रायपुर | 19 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना (Infrastructure) विकास को एक नई सामरिक गति देने और बुनियादी कनेक्टिविटी को सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पहुँचाने की दिशा में छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं (Chhattisgarh Public Works Department) अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आज 19 अगस्त 2026 को राजधानी रायपुर के छत्तीसगढ़ संवाद सभागार में आयोजित एक भव्य प्रेस-कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राज्य के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने विभाग की ऐतिहासिक उपलब्धियों, कड़े ढांचागत सुधारों और आगामी दूरगामी कार्ययोजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कड़े संकल्प ‘लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण’ के मूलमंत्र को साझा करते हुए बताया कि दिसंबर 2023 में नव-निर्वाचित सरकार के गठन के बाद से विभाग ने प्रशासनिक कसावट और कार्यों की गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार किए हैं। प्रेस-कॉन्फ्रेंस के दौरान लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव की उपस्थिति में विभाग की ढाई साल की उपलब्धियों की विस्तृत रिपोर्ट जारी की गई, जो यह स्पष्ट करती है कि छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं राज्य के समावेशी विकास की मुख्य रीढ़ बन चुकी हैं।
| महत्वपूर्ण संकेतक | छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं एवं ऐतिहासिक वित्तीय स्वीकृतियां |
|---|---|
| विभाग और संबद्ध मंत्री | लोक निर्माण विभाग (PWD), उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव |
| कुल प्रशासकीय स्वीकृतियां (दिसंबर 2023 से अब तक) | ₹12,666 करोड़ से अधिक की लागत के कुल 1,572 कार्य |
| मुख्य कार्यवार विभाजन | सड़क निर्माण के 1,285 कार्य, पुलों के 247 कार्य और भवनों के 42 कार्य |
| ऐतिहासिक वित्तीय वर्ष (2025-26) बजट | ₹9,129.18 करोड़ की लागत के 993 कार्यों को ऐतिहासिक मंजूरी |
| नवीनतम प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण | 07 नए संभागीय और 12 नए उप संभागीय कार्यालयों की स्थापना |
| मुख्य तकनीकी नवाचार | WAMIS (Work and Accounts Monitoring Integration System) ऑनलाइन पोर्टल |
छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं: पिछले ढाई वर्षों की ऐतिहासिक वित्तीय स्वीकृतियों का कड़ा विश्लेषण
राज्य के गठन के बाद से छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहली बार है जब लोक निर्माण विभाग के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इतनी बड़ी मात्रा में एकमुश्त प्रशासकीय स्वीकृतियां जारी की गई हैं। दिसंबर 2023 से अगस्त 2026 की अवधि में छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं के तहत कुल 1572 अलग-अलग विकास कार्यों को प्रशासकीय मंजूरी दी गई है, जिसका वर्षवार विश्लेषण इस प्रकार है:
- वित्तीय वर्ष 2023-24 (दिसंबर 2023 से मार्च 2024 तक): सरकार के गठन के शुरुआती महीनों में ही ₹551 करोड़ 42 लाख की लागत के कुल 80 कार्यों को मंजूरी दी गई। इसमें 374 किलोमीटर लंबाई की 72 महत्वपूर्ण सड़कें, 6 पुल और 2 शासकीय भवनों का निर्माण शामिल था।
- वित्तीय वर्ष 2024-25 का बुनियादी ढांचा विस्तार: इस वर्ष कुल ₹2,590 करोड़ 70 लाख की लागत के 438 विकास कार्यों को हरी झंडी दिखाई गई। इसके तहत 1465 किलोमीटर लंबाई की 400 सड़कों, 37 पुलों और 1 शासकीय भवन का निर्माण सफलतापूर्वक शुरू किया गया।
- ऐतिहासिक वित्तीय वर्ष 2025-26: यह वर्ष छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग के 25 वर्षों के इतिहास में सबसे स्वर्णिम सिद्ध हुआ [1]। विभाग को इस एक वर्ष में ही रिकॉर्ड ₹9,129 करोड़ 18 लाख की प्रशासकीय स्वीकृतियां प्राप्त हुईं, जिसमें 5129.60 किलोमीटर लंबाई की 754 सड़कों, 200 बड़े पुलों और 39 भवनों सहित कुल 993 कार्यों को मंजूरी दी गई।
- चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 (10 अगस्त 2026 तक): इस नए सत्र की शुरुआत में ही विभाग को ₹608 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जिसके तहत 608.20 किलोमीटर लंबाई की 59 सड़कों और 2 नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है।
वमिस (WAMIS) प्रणाली: तकनीकी सुशासन और पारदर्शी कार्य निष्पादन
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने स्पष्ट किया कि कड़े और त्वरित निर्माण के लिए विभाग में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीकों का एकीकरण विनियामक रूप से आवश्यक है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं के सुचारू क्रियान्वयन और बिलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के लिए जल्द ही ‘वमिस’ (Work and Accounts Monitoring Integration System) प्रणाली लागू की जा रही है [2]:
