रायपुर/कवर्धा, 13 सितंबर 2026: उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा में 28,000 शेयरधारी गन्ना किसानों को ₹30 प्रति किलो की रियायती दर पर 50 किलो शक्कर वितरण का शुभारंभ किया। यह लगातार तीसरा वर्ष है जब किसानों को रियायती शक्कर उपलब्ध कराई जा रही है। इस वर्ष 4,686 नए किसानों को शेयरधारी बनाया गया है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
Bhoramdeo Sugar Factory Kawardha को राष्ट्रीय सहकारी शक्कर महासंघ (NCSF), नई दिल्ली द्वारा सर्वोच्च शुगर रिकवरी के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26— लगातार दो वर्ष— Efficiency Award प्रदान किया गया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह किसानों की मेहनत का परिणाम है” और किसानों की सुविधा के लिए कारखाना परिसर में डोम निर्माण की भी घोषणा की।
| मुख्य तथ्य | विवरण |
|---|---|
| कारखाना | भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा |
| शक्कर वितरण | 28,000 शेयरधारी किसानों को ₹30/kg पर 50 kg शक्कर |
| नए शेयरधारी | 4,686 नए किसान (2026 में) |
| पुरस्कार | NCSF Efficiency Award— 2024-25 एवं 2025-26 (लगातार दो वर्ष) |
| गन्ना पेराई (पिछला) | 2,55,000 मीट्रिक टन (2025-26) |
| गन्ना पेराई (लक्ष्य) | 4,00,000 मीट्रिक टन (2026-27) |
| अनुबंध लक्ष्य | 10,000 किसानों से गन्ना अनुबंध |
उप मुख्यमंत्री ने क्या कहा: सहकारिता, किसान और रिकवरी
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने Bhoramdeo Sugar Factory Kawardha के कार्यक्रम में कहा:
- किसानों का कारखाना: “यह कारखाना किसानों का अपना कारखाना है और इसकी मजबूती किसानों की सहभागिता से ही संभव है।”
- रिकवरी— किसानों की मेहनत: “बेहतर रिकवरी केवल कारखाने की उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत का परिणाम है।”
- सहकारिता का लाभ: “सहकारी समिति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें होने वाला लाभ सभी सदस्यों के बीच साझा होता है।”
- अपील: किसानों से शेयरधारी बनने और गन्ना अनुबंध करने का आग्रह। समर्थन मूल्य बोनस बढ़ाने का आश्वासन।
मंत्री नेताम बोले— त्योहारों में मिठास बढ़ी
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने वर्चुअल माध्यम से कहा कि तीजा पर्व और गणेश चतुर्थी के बीच किसानों को रियायती शक्कर मिलने से “त्योहार की खुशियों में और मिठास बढ़ेगी।” उन्होंने कहा कि CM श्री विष्णु देव साय के निर्देश और उप मुख्यमंत्री के प्रयासों से शक्कर वितरण की व्यवस्था फिर शुरू हुई। गन्ना उत्पादन बढ़ाने और बोनस बढ़ाने का भी आश्वासन दिया।
लक्ष्य: 4 लाख MT पेराई, 10,000 किसान अनुबंध
Bhoramdeo Sugar Factory Kawardha के लिए इस वर्ष के लक्ष्य महत्वाकांक्षी हैं:
- गन्ना पेराई: पिछले वर्ष 2,55,000 MT से बढ़ाकर 4,00,000 MT (57% वृद्धि)
- गन्ना अनुबंध: 10,000 किसानों से
- नए शेयरधारी: 4,686 जोड़े गए (कुल ~28,000)
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UPSC/CGPSC Static Facts: सहकारी चीनी उद्योग, NCSF और गन्ना किसान
- NCSF (National Cooperative Sugar Federation): नई दिल्ली में मुख्यालय। सहकारी चीनी मिलों का शीर्ष संगठन। रिकवरी दर और दक्षता के आधार पर Efficiency Award प्रदान करता है।
