नारायणपुर/रायपुर, 23 सितंबर 2026: सघन वनों, ऊंचे-नीचे दुर्गम पहाड़ों और जटिल भौगोलिक परिस्थितियों से घिरे छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले का ऐतिहासिक ‘अबूझमाड़’ अंचल अब स्वास्थ्य और सुशासन के क्षेत्र में बदलाव की एक नई इबारत लिख रहा है। जिस क्षेत्र में कभी अस्पताल पहुँचना ग्रामीणों के लिए एक अत्यंत कठिन और जानलेवा चुनौती हुआ करता था, वहाँ आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं अंतिम छोर के व्यक्ति के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर घर-घर पहुँच रही हैं। नारायणपुर में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत PM JANMAN MMU Abujhmad (प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान की मोबाइल मेडिकल यूनिट) सुदूर वनांचल में रहने वाले आदिवासियों के जीवन में बेहतर स्वास्थ्य और प्रशासनिक विश्वास का नया संचार कर रही है।
जनसंपर्क संचालनालय के सहायक संचालक श्री विष्णु प्रसाद वर्मा एवं सहायक संचालक श्री संत कच्छप द्वारा जारी आधिकारिक विशेष आलेख के अनुसार, 01 जनवरी से 07 सितंबर 2026 की अवधि के दौरान पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट ने नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के अत्यंत दूरस्थ गांवों में कुल 315 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए। इस सघन अभियान के माध्यम से 7,093 जरूरतमंद ग्रामीणों तक उनके गांव की चौपाल पर ही निःशुल्क जांच, उपचार, दवाइयां और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा पहुँचाई गई। इनमें से 6,944 हितग्राही विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG – अबूझमाड़िया) से संबंधित हैं।
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि ग्रामीणों को एक ही सचल वाहन (MMU) में पैथोलॉजी जांच से लेकर प्राथमिक उपचार तक की संपूर्ण सुविधाएं निःशुल्क मिलीं। शिविरों में 5,440 डायग्नोस्टिक टेस्ट, 3,744 हाइपरटेंशन स्क्रीनिंग, 1,685 मलेरिया व डेंगू जांच, 1,683 डायबिटीज जांच और 1,136 सिकल सेल जांचें संपन्न की गईं। साथ ही 244 गर्भवती माताओं को प्रसव पूर्व देखभाल (ANC) और एनीमिया पीड़ित 1,457 ग्रामीणों की जांच कर गंभीर स्थिति वाले 39 मरीजों को तत्काल उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर कर उनकी जान बचाई गई।
| पीएम जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट (अबूझमाड़): मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| पहल का नाम | PM JANMAN MMU Abujhmad (मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वास्थ्य सेवा) |
| छत्र केंद्रीय अभियान | प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) |
| समीक्षा अवधि | 01 जनवरी से 07 सितंबर 2026 |
| लक्षित विकासखंड | नारायणपुर एवं ओरछा (अबूझमाड़ क्षेत्र, जिला नारायणपुर) |
| कुल आयोजित स्वास्थ्य शिविर | 315 शिविर |
| कुल लाभान्वित ग्रामीण | 7,093 मरीज (जिनमें 6,944 विशेष रूप से कमजोर जनजाति – PVTG शामिल) |
| कुल संपन्न डायग्नोस्टिक टेस्ट | 5,440 परीक्षण (मलेरिया, डेंगू, शुगर, बीपी, सिकल सेल, टीबी) |
| उच्च संस्थानों में आपात रेफरल | गंभीर स्थिति वाले 39 मरीजों का तत्काल रेफरल |
| आलेख रचनाकार | विष्णु प्रसाद वर्मा एवं संत कच्छप (सहायक संचालक, जनसंपर्क) |
जांच से लेकर इलाज तक एक ही स्थान पर: परीक्षणों का आधिकारिक सांख्यिकीय विवरण
PM JANMAN MMU Abujhmad के माध्यम से वनांचल के आदिवासियों को विभिन्न गंभीर संक्रामक और गैर-संचारी रोगों की ऑन-साइट जांच उपलब्ध कराई गई:
- डायग्नोस्टिक एवं लैब टेस्ट: शिविरों में विभिन्न पैथोलॉजिकल विधियों से कुल 5,440 डायग्नोस्टिक टेस्ट संपन्न किए गए।
- रक्तचाप (Hypertension) स्क्रीनिंग: कुल 3,744 ग्रामीणों की बीपी जांच की गई, जिनमें 3,663 मरीज पीवीटीजी (अबूझमाड़िया) समुदाय के थे।
- मलेरिया एवं डेंगू परीक्षण: बस्तर के वनांचल में मलेरिया के प्रकोप को देखते हुए 1,685 ग्रामीणों की रैपिड किट से मलेरिया व डेंगू जांच की गई।
- मधुमेह (Diabetes) जांच: कुल 1,683 ग्रामीणों की शुगर जांच की गई, जिनमें 1,651 पीवीटीजी हितग्राही शामिल रहे।
- सिकल सेल स्क्रीनिंग: जनजातीय समाज में आनुवंशिक बीमारी सिकल सेल की रोकथाम हेतु 1,136 जांचें की गईं, जिनमें 1,118 पीवीटीजी ग्रामीण लाभान्वित हुए।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा और पोषण संबल
विशेष आलेख में बताया गया है कि अभियान के दौरान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई:
- एनीमिया जांच एवं दवा वितरण: कुल 1,457 ग्रामीणों की हीमोग्लोबिन जांच कर एनीमिया की पहचान की गई तथा रक्ताल्पता से पीड़ित 1,179 व्यक्तियों को आयरन-फोलिक एसिड (IFA) सप्लीमेंट्स वितरित किए गए।
- गर्भवती माताओं की एएनसी जांच: सुदूर वनांचल की 244 गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल (ANC) सेवाएं प्रदान की गईं, जिससे सुरक्षित संस्थागत प्रसव की राह आसान हुई।
- टीबी एवं नेत्र स्वास्थ्य: ग्रामीणों की क्षयरोग (TB) जांच और नेत्र स्वास्थ्य परीक्षण किए गए।
- आपातकालीन रेफरल सेवा: जांच के दौरान जिन 39 मरीजों की स्थिति गंभीर या जटिल पाई गई, उन्हें एमएमयू द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल उच्च चिकित्सा संस्थानों (जिला अस्पताल नारायणपुर एवं मेडिकल कॉलेज) में रेफर किया गया।
भौगोलिक दूरी का खात्मा: समय, श्रम और धन की भारी बचत
अबूझमाड़ के बीहड़ों में नदी-नालों और पगडंडियों के कारण ग्रामीण पहले सामान्य सर्दी-बुखार या बीपी-शुगर के इलाज के लिए भी 30-40 किलोमीटर पैदल चलने को विवश थे। एमएमयू ने अस्पताल और मरीज के बीच की इस भौगोलिक दूरी को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है। चौपाल पर ही निशुल्क जांच, निःशुल्क दवाइयां और डॉक्टर का परामर्श मिलने से आदिवासियों के समय, श्रम और धन की भारी बचत हो रही है। अबूझमाड़ के ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की इस सुलभ पहुंच के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन नारायणपुर के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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CGPSC/UPSC Static Facts: पीएम-जनमन, छत्तीसगढ़ की PVTGs एवं सिकल सेल मिशन
प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC GS-2 स्वास्थ्य व जनजातीय कल्याण तथा CGPSC Paper-6 सामाजिक परिदृश्य एवं जनजातीय विकास) के दृष्टिकोण से मानक तथ्य:
- पीएम-जनमन (PM-JANMAN – प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान):
- शुरुआत: 15 नवंबर 2023 (जनजातीय गौरव दिवस) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खूंटी (झारखंड) से प्रारंभ।
- बजट एवं नोडल मंत्रालय: ₹24,104 करोड़ का कुल परिव्यय (केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय नोडल)। 9 केंद्रीय मंत्रालयों के माध्यम से 11 प्रमुख बुनियादी हस्तक्षेप (आवास, पक्की सड़क, मोबाइल मेडिकल यूनिट, हर घर नल जल, सौर विद्युतीकरण आदि)।
- लक्ष्य समूह: देश के 18 राज्यों और अंडमान निकोबार के 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण।
- छत्तीसगढ़ की विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG):