- केंद्रीकृत ऑनलाइन डेटाबेस: ‘वमिस’ (WAMIS) एक अत्यधिक एकीकृत और पारदर्शी सॉफ्टवेयर सिस्टम होगा, जो विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने से लेकर तकनीकी मंजूरी, प्रशासनिक स्वीकृति, टेंडर प्रक्रिया और अंतिम एकाउंटिंग/बिलिंग को पूरी तरह से ऑनलाइन संचालित करेगा [2]।
- लालफीताशाही और देरी का अंत: वर्तमान में विभिन्न स्तरों पर फाइलों के अटके रहने के कारण होने वाले अनावश्यक समय और लागत की बर्बादी (Time & Cost Overrun) को यह तकनीक पूरी तरह समाप्त कर देगी। इससे ठेकेदारों और अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी तथा गुणवत्ता में सुधार आएगा।
ढांचागत विस्तार: नए संभागीय और उप संभागीय कार्यालयों की स्थापना
गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्माण कार्यों को धरातल पर सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं के तहत व्यापक प्रशासनिक फेरबदल और ढांचागत विस्तार किए गए हैं, ताकि सुदूर वनांचल अंचलों में भी कड़े निरीक्षण और त्वरित निर्णय संभव हो सकें:
- नवीन कार्यालयों की शुरुआत: बेहतर प्रशासनिक कसावट और कार्यों की सघन निगरानी के लिए राज्य में 7 नए संभागीय कार्यालय (Divisional Offices) और 12 नए उप संभागीय कार्यालय (Sub-Divisional Offices) शुरू किए गए हैं।
- अनुकंपा नियुक्तियों का त्वरित निराकरण: संवेदनशीलता दिखाते हुए विभाग ने वर्षों से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का त्वरित निवारण कर पीड़ित परिवारों को राहत प्रदान की है, जो मानवीय सुशासन की दिशा में बड़ा कदम है।
UPSC & CGPSC Civil Infrastructure Fact Box: PWD & WAMIS System
- लोक निर्माण विभाग (PWD): यह छत्तीसगढ़ सरकार का सबसे पुराना और नोडल तकनीकी विभाग है जो राज्य के राष्ट्रीय राजमार्गों, प्रांतीय राजमार्गों, जिला सड़कों, पुलों, सिविल भवनों और हवाई पट्टियों के नियोजन, निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।
- वमिस (WAMIS – Work and Accounts Monitoring Integration System): यह राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) या तकनीकी विंग द्वारा विकसित एक एकीकृत डिजिटल एंटरप्राइज एप्लीकेशन है, जिसका उद्देश्य सरकारी निर्माण विभागों के वित्तीय लेखा-जोखा और कार्यों की वास्तविक समय की प्रगति (Real-time monitoring) को एकीकृत करना है [2]।
- अधोसंरचना बहुMultiplier प्रभाव: अर्थशास्त्र के सिद्धांतों के अनुसार, सड़क और पुल निर्माण में निवेश की गई प्रत्येक ₹1 की राशि अर्थव्यवस्था में ₹2.5 से ₹3 का अप्रत्यक्ष आर्थिक विकास (Keynesian Multiplier Effect) पैदा करती है।
UPSC & State PCS Mains Analysis: अधोसंरचना-नेतृत्व विकास मॉडल, ई-गवर्नेंस और क्षेत्रीय समानता
मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र, लोक नीति, अर्थशास्त्र और लोक प्रशासन (Public Administration) के दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं का यह कड़ा वित्तीय आधुनिकीकरण विकसित छत्तीसगढ़ @ 2047 के संकल्प को पूरा करने की दिशा में मील का पत्थर है। किसी भी विकासशील राज्य में संतुलित क्षेत्रीय विकास (Balanced Regional Development) और सामाजिक न्याय तब तक संभव नहीं है जब तक कि अंतिम छोर के गाँवों तक बारहमासी पक्की सड़कों और पुलों का जाल न बिछाया जाए।
इसके समाधान के रूप में, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सड़क अधोसंरचना में ₹12,666 करोड़ से अधिक का भारी निवेश करना सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पूंजी प्रवाह (Capital Infusion) को बढ़ाता है, जिससे रोजगार और बाजार पहुँच सुनिश्चित होती है। इसके अलावा, ‘वमिस’ (WAMIS) जैसी कड़ाई से लागू की जाने वाली ई-गवर्नेंस प्रणालियाँ सरकारी खर्च में दक्षता (Fiscal Efficiency) लाती हैं और भ्रष्टाचार की संभावनाओं को समाप्त करती हैं [2]। यह ढांचागत सशक्तिकरण सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG-9: उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचा तथा SDG-11: सतत शहर और समुदाय) के समयबद्ध लक्ष्यों को पूरा करने में छत्तीसगढ़ के आर्थिक नियोजन की सबसे मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगा।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण विकासात्मक रिपोर्ट और छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे पर अपने सामान्य ज्ञान का परीक्षण करें:
प्रश्न 1: हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं के क्रियान्वयन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए किस एकीकृत प्रणाली (सॉफ्टवेयर) को लागू किया जा रहा है?
(A) भुइयां प्रणाली
(B) वमिस प्रणाली (WAMIS – Work and Accounts Monitoring Integration System) [2]
(C) मोर छत्तीसगढ़ एप
(D) ई-निर्माण पोर्टल
उत्तर: (B) वमिस प्रणाली (WAMIS – Work and Accounts Monitoring Integration System) [2]
व्याख्या: लोक निर्माण विभाग के कार्यों की डीपीआर बनाने से लेकर, निविदा प्रक्रिया, प्रशासनिक स्वीकृति और अंतिम बिलिंग को ऑनलाइन व एकीकृत करने के लिए जल्द ही ‘वमिस’ (WAMIS) प्रणाली लागू की जा रही है [2]।
प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचा इतिहास में किस वित्तीय वर्ष को लोक निर्माण विभाग के लिए ‘सबसे ऐतिहासिक’ घोषित किया गया है, जिसमें राज्य गठन के बाद सर्वाधिक ₹9,129.18 करोड़ की स्वीकृतियां प्रदान की गईं?
(A) वित्तीय वर्ष 2023-24 में
(B) वित्तीय वर्ष 2024-25 में
(C) वित्तीय वर्ष 2025-26 में [1]
(D) वित्तीय वर्ष 2026-27 में
उत्तर: (C) वित्तीय वर्ष 2025-26 में [1]
व्याख्या: वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग को राज्य निर्माण के 25 वर्षों के इतिहास में सबसे अधिक ₹9,129.18 करोड़ की लागत के 993 निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृतियां मिलीं [1]।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं के अंतर्गत पिछले ढाई वर्षों में कुल कितनी वित्तीय राशि के कार्यों को मंजूरी मिली है?
छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं के अंतर्गत दिसंबर 2023 से अगस्त 2026 तक कुल ₹12,666 करोड़ से अधिक की लागत के 1,572 अधोसंरचना कार्यों को प्रशासकीय स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं।
Q2. पिछले ढाई वर्षों में स्वीकृत किए गए 1,572 निर्माण कार्यों का कार्यवार विवरण क्या है?
मंजूर किए गए कुल 1,572 कार्यों में से सड़क निर्माण के 1,285 बड़े कार्य, विभिन्न नदियों और नालों पर पुल निर्माण के 247 कार्य तथा शासकीय सिविल भवनों के निर्माण के 42 कार्य शामिल हैं।
Q3. ‘वमिस’ (WAMIS) पोर्टल क्या है और यह लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को कैसे बदलेगा?
‘वमिस’ (Work and Accounts Monitoring Integration System) एक ऑनलाइन एकीकृत सॉफ्टवेयर प्रणाली है [2]। इसके लागू होने से डीपीआर तैयार करने, निविदा जारी करने, वित्तीय मंजूरी देने और ठेकेदारों के भुगतान/अकाउंट्स की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी [2]। इससे परियोजनाओं की लागत और समय की बर्बादी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)
- बुनियादी ढांचे का स्वर्णिम काल: छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग योजनाएं के तहत पिछले ढाई वर्षों में सड़क निर्माण के 1,285, पुल निर्माण के 247 और शासकीय भवन निर्माण के 42 बड़े कार्यों को स्वीकृत किया गया है, जो ग्रामीण कनेक्टिविटी को अभूतपूर्व बढ़ावा देगा।
- वित्तीय वर्ष 2025-26 रहा ऐतिहासिक: राज्य गठन के 25 वर्षों के इतिहास में PWD विभाग को एक ही वर्ष (2025-26) में रिकॉर्ड ₹9,129.18 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृतियां मिलीं, जिससे छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे की तस्वीर पूरी तरह बदल रही है [1]।
- डिजिटल और पारदर्शी प्रशासन: ‘वमिस’ (WAMIS) सॉफ्टवेयर प्रणाली का क्रियान्वयन लालफीताशाही को समाप्त करेगा, गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करेगा और वास्तविक समय में वास्तविक वित्तीय प्रगति (Real-time tracking) को संभव बनाएगा [2]।
UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)
यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-5 (छत्तीसगढ़ का आर्थिक विकास, अधोसंरचना विकास बजट, परिवहन एवं संचार योजनाएं) तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सरकारी नीतियां और उनका क्रियान्वयन, ई-गवर्नेंस के अनुप्रयोग, लोक सेवा की भूमिका और सुशासन सुधार) और सामान्य अध्ययन पेपर-3 (बुनियादी ढांचा: ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, हवाई अड्डे, रेलवे और निवेश मॉडल) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक समसामयिक नीति व अधोसंरचना विषय है.
Official Source (आधिकारिक स्रोत)
यह लेख छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग (DPRCG), लोक निर्माण विभाग (PWD) छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ संवाद, और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा 19 अगस्त 2026 को रायपुर में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस के दौरान जारी की गई आधिकारिक उपलब्धियों और सांख्यिकीय प्रगति विवरणों की मूल रिपोर्ट पर आधारित है.
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