PM Awas Urban Chhattisgarh: 2.25 लाख से अधिक पक्के मकान बनकर तैयार; जल्द निर्माण पूरा करने वाले हितग्राहियों को मिलेगा प्रोत्साहन

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रायपुर, 15 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य ने उल्लेखनीय वित्तीय और भौतिक प्रगति दर्ज की है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC) की उच्चस्तरीय बैठक में PM Awas Urban Chhattisgarh (पीएम आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़) के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने अधिकृत आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि योजना के तहत स्वीकृत कुल 2,43,087 मकानों में से 2 लाख 25 हजार 411 आवास शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिए गए हैं, जबकि शेष 17,368 मकानों का निर्माण तेजी से जारी है। मुख्य सचिव ने शेष सभी आवासों को समय-सीमा में पूर्ण करने के कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जो हितग्राही सक्रियता दिखाकर अपने मकान का निर्माण कार्य तेजी से पूरा कर रहे हैं, उन्हें शासन स्तर पर प्रोत्साहित किया जाए।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘PM Awas Urban Chhattisgarh’: राज्य में स्वीकृत कुल 2,43,087 शहरी आवासों में से 2,25,411 मकान बनकर पूरी तरह तैयार।
  • शेष 17,368 आवास प्रगति पर: मुख्य सचिव विकासशील ने शेष निर्माणाधीन मकानों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के दिए निर्देश।
  • जल्द निर्माण करने वाले हितग्राहियों को प्रोत्साहन: समय से पहले आवास पूर्ण करने वाले परिवारों को प्रोत्साहित करने की बनी नीति।
  • बीएलसी (BLC) घटक में 1.96 लाख पूर्ण: लाभार्थी आधारित निर्माण में 2,06,118 स्वीकृत आवासों में से 1,96,144 मकानों का कार्य समाप्त।
  • पीएम आवास शहरी 2.0 और 1.0 में संशोधन: भागीदारी में किफायती आवास (AHP) के साइट परिवर्तन और संशोधित बीएलसी परियोजनाओं को मिली मंजूरी।
  • 10 विभागों और बैंकों का साझा समन्वय: नगरीय प्रशासन, सूडा, हाउसिंग बोर्ड, हुडको (HUDCO), टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और एसएलबीसी रहे उपस्थित।

PM Awas Urban Chhattisgarh: 2,43,087 स्वीकृत आवासों में से 2.25 लाख से अधिक पूर्ण

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के दोनों चरणों (PMAY-U 1.0 एवं 2.0) की प्रगति रिपोर्ट बैठक में रखी गई।

PM Awas Urban Chhattisgarh के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 2 लाख 25 हजार 411 शहरी परिवारों को पक्के मकान की चाबी सौंपी जा चुकी है। वर्तमान में केवल 17 हजार 368 आवासों का निर्माण कार्य विभिन्न चरणों (नींव, लिंटल और छत स्तर) में प्रगति पर है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि निर्माण की गति ऐसी होनी चाहिए कि त्योहारों और आगामी महीनों में शेष बचे सभी परिवारों का अपने नए घर में गृह-प्रवेश सुनिश्चित कराया जा सके।

जल्द निर्माण पूरा करने वाले हितग्राहियों को प्रोत्साहन: मुख्य सचिव के कड़े निर्देश

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने एक अत्यंत संवेदनशील और व्यावहारिक निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि अक्सर किस्तों के मिलने के बावजूद कई कारणों से निर्माण कार्य में देरी होती है।

ऐसे में जो गरीब हितग्राही अपनी लगन और मेहनत से बिना किसी देरी के अपने मकान का निर्माण कार्य समय से पहले पूरा कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर नगरीय निकायों द्वारा सम्मानित व प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे अन्य हितग्राहियों में भी तेजी से काम पूरा करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा होगी। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हितग्राहियों को मिलने वाली निर्माण किस्तों (Geo-tagging based DBT installments) का भुगतान तकनीकी जांच के तुरंत बाद 24 से 48 घंटे के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाए ताकि फंड की कमी से काम न रुके।


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पीएम आवास योजना 2.0 और 1.0: बीएलसी (BLC) व एएचपी (AHP) परियोजनाओं में संशोधन

राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC) ने विभिन्न घटकों की तकनीकी और व्यावहारिक अड़चनों को दूर करते हुए संशोधित प्रस्तावों को मंजूरी दी:

  • बीएलसी घटक (Beneficiary Led Construction): अपनी स्वयं की जमीन पर मकान बनाने वाले इस घटक के तहत राज्य में 2,06,118 मकान स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 1,96,144 आवास पूर्ण हो चुके हैं और मात्र 9,666 आवास निर्माणाधीन हैं। योजना 1.0 के तहत जिन परियोजनाओं में अपात्रता या तकनीकी कारणों से कटौती की गई थी, उनके स्थान पर संशोधित परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई।
  • एएचपी घटक (Affordable Housing in Partnership): बिल्डरों और सरकारी एजेंसियों के सहयोग से बनने वाले मल्टी-स्टोरी किफायती आवासों के तहत कुछ स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण स्थल (Site Relocation) में परिवर्तन के प्रस्तावों का परीक्षण कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।

10 विभागों और बैंकों का साझा समन्वय: पानी, बिजली और वित्तीय अड़चनें होंगी दूर

मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि केवल चारदीवारी खड़ी कर देना ही आवास का उद्देश्य नहीं है; जब तक वहां नल से जल, बिजली और पक्की सड़क न हो, मकान रहने योग्य नहीं माना जाएगा:

  • बुनियादी सुविधाएं: ऊर्जा विभाग को विद्युतीकरण और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) को जल जीवन मिशन व अमृत 2.0 के तहत हर नए मकान तक घरेलू नल कनेक्शन पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
  • बैंक ऋण व सब्सिडी: राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) और हुडको (HUDCO) के प्रतिनिधियों से कहा गया कि वे हितग्राहियों के होम लोन और क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी (CLSS) प्रकरणों को बिना किसी अनावश्यक आपत्ति के समय पर स्वीकृत करें।

“गरीब के सिर पर अपनी पक्की छत होना उसके जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है। छत्तीसगढ़ में 2.25 लाख से अधिक शहरी आवासों का पूर्ण होना संतोषजनक है, लेकिन हमारी असली चुनौती शेष 17 हजार प्रगतिरत मकानों को रिकॉर्ड समय में पूरा कराना है। जो हितग्राही तेजी से घर बना रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित करें और किसी भी नागरिक की किस्त तकनीकी कारणों से न रुके। नगरीय प्रशासन, हाउसिंग बोर्ड और बैंक आपसी समन्वय बनाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करें।”— विकासशील (IAS), मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन (SLSMC बैठक संबोधन)

बैठक में उपस्थित शीर्ष प्रशासनिक एवं वित्तीय नेतृत्व

मंत्रालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में नगरीय विकास और आवास निर्माण से जुड़े प्रमुख अधिकारी व्यक्तिगत रूप से शामिल रहे:

  • श्री सोनमणि बोरा (प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग)
  • श्री सुमित अग्रवाल (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य शहरी विकास अभिकरण – SUDA)
  • वरिष्ठ अधिकारीगण: ऊर्जा विभाग, वित्त विभाग, आवास एवं पर्यावरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE), नगर तथा ग्राम निवेश (Town & Country Planning), छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (Housing Board), हुडको (HUDCO) तथा राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC)।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) छत्तीसगढ़ समीक्षा: एक नजर में

  • समीक्षा मंच: राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (SLSMC) बैठक
  • स्थान व तिथि: मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर (15 अक्टूबर 2026)
  • अध्यक्षता: मुख्य सचिव श्री विकासशील (IAS)
  • योजना घटक: PMAY-U 1.0 एवं PMAY-U 2.0 (BLC एवं AHP घटक)
  • कुल स्वीकृत आवास (PMAY-U): 2,43,087 मकान
  • कुल पूर्ण आवास: 2,25,411 मकान (लगभग 93% पूर्णता दर)
  • प्रगतिरत आवास: 17,368 मकान
  • बीएलसी (BLC) घटक स्थिति: 2,06,118 स्वीकृत | 1,96,144 पूर्ण | 9,666 प्रगतिरत
  • प्रमुख नीतिगत निर्णय: तेजी से आवास बनाने वाले हितग्राहियों को प्रोत्साहन और AHP साइट संशोधन को मंजूरी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

PM Awas Urban Chhattisgarh के तहत अब तक कितने मकान पूरी तरह बन चुके हैं?

PM Awas Urban Chhattisgarh के तहत राज्य में कुल स्वीकृत 2,43,087 मकानों में से 2 लाख 25 हजार 411 (2,25,411) पक्के आवास पूरी तरह से पूर्ण हो चुके हैं और 17,368 आवासों का निर्माण प्रगति पर है।

मुख्य सचिव विकासशील ने हितग्राहियों के लिए क्या विशेष निर्देश दिए हैं?

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत जो हितग्राही अपना मकान तेजी से और समय से पहले पूरा कर रहे हैं, उन्हें शासन स्तर पर प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाए।

बीएलसी (BLC – Beneficiary Led Construction) घटक की क्या स्थिति है?

बीएलसी घटक के तहत स्वीकृत कुल 2,06,118 निजी मकानों में से 1,96,144 मकान पूरी तरह बनकर तैयार हो चुके हैं और केवल 9,666 मकानों का कार्य विभिन्न चरणों में जारी है।

बैठक में किन प्रमुख विभागों और वित्तीय संस्थाओं ने भाग लिया?

बैठक में नगरीय प्रशासन, सूडा, ऊर्जा, वित्त, आवास एवं पर्यावरण, पीएचई, राजस्व, हाउसिंग बोर्ड, हुडको (HUDCO) और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

आधिकारिक स्रोत: राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) / नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग / जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन

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