रायपुर, 4 सितंबर 2026: CGPSC Mains Result 2025, जब से छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के परिणाम जारी किए हैं, सोशल मीडिया पर तरह-तरह की भ्रांतियों और अफवाहों का बाजार गर्म हो गया है। विवाद की जड़ यह थी कि पदों की संख्या के हिसाब से साक्षात्कार (Interview) के लिए 795 अभ्यर्थियों का चयन होना था, लेकिन आयोग ने केवल 608 अभ्यर्थियों की सूची जारी की। इस “गायब हुए” आंकड़ों को लेकर युवाओं में भारी भ्रम फैल गया था।
लगातार उठ रहे सवालों और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारियों पर विराम लगाते हुए CGPSC ने गुरुवार को एक बेहद सख्त और विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया है। आयोग ने साफ कर दिया है कि CGPSC Mains Result 2025 में निर्धारित संख्या से कम अभ्यर्थियों का चयन किसी ‘गड़बड़ी या त्रुटि’ के कारण नहीं हुआ है, बल्कि इसलिए हुआ है क्योंकि कई अभ्यर्थी परीक्षा पास करने के लिए जरूरी ‘न्यूनतम अर्हकारी अंक’ (Minimum Qualifying Marks) ही नहीं ला पाए।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन पूरी तरह से गुप्त, पहचान-रहित और विषय विशेषज्ञों द्वारा किया गया है। इसलिए युवाओं को सोशल मीडिया के भ्रामक दावों में फंसने के बजाय आयोग के निर्धारित नियमों और प्रक्रिया पर विश्वास करना चाहिए।
| CGPSC मुख्य परीक्षा विवाद: मुख्य तथ्य (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 |
| साक्षात्कार हेतु अपेक्षित संख्या | 795 अभ्यर्थी |
| साक्षात्कार हेतु चयनित संख्या | 608 अभ्यर्थी |
| कम चयन का मुख्य कारण | अभ्यर्थियों द्वारा न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त न करना |
| न्यूनतम अर्हकारी अंक (Qualifying Marks) | अनारक्षित वर्ग: 33%, आरक्षित वर्ग: 23% (प्रत्येक प्रश्न-पत्र में) |
| पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) | नियमों के तहत कोई प्रावधान नहीं है। |
क्यों कम हुए 187 अभ्यर्थी? क्या कहता है आयोग का नियम?
सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम था कि 795 के स्थान पर केवल 608 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार (Interview) के लिए क्यों चिन्हांकित किया गया? आयोग ने CGPSC Mains Result 2025 के संदर्भ में आधिकारिक नियमों का हवाला देते हुए बताया:
- राज्य सेवा परीक्षा-2025 के विज्ञापन की कंडिका 3 (iv) और प्रक्रिया नियम की कंडिका 7 के अनुसार, प्रत्येक प्रश्न-पत्र में न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य है।
- अनारक्षित (Unreserved) वर्ग: न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक।
- आरक्षित (Reserved) वर्ग: न्यूनतम 23 प्रतिशत अंक।
चूंकि कई अभ्यर्थियों ने कुल योग (Total Score) तो अच्छा किया होगा, लेकिन वे किसी न किसी व्यक्तिगत प्रश्न-पत्र में 33% या 23% का न्यूनतम आंकड़ा नहीं छू पाए, जिसके कारण वे चयन प्रक्रिया से बाहर हो गए और साक्षात्कार के लिए संख्या 608 रह गई।
पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का कोई प्रावधान नहीं
कई असफल अभ्यर्थियों द्वारा कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) की मांग की जा रही थी। इस पर आयोग ने स्पष्ट रूप से विज्ञापन की कंडिका 11 (V) का हवाला दिया है। इसके अनुसार, CGPSC Mains Result 2025 या आयोग द्वारा आयोजित किसी भी परीक्षा में पुनर्मूल्यांकन तथा पुनर्गणना (Re-totaling) का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है। इसलिए, किसी भी परिस्थिति में कॉपियां दोबारा नहीं जांची जा सकतीं।
पारदर्शी मूल्यांकन: कट-ऑफ और RTI का प्रावधान
आयोग ने अभ्यर्थियों की शंकाओं को दूर करते हुए मूल्यांकन की पारदर्शिता के निम्नलिखित बिंदु साझा किए:
- पहचान रहित मूल्यांकन: राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में ‘प्रश्नवार मूल्यांकन’ (Question-wise evaluation) की प्रक्रिया अपनाई जाती है। यह पूरी तरह ‘पहचान रहित’ (Anonymous) होती है। कॉपी जांचने वाले विशेषज्ञ यह जान ही नहीं सकते कि वे किस अभ्यर्थी की कॉपी जांच रहे हैं।
