Chhattisgarh Herbals Diwali Pack: सीएम विष्णु देव साय ने किया लोकार्पण; ‘संजीवनी’ केंद्रों पर मिलेंगे हर्बल गिफ्ट पैक

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रायपुर, 27 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध वन संपदा और वनांचल की मातृशक्ति के अथक परिश्रम से तैयार प्राकृतिक उत्पादों को वैश्विक बाजार और जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने अनूठी पहल की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के विशेष दिवाली गिफ्ट पैक का विधिवत लोकार्पण किया। Chhattisgarh Herbals Diwali Pack (छत्तीसगढ़ हर्बल्स दिवाली पैक) को राज्य के विभिन्न वन धन विकास केंद्रों (VDVK) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस दीपोत्सव पर स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को उपहार स्वरूप देने का आह्वान करते हुए कहा कि जब हम अपने जंगलों की माटी से उपजे उत्पाद खरीदते हैं, तो उसका सीधा आर्थिक लाभ दूरस्थ अंचलों के आदिवासी संग्राहकों और बहनों की आजीविका को सशक्त बनाता है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Chhattisgarh Herbals Diwali Pack’: सीएम विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री निवास में किया हर्बल गिफ्ट पैक का लोकार्पण।
  • दो आकर्षक श्रेणियों में उपलब्ध: ‘प्रीमियम’ में 9 विशिष्ट उत्पाद और ‘सामान्य’ पैक में 5 चयनित वनोपज उत्पाद शामिल।
  • ‘संजीवनी’ केंद्रों से होगी बिक्री: राज्य लघु वनोपज संघ के अधिकृत रिटेल काउंटरों से आम नागरिक कर सकेंगे खरीदारी।
  • पारंपरिक स्वाद का समागम: जामुन जूस, आंवला-इमली कैंडी, महुआ कुकीज, बस्तर के काजू, जशपुर की ग्रीन टी और शहद।
  • महिला स्व-सहायता समूहों का उद्यम: कौरीनभाटा, बोड़ला, आसना, दुगली और डोंगानाला वन धन केंद्रों में तैयार हुए उत्पाद।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल: प्रति केंद्र 60 से 70 लाख रुपये का वार्षिक कारोबार; वनांचल की बहनों को मिल रहा सीधा मुनाफा।

Chhattisgarh Herbals Diwali Pack: ‘मातृशक्ति के परिश्रम से बने उत्पाद बनें प्रदेश की पहचान’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अभिनव पहल की भूरि-भूरि सराहना करते हुए कहा कि वन संपदा केवल पेड़-पौधे नहीं, बल्कि लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका की जीवनरेखा है।

Chhattisgarh Herbals Diwali Pack के विमोचन अवसर पर उन्होंने रेखांकित किया कि राज्य सरकार का मुख्य ध्येय वनों से प्राप्त लघु वनोपज का राज्य में ही शत-प्रतिशत मूल्य संवर्धन (Value Addition) करना है। वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण माताएं और बहनें वैज्ञानिक विधियों से वनोपज का प्रसंस्करण कर उच्च गुणवत्ता वाले जैविक उत्पाद बना रही हैं। सरकार इन उत्पादों को आकर्षक पैकेजिंग, पेशेवर ब्रांडिंग और सुगम बाजार से जोड़ रही है, जिससे वनोपज संग्राहकों को उनकी मेहनत का अधिकतम मूल्य मिल सके।

प्रीमियम और सामान्य गिफ्ट पैक: बस्तर के काजू से जशपुर की ग्रीन टी तक का स्वाद

दिवाली उपहारों को स्वास्थ्यवर्धक और प्राकृतिक बनाने के लिए गिफ्ट पैक्स को दो आकर्षक श्रेणियों में विभाजित किया गया है:

  • प्रीमियम गिफ्ट पैक: इसमें नौ प्रकार के विशिष्ट और प्रीमियम उत्पाद शामिल किए गए हैं, जो कॉर्पोरेट और पारिवारिक उपहारों के लिए सर्वोत्तम हैं।
  • सामान्य गिफ्ट पैक: इसमें दैनिक स्वास्थ्य और उपयोग के पांच आवश्यक उत्पाद रखे गए हैं, जो किफायती और गुणवत्तापूर्ण हैं।
  • शामिल प्रमुख सामग्रियां: पैक में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला जामुन जूस, जामुन स्प्रेड, आंवला कैंडी, खट्टी-मीठी इमली कैंडी, पारंपरिक मिलेट्स और महुआ से निर्मित स्वादिष्ट कुकीज, शुद्ध च्यवनप्राश, प्राकृतिक वाइल्ड फॉरेस्ट हनी (शहद), बस्तर के प्रसिद्ध नमकीन व मसाला काजू, जशपुर की ऑर्गेनिक ग्रीन टी तथा एलोवेरा जेल शामिल हैं।

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वन धन विकास केंद्रों में तैयार हो रहे उत्पाद: 70 लाख तक का सालाना कारोबार

