Published on July 9, 2026 | By Ishan Verma, Editor, theexamhub.in
छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर अपनी मजबूत सांस्कृतिक और प्रशासनिक पहचान दर्ज कराई है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) द्वारा छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (Chhattisgarh Tribal Research and Training Institute – CG TRTI) को उसके उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय प्रशंसा प्रमाण-पत्र (Certificate of Excellence) से सम्मानित किया गया है। यह गौरवपूर्ण क्षण दोनों देशों और राज्यों के नीति निर्माताओं के बीच छत्तीसगढ़ के जनजातीय अनुसंधान मॉडल की सफलता को रेखांकित करता है।
हाल ही में जारी किया गया यह **CG TRTI National Award 2026** छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जनजातीय संस्कृति, कला विरासत के संरक्षण, और नीति-उन्मुख वैज्ञानिक अनुसंधानों की दिशा में किए गए निरंतर प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) और राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए छत्तीसगढ़ के जनजातीय संस्थान, जनजातीय अनुसंधान ढांचा और केंद्र-राज्य प्रशासनिक संबंध (GS Paper II & VI) के तहत यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण समसामयिक (Current Affairs) विषय है। इस विस्तृत लेख में हम इस राष्ट्रीय सम्मान के आयामों, राष्ट्रीय कार्यशाला के निष्कर्षों और छत्तीसगढ़ की जनजातीय विरासत के संरक्षण में इस संस्थान की ऐतिहासिक भूमिका का व्यापक विश्लेषण करेंगे।
CG TRTI National Award 2026: त्वरित अवलोकन (Quick Highlights)
इस राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान और भुवनेश्वर में आयोजित कार्यशाला से जुड़े प्रमुख तथ्यों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से संक्षेपित किया गया है:
| महत्वपूर्ण क्षेत्र | विवरण |
|---|---|
| सम्मान का नाम | उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रशंसा प्रमाण-पत्र (CG TRTI National Award 2026) |
| प्रदाता संस्था | जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार (Ministry of Tribal Affairs, GoI) |
| सम्मानित संस्थान | छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (CG TRTI) |
| आयोजन और तिथि | राष्ट्रीय कार्यशाला, 07 और 08 जुलाई 2026 |
| आयोजन स्थल | भुवनेश्वर, ओडिशा |
| मुख्य नेतृत्व (छत्तीसगढ़) | श्री सोनमणि बोरा (प्रमुख सचिव), हिना अनिमेष नेताम (संचालक, CG TRTI) |
| मुख्य विषयवस्तु | जीआईएस (GIS), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जनजातीय नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र |
CG TRTI National Award 2026 क्या है और क्यों दिया गया?
भारत सरकार का जनजातीय कार्य मंत्रालय देश के विभिन्न राज्यों में संचालित जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (Tribal Research Institutes – TRTs) के सुदृढ़ीकरण और उनके द्वारा किए गए अनुसंधान कार्यों की वार्षिक समीक्षा करता है। इसी के तहत ओडिशा के भुवनेश्वर में 7 और 8 जुलाई 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इस कार्यशाला में देश के 29 राज्यों के जनजातीय अनुसंधान संस्थानों ने हिस्सा लिया।
इस समीक्षा के दौरान छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान संस्थान द्वारा राज्य की 42 अनुसूचित जनजातियों पर किए गए सामाजिक-सांस्कृतिक शोधों, विशेष रूप से विलुप्तप्राय आदिम जनजातियों (PVTGs) के भाषा-विशिष्ट शब्दकोशों के निर्माण, नृवंशविज्ञान (Ethnography) अध्ययनों, और उनके अधिकारों के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण की अत्यधिक सराहना की गई। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए संस्थान को औपचारिक रूप से CG TRTI National Award 2026 (Certificate of Excellence) प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय कार्यशाला और CG TRTI National Award 2026 का महत्व
भुवनेश्वर में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का उद्घाटन केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उराव और राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