- कट-ऑफ और मेरिट: CGPSC Mains Result 2025 की अंतिम चयन सूची (साक्षात्कार के बाद) जारी होने के बाद प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा के प्राप्तांकों की मेरिट सूची और कट-ऑफ वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी जाएगी।
- RTI का अधिकार: अभ्यर्थी ‘सूचना का अधिकार अधिनियम’ (RTI Act) के तहत प्रारंभिक परीक्षा की OMR शीट और मुख्य परीक्षा की प्रश्न सह उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त कर सकते हैं।
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UPSC/CGPSC Static Facts: लोक सेवा आयोग और RTI एक्ट
चूंकि यह खबर CGPSC Mains Result 2025 की कार्यप्रणाली पर आधारित है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं (Polity – GS Paper 3) के लिए ‘संवैधानिक संस्थाओं’ से जुड़े बुनियादी (Static) तथ्य जानना बहुत जरूरी है:
- राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC): भारतीय संविधान के भाग-XIV में अनुच्छेद 315 से 323 तक संघ (UPSC) और राज्यों (SPSC) के लिए लोक सेवा आयोगों का प्रावधान है। यह एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था (Constitutional Body) है।
- RTI अधिनियम 2005 में उत्तर पुस्तिकाएं: सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले (CBSE vs Aditya Bandopadhyay, 2011) के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक अभ्यर्थी RTI एक्ट के तहत अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं (Evaluated Answer Scripts) की कॉपी प्राप्त करने का कानूनी हकदार है।
- न्यूनतम अर्हकारी अंक (Minimum Qualifying Marks): यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करने के लिए की जाती है कि एक सिविल सेवक (Civil Servant) का ज्ञान संतुलित हो। यदि कोई अभ्यर्थी एक विषय (जैसे गणित) में बहुत तेज है लेकिन दूसरे (जैसे भाषा या निबंध) में शून्य है, तो वह प्रशासन के लिए योग्य नहीं माना जाता।
विश्लेषण: सोशल मीडिया और संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास
(CGPSC Mains Analysis – Governance & Ethics)
1. डिजिटल युग में ‘मिसइन्फॉर्मेशन’ (Misinformation): आज के दौर में बिना नियमों को पढ़े (जैसे कंडिका 3(iv)) सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाना बहुत आसान हो गया है। इससे न केवल युवाओं का मनोबल गिरता है, बल्कि CGPSC जैसी संवैधानिक संस्थाओं की साख (Credibility) पर भी बेवजह सवाल उठते हैं।
2. अर्हकारी अंकों का महत्व: 795 पदों के लिए 608 का ही चयन होना यह दर्शाता है कि आयोग गुणवत्ता (Quality) से समझौता नहीं कर रहा है। प्रशासन को केवल पद भरने के लिए अयोग्य (न्यूनतम अंक भी न ला पाने वाले) अधिकारियों की भर्ती नहीं करनी चाहिए। यह ‘क्वालिटी ऑफ गवर्नेंस’ (Quality of Governance) को बनाए रखने का एक सख्त लेकिन जरूरी कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. CGPSC Mains Result 2025 में 795 के स्थान पर केवल 608 अभ्यर्थियों का चयन क्यों हुआ?
कई अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के प्रत्येक प्रश्न-पत्र में अनिवार्य ‘न्यूनतम अर्हकारी अंक’ (अनारक्षित के लिए 33% और आरक्षित के लिए 23%) प्राप्त करने में विफल रहे, जिसके कारण साक्षात्कार के लिए योग्य अभ्यर्थियों की संख्या कम रह गई।
Q2. क्या CGPSC मुख्य परीक्षा में फेल हुए अभ्यर्थी कॉपियों का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) करा सकते हैं?
नहीं, विज्ञापन की कंडिका 11 (V) के अनुसार आयोग द्वारा आयोजित किसी भी परीक्षा में कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन या पुनर्गणना (Re-totaling) का कोई प्रावधान नहीं है।
Q3. अभ्यर्थी अपने प्राप्तांक और कट-ऑफ (Cut-off) कैसे देख सकते हैं?
साक्षात्कार के बाद अंतिम चयन परिणाम जारी होने पर, प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा की मेरिट सूची और कट-ऑफ आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। अभ्यर्थी RTI के तहत अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की प्रति भी प्राप्त कर सकते हैं।
स्रोत (Source)
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) / जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 04 सितंबर 2026, रायपुर।