाडामल, बेलडीपा, चालडीह, जामडांड और रंगीयाडीपा में सुधरेगा वोल्टेज।
- किसानों के सिंचाई पंपों को भरपूर बिजली: लो-वोल्टेज खत्म होने से खेतों में लगे ट्यूबवेल और सिंचाई मोटर बिना रुकावट चलेंगे।
- घरेलू व व्यावसायिक राहत: फ्रिज, कूलर और टीवी जैसे उपकरण आसानी से चलेंगे; ग्रामीण आटा चक्की व वेल्डिंग दुकानों को मिलेगा संबल।
- विद्यार्थियों के अध्ययन में सहूलियत: निर्बाध बिजली मिलने से स्कूली बच्चों की रात की पढ़ाई और ऑनलाइन शिक्षा होगी आसान।
Samdama Power Substation Jashpur: ₹2.91 करोड़ से 33/11 केवी सब स्टेशन का निर्माण
जशपुर जिले का फरसाबहार ब्लॉक अपनी विशेष भौगोलिक बनावट और सघन वन क्षेत्र के कारण ‘नागलोक’ के नाम से जाना जाता है। इस क्षेत्र में लंबी ट्रांसमिशन लाइनों के कारण अंतिम छोर के गांवों तक पहुंचते-पहुंचते बिजली का वोल्टेज अत्यधिक गिर जाता था।
Samdama Power Substation Jashpur परियोजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (CSPDCL) द्वारा आधुनिक ट्रांसफार्मर, 33 केवी इनकमिंग लाइन और 11 केवी आउटगोइंग फीडर्स का निर्माण कराया जा रहा है। कुल ₹2.91 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे इस सब स्टेशन से स्थानीय स्तर पर बिजली का दबाव संतुलित होगा, जिससे तकनीकी फॉल्ट होने पर पूरे इलाके की बत्ती गुल नहीं होगी।
नागलोक अंचल के इन 16 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ: दूर होगी लो-वोल्टेज की समस्या
इस सब स्टेशन के क्रियाशील होते ही फरसाबहार क्षेत्र के 16 गांवों की विद्युत आपूर्ति सीधे इस नए ग्रिड से जोड़ दी जाएगी:
- लाभान्वित 16 गांव: समडमा, सांको, साहिलता, बांसाझाल, छरला, मांझापारा, कोरचिकानी, लावाकेरा, जूनाडीह, जगदमपुर, रेंगारमुण्डा, जाडामल, बेलडीपा, चालडीह, जामडांड और रंगीयाडीपा।
- घरेलू उपभोक्ताओं को राहत: पहले लो-वोल्टेज के कारण शाम होते ही गांवों में बल्ब केवल टिमटिमाते थे और पंखे व मोटर नहीं चल पाते थे। नए सब स्टेशन से इन सभी गांवों में मानक 220-240 वोल्ट की स्थिर बिजली मिलेगी।
किसानों के सिंचाई पंपों और कृषि आजीविका को नई ताकत
जशपुर जिले के इस अंचल में किसान धान के अलावा बड़े पैमाने पर मौसमी सब्जियां, मिर्च, टमाटर और दलहन-तिलहन की खेती करते हैं:
- सिंचाई पंपों का निर्बाध संचालन: लो-वोल्टेज के कारण किसानों के कृषि पंप बार-बार जल जाते थे, जिससे फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पाता था।
- दोहरी फसल लेने में मदद: पर्याप्त वोल्टेज मिलने से किसान रबी सीजन और गर्मियों में भी बोरवेल चलाकर नकदी फसलों की सिंचाई कर सकेंगे, जिससे उनकी सालाना कृषि आय में वृद्धि होगी।
विद्यार्थियों की पढ़ाई और ग्रामीण छोटे व्यवसायों को गति
बेहतर विद्युत अधोसंरचना का सीधा असर ग्रामीण शिक्षा और स्वरोजगार पर पड़ेगा:
- छात्रों को राहत: परीक्षा के दिनों में बिजली कटौती और डिम लाइट की समस्या खत्म होगी, जिससे बच्चे देर रात तक पढ़ाई कर सकेंगे।
- ग्रामीण उद्योग-धंधे: गांवों में स्थित राइस मिल, आटा चक्की, बढ़ईगीरी, वेल्डिंग वर्कशॉप और मोबाइल रिपेयरिंग की दुकानों को दिनभर निर्बाध बिजली मिलेगी, जिससे युवाओं का स्वरोजगार मजबूत होगा।
“नागलोक क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या दशकों पुरानी थी। किसान अपने खेतों में पंप नहीं चला पाते थे और घरेलू उपकरण खराब हो रहे थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी ने हमारी इस पीड़ा को समझा और समडमा में ₹2.91 करोड़ के सब स्टेशन की मंजूरी दी। इस सब स्टेशन के बनने से हमारे 16 गांवों का जीवन बदल जाएगा। हम मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हैं।”— नागलोक अंचल के स्थानीय ग्रामीण एवं किसान प्रतिनिधि, फरसाबहार (जशपुर)
नागलोक अंचल और ग्रामीण विद्युत अधोसंरचना के लिए इसके क्या मायने हैं?
