छत्तीसगढ़ में ‘आंगन मिलन सेवा’ का आगाज: पहले दिन 12,698 आयोजन, 97 हजार से अधिक लोग हुए शामिल

aangan milan seva chhattisgarh cm sai aangan milan seva chhattisgarh cm sai

रायपुर/मुंगेली, 26 सितंबर: छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शुरू हुई ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले दिन ही जनभागीदारी का नया रिकॉर्ड बना। प्रदेशभर के 2,262 केंद्रों पर आयोजित 12,698 गतिविधियों में 97,471 नागरिकों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शामिल होकर माताओं और बच्चों के बेहतर पोषण की मुहिम का शुभारंभ किया।

मुख्य बिंदु:

  • आंगन मिलन सेवा के पहले दिन 2,262 स्थानों पर 12,698 गतिविधियां हुईं, 97,471 लोग शामिल हुए।
  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुंगेली के मदकू में कार्यक्रम में पहुंचकर पोषण संवाद किया।
  • ‘सुपोषित थाली’ के जरिए स्थानीय दालों, हरी सब्जियों और पौष्टिक आहार का हुआ जीवंत प्रदर्शन।
  • महतारी वंदन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राहियों ने साझा किए जमीनी अनुभव।

उत्सव स्थल बने 2 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र

प्रदेश में बच्चों और गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से ‘आंगन मिलन सेवा’ शुरू की गई है। पहले ही दिन राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों को उत्सव स्थल की तरह सजाया गया।

केंद्रों में पहुंची गर्भवती माताओं का पारंपरिक रीति-रिवाजों से आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान बच्चों के पिताओं और अभिभावकों ने भी सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, जिससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य केवल महिलाओं का नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सरोकार बन सका।

‘सुपोषित थाली’ से संतुलित आहार का संदेश

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘सुपोषित थाली’ की प्रदर्शनी रही। पोषण विशेषज्ञों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर सहज उपलब्ध मोटे अनाज, मौसमी हरी सब्जियां, फल और दालों के जरिए समझाया कि बिना अतिरिक्त खर्च के संतुलित आहार कैसे तैयार किया जा सकता है।

महिलाओं को एनीमिया से बचाव, नियमित टीकाकरण और नवजात शिशुओं की प्रारंभिक देखभाल के वैज्ञानिक तरीके समझाए गए।


यह भी पढ़ें: मदकू में CM विष्णु देव साय ने दी 68.96 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात: सरगांव में खुलेगा ट्रॉमा सेंटर


सरकारी योजनाओं से मिल रहा सीधा संबल

संवाद के दौरान महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की लाभार्थी महिलाओं ने अपने अनुभव बांटे।

महिलाओं ने बताया कि खातों में नियमित सहायता राशि पहुंचने से वे अपनी और बच्चों की पौष्टिक खानपान संबंधी जरूरतें बिना किसी आर्थिक दबाव के पूरी कर पा रही हैं।

“स्वस्थ माता और सुपोषित बच्चा ही एक सशक्त समाज की असली नींव हैं। आंगनबाड़ी केंद्र केवल औपचारिक संस्थान नहीं, बल्कि हमारी भावी पीढ़ी के निर्माण की नर्सरी हैं। आंगन मिलन सेवा का उद्देश्य बच्चों के पोषण को किसी एक विभाग तक सीमित न रखकर पूरे समुदाय और परिवार की साझा जिम्मेदारी बनाना है।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

आम जनता और परिवारों के लिए इसके क्या मायने हैं?

  • कुपोषण और एनीमिया पर सीधा वार: स्थानीय रूप से उपलब्ध सस्ते और पौष्टिक खाद्य पदार्थों की जानकारी मिलने से ग्रामीण परिवारों में बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार होगा।
  • पुरुषों की भागीदारी से बदला नजरिया: कार्यक्रमों में पिताओं और परिवार के बुजुर्गों के शामिल होने से गर्भावस्था और शिशु देखभाल में घरेलू सहयोग का दायरा बढ़ा है।
  • योजनाओं का सीधा समाधान: आंगनबाड़ी स्तर पर संवाद से महतारी वंदन योजना और मातृ वंदना योजना की पात्र महिलाओं की छूटी हुई समस्याओं का मौके पर समाधान हो रहा है।

पृष्ठभूमि: सेवा संकल्प अभियान और पोषण की पहल

छत्तीसगढ़ में दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों में मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और कुपोषण को समाप्त करने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है।

राज्य सरकार ने पोषण अभियान को केवल राशन वितरण से आगे बढ़ाकर ‘आंगन मिलन सेवा’ के जरिए जनसंवाद और सामुदायिक भागीदारी में तब्दील किया है। मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में सीधे शामिल होने से प्रशासनिक तंत्र और मैदानी कार्यकर्ताओं (मितानिन व आंगनबाड़ी सहायिकाओं) का मनोबल बढ़ा है।

पहले दिन के आंकड़े एक नजर में

  • कुल आयोजन स्थल: 2,262 केंद्र
  • कुल आयोजित गतिविधियां: 12,698
  • कुल जनसहभागिता: 97,471 नागरिक
  • प्रमुख गतिविधियां: गर्भवती माताओं का सम्मान, सुपोषित थाली का प्रदर्शन, पोषण परामर्श और योजनाओं पर सीधा संवाद।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

छत्तीसगढ़ में ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले दिन कितने लोगों ने भाग लिया?

आंगन मिलन सेवा के पहले दिन राज्यभर में 97,471 नागरिकों ने 12,698 से अधिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।

आंगन मिलन सेवा किस अभियान के अंतर्गत शुरू की गई है?

यह पहल छत्तीसगढ़ सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत माताओं और बच्चों के पोषण सुधार के लिए शुरू की गई है।

‘सुपोषित थाली’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?

सुपोषित थाली का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सस्ती दालों, हरी सब्जियों और पौष्टिक अनाजों से संतुलित आहार तैयार करने की जानकारी देना है।

स्रोत (Source)

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग (DPR Raipur) 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *