Atal Utkrisht Shiksha Yojana Chhattisgarh: नारायणपुर के राजमिस्त्री और रेजा-कुली के बच्चों को मिला राजकुमार कॉलेज व DPS में दाखिला, कक्षा 6वीं से 12वीं तक मिलेगी निःशुल्क आवासीय शिक्षा

Atal Utkrisht Shiksha Yojana Chhattisgarh Atal Utkrisht Shiksha Yojana Chhattisgarh

नारायणपुर, 19 सितंबर 2026: सुदूर बस्तर अंचल के नक्सल प्रभावित वनांचल क्षेत्र नारायणपुर में सामाजिक न्याय और समान अवसरों की एक ऐतिहासिक इबारत लिखी जा रही है। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित Atal Utkrisht Shiksha Yojana Chhattisgarh गरीब श्रमिक परिवारों के होनहार नौनिहालों के सपनों को नई उड़ान देने का सबसे सशक्त माध्यम बन गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत नारायणपुर जिले के पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 5 मेधावी बच्चों का चयन राज्य के सबसे प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक की पूर्णतः निःशुल्क आवासीय शिक्षा के लिए किया गया है।

योजना के तहत चयनित बच्चों में खरगांव निवासी एक साधारण राजमिस्त्री के बेटे साहिल दुग्गा का चयन देश के ऐतिहासिक और अभिजात्य संस्थान राजकुमार कॉलेज (RKC), रायपुर में हुआ है। वहीं, मजदूरी और रेजा-कुली का कार्य करने वाली माताओं की बेटियों—तेजल जैन का चयन दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), राजनांदगांव में तथा अबूझमाड़ के ओरछा तहसील अंतर्गत ग्राम कुतुल निवासी दिप्ती उसेंडी का चयन ‘संस्कार द गुरुकुल’, बस्तर में हुआ है। इसके अतिरिक्त पूर्वी पात्र को संस्कार द गुरुकुल (बस्तर) और हिमांशु राना को कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई में प्रवेश मिला है।

इन श्रमिक परिवारों के लिए यह योजना केवल निःशुल्क शिक्षा नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चले आ रहे अभावों के चक्र को तोड़कर उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने का स्वर्णिम अवसर बन गई है। भोजन, आवास, यूनिफॉर्म और शिक्षण शुल्क का संपूर्ण भार राज्य शासन वहन कर रहा है। लाभान्वित श्रमिक परिवारों ने श्रम विभाग नारायणपुर के साथ-साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना (नारायणपुर चयन सूची): मुख्य तथ्य (Quick Facts)विवरण
योजना का नामAtal Utkrisht Shiksha Yojana Chhattisgarh
संचालक संस्थाछत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (BOCW)
शिक्षा का स्तरकक्षा 6वीं से 12वीं तक संपूर्ण निःशुल्क आवासीय शिक्षा (Boarding & Lodging)
साहिल दुग्गा (पिता: रामधर दुग्गा, राजमिस्त्री)राजकुमार कॉलेज, रायपुर (RKC Raipur)
तेजल जैन (माता: डिगेश्वरी जैन, रेजा-कुली)दिल्ली पब्लिक स्कूल, राजनांदगांव (DPS Rajnandgaon)
दिप्ती उसेंडी (माता: गणेशिया उसेंडी, रेजा-कुली)संस्कार द गुरुकुल, बस्तर (ग्राम कुतुल, ओरछा)
पूर्वी पात्र (पिता: दयाल सिंह पात्र, रेजा-कुली)संस्कार द गुरुकुल, बस्तर (ग्राम बाकुलवाही)
हिमांशु राना (पिता: बेनु राम राना, रेजा-कुली)कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई (ग्राम बोरण्ड)

नारायणपुर के 5 श्रमिक परिवारों की सफलता गाथा: अभावों पर प्रतिभा की विजय

Atal Utkrisht Shiksha Yojana Chhattisgarh के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों की पृष्ठभूमि यह सिद्ध करती है कि प्रतिभा किसी साधन या संपन्नता की मोहताज नहीं होती:

1. साहिल दुग्गा (राजकुमार कॉलेज, रायपुर): राजमिस्त्री पिता का सपना हुआ साकार

ग्राम खरगांव निवासी श्री रामधर दुग्गा, जो दैनिक मजदूरी में राजमिस्त्री (Mason) का कार्य करते हैं, ने अपने पुत्र साहिल दुग्गा के लिए आवेदन किया था। साहिल का चयन राज्य के सबसे प्रतिष्ठित स्कूल ‘राजकुमार कॉलेज, रायपुर’ में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के लिए हुआ। भावुक पिता रामधर बताते हैं कि एक मजदूर परिवार के लिए ऐसे बड़े आवासीय स्कूल में पढ़ाने की कल्पना करना भी असंभव था, लेकिन इस योजना ने उनके बेटे का जीवन बदल दिया।

2. तेजल जैन (DPS राजनांदगांव): रेजा-कुली मां की बेटी बनेगी अफसर

जगदीश मंदिर वार्ड, नारायणपुर निवासी श्रीमती डिगेश्वरी जैन, जो निर्माण स्थलों पर भारी ईंट-गारा ढोने (रेजा-कुली) का कार्य करती हैं, की पुत्री तेजल जैन का चयन दिल्ली पब्लिक स्कूल, राजनांदगांव में हुआ है। डिगेश्वरी जैन ने कहा कि उनके कठिन परिश्रम के बाद यह योजना उनके पूरे परिवार के लिए सम्मानजनक जीवन का द्वार खोल रही है।

3. दिप्ती उसेंडी (संस्कार द गुरुकुल, बस्तर): अबूझमाड़ के कुतुल गांव से निकली प्रतिभा

अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कुतुल (तहसील ओरछा) निवासी श्रीमती गणेशिया उसेंडी (रेजा-कुली) की पुत्री दिप्ती उसेंडी का चयन प्रतिष्ठित ‘संस्कार द गुरुकुल’, बस्तर में हुआ है। दुर्गम वनांचल से निकलकर आधुनिक आवासीय विद्यालय में पहुँचना समूचे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है।

4. पूर्वी पात्र (संस्कार द गुरुकुल, बस्तर): बाकुलवाही के श्रमिक की बेटी का चयन

ग्राम बाकुलवाही निवासी श्री दयाल सिंह पात्र (रेजा-कुली) की पुत्री पूर्वी पात्र का चयन भी कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क अध्ययन हेतु ‘संस्कार द गुरुकुल’, बस्तर में हुआ है।

5. हिमांशु राना (कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई): बोरण्ड गांव के छात्र को नया मंच

ग्राम बोरण्ड निवासी श्री बेनु राम राना (रेजा-कुली) के पुत्र हिमांशु राना का चयन ‘कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई’ में हुआ है।

आत्मविश्वास और बेहतर करियर की नई संभावनाएं

इन श्रमिक परिवारों के लिए यह योजना केवल निःशुल्क शिक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि बच्चों के भीतर हीनभावना को समाप्त कर आत्मविश्वास बढ़ाने का जरिया है। आर्थिक तंगी के कारण जो माता-पिता अपने बच्चों को सामान्य निजी स्कूलों में भी भेजने में असमर्थ थे, उनके बच्चे अब देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ बैठकर अध्ययन करेंगे। इससे आगे चलकर मेडिकल, इंजीनियरिंग और सिविल सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में उनके चयन की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी।

हितग्राही परिवारों ने श्रम विभाग जिला नारायणपुर के अधिकारियों, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के प्रति आभार ज्ञापित किया है।


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CGPSC Static Facts: नारायणपुर, अबूझमाड़ एवं श्रमिक कल्याण शिक्षा नीतियां

प्रतियोगी परीक्षाओं (CGPSC राज्य सेवा परीक्षा Paper-6 सामाजिक परिदृश्य व जनजातीय अध्ययन तथा Paper-2 लोक कल्याणकारी योजनाएं) के लिए मानक तथ्य:

  • अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना:
    • संचालन: छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (BOCW Board) द्वारा।
    • पात्रता: मंडल में न्यूनतम 1 वर्ष से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रथम दो मेधावी बच्चे। कक्षा 6वीं में प्रवेश मेरिट/चयन परीक्षा के आधार पर होता है। कक्षा 12वीं तक शिक्षण, आवास, भोजन, किताबें और गणवेश का शत-प्रतिशत व्यय श्रम मंडल वहन करता है।
    • विस्तार: राज्य सरकार द्वारा इस योजना के अंतर्गत सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।
  • नारायणपुर जिला एवं ओरछा (अबूझमाड़) का भौगोलिक परिदृश्य:
    • जिला गठन: 11 मई 2007 को बस्तर जिले से पृथक कर नारायणपुर जिले का गठन किया गया था।
    • अबूझमाड़ (Abujhmad): नारायणपुर जिले का ओरछा विकासखंड अबूझमाड़ का हृदय स्थल है। इसे ‘अज्ञात पठार’ (Unknown Highlands) कहा जाता है। यह विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) अबूझमाड़िया (हिल माड़िया) का मूल निवास क्षेत्र है। (प्रेस नोट में उल्लेखित ग्राम ‘कुतुल’ इसी अबूझमाड़ क्षेत्र का प्रसिद्ध गांव है)।
  • राजकुमार कॉलेज, रायपुर (RKC):
    • स्थापना: वर्ष 1882 में जबलपुर में स्थापित हुआ, जिसे 1894 में रायपुर स्थानांतरित किया गया। मूल रूप से यह मध्य प्रांत (Central Provinces) के सामंतों, राजाओं और राजकुमारों को अंग्रेजी शिक्षा देने के लिए स्थापित ऐतिहासिक संस्थान था।
  • संवैधानिक प्रावधान:
    • अनुच्छेद 21A: 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार।
    • अनुच्छेद 46 (DPSP): राज्य द्वारा जनता के दुर्बल वर्गों, विशेष रूप से SC/ST और श्रमिकों के शिक्षा संबंधी हितों का विशेष संवर्धन।

विश्लेषण: अभिजात्य शिक्षा का लोकतंत्रीकरण और सामाजिक गतिशीलता

(UPSC/CGPSC Mains Analysis – Inclusive Education, Social Stratification & Welfare Economics)

1. अभिजात्य शिक्षा का लोकतंत्रीकरण (Democratization of Elite Education): ऐतिहासिक रूप से ‘राजकुमार कॉलेज’ (RKC) या ‘डीपीएस’ जैसे शीर्ष आवासीय विद्यालय केवल उच्च वर्ग और अभिजात्य परिवारों तक सीमित माने जाते थे। Atal Utkrisht Shiksha Yojana Chhattisgarh ने वर्ग-आधारित सामाजिक विभाजन को सीधे चुनौती दी है। जब एक दैनिक वेतनभोगी राजमिस्त्री या रेजा-कुली का बच्चा उस कक्षा में बैठता है जहाँ उद्योगपतियों और उच्चाधिकारियों के बच्चे पढ़ते हैं, तो यह वर्ग-भेदभाव (Class Barrier) को समाप्त कर वास्तविक सामाजिक समरसता स्थापित करता है।

2. श्रम उपकर (Labor Cess) से मानव पूंजी (Human Capital) का निर्माण: अक्सर कल्याणकारी योजनाओं में पैसे सीधे बांटकर तात्कालिक राहत दे दी जाती है, लेकिन Atal Utkrisht Shiksha Yojana Chhattisgarh 1% निर्माण उपकर के राजस्व को सीधे ‘मानव पूंजी निर्माण’ में निवेश करती है। 7 वर्षों (6वीं से 12वीं) तक उच्च कोटि की आवासीय शिक्षा प्राप्त करने के बाद ये बच्चे मजदूरी के दुष्चक्र (Vicious Cycle of Poverty) में नहीं फंसेंगे, बल्कि वे परिवार के प्रथम पीढ़ी के अधिकारी, डॉक्टर या इंजीनियर बनकर पूरे परिवार को स्थायी रूप से गरीबी से बाहर निकालेंगे।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. Atal Utkrisht Shiksha Yojana Chhattisgarh किस विभाग व मंडल द्वारा संचालित है?

यह योजना छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग अंतर्गत ‘छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल’ (BOCW Board) द्वारा संचालित की जाती है।

Q2. इस योजना के तहत श्रमिक परिवारों के बच्चों को किस कक्षा तक निःशुल्क आवासीय शिक्षा मिलती है?

योजना के तहत चयनित मेधावी विद्यार्थियों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में संपूर्ण निःशुल्क शिक्षा, भोजन और आवास उपलब्ध कराया जाता है।

Q3. नारायणपुर के राजमिस्त्री रामधर दुग्गा के पुत्र साहिल का चयन किस विद्यालय में हुआ है?

साहिल दुग्गा का चयन रायपुर स्थित ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित ‘राजकुमार कॉलेज’ (Rajkumar College – RKC) में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क अध्ययन हेतु हुआ है।

स्रोत (Source)

जिला जनसंपर्क कार्यालय (DPRO), नारायणपुर, छत्तीसगढ़, 19 सितंबर 2026.

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