- शुगर रिकवरी: गन्ने से चीनी निकालने की दर (%)। भारत की औसत रिकवरी दर लगभग 10-11% है। उच्च रिकवरी = अधिक चीनी + कम अपशिष्ट।
- भारत— विश्व का सबसे बड़ा चीनी उत्पादक: भारत विश्व में दूसरा (कभी पहला) सबसे बड़ा चीनी उत्पादक। उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य, उसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक।
- सहकारी चीनी मिलें: भारत में चीनी मिलें सहकारी (Cooperative), निजी (Private) और सार्वजनिक (Public) क्षेत्र में हैं। महाराष्ट्र में सहकारी मिलों का प्रभुत्व है।
- गन्ना मूल्य निर्धारण: केंद्र सरकार Fair and Remunerative Price (FRP) निर्धारित करती है। राज्य State Advised Price (SAP) तय कर सकते हैं। FRP से अधिक दर पर खरीद पर राज्य बोनस दे सकते हैं।
- सहकारिता मंत्रालय: 2021 में केंद्र सरकार ने अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया (अमित शाह के अंतर्गत)। “सहकार से समृद्धि” का नारा।
- कवर्धा (कबीरधाम): छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख कृषि जिला। गन्ना उत्पादन में अग्रणी। भोरमदेव मंदिर— 11वीं शताब्दी का प्रसिद्ध मंदिर, खजुराहो शैली।
- छत्तीसगढ़ में गन्ना: राज्य में गन्ना मुख्य रूप से कवर्धा, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा जिलों में उगाया जाता है।
विश्लेषण: सहकारी चीनी मॉडल— ‘किसानों का कारखाना’
(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Agriculture, Cooperatives & Rural Economy)
1. सहकारी मॉडल की सफलता— राष्ट्रीय मान्यता: Bhoramdeo Sugar Factory Kawardha का लगातार दो वर्ष NCSF Efficiency Award जीतना दर्शाता है कि सहकारी मॉडल किसानों के लिए लाभकारी हो सकता है— बशर्ते प्रबंधन कुशल हो और किसानों की सहभागिता मजबूत हो।
2. ‘2,55,000 MT से 4,00,000 MT’— 57% वृद्धि का लक्ष्य: पेराई क्षमता में एक वर्ष में 57% वृद्धि का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है। यह तभी संभव है जब अधिक किसान गन्ना अनुबंध करें और गन्ना रकबा बढ़े।
3. ‘सहकार से समृद्धि’— जमीनी उदाहरण: यह मॉडल केंद्र सरकार के “सहकार से समृद्धि” अभियान और अलग सहकारिता मंत्रालय (2021) के दर्शन का जमीनी उदाहरण है— जहां किसान स्वयं शेयरधारी हैं, लाभ साझा करते हैं और रियायती शक्कर जैसे लाभ पाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. भोरमदेव शक्कर कारखाना को कौन-सा पुरस्कार मिला?
NCSF (National Cooperative Sugar Federation), नई दिल्ली द्वारा सर्वोच्च शुगर रिकवरी के लिए वर्ष 2024-25 एवं 2025-26— लगातार दो वर्ष Efficiency Award प्रदान किया गया।
Q2. कितने किसानों को रियायती शक्कर मिल रही है?
28,000 शेयरधारी गन्ना किसानों को ₹30 प्रति किलो की दर से 50 किलो शक्कर वितरित की जा रही है। इस वर्ष 4,686 नए किसान शेयरधारी बने हैं। यह लगातार तीसरा वर्ष है।
Q3. इस वर्ष गन्ना पेराई का लक्ष्य कितना है?
पिछले वर्ष 2,55,000 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हुई थी। इस वर्ष 4,00,000 मीट्रिक टन (57% अधिक) का लक्ष्य रखा गया है और 10,000 किसानों से गन्ना अनुबंध का लक्ष्य है।
स्रोत (Source)
छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग, रायपुर— 13 सितंबर 2026।
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