रायपुर, 13 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में प्रशासनिक हीलाहवाली और कागजी खानापूर्ति को समाप्त करने के लिए शीर्ष स्तर पर कड़ा रुख अपनाया गया है। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की मैराथन समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने Chhattisgarh CM Helpline Complaints (छत्तीसगढ़ सीएम हेल्पलाइन शिकायतें) के गुणवत्तापूर्ण निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने खुलासा किया कि सीएम हेल्पलाइन में अब तक राज्य भर से लगभग 2 लाख शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि शिकायतों का निपटारा केवल फाइलों में बंद नहीं होना चाहिए, बल्कि मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया जाए कि आम नागरिक की समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है या नहीं। इसके साथ ही बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए धान खरीदी नीति, कर्मचारी चयन मंडल को नई भर्तियों के प्रस्ताव भेजने और नवा रायपुर में सिंगापुर की तर्ज पर बॉटनिकल गार्डन विकसित करने की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Chhattisgarh CM Helpline Complaints’: अब तक दर्ज लगभग 2 लाख शिकायतों के वास्तविक समाधान के लिए फील्ड में भौतिक सत्यापन अनिवार्य।
- आगामी धान खरीदी नीति पर मंथन: खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए नीति के शेष बिंदुओं, किसान सुविधाओं और जल उपयोगिता पर चर्चा।
- कर्मचारी चयन मंडल को भर्ती प्रस्ताव: विभिन्न विभागों में खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए समय पर अधियाचन (Requisition) भेजने का आदेश।
- पारस पोर्टल और बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स: बिना किसी देरी के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को क्लीयरेंस; अमृत 2.0 और जल जीवन मिशन की समीक्षा।
- नवा रायपुर बॉटनिकल गार्डन व जंगल सफारी: आधुनिक लैंडस्केपिंग और अंतरराष्ट्रीय स्तर के हरित प्रबंधन के साथ विकसित होगा बॉटनिकल गार्डन।
- लोक सेवा गारंटी का विस्तार: सेवा सेतु और पूर्ववर्ती नागरिक सेवाओं (Predecessor Services) को कानून के दायरे में लाने पर विचार।
Chhattisgarh CM Helpline Complaints: 2 लाख शिकायतों का केवल कागजी नहीं, भौतिक सत्यापन जरूरी
मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने शासन की विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं में नागरिकों की फीडबैक व्यवस्था का कड़ा ऑडिट किया।
Chhattisgarh CM Helpline Complaints की जिलेवार और विभागवार समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पोर्टल पर शिकायतों का बंद होना (Close होना) सफलता का पैमाना नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि असली पैमाना है। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को निर्देशित किया कि वे वरिष्ठ अधिकारियों को फील्ड में भेजकर औचक भौतिक सत्यापन कराएं कि जमीनी स्तर पर राशन, पेंशन, राजस्व, सड़क और पेयजल से जुड़ी शिकायतों का समाधान हुआ है या सिर्फ कागजों में खानापूर्ति की गई है। शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता सुधारने के लिए नियमित विभागीय समीक्षा अनिवार्य कर दी गई है।
आगामी धान खरीदी नीति और जल जीवन मिशन की तैयारियों को अंतिम रूप देने का आदेश
छत्तीसगढ़ में नवंबर माह से शुरू होने वाली समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर मुख्य सचिव ने खाद्य, कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ नीतिगत बिंदुओं की समीक्षा की:
- धान खरीदी नीति 2026-27: बारदाने की उपलब्धता, उपार्जन केंद्रों में शेड और चबूतरे, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनें और किसानों के लिए टोकन व्यवस्था के नियमों को जल्द अंतिम रूप देने को कहा गया।
- जल जीवन मिशन और अमृत 2.0: जल उपयोगिता, हर घर नल जल कनेक्शन और शहरी क्षेत्रों में सीवरेज व पेयजल परियोजनाओं के बचे हुए कार्यों को बिना किसी वित्तीय या प्रशासनिक लेटलतीफी के पूरा करने के निर्देश दिए गए।
- डिजिटल क्रॉप सर्वे और टीएसपी एक्ट: 10 नवंबर की डेडलाइन के अनुरूप गिरदावरी, प्लानिंग एरिया में अनुमतियों और ट्राइबल सब-प्लान (TSP) एक्ट के कानूनी प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कर्मचारी चयन मंडल को समय पर भेजें भर्ती प्रस्ताव: युवाओं को मिलेगा रोजगार
प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए बैठक से बड़ी खबर निकलकर आई। मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक विभागों को अपनी रिक्तियों का गहन परीक्षण करने के निर्देश दिए:
उन्होंने कहा कि विभागों में स्वीकृत रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (व्यापम) को समय पर प्रस्ताव और अधियाचन भेजे जाएं। प्रस्तावों में आरक्षण रोस्टर और सेवा नियमों की पहले से सावधानीपूर्वक जांच कर ली जाए ताकि भर्ती प्रक्रियाओं में कोई कानूनी अड़चन न आए। इसके साथ ही, ‘सेवा सेतु’ पोर्टल और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई पूर्ववर्ती सेवाओं (Predecessor Services) को इसके कानूनी दायरे में लाने पर सहमति बनी, ताकि नागरिकों को समय-सीमा के भीतर सरकारी दस्तावेज मिल सकें।
पारस पोर्टल (PARAS) के प्रोजेक्ट्स और नवा रायपुर बॉटनिकल गार्डन का विकास
राज्य में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गति तेज करने के लिए ‘पारस पोर्टल’ पर दर्ज एजेंडा बिंदुओं का बिंदुवार परीक्षण किया गया:
