रायपुर (PIB), 02 सितंबर 2026: भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह (AIIMS Raipur Convocation 2026) में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने स्नातक छात्रों को ‘भारत के लोगों के स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन’ की सेवा करने का दायित्व सौंपा। उपराष्ट्रपति ने एम्स रायपुर को “नए छत्तीसगढ़ का बेहतरीन प्रतीक” बताया, जो नक्सलवाद के खौफ से निकलकर शांति और संभावनाओं के युग में प्रवेश कर रहा है।
| AIIMS Raipur Convocation 2026 (Quick Facts) | विवरण |
|---|---|
| मुख्य अतिथि | श्री सी.पी. राधाकृष्णन (उपराष्ट्रपति, भारत) |
| अन्य विशिष्ट अतिथि | राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, राज्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल |
| डिग्री प्राप्तकर्ता (लिंग अनुपात) | 376 महिलाएं और 313 पुरुष (महिला सशक्तिकरण का प्रतीक) |
| AIIMS रायपुर की प्रमुख चिकित्सा उपलब्धि | छत्तीसगढ़ का पहला स्वैप (Swap) किडनी ट्रांसप्लांट, हार्ट ट्रांसप्लांट को मंजूरी |
| उपराष्ट्रपति का युवाओं को संदेश | “नशे को दृढ़ता से ना कहें” (No to Drugs) |
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नक्सलवाद (Left-Wing Extremism) का अंत और नया छत्तीसगढ़
AIIMS Raipur Convocation 2026 को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद (Naxalism) के खिलाफ मिली सफलता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि दशकों तक कठिन भूगोल, अपर्याप्त कनेक्टिविटी और नक्सलवाद ने विकास में गंभीर बाधाएं उत्पन्न की थीं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज छत्तीसगढ़ अपने अतीत के साये से बाहर आ गया है। इस अभूतपूर्व परिवर्तन का श्रेय उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के रणनीतिक संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रतिबद्ध नेतृत्व को दिया। उपराष्ट्रपति ने कहा, “दशकों पुराने नक्सली खतरे को समाप्त कर दिया गया है। जिन क्षेत्रों की पहचान कभी हिंसा से होती थी, अब वे सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और निवेश से पहचाने जा रहे हैं।”
AIIMS रायपुर की चिकित्सा उपलब्धियां
स्वास्थ्य सेवा में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने में एम्स की भूमिका की सराहना करते हुए, उपराष्ट्रपति ने AIIMS Raipur Convocation 2026 के मंच से संस्थान की बड़ी चिकित्सा सफलताओं को रेखांकित किया। इनमें शामिल हैं:
- छत्तीसगढ़ का पहला स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट (Swap Kidney Transplant)।
- किडनी प्रत्यारोपण (Renal Transplants) में 95% से अधिक सफलता दर।
- कॉर्नियल (Corneal) ट्रांसप्लांट और ईयर (Ear) इम्प्लांट्स में शानदार कार्य।
- संस्थान को हृदय प्रत्यारोपण (Heart-Transplant Program) के लिए प्राप्त हालिया मंजूरी।
उच्च शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
उपराष्ट्रपति ने ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) के विजन को तभी संभव बताया जब हर राज्य, जिला और गांव विकसित हो। उन्होंने पिछले 12 वर्षों में उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि के आंकड़े पेश किए। 2014-15 में महिला नामांकन 1.57 करोड़ था, जो 2023-24 में बढ़कर 2.24 करोड़ हो गया (42.2% की वृद्धि)। इसका साक्षात् उदाहरण AIIMS Raipur Convocation 2026 में दिखा, जहाँ 313 पुरुषों के मुकाबले 376 महिलाओं ने डिग्री प्राप्त की।
CGPSC/UPSC छात्रों के लिए महत्वपूर्ण Static Facts (Background)
चूंकि AIIMS Raipur Convocation 2026 में नक्सलवाद और स्वास्थ्य अवसंरचना पर विशेष जोर दिया गया है, इसलिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए निम्नलिखित ‘स्टेटिक फैक्ट्स’ जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है:
