आलेख: सुशासन की मिसाल सीएम हेल्पलाइन (विशेष लेख) | लेखक: श्री धनंजय राठौर (संयुक्त संचालक, जनसंपर्क) | स्थान: रायपुर | दिनांक: 30 अक्टूबर 2026
रायपुर, 30 अक्टूबर: लोकतंत्र की वास्तविक सार्थकता और सौंदर्य इस बात में निहित है कि शासन और प्रशासन सीधे जनता के प्रति पारदर्शी व जवाबदेह हों। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुशासन की दिशा में लागू की गई डिजिटल पहल CG CM Helpline 1076 (छत्तीसगढ़ सीएम हेल्पलाइन 1076) आज राज्य के आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील नेतृत्व में संचालित इस व्यवस्था के माध्यम से अब नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। हेल्पलाइन पर अब तक दर्ज 2 लाख 45 हजार 376 शिकायतों में से 85.85 प्रतिशत (2 लाख 10 हजार 649 मामलों) का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक तंत्र को स्पष्ट संदेश दिया है कि हेल्पलाइन का ध्येय केवल पोर्टल पर शिकायत क्लोज करना नहीं, बल्कि नागरिक को वास्तविक और संतोषजनक समाधान दिलाना है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘CG CM Helpline 1076’: अब तक दर्ज कुल शिकायतों में से 85.85% का हुआ सफल और त्वरित निराकरण।
- आंकड़ों में सुशासन: 2,45,376 दर्ज शिकायतों में से 2,10,649 का समाधान; शेष 34,727 पर त्वरित कार्रवाई जारी।
- विशाल प्रशासनिक नेटवर्क: राज्य के 49 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी और 1195 श्रेणियां सीधे जुड़ीं।
- 24×7 कॉल सेंटर सुविधा: टोल-फ्री नंबर 1076 पर नागरिक घर बैठे दर्ज करा रहे हैं अपनी समस्याएं।
- मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश: अच्छा काम करने वाले पुरस्कृत होंगे, लेकिन लापरवाही पर तय होगी सीधी जवाबदेही।
- विशेष आलेख प्रस्तुति: जनसंपर्क संयुक्त संचालक श्री धनंजय राठौर द्वारा जमीनी बदलाव का विस्तृत विश्लेषण।
CG CM Helpline 1076: ‘केवल पोर्टल पर केस बंद न करें, नागरिक को मिले वास्तविक संतुष्टि’: सीएम साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रशासनिक कामकाज और हेल्पलाइन की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों के लिए स्पष्ट कार्यसंस्कृति तय की है।
CG CM Helpline 1076 के संचालन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार की अपेक्षा बेहद साफ है—किसी भी आम नागरिक को अपनी समस्या लेकर भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं, जो सराहनीय है, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही से पूरे प्रशासन की छवि प्रभावित नहीं होनी चाहिए। अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा, जहां कमियां होंगी वहां सुधार का अवसर दिया जाएगा, लेकिन लगातार हीलाहवाली करने वालों की कड़ी जवाबदेही तय होगी। हेल्पलाइन का मूल मंत्र “संवेदनशीलता, समयबद्धता और समाधान” होना चाहिए।
49 विभाग और 8 हजार अधिकारी: जानें 1076 की 24 घंटे सक्रिय कार्यप्रणाली
छत्तीसगढ़ शासन का यह टोल-फ्री कॉल सेंटर अत्याधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी पर आधारित है:
- राउंड-द-क्लॉक सुविधा: टोल-फ्री नंबर 1076 पर नागरिक 24 घंटे और सातों दिन अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। प्रत्येक शिकायत पर एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है, जिससे आवेदक अपनी स्थिति ट्रैक कर सकता है।
- बहुस्तरीय जवाबदेही: शासन के 49 विभागों के लगभग 8 हजार नोडल अधिकारी इस व्यवस्था से संबद्ध हैं। कुल 1195 श्रेणियों में शिकायतों का वर्गीकरण कर उनके निराकरण की सख्त समय-सीमा तय की गई है।
किन-किन विषयों पर दर्ज होती हैं समस्याएं? बिजली, राजस्व से लेकर पेंशन तक
सीएम हेल्पलाइन आम जनता के दैनिक जीवन से जुड़े लगभग हर पहलू को कवर करती है:
- बिजली व ऊर्जा: जला हुआ ट्रांसफार्मर न बदलना, अघोषित बिजली कटौती या बिलिंग त्रुटियां।
- राजस्व एवं भूमि मामले: खाता विभाजन, फौती-नामांतरण, सीमांकन में विलंब अथवा जमीन विवाद।
- शासकीय दस्तावेज: निवास, आय, जाति प्रमाण पत्र खारिज होने या अनावश्यक देरी होने पर शिकायत।
