Project Aao Bante Khushiyan: रायपुर में आंगनबाड़ी बच्चों संग जन्मदिन मना रहे अफसर, CMHO डॉ. मिथलेश चौधरी ने कराया न्योता भोज

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रायपुर, 06 अक्टूबर: वीआईपी कल्चर और होटलों की चकाचौंध से दूर, अब छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक अधिकारी अपने पारिवारिक खुशी के पलों को मासूम बच्चों के बीच साझा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिला प्रशासन ने एक संवेदनशील मानवीय पहल ‘प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां’ (Project Aao Bante Khushiyan) की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मिथलेश चौधरी ने अश्वनी नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में अपने परिवार संग बच्चों के साथ केक काटकर और ‘न्योता भोज’ कराकर अपना जन्मदिन मनाया।

मुख्य बिंदु:

  • ‘Project Aao Bante Khushiyan’: रायपुर जिला प्रशासन की अनूठी पहल; शासकीय अधिकारी-कर्मचारी बच्चों संग मना रहे जन्मदिन।
  • सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने अश्वनी नगर के आंगनबाड़ी केंद्र-02 में सपरिवार मनाया अपना जन्मदिवस।
  • न्योता भोज व उपहार: बच्चों को परोसा गया पौष्टिक भोजन; केक, फल, चॉकलेट, ड्राइंग बुक और स्टेशनरी का किया वितरण।
  • कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में चल रहा अभियान; प्रशासनिक अधिकारियों को सामाजिक सरोकार और सेवा से जोड़ने का प्रयास।

आंगनबाड़ी में केक और स्टेशनरी: सीएमएचओ ने सपरिवार कराया ‘न्योता भोज’

सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी आज गांधी नगर, अश्वनी नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-02 पहुंचे। यहाँ उन्होंने औपचारिक आयोजनों से इतर बेहद सादगी और आत्मीयता के साथ बच्चों के बीच बैठकर केक काटा।

डॉ. चौधरी ने आंगनबाड़ी के नन्हे-मुन्ने बच्चों को ताजे मौसमी फल, चॉकलेट, ड्राइंग बुक्स और पेंसिल किट उपहार स्वरूप भेंट की। इसके साथ ही बच्चों के लिए विशेष ‘न्योता भोज’ (सामुदायिक सहभोज) का प्रबंध किया गया। रंग-बिरंगी स्टेशनरी और उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। डॉ. चौधरी ने बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उनके साथ समय बिताया।

“जन्मदिन केवल व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति के चेहरों पर मुस्कान लाने का माध्यम होना चाहिए। जब एक प्रशासनिक अधिकारी या डॉक्टर आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाता है, तो बच्चों में अपनत्व का भाव जगता है और प्रशासन के प्रति भरोसा मजबूत होता है। ‘प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां’ हमें अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का बेहतरीन अवसर दे रहा है।”— डॉ. मिथलेश चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), रायपुर


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क्या है ‘प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां’? वीआईपी संस्कृति से जनसेवा की ओर

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अगुवाई में शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां’ का मुख्य उद्देश्य सरकारी तंत्र और वंचित वर्ग के बीच की दूरी को पाटना है।

इस अभियान के तहत जिले के डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक और अन्य सरकारी कर्मचारी अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह या पदोन्नति जैसे निजी अवसरों को सरकारी स्कूलों, बाल गृहों और आंगनबाड़ी केंद्रों में मनाते हैं। इस पहल के जरिए केंद्र सरकार की ‘न्योता भोज’ अवधारणा को भी जमीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है, जहाँ समुदाय की भागीदारी से बच्चों को अतिरिक्त पोषण आहार उपलब्ध कराया जाता है।

बच्चों के पोषण और समाज के लिए इस पहल के क्या मायने हैं?

  • कुपोषण के खिलाफ जंग में मदद: अफसरों द्वारा जन्मदिन पर दिए जाने वाले न्योता भोज में फल, दूध, मिलेट्स और पौष्टिक व्यंजन शामिल होते हैं, जिससे आंगनबाड़ी बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होता है।
  • अपनत्व और प्रेरणा: पिछड़े अंचलों और बस्तियों के बच्चे जब बड़े अधिकारियों और डॉक्टरों से सीधे रूबरू होते हैं, तो उनमें शिक्षा और बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास जागता है।
  • संवेदनशील प्रशासन: यह पहल सरकारी कर्मचारियों को जमीनी हकीकत और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को करीब से देखने व समझने का अवसर देती है।

प्रोजेक्ट ‘आओ बांटे खुशियां’: एक नजर में

  • अभियान का नाम: प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां (Project Aao Bante Khushiyan)
  • प्रशासनिक जिला: रायपुर जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ शासन
  • प्रेरणा व मार्गदर्शन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में
  • सहभागी: जिले के समस्त शासकीय अधिकारी, कर्मचारी और स्वास्थ्य अमला
  • गतिविधि: आंगनबाड़ी केंद्रों व शासकीय स्कूलों में जन्मदिन मनाना, न्योता भोज और शिक्षण सामग्री वितरण
  • उद्देश्य: सामाजिक सरोकार, सामुदायिक पोषण (न्योता भोज) और बच्चों के चेहरे पर मुस्कान

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

रायपुर जिला प्रशासन का ‘प्रोजेक्ट आओ बांटे खुशियां’ क्या है?

यह एक अभिनव सामाजिक अभियान है, जिसके तहत सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपने जन्मदिन या विशेष अवसरों को आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय स्कूलों के बच्चों संग न्योता भोज कराकर मनाते हैं।

सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने अपना जन्मदिन कहाँ मनाया?

सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने अपना जन्मदिन रायपुर के अश्वनी नगर (गांधी नगर) स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-02 के बच्चों के साथ सपरिवार मनाया।

आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘न्योता भोज’ का क्या अर्थ है?

‘न्योता भोज’ समुदाय आधारित एक ऐसी पहल है, जहाँ नागरिक या अधिकारी अपने निजी उत्सवों के अवसर पर स्कूली व आंगनबाड़ी बच्चों को पौष्टिक भोजन और फल आदि उपलब्ध कराते हैं।

इस अभियान के तहत बच्चों को क्या-क्या उपहार दिए जाते हैं?

अधिकारी अपनी स्वेच्छा से बच्चों को केक, पौष्टिक फल, चॉकलेट, ड्राइंग बुक्स, खिलौने और स्कूल स्टेशनरी किट भेंट करते हैं।

स्रोत (Source): जनसंपर्क विभाग, रायपुर (छत्तीसगढ़ शासन / रायपुर जिला प्रशासन)

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