- AIIMS रायपुर की स्थापना: इसकी स्थापना 2012 में केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (PMSSY) के तहत की गई थी। इसका उद्देश्य मध्य भारत में गुणवत्तापूर्ण तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल (Tertiary Healthcare) प्रदान करना है।
- वामपंथी उग्रवाद (LWE): इसे भारत में नक्सलवाद के नाम से जाना जाता है, जिसकी उत्पत्ति 1967 में पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी गांव से हुई थी। छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग (सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर आदि) ‘रेड कॉरिडोर’ (Red Corridor) का प्रमुख हिस्सा रहा है।
- नक्सलवाद विरोधी प्रमुख अभियान: राज्य और केंद्र सरकार द्वारा नक्सलवाद को खत्म करने के लिए ‘ऑपरेशन ग्रीन हंट’ (अतीत में) और वर्तमान में ‘ऑपरेशन प्रहार’ (Operation Prahaar) जैसे अभियान चलाए गए हैं। इसके अलावा “समाधान” (SAMADHAN) गृह मंत्रालय की नक्सल विरोधी समग्र रणनीति है।
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विश्लेषण: UPSC (GS-2 & GS-3) के दृष्टिकोण से महत्व
(UPSC/CGPSC Analysis)
1. आंतरिक सुरक्षा (Internal Security – GS 3): उपराष्ट्रपति का यह वक्तव्य कि “मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और सुरक्षा नीति से नक्सलवाद का अंत हुआ है”, UPSC मुख्य परीक्षा के लिए एक बेहतरीन केस स्टडी है। यह दर्शाता है कि ‘Development and Security go hand-in-hand’ (विकास और सुरक्षा एक साथ चलते हैं)। सड़कों और मोबाइल टावरों के विस्तार ने नक्सलवाद की कमर तोड़ी है।
2. सामाजिक न्याय एवं स्वास्थ्य (Social Justice – GS 2): AIIMS रायपुर का विकास यह साबित करता है कि आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में ‘Tertiary Care’ पहुंचने से क्षेत्रीय असमानता (Regional Disparity) कम होती है। हार्ट ट्रांसप्लांट जैसी सुविधा का रायपुर में मिलना मेडिकल माइग्रेशन (इलाज के लिए दिल्ली/मुंबई जाना) को रोकेगा।
3. महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment): चिकित्सा शिक्षा में लड़कों (313) से ज्यादा लड़कियों (376) का पास होना ‘विकसित भारत’ के विजन में महिलाओं की लीडरशिप (Women-led Development) को प्रमाणित करता है।
तीन प्रमुख बातें (Key Takeaways)
- नक्सलवाद पर विजय: उपराष्ट्रपति ने मजबूत सुरक्षा नीति और राजनीतिक इच्छाशक्ति (PM मोदी, अमित शाह, CM विष्णु देव साय) के कारण छत्तीसगढ़ को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त और प्रगतिशील बताया।
- AIIMS रायपुर की छलांग: स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट में 95% सफलता और हार्ट ट्रांसप्लांट की मंजूरी इस संस्थान को मध्य भारत का सबसे प्रमुख मेडिकल हब बनाती है।
- सामाजिक संदेश: उच्च शिक्षा में महिला नामांकन में 42.2% की वृद्धि दर्ज की गई। युवाओं को ‘नो टू ड्रग्स’ (No to Drugs) का संकल्प दिलाया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. AIIMS Raipur Convocation 2026 में मुख्य अतिथि कौन थे?
AIIMS रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह (2026) में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
Q2. AIIMS रायपुर की स्थापना किस योजना के तहत की गई थी?
AIIMS रायपुर की स्थापना वर्ष 2012 में केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’ (PMSSY – Pradhan Mantri Swasthya Suraksha Yojana) के तहत क्षेत्रीय स्वास्थ्य असमानताओं को दूर करने के लिए की गई थी।
Q3. वामपंथी उग्रवाद (LWE) से निपटने के लिए भारत सरकार की प्रमुख रणनीति क्या है?
वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने सुरक्षा और विकास का दोहरा दृष्टिकोण अपनाया है, जिसके लिए ‘SAMADHAN’ (समाधान) नामक व्यापक रणनीति लागू की गई है।
स्रोत (Source)
प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB Delhi), 02 सितंबर 2026.
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