- नवा रायपुर में बॉटनिकल गार्डन: सिंगापुर के ‘गार्डन्स बाय द बे’ के अध्ययन के आधार पर नवा रायपुर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय बॉटनिकल गार्डन की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इसमें आधुनिक लैंडस्केपिंग, दुर्लभ औषधीय पौधों का संरक्षण और पर्यटकों के लिए ईको-फ्रेंडली सुविधाएं होंगी।
- नंदनवन जंगल सफारी: एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित जंगल सफारी के प्रबंधन, वन्यजीव देखभाल और पर्यटकों की सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर अपग्रेड करने को कहा गया।
- पेंशन और प्रशिक्षण: सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों के त्वरित निपटारे और प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया।
“सीएम हेल्पलाइन आम जनता के भरोसे का सबसे बड़ा माध्यम है। जब एक नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कराता है, तो वह शासन से न्याय की उम्मीद करता है। 2 लाख शिकायतों का निराकरण केवल आंकड़ों का खेल नहीं होना चाहिए; अधिकारी फील्ड में उतरकर समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित करें। आगामी धान खरीदी नीति को किसान-अनुकूल बनाएं और विभागों में रिक्त पदों की भर्तियां शुरू करने के लिए कर्मचारी चयन मंडल को बिना किसी देरी के प्रस्ताव भेजें।”— विकासशील (IAS), मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन
समीक्षा बैठक में उपस्थित शीर्ष प्रशासनिक नेतृत्व
मंत्रालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा में राज्य के लगभग सभी विभागों के सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे:
- अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव: श्रीमती ऋचा शर्मा (ACS, पंचायत एवं ग्रामीण विकास), श्री मनीष कुमार ठाकुर (प्रमुख सचिव, विधि एवं विधायी), श्री सोनमणि बोरा (प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन)।
- मुख्यमंत्री सचिवालय व कोर सचिव: श्री पी. दयानंद (सचिव, खनिज व मुख्यमंत्री सचिवालय), श्री राहुल भगत (सचिव, सुशासन एवं अभिसरण), श्री मुकेश कुमार (सचिव, लोक निर्माण व मुख्यमंत्री सचिवालय), श्री रजत कुमार (सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग), डॉ. रोहित यादव (सचिव, वित्त एवं जनसंपर्क)।
- विभागीय सचिवगण: सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले (खाद्य), श्री अंकित आनंद (आवास एवं पर्यावरण), श्रीमती शम्मी आबिदी (राजस्व), श्री बसवराजु एस. (कौशल विकास), श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी (कृषि), श्री अविनाश चम्पावत (GAD), श्री अमित कटारिया (स्वास्थ्य), श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक (PHE), श्रीमती नेहा चम्पावत (गृह), श्री राजेश सुकुमार टोप्पो (जल संसाधन), श्री हिमशिखर गुप्ता (श्रम), श्री एस. प्रकाश (परिवहन), डॉ. एस. भारतीदासन (पर्यटन व संस्कृति), श्री यशवंत कुमार (खेल), डॉ. सारांश मित्तर (ऊर्जा) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी।
मुख्य सचिव उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक 2026: एक नजर में
- बैठक का स्वरूप: राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की समग्र विभागीय समीक्षा बैठक
- स्थान: मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर
- अध्यक्षता: मुख्य सचिव श्री विकासशील (IAS)
- सीएम हेल्पलाइन स्थिति: लगभग 2,00,000 (2 लाख) शिकायतें दर्ज; अनिवार्य भौतिक सत्यापन के निर्देश
- प्रमुख नीतिगत विषय: खरीफ धान खरीदी नीति 2026-27, जल जीवन मिशन एवं अमृत 2.0
- रोजगार व भर्ती: कर्मचारी चयन मंडल को समय पर भर्ती प्रस्ताव भेजने का आदेश
- शहरी व हरित प्रोजेक्ट्स: नवा रायपुर बॉटनिकल गार्डन, नंदनवन जंगल सफारी व पारस पोर्टल प्रोजेक्ट्स
- सुशासन सुधार: लोक सेवा गारंटी अधिनियम का विस्तार और पेंशन प्रकरणों का त्वरित निपटारा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Chhattisgarh CM Helpline Complaints को लेकर मुख्य सचिव ने क्या सख्त निर्देश दिए?
मुख्य सचिव विकासशील ने निर्देश दिए कि लगभग 2 लाख शिकायतों का निराकरण केवल कागजी न हो, बल्कि अधिकारी मौके पर जाकर समस्याओं का भौतिक सत्यापन करें और जवाबदेही के साथ वास्तविक समाधान दें।
बैठक में सरकारी भर्तियों को लेकर विभागों को क्या निर्देश दिए गए हैं?
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने रिक्त पदों का परीक्षण कर कर्मचारी चयन मंडल (व्यापम) को समय पर भर्ती प्रस्ताव और अधियाचन भेजने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
आगामी धान खरीदी और जल योजनाओं पर क्या चर्चा हुई?
बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए धान खरीदी नीति को किसान-अनुकूल बनाने, जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को समय पर पूरा करने और अमृत 2.0 परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
नवा रायपुर में किस नए पर्यावरणीय प्रोजेक्ट के विकास पर जोर दिया गया?
नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के बॉटनिकल गार्डन के सुनियोजित विकास, लैंडस्केपिंग और नंदनवन जंगल सफारी के बेहतर प्रबंधन हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
आधिकारिक स्रोत: मुख्य सचिव कार्यालय / सामान्य प्रशासन विभाग / जनसंपर्क विभाग, रायपुर (छत्तीसगढ़ शासन)