इस कार्यशाला के मुख्य उद्देश्य और चर्चा के विषय निम्नलिखित रणनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित थे, जिन्हें **CG TRTI National Award 2026** के मूल्यांकन में आधार बनाया गया:
1. भविष्य की रणनीति और आधुनिक तकनीकों का एकीकरण
कार्यशाला में इस बात पर गहन मंथन किया गया कि जनजातीय विकास के लिए केवल पारंपरिक अनुसंधान पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि अनुसंधान प्रणालियों का आधुनिकीकरण किया जाना चाहिए। इसके तहत मुख्य रूप से दो तकनीकों पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- जीआईएस (Geographic Information System – GIS): जनजातीय बसाहटों, वन अधिकारों (FRA) के दावों और वन संसाधनों के सीमांकन के लिए जीआईएस मैपिंग का उपयोग करना।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): जनजातीय भाषाओं के डिजिटल संरक्षण और उनके सामाजिक-आर्थिक संकेतकों (Socio-economic Indicators) के त्वरित विश्लेषण के लिए एआई एल्गोरिदम का उपयोग।
2. नीति एवं योजना उन्मुख अनुसंधान की आवश्यकता
विशेषज्ञों ने जोर दिया कि आदिमजाति अनुसंधान संस्थानों (TRTs) के शोध केवल अकादमिक पुस्तकालयों तक सीमित न रहकर सीधे सरकारी नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं (जैसे पीएम-जनमन योजना) के निर्माण का मुख्य आधार बनने चाहिए। छत्तीसगढ़ ने इस दिशा में अनुकरणीय प्रदर्शन किया है, जिसके कारण उसे यह राष्ट्रीय प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ।
“छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय संस्कृति और उनकी पारंपरिक पहचान के संरक्षण के साथ-साथ उनके अधिकारों के दस्तावेजीकरण का जो कार्य किया जा रहा है, वह पूरे देश के अन्य राज्यों के लिए एक बेहतरीन रोल मॉडल है।”— श्रीमती रंजना चोपड़ा, सचिव (जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार)
छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (CG TRTI) के प्रमुख कार्य
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान संस्थान (CG TRTI) राज्य के जनजातीय समाज के उत्थान के लिए किन महत्वपूर्ण गतिविधियों का संचालन करता है, जिन्होंने इसे **CG TRTI National Award 2026** का विजेता बनाया है:
1. नृवंशविज्ञान संबंधी अध्ययन (Ethnographic Studies)
संस्थान राज्य की विभिन्न जातियों और जनजातियों की नृवंशविज्ञान रिपोर्ट तैयार करता है। यह रिपोर्ट राज्य सरकार और केंद्र सरकार को यह सिफारिश करने का आधार बनती है कि किस जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) की सूची में शामिल किया जाना चाहिए।
2. विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) पर शोध
छत्तीसगढ़ में कुल 7 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (Particularly Vulnerable Tribal Groups) निवास करते हैं। इनमें से पांच केंद्र सरकार द्वारा घोषित (अबूझमाड़िया, बैगा, कमार, बिरहोर और पहाड़ी कोरवा) और दो राज्य सरकार द्वारा घोषित (पंडो और भुंजिया) हैं। CG TRTI इन समूहों की घटती जनसंख्या के कारणों, उनके पोषण स्तर और उनकी अनूठी सांस्कृतिक परंपराओं पर विशेष शोध आयोजित करता है।
3. जनजातीय संग्रहालय और पुस्तकालय का संचालन
रायपुर स्थित संस्थान परिसर में एक समृद्ध जनजातीय संग्रहालय (Tribal Museum) और पुस्तकालय का संचालन किया जाता है, जहाँ जनजातियों के पारंपरिक आभूषण, कृषि उपकरण, संगीत वाद्ययंत्र और कलाकृतियों का प्रदर्शन कर उनकी सांस्कृतिक विरासत को सहेजा जाता है।
4. भाषा और लोक साहित्य का संरक्षण
संस्थान द्वारा गोंडी, हल्बी, कुड़ुख, सादरी और भतरी जैसी स्थानीय जनजातीय बोलियों के व्याकरण और द्विभाषी शब्दकोशों का निर्माण किया गया है, ताकि इन लोक भाषाओं को विलुप्त होने से बचाया जा सके।
CG TRTI National Award 2026: सक्रिय टीम और नेतृत्व
आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के कुशल मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के दल ने इस राष्ट्रीय कार्यशाला में सक्रिय भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम में संस्थान की संचालक हिना अनिमेष नेताम, संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम, सहायक अनुसंधान अधिकारी डॉ. अनिल विरूलकर और श्री योगेन्द्र निषाद शामिल थे।
छत्तीसगढ़ की जनजातीय विविधता: एक विहंगम दृष्टि