- प्रशासनिक लापरवाही: थाना अथवा तहसील स्तर पर सुनवाई न होना या एफआईआर दर्ज न करना।
- जनकल्याणकारी योजनाएं: राशन कार्ड, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं और वृद्धावस्था-विधवा पेंशन में आ रही अड़चनों का समाधान।
धरातल पर बदलाव के जीवंत प्रमाण: पेंशन बहाली से लेकर सोलर पंप सुधार तक
लेखक श्री धनंजय राठौर ने आलेख में प्रदेश के विभिन्न अंचलों के वास्तविक उदाहरण प्रस्तुत किए हैं, जहां हेल्पलाइन ने लोगों का जीवन आसान बनाया:
- राशन कार्ड बहाली: जांजगीर-चांपा के पामगढ़ अंतर्गत ग्राम भवतरा निवासी श्री देवेंद्र दिनकर का राशन कार्ड त्रुटिवश बंद हो गया था, जिसे शिकायत के बाद तत्काल सुधारकर सक्रिय किया गया।
- सोलर पंप मरम्मत: कांकेर के दुर्गूकोंदल अंतर्गत ग्राम हड़फड़ में क्रेडा (CREDA) विभाग ने शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों में खराब सोलर पंप को चालू कर जलापूर्ति बहाल की।
- अवैध खनन पर नकेल: गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में अवैध रेत व गिट्टी परिवहन की सूचना पर खनिज विभाग ने तुरंत दबिश देकर 8 ट्रैक्टर जब्त किए।
- ईवी सब्सिडी व आधार सुधार: महासमुंद के बसना निवासी श्री खिरोद कुमार साव को लंबित इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी दिलाई गई। वहीं सरगुजा के ग्राम करिया की 12वीं की छात्रा आराधना सिंह के आधार कार्ड में जन्मतिथि संशोधित होने से उनकी उच्च शिक्षा की राह आसान हुई।
- पेंशन व पेयजल संकट दूर: जशपुर के तपकरा निवासी बुजुर्ग श्री त्रिपुरारी शर्मा की रुकी वृद्धावस्था पेंशन पुनः शुरू हुई तथा इसी क्षेत्र के श्री ओम प्रकाश की शिकायत पर नई मोटर लगाकर 200 परिवारों को पेयजल संकट से मुक्ति दिलाई गई।
“सीएम हेल्पलाइन 1076 केवल एक टेलीफोन नंबर नहीं, बल्कि जनता और शासन के बीच अटूट विश्वास का डिजिटल सेतु है। हमारा संकल्प है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की आवाज भी सीधे सरकार तक पहुंचे और उसे सम्मानजनक न्याय मिले। तकनीक के माध्यम से शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना ही हमारे अंत्योदय और सुशासन का सच्चा प्रमाण है।”— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन
छत्तीसगढ़ सीएम हेल्पलाइन 1076: एक नजर में
- सेवा का नाम: सीएम हेल्पलाइन 1076 (CG CM Helpline 1076)
- टोल-फ्री नंबर: 1076 (24 घंटे, सातों दिन चालू)
- विशेष आलेख लेखक: श्री धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क
- कुल दर्ज शिकायतें: 2,45,376
- सफल निराकरण: 2,10,649 मामले (85.85 प्रतिशत)
- प्रक्रियाधीन शिकायतें: 34,727
- संबद्ध प्रशासनिक ढांचा: 49 विभाग, लगभग 8 हजार अधिकारी, 1195 श्रेणियां
- मार्गदर्शक सिद्धांत: “संवेदनशीलता, समयबद्धता और समाधान”
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
CG CM Helpline 1076 पर शिकायत दर्ज कराने का क्या तरीका है?
छत्तीसगढ़ का कोई भी नागरिक किसी भी समय टोल-फ्री नंबर 1076 पर डायल करके 24×7 अपनी शिकायत या समस्या निःशुल्क दर्ज करा सकता है।
सीएम हेल्पलाइन पर अब तक कितने प्रतिशत शिकायतों का निराकरण हो चुका है?
सीएम हेल्पलाइन 1076 पर अब तक प्राप्त कुल 2,45,376 शिकायतों में से 85.85% (2,10,649 शिकायतों) का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है।
हेल्पलाइन से कितने सरकारी विभाग और अधिकारी जुड़े हुए हैं?
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से छत्तीसगढ़ शासन के 49 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं, जो 1195 श्रेणियों में शिकायतों का समाधान करते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को निराकरण को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि शिकायतों को केवल पोर्टल पर बंद न किया जाए, बल्कि आवेदक की पूर्ण संतुष्टि के साथ गुणवत्तापूर्ण और वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
आधिकारिक स्रोत: जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन / सुशासन एवं अभिसरण विभाग / विशेष आलेख — श्री धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक