Rajiv Lochan College Rajim Book: उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने किया शोधग्रंथ का विमोचन; कहा- पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का बना संगम

Rajiv Lochan College Rajim Book Rajiv Lochan College Rajim Book

रायपुर, 13 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण शोध, मौलिक अकादमिक लेखन और पर्यावरण संरक्षण के वैश्विक विमर्श को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। उच्च शिक्षा एवं राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम (जिला-गरियाबंद) के प्राध्यापकों द्वारा संपादित शोधपरक पुस्तक Rajiv Lochan College Rajim Book (राजीव लोचन कॉलेज राजिम पुस्तक विमोचन)—’एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ (Environmental Management for Sustainable Development) का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का संगम आज के युग की सबसे अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि उच्च शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल बौद्धिक रूप से दक्ष बनाना नहीं, बल्कि उन्हें प्रकृति और समाज के प्रति संवेदनशील और उत्तरदायी नागरिक बनाना भी है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Rajiv Lochan College Rajim Book’: उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने ‘एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ शोधग्रंथ का किया विमोचन।
  • कुशल संपादक मंडल: महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. समीक्षा चंद्राकर, रसायन शास्त्र के डॉ. देवेन्द्र कुमार और वनस्पति शास्त्र के डॉ. सर्वेश कौशिक पटेल ने किया संपादन।
  • पर्यावरण संरक्षण का वैज्ञानिक दस्तावेज: जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और सतत विकास के वैज्ञानिक आयामों पर आधारित शोध-पत्र।
  • अकादमिक शोध को प्रोत्साहन: मंत्री श्री वर्मा ने कहा—’महाविद्यालयीन प्राध्यापकों द्वारा वैश्विक पर्यावरण पर किया गया यह मौलिक चिंतन पूरे प्रदेश के लिए गौरव है।’
  • शोधार्थियों और नीति-निर्माताओं के लिए उपयोगी: उच्च शिक्षा, प्रतियोगी छात्रों, विश्वविद्यालयीन शोधार्थियों और पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए संदर्भ ग्रंथ।

Rajiv Lochan College Rajim Book: पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का शोधपरक दस्तावेज

वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, भूजल दोहन, वनों की कटाई और बढ़ते प्रदूषण के कारण वैश्विक पारिस्थितिकी असंतुलन की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।

Rajiv Lochan College Rajim Book इन समकालीन पर्यावरणीय संकटों के समाधान के लिए वैज्ञानिक और व्यावहारिक रोडमैप प्रस्तुत करती है। पुस्तक में सतत विकास (Sustainable Development) के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पर्यावरण प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों, वेस्ट मैनेजमेंट, ग्रीन केमिस्ट्री और जैव-विविधता संरक्षण के विभिन्न शोध-पत्रों को समाहित किया गया है, जो उच्च शिक्षा के अकादमिक जगत में मील का पत्थर साबित होंगे।

तीन प्राध्यापकों का साझा प्रयास: प्राचार्य डॉ. समीक्षा चंद्राकर के नेतृत्व में संपादन

इस महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक ग्रंथ का संपादन शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम के वरिष्ठ प्राध्यापकों के साझा बौद्धिक प्रयासों से संभव हुआ है:

  • डॉ. समीक्षा चंद्राकर (प्राचार्य): मुख्य मार्गदर्शक एवं प्रधान संपादक, जिनके नेतृत्व में महाविद्यालय में अनुसंधान का माहौल तैयार हुआ।
  • डॉ. देवेन्द्र कुमार (सहायक प्राध्यापक, रसायन शास्त्र): सह-संपादक, जिन्होंने पर्यावरण प्रदूषण के रासायनिक प्रभाव और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर शोध संयोजन किया।
  • डॉ. सर्वेश कौशिक पटेल (सहायक प्राध्यापक, वनस्पति शास्त्र): सह-संपादक, जिन्होंने पारिस्थितिक तंत्र, फ्लोरा संरक्षण और सतत विकास के जैविक पहलुओं का संपादन किया।

उच्च शिक्षा मंत्री ने तीनों प्राध्यापकों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ जिले के शासकीय कॉलेज में इस स्तर का शोध कार्य होना राज्य की बौद्धिक क्षमता का प्रमाण है।


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‘प्रकृति के प्रति संवेदनशील नागरिक बनाना शिक्षा का ध्येय’: मंत्री टंक राम वर्मा

विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने शिक्षा व्यवस्था के मूल उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि डिग्री हासिल करना केवल आजीविका का साधन हो सकता है, लेकिन वास्तविक शिक्षा वही है जो इंसान को अपनी जड़ों और धरती से जोड़े। उन्होंने कहा, “हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन साधना सबसे बड़ी चुनौती है। यदि हमारे विद्यार्थी कॉलेज स्तर से ही सतत विकास के सिद्धांतों को नहीं समझेंगे, तो भविष्य में प्राकृतिक संसाधनों का संकट गहरा जाएगा। यह शोधग्रंथ विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक नेतृत्वकर्ता बनने की प्रेरणा देगा।”

शोधार्थियों, विद्यार्थियों और उच्च शिक्षा के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • शोध का नया संदर्भ ग्रंथ (Reference Material): पर्यावरण विज्ञान, बॉटनी, केमिस्ट्री और भूगोल के शोधार्थियों को पीएच.डी. और शोध परियोजनाओं के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले आंकड़े और विश्लेषण मिलेंगे।
  • स्थानीय समस्याओं का वैश्विक परिप्रेक्ष्य: छत्तीसगढ़ के महानदी कछार, गरियाबंद के वनांचल और खनन क्षेत्रों में पर्यावरण प्रबंधन के स्थानीय मॉडल्स को समझने में आसानी होगी।
  • अन्य प्राध्यापकों को प्रेरणा: शासकीय महाविद्यालयों के अन्य शिक्षकों और शोध छात्रों में मौलिक लेखन और अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध पत्र प्रकाशित कराने की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

“छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में शोध और मौलिक चिंतन की यह नई शुरुआत अत्यंत प्रशंसनीय है। ‘एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ पुस्तक न केवल हमारी नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करेगी, बल्कि सतत विकास को जन-आंदोलन बनाने में सहायक होगी। राजिम कॉलेज के संपादक मंडल ने पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है।”— टंक राम वर्मा, राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन

पर्यावरण प्रबंधन शोधग्रंथ विमोचन: एक नजर में

  • शोधग्रंथ का नाम: एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (Environmental Management for Sustainable Development)
  • विमोचनकर्ता: श्री टंक राम वर्मा, राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
  • महाविद्यालय: शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम, जिला-गरियाबंद
  • संपादक मंडल: डॉ. समीक्षा चंद्राकर (प्राचार्य), डॉ. देवेन्द्र कुमार (रसायन शास्त्र), डॉ. सर्वेश कौशिक पटेल (वनस्पति शास्त्र)
  • नियामक विभाग: उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन
  • केंद्रीय विषय: पर्यावरण प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण
  • लक्षित पाठक: उच्च शिक्षा के विद्यार्थी, शोधार्थी, पर्यावरण विशेषज्ञ एवं नीति-निर्माता

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Rajiv Lochan College Rajim Book का विमोचन किसने किया और इसका शीर्षक क्या है?

Rajiv Lochan College Rajim Book का विमोचन उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने किया। इस शोधग्रंथ का शीर्षक ‘एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट’ (Environmental Management for Sustainable Development) है।

इस शोधग्रंथ का संपादन किन प्राध्यापकों द्वारा किया गया है?

इस पुस्तक का कुशल संपादन शासकीय राजीव लोचन पीजी कॉलेज राजिम की प्राचार्य डॉ. समीक्षा चंद्राकर, रसायन शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. देवेन्द्र कुमार तथा वनस्पति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. सर्वेश कौशिक पटेल द्वारा किया गया है।

यह पुस्तक किन विषयों और चुनौतियों पर केंद्रित है?

यह पुस्तक जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन, पारिस्थितिकी असंतुलन, हरित रसायन और सतत विकास के विभिन्न वैज्ञानिक व सामाजिक आयामों पर केंद्रित है।

उच्च शिक्षा मंत्री ने पुस्तक के विमोचन पर क्या संदेश दिया?

मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का संगम आज की सबसे बड़ी जरूरत है और यह पुस्तक विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील नागरिक बनाएगी।

आधिकारिक स्रोत: उच्च शिक्षा विभाग / शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम / जनसंपर्क विभाग, रायपुर (छत्तीसगढ़ शासन)

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