नर्मदा (गुजरात)/रायपुर, 05 अक्टूबर: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा गुजरात के नर्मदा (एकता नगर) में आयोजित दो दिवसीय National Highway Chintan Shivir (सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर राष्ट्रीय चिंतन शिविर) में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव शामिल हुए। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा “गतिशक्ति से प्रगति” थीम पर शुरू किए गए इस राष्ट्रीय महामंथन में देशभर के राज्यों के लोक निर्माण मंत्री, आला अधिकारी और विषय विशेषज्ञ जुटे हैं। इस चिंतन शिविर में तय होने वाले नीतिगत फ्रेमवर्क से छत्तीसगढ़ में रायपुर-जगदलपुर, बिलासपुर-रायगढ़, कटघोरा-अंबिकापुर और रायपुर-सारंगढ़ जैसे चार प्रमुख फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण को सीधी रफ्तार मिलेगी।
मुख्य बिंदु:
- ‘National Highway Chintan Shivir’ (राष्ट्रीय राजमार्ग चिंतन शिविर): गुजरात के नर्मदा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया शुभारंभ।
- केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री व पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव रहे मौजूद।
- छत्तीसगढ़ के 4 बड़े फोरलेन कॉरिडोर—रायपुर-जगदलपुर, बिलासपुर-रायगढ़, कटघोरा-अंबिकापुर और रायपुर-सारंगढ़ के क्रियान्वयन में मिलेगी सीधी मदद।
- ‘पीएम गतिशक्ति’, भूमि अधिग्रहण में तेजी, सुरक्षित सड़क डिजाइन (रोड सेफ्टी) और मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट पर हुआ गहन विचार-मंथन।
छत्तीसगढ़ के 4 बड़े फोरलेन हाईवे को मिलेगी गति: कौन-से हैं ये प्रोजेक्ट्स?
समीक्षा और तकनीकी सत्रों के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित और प्रक्रियाधीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग गलियारों की प्रगति का ब्योरा साझा किया। वर्तमान में राज्य में चार बड़े आर्थिक और सामाजिक महत्व वाले फोरलेन हाईवे पर काम चल रहा है:
- रायपुर से जगदलपुर फोरलेन: राजधानी रायपुर को बस्तर संभाग के मुख्यालय से जोड़ने वाली जीवनरेखा, जिससे दक्षिण छत्तीसगढ़ में आवागमन का समय आधा रह जाएगा।
- बिलासपुर से रायगढ़ फोरलेन: मध्य छत्तीसगढ़ के दो बड़े औद्योगिक और ऊर्जा केंद्रों को जोड़ने वाला भारी मालवाहक गलियारा।
- कटघोरा से अंबिकापुर फोरलेन: कोयला बहुल कोरबा और सरगुजा संभाग को जोड़ने वाला रणनीतिक राष्ट्रीय राजमार्ग।
- रायपुर से सारंगढ़ फोरलेन: मध्य और पूर्वी छत्तीसगढ़ के कृषि व व्यापारिक क्षेत्रों को राजधानी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण परियोजना।
चिंतन शिविर में भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण अनापत्ति और वित्तीय व्यवस्था पर तय होने वाले नए राष्ट्रीय दिशानिर्देशों से इन चारों कॉरिडोरों के निर्माण की बाधाएं तेजी से दूर होंगी।
नर्मदा में ‘गतिशक्ति से प्रगति’ का रोडमैप: नितिन गडकरी ने किया शुभारंभ
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचा ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत 2047 की रीढ़ है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे राजमार्ग निर्माण में विश्वस्तरीय गुणवत्ता, लागत में कमी और शून्य दुर्घटना (Zero Fatality) के लक्ष्य को ध्यान में रखकर काम करें।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के विस्तार पर बल दिया।
चिंतन शिविर के 5 मुख्य तकनीकी सत्र: दो दिनों का एजेंडा
दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में राजमार्ग निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया को पांच रणनीतिक सत्रों में बांटा गया है:
पहले दिन (5 अक्टूबर) के तीन सत्र:
- पीएम गतिशक्ति: समन्वित और प्रभावी परियोजना क्रियान्वयन के लिए एकीकृत अधोसंरचना नियोजन (रेल, सड़क और ट्रांसमिशन लाइनों का साझा समन्वय)।
- भूमि अधिग्रहण में तेजी: किसानों और भू-स्वामियों को मुआवजा राशि के त्वरित वितरण और भूमि अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रियाओं का सरलीकरण।
- मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट (MCA): निजी निवेशकों की सहभागिता, मजबूत परियोजना क्रियान्वयन और हाईवे रेटिंग फ्रेमवर्क का निर्धारण।
दूसरे दिन (6 अक्टूबर) के दो सत्र:
- सुरक्षित राजमार्गों का डिजाइन: रोड सेफ्टी मानकों को ड्राइंग बोर्ड से लेकर जमीनी क्रियान्वयन तक अनिवार्य रूप से लागू करना ताकि ब्लैक स्पॉट्स खत्म हों।
- गुणवत्ता आश्वासन एवं डिजिटल मॉनिटरिंग: ड्रोन, सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निर्माण निगरानी तंत्र।
छत्तीसगढ़ का उच्चस्तरीय तकनीकी प्रतिनिधिमंडल: शीर्ष इंजीनियर मौजूद
गुजरात के नर्मदा में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग का शीर्ष तकनीकी दल शामिल हुआ।
प्रतिनिधिमंडल में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता (E-in-C) वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव तथा राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र (NH Zone) के मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप शामिल रहे। इस दल ने केंद्रीय तकनीकी विशेषज्ञों के साथ सीधे बैठकर छत्तीसगढ़ के एनएच प्रोजेक्ट्स के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस और अतिरिक्त बजट आवंटन पर चर्चा की।
“सड़कें केवल डामर और कंक्रीट का रास्ता नहीं होतीं, बल्कि वे किसी भी राज्य की आर्थिकी और प्रगति की धमनियां होती हैं। छत्तीसगढ़ में हम रायपुर से बस्तर और सरगुजा तक विश्वस्तरीय फोरलेन नेटवर्क बिछाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रीय चिंतन शिविर के निष्कर्ष हमारे राज्य में हाईवे निर्माण की गुणवत्ता और गति को अभूतपूर्व स्तर पर ले जाएंगे।”— अरुण साव, उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ के यात्रियों, उद्योगों और आर्थिक विकास के लिए इसके क्या मायने हैं?
- बस्तर और सरगुजा का सफर होगा सुगम: रायपुर-जगदलपुर और कटघोरा-अंबिकापुर फोरलेन बनने से वनांचल के आदिवासी क्षेत्रों तक एंबुलेंस, व्यापार और पर्यटन की पहुंच घंटों के बजाय मिनटों में सिमटेगी।
- औद्योगिक माल ढुलाई में समय और ईंधन की बचत: रायगढ़, बिलासपुर और कोरबा के इस्पात, सीमेंट और कोयला उद्योगों को राष्ट्रीय बंदरगाहों और महानगरों तक भारी वाहन ले जाने में सुगमता होगी।
- हादसों में भारी कमी: सुरक्षित हाईवे डिजाइन और ब्लैक स्पॉट्स के वैज्ञानिक सुधार से राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली असामयिक सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
राष्ट्रीय चिंतन शिविर 2026 की मुख्य रूपरेखा
- आयोजन: सड़क एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर राष्ट्रीय चिंतन शिविर
- थीम: “गतिशक्ति से प्रगति”
- स्थान: नर्मदा (एकता नगर), गुजरात
- अवधि: 5 एवं 6 अक्टूबर 2026
- मुख्य नेतृत्व: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम अरुण साव।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
National Highway Chintan Shivir का आयोजन कहां और किसके द्वारा किया गया?
इसका आयोजन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा गुजरात के नर्मदा में 5 और 6 अक्टूबर 2026 को किया गया।
इस शिविर से छत्तीसगढ़ के किन चार बड़े फोरलेन हाईवे प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी?
इसके जरिए रायपुर-जगदलपुर, बिलासपुर-रायगढ़, कटघोरा-अंबिकापुर और रायपुर-सारंगढ़ फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में तेजी आएगी।
चिंतन शिविर का मुख्य विषय (Theme) क्या रखा गया था?
इस दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर का मुख्य विषय ‘गतिशक्ति से प्रगति’ (Gati Shakti se Pragati) रखा गया था।
छत्तीसगढ़ से इस बैठक में कौन-से मंत्री और शीर्ष अधिकारी शामिल हुए?
उप मुख्यमंत्री एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव के साथ प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव और मुख्य अभियंता ज्ञानेश्वर कश्यप शामिल हुए।
स्रोत (Source): छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur / लोक निर्माण विभाग ब्यूरो)