गिफ्ट पैक में शामिल सभी उत्पाद प्रदेश के सुदूर वनांचल में स्थित प्रसंस्करण इकाइयों में तैयार किए गए हैं:

  • प्रमुख उत्पादन इकाइयां: वन धन विकास केंद्र कौरीनभाटा (राजनांदगांव), बोड़ला (कवर्धा), पंचक्की (जशपुर), आसना (जगदलपुर, बस्तर), दुगली (धमतरी), डोंगानाला (कटघोरा) तथा केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई जामगांव (एम), दुर्ग में इन उत्पादों का निर्माण हो रहा है।
  • स्थानीय रोजगार का सृजन: इनमें से प्रत्येक वन धन विकास केंद्र का वार्षिक टर्नओवर लगभग 60 से 70 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। इन केंद्रों के संचालन से हजारों महिलाएं सीधे तौर पर प्रसंस्करण, ग्रेडिंग और पैकेजिंग से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

‘संजीवनी’ केंद्रों पर होगी उपलब्धता: ‘वोकल फॉर लोकल’ का सच्चा उदाहरण

छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित द्वारा संचालित सभी ‘संजीवनी’ विक्रय केंद्रों पर ये दिवाली गिफ्ट पैक आम नागरिकों के लिए उपलब्ध करा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, व्यापारिक संगठनों और शासकीय विभागों से आग्रह किया कि वे दिवाली पर विदेशी चॉकलेट या मिलावटी मिठाइयों के स्थान पर ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ के इन शुद्ध, प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक गिफ्ट पैक्स को प्राथमिकता दें।

“छत्तीसगढ़ के घने जंगलों से उपजी औषधियां और हमारी बहनों का परिश्रम मिलकर जब ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ का रूप लेते हैं, तो वह हमारी सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक बन जाता है। इस दिवाली जब हम अपनों को यह गिफ्ट पैक भेंट करेंगे, तो हम केवल एक उपहार नहीं दे रहे होंगे, बल्कि बस्तर, सरगुजा और वनांचल की किसी बहन के घर में खुशहाली का दीया जला रहे होंगे। स्थानीय उत्पादों को अपनाना ही आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सच्ची नींव है।”— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (गिफ्ट पैक लोकार्पण संबोधन)

छत्तीसगढ़ हर्बल्स दिवाली गिफ्ट पैक: एक नजर में

  • उत्पाद ब्रांड: छत्तीसगढ़ हर्बल्स (Chhattisgarh Herbals Diwali Pack)
  • लोकार्पणकर्ता: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
  • लोकार्पण स्थल व तिथि: मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, रायपुर (27 अक्टूबर 2026)
  • निर्माता संस्थाएं: वन धन विकास केंद्रों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह
  • उपलब्ध श्रेणियां: प्रीमियम पैक (9 उत्पाद) एवं सामान्य पैक (5 उत्पाद)
  • प्रमुख सामग्रियां: जामुन जूस, आंवला-इमली कैंडी, महुआ कुकीज, वाइल्ड हनी, बस्तर काजू, जशपुर ग्रीन टी
  • प्रमुख प्रसंस्करण केंद्र: कौरीनभाटा, बोड़ला, पंचक्की, आसना, दुगली, डोंगानाला व जामगांव (एम)
  • विक्रय नेटवर्क: छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के ‘संजीवनी’ आउटलेट्स
  • आर्थिक प्रभाव: प्रति केंद्र 60-70 लाख रुपये वार्षिक कारोबार, महिला स्वावलंबन

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Chhattisgarh Herbals Diwali Pack का लोकार्पण किसने किया और इसका उद्देश्य क्या है?

Chhattisgarh Herbals Diwali Pack का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया। इसका उद्देश्य स्थानीय वनोपज उत्पादों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराना और महिला स्व-सहायता समूहों की आय बढ़ाना है।

छत्तीसगढ़ हर्बल्स दिवाली गिफ्ट पैक कितनी श्रेणियों में उपलब्ध हैं?

यह गिफ्ट पैक दो श्रेणियों में तैयार किए गए हैं—प्रीमियम गिफ्ट पैक (जिसमें 9 चयनित उत्पाद हैं) और सामान्य गिफ्ट पैक (जिसमें 5 आवश्यक हर्बल उत्पाद शामिल हैं)।

इन गिफ्ट पैक्स में कौन-कौन से मुख्य हर्बल और वनोपज उत्पाद शामिल हैं?

इनमें जामुन जूस व स्प्रेड, आंवला कैंडी, इमली कैंडी, कोदो-महुआ कुकीज, च्यवनप्राश, वाइल्ड फॉरेस्ट हनी, बस्तर के मसाला काजू, जशपुर की ग्रीन टी और एलोवेरा जेल शामिल हैं।

आम नागरिक इन दिवाली गिफ्ट पैक्स को कहाँ से खरीद सकते हैं?

आम नागरिक इन गिफ्ट पैक्स को छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा संचालित अधिकृत ‘संजीवनी’ विक्रय केंद्रों और एम्पोरियम से खरीद सकते हैं।

आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित / वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur)

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