रायगढ़/रायपुर, 03 अक्टूबर: रायगढ़ के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने, इसके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर नवाचार के नए अवसर सृजित करने के लिए जिले में Raigarh AI Excellence Center (रायगढ़ एआई एक्सीलेंस सेंटर) स्थापित किया जाएगा। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने पंजरी प्लांट स्थित संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम जी ऑडिटोरियम में ‘रायगढ़ की एआई उड़ान-जागरूकता से नवाचार तक’ एक दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर यह ऐतिहासिक घोषणा की। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नया रायपुर के तकनीकी सहयोग से विकसित किया जाएगा।
मुख्य बिंदु:
- ‘Raigarh AI Excellence Center’ (रायगढ़ एआई एक्सीलेंस सेंटर) की स्थापना की आधिकारिक घोषणा; IIIT नया रायपुर देगा तकनीकी मार्गदर्शन।
- ‘रायगढ़ की एआई उड़ान’ कार्यशाला में 1,500 से अधिक छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और युवाओं ने लिया सक्रिय हिस्सा।
- युवाओं की अध्ययन और नवाचार जरूरतों के लिए नालंदा परिसर (रायगढ़) में एआई के लिए समर्पित स्पेस किया जाएगा विकसित।
- 12वीं के छात्र नैतिक अग्रवाल ने मंच से दिया ‘AI Unicorn’ का सही जवाब; वित्त मंत्री ने नकद पुरस्कार देकर बढ़ाया हौसला।
IIIT नया रायपुर के विशेषज्ञ देंगे मेंटरशिप: नालंदा परिसर में बनेगा AI स्पेस
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि आईआईआईटी नया रायपुर के सहयोग से रायगढ़ जिले में आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का संपूर्ण इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित एआई एक्सीलेंस सेंटर में एआई से संबंधित शोध, कोडिंग, डेटा साइंस और मशीन लर्निंग गतिविधियों का चरणबद्ध विस्तार किया जाएगा।
जिले के चयनित प्रतिभाशाली और तकनीकी रुचि रखने वाले युवाओं को आईआईआईटी नया रायपुर के प्रख्यात प्रोफेसरों और वैज्ञानिकों का नियमित मार्गदर्शन मिलेगा। इसके साथ ही रायगढ़ के प्रतिष्ठित नालंदा परिसर को युवाओं की आधुनिक जरूरतों के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है, जहां हाई-स्पीड कंप्यूटिंग और एआई टूल्स के साथ एक समर्पित नवाचार क्षेत्र (Dedicated AI Space) उपलब्ध कराया जाएगा ताकि युवा अपने विचारों को सीधे स्टार्टअप्स में बदल सकें।
जब मंच से गूंजा सवाल: 12वीं के छात्र नैतिक अग्रवाल ने बताया ‘AI Unicorn’ का मतलब
कार्यशाला के दौरान वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने सभागार में उपस्थित 1500 से अधिक विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने तकनीकी दुनिया से जुड़ा एक रोचक सवाल पूछा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ‘यूनिकॉर्न’ (Unicorn) का क्या अर्थ होता है?
सभागार में मौजूद कक्षा 12वीं के छात्र नैतिक अग्रवाल ने तत्काल सटीक उत्तर देते हुए बताया कि जब किसी एआई आधारित स्टार्टअप या टेक कंपनी का बाजार मूल्यांकन (Market Valuation) 1 अरब डॉलर (लगभग 8,300 करोड़ रुपये) से अधिक हो जाता है, तो उसे तकनीकी भाषा में ‘एआई यूनिकॉर्न’ कहा जाता है। छात्र के इस त्वरित और सटीक जवाब से प्रभावित होकर वित्त मंत्री ने मंच से नैतिक की पीठ थपथपाई और उन्हें मौके पर ही नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया।
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छत्तीसगढ़ का टेक परिदृश्य: सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर से जुड़ेगा रायगढ़
वित्त मंत्री ने राज्य के भविष्योन्मुखी विजन को साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भविष्य की प्रौद्योगिकियों को लेकर तेजी से नीतियां बनाई जा रही हैं। नया रायपुर में सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई और बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रगति हुई है।
उन्होंने कहा कि जब राज्य में एआई, डेटा सेंटर और चिप मैन्युफैक्चरिंग जैसे आधुनिक उद्योगों का जाल बिछेगा, तो रायगढ़ के प्रशिक्षित युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही उच्च वेतन वाले रोजगार, कोडिंग और एंटरप्रेन्योरशिप के अवसर मिलेंगे। युवाओं को केवल परंपरागत नौकरियों तक सीमित न रहकर वैश्विक स्तर की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार होना होगा।
‘इंडिया एआई मिशन’ और स्थानीय समस्याओं का समाधान: कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह कार्यशाला भारत सरकार के ‘इंडिया एआई मिशन’ (IndiaAI Mission) के अंतर्गत आईआईआईटी नया रायपुर के एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और जिला प्रशासन रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।
