मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026: छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों को मिलेंगे सालाना ₹24,000; संस्कृति विभाग ने 31 अगस्त तक आमंत्रित किए आवेदन, जानें पात्रता और ‘चिन्हारी पोर्टल’ पंजीयन प्रक्रिया

मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026

Published on 18 August 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in


रायपुर, 18 अगस्त 2026 : छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला, जनजातीय पहचान और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage) के संरक्षण, संवर्धन और सुदूर अंचलों के पारंपरिक कलाकारों को सीधे आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आज 18 अगस्त 2026 को संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर द्वारा जारी आधिकारिक प्रशासनिक अधिसूचना के अनुसार, प्रदेश के योग्य लोक कलाकार 31 अगस्त 2026 तक पंजीकृत डाक के माध्यम से अपने आवेदन प्रेषित कर सकते हैं।

इस कल्याणकारी योजना का मूल उद्देश्य छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक कलाकारों के सम्मान को बहाल करना, उनकी कला विधाओं को जीवित रखना और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक हस्तांतरित करने के लिए कला दलों का सतत विकास सुनिश्चित करना है। राज्य सरकार द्वारा इस वित्तीय वर्ष में शुरू की गई मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 के तहत चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष ₹12,000 से लेकर ₹24,000 तक की वित्तीय प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित (Direct Benefit Transfer – DBT) की जाएगी।

महत्वपूर्ण संकेतकमुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 के मुख्य नीतिगत प्रावधान एवं दिशा-निर्देश
योजना का नाम और वर्षमुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026
आयोजक/नोडल विभागसंस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर (छत्तीसगढ़)
वार्षिक प्रोत्साहन राशि सीमान्यूनतम ₹12,000 से अधिकतम ₹24,000 प्रतिवर्ष (एकमुश्त भुगतान)
अनिवार्य पंजीकरण माध्यमचिन्हारी पोर्टल (Chinhari Portal) पर सक्रिय पंजीयन होना अनिवार्य
पात्रता हेतु अधिकतम वार्षिक आय सीमासमस्त पारिवारिक स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹96,000 से अधिक न हो
आवेदन जमा करने का माध्यमनिर्धारित प्रारूप में केवल ‘पंजीकृत डाक’ (Registered Post) द्वारा
आवेदन प्रेषण की अंतिम तिथि31 अगस्त 2026 (अटल नगर कार्यालय प्राप्ति हेतु)

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मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026: मुख्य उद्देश्य और चिन्हारी पोर्टल पंजीयन

छत्तीसगढ़ सरकार की इस दूरदर्शी योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कलाकारों को बिचौलियों से मुक्त कर सीधे राज्य की विकास नीतियों का हिस्सा बनाना है। संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 का लाभ उठाने के लिए प्रदेश के लोक कलाकारों का ‘चिन्हारी पोर्टल’ (Chinhari Portal) पर ऑनलाइन पंजीयन होना अनिवार्य है:

  • चिन्हारी पोर्टल का महत्व: यह पोर्टल राज्य के सभी पंजीकृत पारंपरिक लोक कलाकारों, वादकों और शिल्पकारों का एक डिजिटल डेटाबेस है। इसके माध्यम से कलाकारों की क्रेडेंशियल्स की जांच की जाती है, जिससे अपात्र व्यक्तियों के आवेदन स्वतः ही खारिज हो जाते हैं और पारदर्शी वित्तीय भुगतान (Direct Benefit Transfer) संभव हो पाता है।
  • वित्तीय सुरक्षा का ढांचा: योजना के तहत चयनित कलाकारों को न्यूनतम ₹1,000 और अधिकतम ₹2,000 प्रति माह के आधार पर साल भर में एक बार ₹12,000 से ₹24,000 तक का ई-भुगतान किया जाएगा।

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पात्रता मानदंड और वार्षिक आय सीमा के कड़े प्रावधान

संस्कृति विभाग ने इस योजना के तहत केवल उन्हीं कलाकारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया है जो हाशिए पर हैं और जिनका भरण-पोषण केवल लोक कला पर निर्भर है। यह विनियामक मानदंड सुनिश्चित करता है कि मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 का लाभ केवल वास्तविक रूप से जरूरतमंद और गरीब कलाकारों तक ही पहुंचे:

