स्वच्छता की राष्ट्रीय पहल ‘प्रगति-50’ में रायपुर और बिलासपुर शामिल: केंद्र से मिलेगी सीधी तकनीकी मदद, कचरा और सीवेज प्रबंधन होगा हाई-टेक

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रायपुर, 29 सितंबर: भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की महत्वाकांक्षी ‘प्रगति-50’ (PRAGATI-50) योजना में छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर नगर निगमों का चयन किया गया है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के चुनिंदा 50 शहरों के लिए इस राष्ट्रीय योजना का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत केंद्र सरकार दोनों शहरों में ठोस अपशिष्ट और प्रयुक्त जल (सीवेज) के वैज्ञानिक निपटान के लिए विशेष तकनीकी सहयोग, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और राष्ट्रीय स्तर की गहन मॉनिटरिंग उपलब्ध कराएगी।

मुख्य बिंदु:

  • देश के 50 प्रमुख शहरों में छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर का चयन; केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने किया शुभारंभ।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 51वीं ‘प्रगति’ बैठक के निर्देशों पर स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत शुरू हुई पहल।
  • उपयोग किए गए जल (Used Water) के उपचार, पुन: उपयोग और डोर-टू-डोर वैज्ञानिक कचरा पृथक्करण पर रहेगा जोर।
  • उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजनांदगांव से वर्चुअली जुड़े; रायपुर और बिलासपुर के स्वच्छता मित्रों को दी बधाई।

51वीं ‘प्रगति’ बैठक में पीएम मोदी के विजन से निकली योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित 51वीं ‘प्रगति’ बैठक में दिए गए निर्देशों के आधार पर इस राष्ट्रीय योजना को अमलीजामा पहनाया गया है। इसका उद्देश्य देश के तेजी से बढ़ते शहरों में स्वच्छता अधोसंरचना को मिशन मोड में मजबूत करना है।

शुभारंभ कार्यक्रम में केंद्रीय शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू नई दिल्ली से उपस्थित रहे, जबकि रायपुर की महापौर मीनल चौबे, बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी और दोनों नगर निगमों के आयुक्त ऑनलाइन सम्मिलित हुए।

सीवेज जल उपचार और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर रहेगा मुख्य फोकस

‘प्रगति-50’ के तहत दोनों शहरों में नालों और घरों से निकलने वाले गंदे पानी के शत-प्रतिशत उपचार (Treatment) और उसके औद्योगिक व बागवानी कार्यों में पुन: उपयोग (Reuse) की व्यवस्था बनाई जाएगी।

इसके साथ ही गीले और सूखे कचरे का शत-प्रतिशत वैज्ञानिक पृथक्करण, लीगेसी वेस्ट का त्वरित निपटान और आधुनिक ट्रांसफर स्टेशनों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे शहर कचरा-मुक्त बन सकें।


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केंद्र से मिलेगी अत्याधुनिक तकनीक और श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियां

चयनित शहरों को केंद्र सरकार की ओर से विशेषज्ञ कंसल्टेंट्स की सेवाएं और आधुनिक तकनीक दी जाएगी। इंदौर और सूरत जैसे देश के सबसे स्वच्छ शहरों की श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियों (Best Practices) को रायपुर और बिलासपुर की स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार लागू कराया जाएगा।

तय मानकों और संकेतकों के आधार पर दोनों नगर निगमों के स्वच्छता प्रदर्शन की मासिक समीक्षा सीधे केंद्र स्तर से की जाएगी।

“प्रगति-50 में रायपुर और बिलासपुर का चयन पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात है। यह हमारे स्वच्छता मित्रों के कठिन परिश्रम और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का सम्मान है। केंद्र सरकार के तकनीकी सहयोग से दोनों शहर स्वच्छता और जनसुविधाओं के मामले में देश के अग्रणी शहरों में अपनी जगह बनाएंगे।”— अरुण साव, उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री, छत्तीसगढ़

रायपुर और बिलासपुर के आम नागरिकों के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • जलभराव और बदबूदार नालों से राहत: प्रयुक्त जल के वैज्ञानिक उपचार से कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर बहने वाले गंदे पानी और मच्छरों के प्रकोप से मुक्ति मिलेगी।
  • कचरा उठान में सुधार: डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था हाई-टेक जीपीएस ट्रैकिंग से लैस होगी, जिससे कचरा गाड़ियां समय पर पहुंचेंगी।
  • स्वच्छ सार्वजनिक सुविधाएं: शहर के व्यस्त बाजारों, बस स्टैंडों और सार्वजनिक स्थानों पर आधुनिक सामुदायिक शौचालयों और यूरिनल्स का विस्तार होगा।
  • अन्य शहरों के लिए रोल मॉडल: इन दोनों महानगरों में विकसित होने वाला स्वच्छता मॉडल आगे चलकर राज्य के अन्य 160 से अधिक नगरीय निकायों में लागू किया जाएगा।

‘प्रगति-50’ योजना के तहत प्राथमिकता वाले 4 बड़े कार्य

  • प्रयुक्त जल प्रबंधन (Used Water Management): आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का संचालन और शोधित जल का पुनर्चक्रण।
  • स्रोत पर कचरा पृथक्करण: घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से ही सूखा, गीला और हानिकारक कचरा अलग-अलग लेना।
  • सस्टेनेबल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट: कचरे से खाद (कंपोस्ट) और रिसाइकिल होने वाली वस्तुओं का शत-प्रतिशत वैज्ञानिक निपटान।
  • जनसहभागिता व निगरानी: स्वच्छता ऐप और डिजिटल फीडबैक के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों का 24 घंटे में निवारण।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

‘प्रगति-50’ योजना में छत्तीसगढ़ के कौन-से शहर चुने गए हैं?

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘प्रगति-50’ योजना में छत्तीसगढ़ के दो प्रमुख नगर निगमों—रायपुर और बिलासपुर का चयन किया गया है।

‘प्रगति-50’ (PRAGATI-50) योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य देश के 50 प्रमुख शहरों में प्रयुक्त जल उपचार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिक स्वच्छता सेवाओं को केंद्र सरकार के तकनीकी सहयोग से सशक्त बनाना है।

इस योजना की शुरुआत किसकी पहल पर हुई है?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 51वीं ‘प्रगति’ बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत यह योजना शुरू की गई है।

स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / नगरीय प्रशासन विभाग)

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