छत्तीसगढ़ भारत के सबसे अधिक जनजातीय बहुल राज्यों में से एक है, जो इसे मानवशास्त्रीय (Anthropological) दृष्टिकोण से अत्यंत समृद्ध बनाता है:
- जनसंख्या हिस्सेदारी: वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, छत्तीसगढ़ की कुल जनसंख्या का लगभग 30.62% हिस्सा अनुसूचित जनजातियों (ST) का है।
- विभाजन: राज्य में कुल 42 अनुसूचित जनजातियां पाई जाती हैं, जो आगे 161 उप-समूहों में विभाजित हैं।
- भौगोलिक विस्तार: उत्तरी छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) और दक्षिणी छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) राज्य के दो सबसे बड़े जनजातीय बेल्ट हैं। इन क्षेत्रों की अनूठी पारंपरिक शासन व्यवस्था (जैसे बस्तर का परगना सिस्टम और सरगुजा का मांझी सिस्टम) आज भी सामाजिक नियंत्रण का एक मजबूत आधार हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष विश्लेषण (Exam Relevance Section)
सीजीपीएससी (CGPSC State Service Exam) के मुख्य परीक्षा के पेपर-VI (छत्तीसगढ़ का सामाजिक परिदृश्य, जनजातियां, कला और संस्कृति) के लिए आदिमजाति अनुसंधान संस्थान और जनजातीय विकास नीतियां एक प्राथमिक विषय हैं।
CGPSC Prelims Fact Box: CG TRTI National Award 2026
- CG TRTI का मुख्यालय: रायपुर, छत्तीसगढ़। यह आदिम जाति विकास विभाग के अधीन एक शीर्ष स्वायत्त अनुसंधान निकाय है।
- संविधान का अनुच्छेद 338A: इसके तहत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) का गठन किया गया है, जो जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करता है।
- पीएम-जनमन योजना (PM-JANMAN): कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की एक अति महत्वाकांक्षी योजना, जिसमें CG TRTI महत्वपूर्ण नीतिगत डेटा प्रदान कर रहा है।
CGPSC Mains Analysis (Paper VI: छत्तीसगढ़ की जनजातियां एवं सामाजिक संरचना)
प्रश्न: “जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (जैसे CG TRTI) की भूमिका केवल अकादमिक दस्तावेजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की नीतियों को लोक-उन्मुख और संवेदनशील बनाने का मुख्य वैधानिक स्रोत है।” हाल ही में प्राप्त **CG TRTI National Award 2026** के आलोक में इस कथन की तर्कपूर्ण समीक्षा कीजिए।
उत्तर की रूपरेखा:
- प्रस्तावना: छत्तीसगढ़ के सामाजिक ताने-बाने में जनजातियों के महत्व और हाल ही में संस्थान को मिले राष्ट्रीय प्रशंसा प्रमाण-पत्र (CG TRTI National Award 2026) का उल्लेख करते हुए उत्तर की शुरुआत करें।
- संस्थान की कूटनीतिक और नीतिगत भूमिका:
- सटीक डेटा का संग्रह: आदिम जनजातियों (PVTGs) की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन कर उनके लिए विशिष्ट नीतियां बनाने में राज्य योजना आयोग को डेटा प्रदान करना।
- जाति पहचान प्रमाणन: किसी समुदाय के नृवंशविज्ञान इतिहास का सटीक विश्लेषण करना ताकि उनके आरक्षण संबंधी संवैधानिक दावों का निपटारा निष्पक्षता से हो सके।
- पारंपरिक ज्ञान का संरक्षण: जड़ी-बूटियों के पारंपरिक ज्ञान, धातु कला (डोकरा आर्ट) और लोक साहित्य का दस्तावेजीकरण कर पेटेंट और वैश्विक पहचान दिलाना।
- आधुनिकीकरण और तकनीक (GIS & AI): हालिया राष्ट्रीय कार्यशाला में की गई चर्चा के अनुरूप जनजातीय भूमि मैपिंग और भाषा संरक्षण में तकनीक के समावेशन का महत्व समझाएं।
- निष्कर्ष: यह सारांश प्रस्तुत करें कि ‘उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र’ यह सिद्ध करता है कि छत्तीसगढ़ ने प्राचीन परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए जनजातियों को आधुनिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में वैज्ञानिक और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया है।
संबद्ध स्टेटिक जीके और संवैधानिक प्रावधान (Static GK & Constitution)
संविधान में अनुसूचित जनजातियों के संरक्षण के लिए किए गए प्रमुख विधायी प्रावधान जो परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं:
- अनुच्छेद 275(1): इसके तहत केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को अनुसूचित जनजातियों के कल्याण और अनुसूचित क्षेत्रों में प्रशासन के स्तर को सुधारने के लिए विशेष अनुदान (Grants) प्रदान किया जाता है।