  • आय सीमा का कड़ा नियम: आवेदक कलाकार के परिवार की कुल वार्षिक आय ₹96,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके सत्यापन के लिए सक्षम राजस्व प्राधिकारी (जैसे तहसीलदार या नायब तहसीलदार) द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
  • आवश्यक विधिक दस्तावेज: प्रविष्टि के साथ आवेदक का बैंक पासबुक विवरण, बैंक का आईएफएससी (IFSC) कोड, आधार कार्ड और पैन कार्ड (PAN Card) की सत्यापित छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य है।

कला विधाओं की विस्तृत सूची और आवेदन प्रेषण का पता

इस योजना का दायरा अत्यंत विस्तृत है और इसमें छत्तीसगढ़ की लगभग सभी पारंपरिक और अमूर्त लोक शैलियों को शामिल किया गया है। इस सूची में पहली बार पारंपरिक व्यंजनों और श्रृंगार कला को शामिल करना मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 को अधिक समावेशी और व्यापक बनाता है:

  • शामिल कला श्रेणियां: पारंपरिक लोक नृत्य (जैसे कर्मा, डंडा, पंथी, सुआ, सरहुल), लोक संगीत, लोक नाट्य (नाचा, गम्मत, रहस्य), लोकगाथा (भर्तहरी, पंडवानी, चंदैनी), छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, हस्तशिल्प और मिट्टी कला कलाकार, छत्तीसगढ़ी पाक कला (पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाने वाले विशेषज्ञ), तथा पारंपरिक सौंदर्य एवं श्रृंगार कला विशेषज्ञ।
  • आवेदन भेजने की प्रक्रिया: इच्छुक कलाकार विभाग की वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। लिफाफे के ऊपर स्पष्ट शब्दों में “मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026” अंकित कर इसे पंजीकृत डाक से निम्नलिखित पते पर भेजना होगा:
    संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर, द्वितीय तल, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर (छत्तीसगढ़) – 492018

UPSC & CGPSC Art & Culture Fact Box: Chinhari Portal & Chhattisgarh Folk Arts

  • चिन्हारी पोर्टल (Chinhari Portal): यह छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा विकसित एक विशेष डिजिटल डेटाबेस है, जिसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न सुदूर वनांचल अंचलों में बिखरे पारंपरिक लोक कलाकारों को पंजीकृत करना है ताकि उन्हें सरकारी कार्यक्रमों और कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
  • छत्तीसगढ़ के लोक नाट्य: नाचा (Nacha) राज्य की सबसे लोकप्रिय लोक नाट्य शैली है, जिसमें सामाजिक विसंगतियों पर हास्य व्यंग्य किया जाता है। इसके अतिरिक्त गम्मत (Gammat) और रहस्य (Rahas – जो कृष्ण लीला पर आधारित है) प्रमुख लोक नाट्य विधाएं हैं।
  • संविधान का अनुच्छेद 49 और 29: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 49 राज्य को कलात्मक और ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों व स्थानों के संरक्षण का निर्देश देता है। वहीं, अनुच्छेद 29 नागरिकों के किसी भी वर्ग को अपनी भाषा, लिपि या संस्कृति को सुरक्षित रखने का अधिकार प्रदान करता है।

UPSC & State PCS Mains Analysis: सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक सुरक्षा नीतियों और कल्याणकारी राज्य के सिद्धांत

मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र, लोक प्रशासन और सामाजिक विकास के दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 का क्रियान्वयन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 49 के आदर्शों को जमीनी स्तर पर साकार करने का एक उत्कृष्ट प्रयास है। आधुनिक वैश्वीकरण और डिजिटल मनोरंजन के इस युग में पारंपरिक लोक कलाओं और उनके साधकों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे हमारी अमूर्त सांस्कृतिक धरोहरों के विलुप्त होने का खतरा बढ़ गया है।

इस संकट से निपटने के लिए, केवल त्योहारों पर सांस्कृतिक प्रदर्शनों का आयोजन पर्याप्त नहीं है, बल्कि कलाकारों को निरंतर ‘सामाजिक सुरक्षा’ (Social Security) प्रदान करना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘चिन्हारी पोर्टल’ के माध्यम से पारदर्शी वित्तीय डीबीटी (E-payment) प्रदान करना ‘डिजिटल समावेशन’ (Digital Inclusion) का एक बेहतरीन उदाहरण है। जब न्यूनतम ₹12,000 की वार्षिक आय सुनिश्चित की जाती है, तो यह ग्रामीण कलाकारों को कृषि संकट के समय वित्तीय स्थिरता प्रदान करती है। यह मॉडल सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG-8: सम्मानजनक कार्य और आर्थिक विकास, तथा SDG-10: असमानताओं में कमी) के अनुकूल विकसित छत्तीसगढ़ @ 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक नियोजन की एक मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।


अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण लोक कल्याणकारी योजना और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक सामान्य ज्ञान का परीक्षण करें:

प्रश्न 1: हाल ही में छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 के तहत चयनित लोक कलाकारों को प्रतिवर्ष अधिकतम कितनी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी?

