Karam Puja Parab Raipur: करम परब में शामिल हुए सीएम विष्णु देव साय; गनोद में ₹50 लाख के सामुदायिक भवन की घोषणा

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रायपुर, 28 अक्टूबर: प्रकृति के प्रति अटूट आस्था, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और पूर्वजों के जीवनमूल्यों का प्रतीक लोकपर्व ‘करम परब’ राजधानी रायपुर में पारंपरिक उल्लास और गरिमा के साथ मनाया गया। बुधवार को अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम परिसर में उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ, रायपुर द्वारा आयोजित Karam Puja Parab Raipur (करम पूजा परब रायपुर) समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने भारत माता के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और आराध्य देव करम राजा की विधिवत पूजा-अर्चना कर समस्त छत्तीसगढ़वासियों की सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने उरांव समाज की सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए रायपुर जिले के गनोद गांव में ₹50 लाख की लागत से सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन निर्माण की बड़ी घोषणा की।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Karam Puja Parab Raipur’: वनवासी कल्याण आश्रम में उरांव (सरना) समाज के करम परब में शामिल हुए सीएम साय।
  • करम राजा की विधिवत पूजा: मुख्यमंत्री ने प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
  • गनोद में ₹50 लाख का सामुदायिक भवन: उरांव समाज के सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों के लिए सीएम ने की वित्तीय घोषणा।
  • प्रकृति और मानव का अटूट सामंजस्य: सीएम बोले—’पूर्वजों द्वारा विकसित प्रकृति संरक्षण की परंपरा पूरे विश्व के लिए प्रेरणा।’
  • आधुनिकता के साथ सांस्कृतिक पहचान: नई पीढ़ी को अपनी बोली-भाषा, लोकगीत, नृत्य और त्योहारों से जोड़े रखना अनिवार्य।
  • जनजातीय नेतृत्व की उपस्थिति: समाज प्रमुख बिन्देश्वर भगत, उरांव विकास संघ व वनवासी आश्रम के पदाधिकारी रहे मौजूद।

Karam Puja Parab Raipur: ‘प्रकृति और पूर्वजों की अमूल्य धरोहर है करम परब’: मुख्यमंत्री श्री साय

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मा यहाँ के लोकपर्वों, वनों और समृद्ध जनजातीय जीवनदर्शन में बसती है।

Karam Puja Parab Raipur के मंच से उन्होंने रेखांकित किया कि करम परब प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, प्रेम और सम्मान की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। हमारे पूर्वजों ने सदियों पहले प्रकृति का दोहन किए बिना उसके साथ संतुलन बनाकर जीने की जो जीवनशैली विकसित की थी, वह आज के आधुनिक युग में पूरे विश्व को पर्यावरण संरक्षण का मार्ग दिखाती है। करम परब केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सामूहिक श्रम और पारस्परिक भाईचारे का पावन संदेश देने वाला पर्व है।

गनोद गांव में ₹50 लाख से बनेगा उरांव समाज का भव्य सामुदायिक भवन

उरांव (सरना) समाज की संगठनात्मक और सामुदायिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण सौगात दी:

  • सामुदायिक भवन की सौगात: मुख्यमंत्री ने रायपुर जिले के ग्राम गनोद में ₹50 लाख की लागत से सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण की विधिवत घोषणा की।
  • सामाजिक एकजुटता को बल: उन्होंने कहा कि इस भवन के बनने से समाज के लोगों को वैवाहिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक उत्सवों के आयोजन के लिए सुलभ स्थान मिलेगा, जिससे समाज की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में सहायता प्राप्त होगी।

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आधुनिकता के साथ सांस्कृतिक जड़ों को सहेजना नई पीढ़ी का दायित्व

मुख्यमंत्री ने उपस्थित युवाओं और छात्र-छात्राओं को अपनी विरासत पर गर्व करने का आह्वान किया:

  • बोली-भाषा और लोकनृत्यों का संरक्षण: उन्होंने कहा कि हमें आधुनिक शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन अपनी कुडुख बोली, पारंपरिक करम गीतों और लोकनृत्यों को कभी नहीं भूलना चाहिए। संस्कृति ही हमारी वास्तविक शक्ति और पहचान है।
  • वरिष्ठजनों से सीखने का अवसर: ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को परिवार के बुजुर्गों और समाज के प्रबुद्धजनों के सानिध्य में पारंपरिक जीवनमूल्यों को समझने का सुअवसर मिलता है। उन्होंने उरांव समाज द्वारा संस्कृति संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की।

“करम परब केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी प्रकृति वंदना, सामाजिक एकता और पुरखों के जीवनदर्शन का जीवंत प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की असली पहचान हमारे लोकपर्वों और जनजातीय संस्कृति की सादगी में बसती है। आधुनिकता की दौड़ में अपनी भाषा, संस्कृति और संस्कारों को सुरक्षित रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है। जब समाज अपनी जड़ों से जुड़ा रहता है, तभी सशक्त और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण होता है।”— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (करम पूजा परब संबोधन)

समारोह में उपस्थित प्रमुख जनजातीय नेतृत्व एवं गणमान्य नागरिक

अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम परिसर में आयोजित इस गरिमामय आयोजन में जनजातीय समाज के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे:

  • मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय।
  • समाज प्रमुख: श्री बिन्देश्वर भगत (वरिष्ठ जनजातीय नेता)।
  • आयोजन समिति: उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ रायपुर के अध्यक्ष व पदाधिकारीगण।
  • संस्थागत उपस्थिति: अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय व प्रांतीय पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठ पंच-सरपंच, मातृशक्ति और बड़ी संख्या में युवा।

करम पूजा परब रायपुर 2026: एक नजर में

  • पर्व का नाम: करम पूजा परब 2026 (Karam Puja Parab Raipur)
  • मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
  • आयोजन स्थल व तिथि: अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम, रायपुर (28 अक्टूबर 2026)
  • आयोजक: उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ, रायपुर
  • धार्मिक विधान: करम राजा की पूजा, भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन
  • बड़ी सौगात: रायपुर जिले के ग्राम गनोद में ₹50 लाख की लागत से उरांव समाज हेतु सामुदायिक भवन
  • मूल संदेश: प्रकृति संरक्षण, पूर्वजों की विरासत, सामाजिक समरसता व युवा जुड़ाव
  • प्रमुख उपस्थिति: समाज प्रमुख श्री बिन्देश्वर भगत, वनवासी कल्याण आश्रम के पदाधिकारी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Karam Puja Parab Raipur कार्यक्रम का आयोजन कहाँ और किसके द्वारा किया गया?

Karam Puja Parab Raipur का आयोजन राजधानी रायपुर स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम परिसर में उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ द्वारा 28 अक्टूबर 2026 को किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर क्या बड़ी घोषणा की?

मुख्यमंत्री ने उरांव समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों की सुविधा के लिए रायपुर जिले के गनोद गांव में ₹50 लाख की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की।

करम परब का जनजातीय समाज और प्रकृति से क्या संबंध है?

करम परब प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, करम वृक्ष की पूजा, सामाजिक एकता और प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर जीने के जनजातीय दर्शन का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को सांस्कृतिक विरासत को लेकर क्या संदेश दिया?

मुख्यमंत्री ने युवाओं से आधुनिक शिक्षा अपनाने के साथ-साथ अपनी मातृभाषा, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक संस्कारों को सहेजकर रखने का आह्वान किया।

आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन / उरांव (सरना) आदिवासी विकास संघ

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