- पांचवीं अनुसूची (Fifth Schedule): असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम को छोड़कर देश के अन्य राज्यों के अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण से संबंधित प्रावधान। छत्तीसगढ़ का एक बड़ा हिस्सा इस अनुसूची के अंतर्गत आता है।
- पेसा अधिनियम, 1996 (PESA Act): ‘पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम’, जो अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय विवादों के निपटारे के लिए स्वायत्त अधिकार प्रदान करता है। छत्तीसगढ़ में इसके नियम अधिसूचित किए जा चुके हैं।
एक मिनट का रिवीज़न (One Minute Revision)
त्वरित परीक्षा उपयोगी पुनरीक्षण के लिए CG TRTI National Award 2026 के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु:
- National Recognition: भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा CG TRTI को राष्ट्रीय स्तर पर ‘उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र’ से सम्मानित किया गया।
- Location of Workshop: यह पुरस्कार 07-08 जुलाई 2026 को भुवनेश्वर, ओडिशा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में प्रदान किया गया।
- Tech Adaptation: कार्यशाला का मुख्य ध्यान जनजातीय कल्याण के लिए जीआईएस (GIS), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक नवाचारों पर केंद्रित था।
- Core Leadership: प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा के निर्देशन में संचालक हिना अनिमेष नेताम के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ दल ने सम्मान ग्रहण किया।
- Exemplary Work: छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान संस्थान राज्य की 42 जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास के लिए नीति-उन्मुख अनुसंधान का कार्य करता है।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
अपनी तैयारी का स्व-मूल्यांकन करने के लिए नीचे दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल करें:
प्रश्न 1: हाल ही में जुलाई 2026 में छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (CG TRTI) को किस राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है?
(A) राष्ट्रीय जनजातीय कल्याण रत्न पुरस्कार
(B) उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रशंसा प्रमाण-पत्र (Certificate of Excellence)
(C) नीति आयोग सुशासन पुरस्कार
(D) राष्ट्रपति सामाजिक समरसता पदक
उत्तर: (B) उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रशंसा प्रमाण-पत्र (Certificate of Excellence)
व्याख्या: भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा CG TRTI को उसके उत्कृष्ट शोध, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जनजातीय कला संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर इस उत्कृष्टता सम्मान (CG TRTI National Award 2026) से नवाजा गया है।
प्रश्न 2: यह राष्ट्रीय सम्मान (CG TRTI National Award 2026) 29 राज्यों के TRTs के लिए आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में प्रदान किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन कहाँ किया गया था?
(A) नई दिल्ली
(B) रांची, झारखंड
(C) भुवनेश्वर, ओडिशा
(D) रायपुर, छत्तीसगढ़
उत्तर: (C) भुवनेश्वर, ओडिशा
व्याख्या: ओडिशा के भुवनेश्वर में 07 और 08 जुलाई 2026 को जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRTs) के सुदृढ़ीकरण पर केंद्रित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई थी, जिसके समापन सत्र में यह पुरस्कार प्रदान किया गया।
प्रश्न 3: छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (CG TRTI) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
(A) बस्तर (जगदलपुर)
(B) सरगुजा (अंबिकापुर)
(C) रायपुर
(D) बिलासपुर
उत्तर: (C) रायपुर
व्याख्या: छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान का मुख्य कार्यालय और उसका जनजातीय संग्रहालय राजधानी रायपुर में स्थित है। यह आदिम जाति विकास विभाग के अधीन सर्वोच्च अनुसंधान संस्था है।
प्रश्न 4: वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, छत्तीसगढ़ की कुल जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों (ST) का प्रतिशत हिस्सा लगभग कितना है?