- तकनीकी नुकसान (AT&C Losses) में कमी: स्थानीय स्तर पर सब स्टेशन बनने से लंबी लाइनों में होने वाली बिजली की बर्बादी रुकेगी।
- तेजी से फॉल्ट सुधार: किसी एक गांव में खराबी आने पर पूरे 16 गांवों की बिजली बंद नहीं होगी; अलग-अलग फीडर होने से बिजली तुरंत बहाल होगी।
- जीवन स्तर में सुधार: सुदूर वनांचल में आधुनिक सुख-सुविधाएं पहुंचने से ग्रामीणों का जीवन आसान और सम्मानजनक बनेगा।
समडमा विद्युत सब स्टेशन परियोजना: एक नजर में
- परियोजना का नाम: समडमा 33/11 केवी विद्युत सब स्टेशन निर्माण
- स्थल: ग्राम समडमा, तहसील फरसाबहार, जिला जशपुर (नागलोक क्षेत्र)
- स्वीकृत लागत: ₹2,91,00,000 (2.91 करोड़ रुपये)
- सब स्टेशन क्षमता: 33/11 केवी (KV)
- सीधे लाभान्वित गांव: 16 गांव (समडमा, सांको, साहिलता, बांसाझाल, छरला, मांझापारा, कोरचिकानी, लावाकेरा, जूनाडीह, जगदमपुर, रेंगारमुण्डा, जाडामल, बेलडीपा, चालडीह, जामडांड, रंगीयाडीपा)
- मुख्य उद्देश्य: लो-वोल्टेज की समस्या का खात्मा, गुणवत्तापूर्ण 24×7 बिजली आपूर्ति
- प्रमुख लाभार्थी: किसान (सिंचाई पंप), घरेलू उपभोक्ता, विद्यार्थी एवं ग्रामीण उद्यमी
- प्रेरणा व निर्देश: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का जनहितैषी सुशासन मॉडल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Samdama Power Substation Jashpur का निर्माण कितनी लागत से किया जा रहा है?
Samdama Power Substation Jashpur का निर्माण जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील अंतर्गत ग्राम समडमा में कुल ₹2.91 करोड़ (2 करोड़ 91 लाख रुपये) की लागत से किया जा रहा है।
इस सब स्टेशन से कुल कितने गांवों को लाभ मिलेगा?
इस 33/11 केवी सब स्टेशन से नागलोक क्षेत्र के कुल 16 गांवों (समडमा, सांको, साहिलता, बांसाझाल, छरला, मांझापारा, कोरचिकानी, लावाकेरा, जूनाडीह, जगदमपुर, रेंगारमुण्डा, जाडामल, बेलडीपा, चालडीह, जामडांड और रंगीयाडीपा) को सीधा लाभ मिलेगा।
सब स्टेशन बनने से क्षेत्रवासियों को किस प्रमुख समस्या से राहत मिलेगी?
क्षेत्रवासियों को वर्षों से चली आ रही लो-वोल्टेज, बिजली की बार-बार ट्रिपिंग और घरेलू उपकरणों व कृषि पंपों के न चल पाने की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
किसानों को इस विद्युत सब स्टेशन से क्या फायदा होगा?
किसानों को पर्याप्त और स्थिर वोल्टेज मिलेगा, जिससे उनके सिंचाई पंप और नलकूप बिना जले चलेंगे और वे रबी व खरीफ दोनों फसलों की सुरक्षित सिंचाई कर सकेंगे।
आधिकारिक स्रोत: छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) / जिला जनसंपर्क कार्यालय (DPR), जशपुर (छत्तीसगढ़ शासन)