(A) ₹10,000
(B) ₹15,000
(C) ₹24,000 (Maximum ₹24,000 per year)
(D) ₹50,000

उत्तर: (C) ₹24,000 (Maximum ₹24,000 per year)
व्याख्या: योजना के तहत पात्र चयनित लोक कलाकारों को उनके क्रेडेंशियल्स के आधार पर न्यूनतम ₹12,000 से लेकर अधिकतम ₹24,000 तक की वार्षिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के पारंपरिक कलाकारों को सरकारी डेटाबेस से जोड़ने और लोक कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए किस अनिवार्य पोर्टल पर पंजीयन होना आवश्यक है?

(A) भुइयां पोर्टल
(B) चिन्हारी पोर्टल (Chinhari Portal)
(C) मोर युवा पोर्टल
(D) संगवारी पोर्टल

उत्तर: (B) चिन्हारी पोर्टल (Chinhari Portal)
व्याख्या: ‘मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना’ के तहत आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए कलाकारों का ‘चिन्हारी पोर्टल’ पर पंजीयन होना विनियामक रूप से अनिवार्य किया गया है।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 क्या है और इसके तहत कितनी आर्थिक सहायता दी जाती है?

मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा संचालित एक जन-कल्याणकारी योजना है। इसके तहत राज्य के पंजीकृत और गरीब पारंपरिक लोक कलाकारों को न्यूनतम ₹12,000 से अधिकतम ₹24,000 तक की वार्षिक आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान की जाती है।

Q2. इस योजना के लिए कौन-से कलाकार पात्र हैं और वार्षिक आय की क्या सीमा निर्धारित की गई है?

योजना के तहत नृत्य, संगीत, लोक नाट्य (नाचा/गम्मत), लोकगाथा, शिल्प कला, पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन (पाक कला) और पारंपरिक सौंदर्य कला (श्रृंगार) के कलाकार पात्र हैं। इसके लिए उनके परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹96,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

Q3. इस योजना के तहत आवेदन करने की अंतिम तिथि क्या है और आवेदन कहाँ प्रेषित करना है?

योजना के तहत आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। योग्य कलाकारों को अपना आवेदन केवल पंजीकृत डाक से ‘संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर – 492018’ के पते पर भेजना होगा।


तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)

  • कलाकारों को सीधा आर्थिक संबल: मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना 2026 के माध्यम से पारंपरिक लोक कलाकारों को न्यूनतम ₹12,000 से अधिकतम ₹24,000 तक की वार्षिक प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जो उनकी आजीविका को सुरक्षित करेगी।
  • डिजिटल और पारदर्शी सुशासन: सहायता राशि प्राप्त करने के लिए ‘चिन्हारी पोर्टल’ पर पंजीयन की अनिवार्यता पूरी प्रक्रिया में बिचौलियों के हस्तक्षेप को समाप्त करती है और सीधे बैंक ट्रांसफर (DBT) सुनिश्चित करती है।
  • विविध कलाओं का समावेशन: योजना में केवल नृत्य और संगीत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी पाक कला (पारंपरिक व्यंजन) और पारंपरिक सौंदर्य कला (श्रृंगार) के विशेषज्ञों को शामिल कर सांस्कृतिक विरासत के सभी आयामों का सम्मान किया गया है।

UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)

यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-6 (छत्तीसगढ़ का सामाजिक परिदृश्य, लोक संस्कृति, कला संस्थान, लोक कल्याणकारी योजनाएं एवं आदिवासी विकास नीतियां) तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सरकारी कल्याणकारी नीतियां, कमजोर वर्गों की सुरक्षा, लोक सेवा की भूमिका और सुशासन सुधार) और सामान्य अध्ययन पेपर-1 (भारतीय संस्कृति के विविध रूप, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत संरक्षण) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक समसामयिक कला व नीति विषय है.

Official Source (आधिकारिक स्रोत)

यह लेख छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग (DPRCG), संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय छत्तीसगढ़, और रायपुर जिला कलेक्टरेट प्रशासन द्वारा 18 अगस्त 2026 को जारी की गई आधिकारिक मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना प्रगति रिपोर्ट के आंकड़ों पर आधारित है.

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