(A) 20.12%
(B) 25.50%
(C) 30.62%
(D) 35.15%
उत्तर: (C) 30.62%
व्याख्या: छत्तीसगढ़ एक अत्यधिक जनजातीय बहुल राज्य है, जहाँ की कुल आबादी का लगभग 30.62% अनुसूचित जनजातियाँ हैं, जो राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास की मुख्यधारा में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 5: भारत सरकार द्वारा घोषित ‘विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों’ (PVTGs) की कुल संख्या छत्तीसगढ़ में कितनी है, जिन पर यह संस्थान विशेष शोध करता है?
(A) 3 समूह
(B) 5 समूह
(C) 7 समूह
(D) 9 समूह
उत्तर: (B) 5 समूह
व्याख्या: भारत सरकार द्वारा घोषित पांच पीवीटीजी (PVTGs) छत्तीसगढ़ में पाए जाते हैं: अबूझमाड़िया, बैगा, कमार, बिरहोर और पहाड़ी कोरवा। जबकि राज्य सरकार द्वारा घोषित दो अन्य समूह (पंडो और भुंजिया) हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. CG TRTI National Award 2026 क्या है?
CG TRTI National Award 2026 भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान को प्रदान किया गया एक राष्ट्रीय प्रशंसा प्रमाण-पत्र (Certificate of Excellence) है। यह सम्मान संस्थान को जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और नीति-उन्मुख अनुसंधानों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मिला है।
Q2. यह राष्ट्रीय पुरस्कार कब और कहाँ प्रदान किया गया?
यह पुरस्कार ओडिशा के भुवनेश्वर में 07 और 08 जुलाई 2026 को देश के जनजातीय अनुसंधान संस्थानों के सुदृढ़ीकरण पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन सत्र में प्रदान किया गया।
Q3. इस राष्ट्रीय कार्यशाला में किन आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की गई?
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास और अनुसंधान प्रणालियों को आधुनिक बनाने के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (Innovation Ecosystem) के उपयोग पर गहन मंथन किया।
Q4. छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (CG TRTI) के क्या कार्य हैं?
यह संस्थान छत्तीसगढ़ की जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन पर शोध आयोजित करता है, उनके रीति-रिवाजों का दस्तावेजीकरण करता है, आदिम जनजातियों (PVTGs) की बोलियों के शब्दकोशों का निर्माण करता है, तथा जनजातीय विकास योजनाओं के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करता है।
Q5. वर्तमान में छत्तीसगढ़ आदिमजाति विभाग और संस्थान का प्रशासनिक नेतृत्व कौन कर रहा है?
छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा हैं, जिनके कुशल मार्गदर्शन में संस्थान की संचालक हिना अनिमेष नेताम और उनकी टीम इस अनुसंधान संस्थान का प्रशासनिक और शैक्षणिक नेतृत्व कर रही है।
निष्कर्ष (Conclusion)
भुवनेश्वर में आयोजित हुई राष्ट्रीय कार्यशाला में मिला यह सम्मान CG TRTI National Award 2026 छत्तीसगढ़ सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों और जनजातीय कल्याण के प्रति उसकी कटिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित करता है। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और संचालक हिना अनिमेष नेताम के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान ने यह सिद्ध कर दिया है कि आधुनिक तकनीकों और प्राचीन नृवंशविज्ञान अनुसंधानों के संतुलन से ही वास्तविक जनजातीय सुशासन स्थापित किया जा सकता है।
जीआईएस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों को जनजातीय अनुसंधान में शामिल करने के निर्णय आने वाले समय में आदिवासियों के वन अधिकारों, भूमि अधिकारों और भाषाई विरासतों को कानूनी संरक्षण प्रदान करेंगे। यह राष्ट्रीय पुरस्कार न केवल संस्थान के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाएगा बल्कि देश भर के अन्य जनजातीय राज्यों को अपनी स्थानीय आदिवासी संस्कृतियों को बिना नुकसान पहुँचाए उन्हें सतत और डिजिटल विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का एक संवेदनशील और वैज्ञानिक मार्ग प्रशस्त करेगा।
Official Sources:
- Public Relations Department, Government of Chhattisgarh (DPRCG) (https://dprcg.gov.in)
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