आईआईआईटी नया रायपुर के कुलपति एवं निदेशक प्रो. (डॉ.) ओ.पी. व्यास के नेतृत्व में आई एआई वैज्ञानिकों की टीम ने शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स और उद्योग में एआई के अनुप्रयोगों का जीवंत प्रदर्शन किया। विशेषज्ञों ने समझाया कि रायगढ़ जैसे औद्योगिक जिले में प्रदूषण नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट, माइनिंग सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में एआई एल्गोरिदम किस प्रकार गेमचेंजर साबित हो सकते हैं।
सांसद विजय बघेल ने किया रचनात्मक उपयोग का आह्वान
समारोह के विशिष्ट अतिथि दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि तकनीक एक दोधारी तलवार है; इसका सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग ही समाज को आगे ले जा सकता है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ का यह प्रयास पूरे प्रदेश के युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने का एक अनुकरणीय मॉडल है।
“चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ही करेगा। रायगढ़ में प्रस्तावित एआई एक्सीलेंस सेंटर और नालंदा परिसर का नया स्वरूप हमारे ग्रामीण और कस्बाई युवाओं को सीधे सिलिकॉन वैली के स्तर की तकनीकी समझ देगा। जब हमारे युवा एआई सीखेंगे, तभी वे स्थानीय समस्याओं का समाधान कर नए स्टार्टअप्स खड़े कर सकेंगे।”— ओ.पी. चौधरी, वित्त मंत्री एवं विधायक रायगढ़, छत्तीसगढ़
समारोह में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की गरिमामयी मौजूदगी
ऑडिटोरियम में आयोजित इस मेगा कार्यशाला में रायगढ़ महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, आईआईआईटी नया रायपुर के वैज्ञानिक, विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राध्यापक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
रायगढ़ के छात्रों, युवाओं और उद्योगों के लिए इसके क्या मायने हैं?
- विश्वस्तरीय तकनीकी मेंटरशिप: स्थानीय कॉलेज छात्रों को देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान (IIIT नया रायपुर) के प्रोफेसरों से मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग और डेटा साइंस का सीधा प्रशिक्षण मिलेगा।
- उद्योगों की समस्याओं का स्थानीय समाधान: रायगढ़ के भारी उद्योगों, पावर प्लांट्स और स्टील मिलों मेंटेनेंस, सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता के लिए स्थानीय एआई मॉडल्स विकसित किए जा सकेंगे।
- स्टार्टअप हब के रूप में पहचान: नालंदा परिसर में आधुनिक सुविधाएं मिलने से स्थानीय युवा एग्रीटेक, एडुटेक और हेल्थटेक में अपने नए एआई स्टार्टअप्स स्थापित कर सकेंगे।
‘रायगढ़ की एआई उड़ान’ कार्यशाला की मुख्य रूपरेखा
- प्रमुख घोषणा: रायगढ़ में ‘एआई एक्सीलेंस सेंटर’ (AI Center of Excellence) की स्थापना।
- तकनीकी सहयोगी: आईआईआईटी (IIIT) नया रायपुर।
- सहभागी अभियान: भारत सरकार का ‘इंडिया एआई मिशन’ (IndiaAI Mission)।
- सहभागिता: 1,500 से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक और शोधार्थी।
- नवाचार स्थल: रायगढ़ स्थित नालंदा परिसर में समर्पित एआई विंग का निर्माण।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Raigarh AI Excellence Center की स्थापना किस संस्थान के सहयोग से की जा रही है?
इसकी स्थापना भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नया रायपुर के तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन से की जा रही है।
‘रायगढ़ की एआई उड़ान’ कार्यशाला का आयोजन किस केंद्रीय मिशन के तहत हुआ?
यह कार्यशाला भारत सरकार के ‘इंडिया एआई मिशन’ (IndiaAI Mission) के अंतर्गत रायगढ़ जिला प्रशासन और आईआईआईटी नया रायपुर द्वारा आयोजित की गई।
कार्यशाला में किस छात्र को एआई यूनिकॉर्न की परिभाषा देने पर पुरस्कृत किया गया?
कक्षा 12वीं के छात्र नैतिक अग्रवाल ने एआई यूनिकॉर्न (1 अरब डॉलर से अधिक वैल्यूएशन वाला एआई स्टार्टअप) का सही उत्तर दिया, जिस पर वित्त मंत्री ने उन्हें नकद प्रोत्साहन राशि दी।
रायगढ़ के नालंदा परिसर में एआई के लिए क्या विशेष सुविधा विकसित होगी?
नालंदा परिसर में युवाओं के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट, कंप्यूटिंग लैब्स और एआई के प्रयोगों के लिए एक समर्पित स्पेस विकसित किया जाएगा।
स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / रायगढ़ जिला ब्यूरो)