नवा रायपुर में 250 करोड़ से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट: CM साय ने सौंपी 10 एकड़ जमीन, सेवा सेतु और CSC का हुआ विलय

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रायपुर, 30 सितंबर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास से जुड़ी तीन ऐतिहासिक पहलों की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ‘नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ (NSTI) के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का आधिकारिक पत्र सौंपा। इसके साथ ही नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) के नवनियुक्त उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र बांटे गए और आम नागरिकों तक 907 से अधिक सरकारी सेवाएं सीधे पहुंचाने के लिए चिप्स (CHiPS) और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के बीच ऐतिहासिक एमओयू संपन्न हुआ।

मुख्य बिंदु:

  • नवा रायपुर में ₹250 करोड़ की लागत से 10 एकड़ में बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट; हर साल 4,000 युवाओं को 20 ट्रेडों में मिलेगा प्रशिक्षण।
  • चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के बीच एमओयू; सेवा सेतु की 907 सेवाएं अब 28 हजार से अधिक सीएससी केंद्रों पर भी होंगी उपलब्ध।
  • नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र।
  • सेवा सेतु पर अब तक 54.23 लाख आवेदन प्राप्त, 90% से अधिक का हुआ त्वरित निराकरण; केंद्र की 166 सेवाओं को जोड़ने की प्रक्रिया जारी।

पहल 1: नवा रायपुर में 250 करोड़ से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर की तकनीकी दक्षता देने के लिए नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए 10 एकड़ भूमि का आवंटन पत्र औपचारिक रूप से केंद्र सरकार के संबंधित विभाग को सौंपा गया।

लगभग 250 करोड़ रुपये के निवेश से तैयार होने वाले इस आधुनिक संस्थान में प्रतिवर्ष 4,000 युवाओं को उद्योग जगत की मांग के अनुरूप 20 अलग-अलग आधुनिक तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे युवाओं को रोजगार और स्टार्टअप शुरू करने में मदद मिलेगी।

पहल 2: डिजिटल क्रांति—चिप्स और सीएससी के बीच हुआ महा-एमओयू

नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) के सीईओ मयंक अग्रवाल और सीएससी एसपीवी के स्टेट हेड जय नारायण पटेल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों से संचालित हो रही हैं, जहां 1 अप्रैल 2025 से अब तक 54.23 लाख से अधिक आवेदन आ चुके हैं। वहीं प्रदेश में 28,450 सक्रिय सीएससी केंद्र हैं। इस एमओयू के बाद दोनों नेटवर्क जुड़ जाएंगे, जिससे ग्रामीण अंचलों के नागरिक अपने नजदीकी सीएससी से ही सेवा सेतु की सभी सेवाएं पा सकेंगे। इन सभी केंद्रों पर एकरूप साइनबोर्ड और उपलब्ध सेवाओं की सूची प्रदर्शित की जाएगी।


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1,000 से अधिक सेवाएं होंगी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध

सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद ने बताया कि सेवा सेतु में राज्य की 907 सेवाओं के साथ केंद्र सरकार की 166 सेवाओं को भी एकीकृत किया जा रहा है। इससे कुल सेवाओं की संख्या 1,000 के पार पहुंच जाएगी।

अब नागरिक एक ही केंद्र से जाति, निवास, आय, ईडब्ल्यूएस, राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, बिजली कनेक्शन, निर्माण श्रमिक पंजीयन के साथ-साथ आधार, आयुष्मान, पैन कार्ड, पासपोर्ट, फसल बीमा, फास्टैग और कृषि ड्रोन जैसी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से भी 8,000 अधिकारी जुड़े हैं, जिससे शिकायतों का समयबद्ध निराकरण हो रहा है।

पहल 3: नवा रायपुर के निर्माण के लिए उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवा रायपुर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का प्रतीक है और युवा इंजीनियरों के कंधों पर इसे विश्वस्तरीय शहर बनाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-30 के तहत 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर काम चल रहा है, जिससे आगामी वर्षों में लगभग पौने दो लाख (1.75 लाख) युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

“युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम और पारदर्शी सेवाएं तथा नई पीढ़ी को आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तकनीक के माध्यम से शासन और जनता के बीच की दूरी समाप्त हो रही है। नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और सेवा सेतु का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के निर्माण की मजबूत नींव रखेगा।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

नागरिकों, युवाओं और छात्रों के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • दफ्तरों के चक्करों से स्थायी मुक्ति: 907 से अधिक राज्य और 166 केंद्र सरकार की सेवाएं गांव के सीएससी सेंटर पर ही मिलने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
  • विश्वस्तरीय तकनीकी ट्रेनिंग: नवा रायपुर के स्किल इंस्टीट्यूट में आधुनिक ट्रेड सीखने वाले युवाओं को मल्टीनेशनल कंपनियों में सीधे प्लेसमेंट और हाई-पेइंग जॉब्स मिलेंगी।
  • पारदर्शी सरकारी भर्तियां: सीजीपीएससी और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से पारदर्शी और बिना विवाद के नियमित नियुक्तियां मिलने से युवाओं का शासन पर भरोसा बढ़ा है।

तीनों ऐतिहासिक पहलों का संक्षिप्त विवरण

  • नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट: 10 एकड़ भूमि, ₹250 करोड़ लागत, प्रतिवर्ष 4,000 युवाओं को 20 ट्रेडों में आधुनिक ट्रेनिंग।
  • चिप्स और सीएससी एकीकरण: 28,450 सीएससी और 16,619 सेवा सेतु केंद्रों का विलय; 1,000 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पर।
  • युवा इंजीनियरों की तैनाती: नवा रायपुर अटल नगर के इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण हेतु उप अभियंताओं को नियमित नियुक्ति पत्र।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

नवा रायपुर में बनने वाले नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की लागत और क्षमता क्या है?

यह संस्थान लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से 10 एकड़ में बनेगा, जहां प्रतिवर्ष 4,000 युवाओं को 20 अलग-अलग आधुनिक तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के एमओयू से आम नागरिकों को क्या फायदा होगा?

इस एमओयू के बाद सेवा सेतु पोर्टल की 907 सरकारी सेवाएं अब गांव-गांव में मौजूद 28,450 से अधिक सीएससी केंद्रों पर भी आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

सेवा सेतु पोर्टल पर अब तक कितने आवेदन आए हैं और उनका क्या रिकॉर्ड रहा है?

1 अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक का संतोषजनक निराकरण किया जा चुका है।

स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur)

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