- छत्तीसगढ़ में कुल 7 जनजातियों को पीवीटीजी का दर्जा प्राप्त है:
- केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित (5): अबूझमाड़िया (नारायणपुर/ओरछा), बैगा (कवर्धा/राजनांदगांव/मुंगेली), कमार (गरियाबंद), पहाड़ी कोरवा (सरगुजा/जशपुर), और बिरहोर।
- राज्य सरकार द्वारा घोषित (2): पंडो (सूरजपुर) और भुंजिया (गरियाबंद)।
- छत्तीसगढ़ में कुल 7 जनजातियों को पीवीटीजी का दर्जा प्राप्त है:
- राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन (National Sickle Cell Mission):
- 1 जुलाई 2023 को शहडोल (मध्य प्रदेश) से प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ। लक्ष्य: वर्ष 2047 तक देश के जनजातीय क्षेत्रों से सिकल सेल एनीमिया का पूर्ण उन्मूलन करना। इसमें 0 से 40 वर्ष के 7 करोड़ आदिवासियों की स्क्रीनिंग और सिकल सेल स्टेटस कार्ड वितरण शामिल है।
विश्लेषण: भौगोलिक अलगाव में ‘सचल चिकित्सा’ (Mobile Healthcare) का जनसांख्यिकीय प्रभाव
(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Public Health Delivery, Tribal Welfare & Left Wing Extremism)
1. ‘अस्पताल-केंद्रित’ (Hospital-Centric) व्यवस्था से ‘चौपाल स्वास्थ्य’ (Doorstep Health) की ओर बदलाव: अबूझमाड़ जैसे भू-भाग में कंक्रीट के बड़े अस्पताल बनाना आसान है, लेकिन डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना अत्यंत कठिन रहा है। PM JANMAN MMU Abujhmad ने स्वास्थ्य सेवा को एक गतिमान सेवा (Mobile Service) बना दिया है। डॉक्टरों, लैब तकनीशियनों और आधुनिक पोर्टेबल डायग्नोस्टिक मशीनों से लैस सचल वाहन का नदी-नालों को पार कर गांव तक पहुँचना संस्थागत उपेक्षा के उस ऐतिहासिक घाव को भरता है जिसका लाभ उग्रवादी तत्व उठाते थे।
2. पीवीटीजी (PVTG) आबादी का संरक्षण और मातृ-शिशु मृत्यु दर पर प्रहार: अबूझमाड़िया जनजाति की सीमित जनसंख्या (लगभग 20,000-25,000) के लिए मलेरिया, एनीमिया और सिकल सेल अस्तित्वगत खतरा हैं। 315 शिविरों में 6,944 पीवीटीजी आदिवासियों की स्क्रीनिंग और 244 गर्भवती महिलाओं को समय पर एएनसी जांच देना मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को नियंत्रित करने में निर्णायक सिद्ध होगा। जब किसी गंभीर रूप से बीमार 39 आदिवासियों को समय पर रेफर कर जीवनदान मिलता है, तो यह राज्य के प्रति आदिवासियों के लोकतांत्रिक विश्वास को मजबूत करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. PM JANMAN MMU Abujhmad के तहत कितने स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए और कितने ग्रामीण लाभान्वित हुए?
01 जनवरी से 07 सितंबर 2026 के बीच नारायणपुर और ओरछा में 315 स्वास्थ्य शिविर लगाकर 7,093 ग्रामीणों का इलाज किया गया, जिनमें 6,944 हितग्राही पीवीटीजी (अबूझमाड़िया) समुदाय के थे।
Q2. शिविरों में कितनी संख्या में पैथोलॉजिकल डायग्नोस्टिक टेस्ट संपन्न किए गए?
मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा कुल 5,440 डायग्नोस्टिक टेस्ट किए गए, जिनमें हाइपरटेंशन, डायबिटीज, मलेरिया, डेंगू और सिकल सेल परीक्षण शामिल थे।
Q3. केंद्र सरकार द्वारा पीएम-जनमन (PM-JANMAN) योजना की शुरुआत कब की गई थी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 नवंबर 2023 को जनजातीय गौरव दिवस पर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के समग्र विकास हेतु इस योजना की शुरुआत की गई थी।
स्रोत (Source)
श्री विष्णु प्रसाद वर्मा एवं श्री संत कच्छप, सहायक संचालक, छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Chhattisgarh) आधिकारिक विशेष लेख, 23 सितम्बर 2026.
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