रायपुर, 27 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ के अन्नदाता किसानों की समृद्धि, कृषि लागत में कमी और उनकी आय में निरंतर वृद्धि करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मंगलवार को राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की जयंती के पावन अवसर पर आयोजित ‘उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने Utkrisht Krishak Ratna Samman (उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान) से प्रदेशभर के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 नवंबर से शुरू हो रही धान खरीदी को सुगम बनाने के लिए प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे किसानों को लंबी दूरी तय करने से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 80 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, इसलिए किसानों की खुशहाली ही विकसित छत्तीसगढ़ की असली बुनियाद है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Utkrisht Krishak Ratna Samman’: सर्किट हाउस रायपुर में प्रगतिशील किसानों को मिला राज्य स्तरीय सम्मान।
- 360 नए धान खरीदी केंद्र: 15 नवंबर से शुरू हो रही खरीदी में किसानों को मिलेगी सहूलियत; घटेंगी लंबी कतारें।
- सिंचाई में ऐतिहासिक निवेश: दो वर्षों में ₹10 हजार करोड़ की नई परियोजनाएं; इंद्रावती पर मटनार व देऊरगांव प्रोजेक्ट्स।
- 1,500 पुरानी नहरों का कायाकल्प: ₹2,800 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार; 76 हजार हेक्टेयर बढ़ेगा सिंचित रकबा।
- शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण: अटल जी के केसीसी विजन का उल्लेख, 18% के मुकाबले अब 0% ब्याज पर कर्ज।
- श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय को नमन: वन मंत्री केदार कश्यप बोले—’किसान पुत्र सीएम साय ले रहे ऐतिहासिक फैसले।’
Utkrisht Krishak Ratna Samman: नवाचार और उन्नत कृषि करने वाले किसान सम्मानित
राजधानी के सर्किट हाउस में आयोजित इस राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में कृषि में तकनीकी नवाचार, फसल विविधीकरण और जैविक खेती अपनाने वाले किसानों का उत्साहवर्धन किया गया।
Utkrisht Krishak Ratna Samman प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे किसान केवल परंपरागत खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे आधुनिक कृषि तकनीकों, सूक्ष्म सिंचाई और उन्नत बीजों का उपयोग कर उत्पादन का नया कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। ऐसे प्रगतिशील किसानों का सम्मान अन्य किसानों को भी प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री ने मनहरण लाल पाण्डेय स्मृति संस्थान को इस गरिमामय आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि यह मंच किसानों के पसीने और मेहनत का सच्चा सम्मान है।
360 नए धान खरीदी केंद्र: 15 नवंबर से किसानों को मिलेगी बड़ी सहूलियत
आगामी 15 नवंबर से प्रारंभ होने जा रहे खरीफ धान उपार्जन को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक तैयारियों का ब्योरा दिया:
- लंबी दूरी से मुक्ति: किसानों को धान बेचने के लिए दूर न जाना पड़े, इसलिए 360 नए धान उपार्जन केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे कुल केंद्रों की संख्या 3,100 पहुंच गई है।
- भीड़ और समय की बचत: नए केंद्र खुलने से पुरानी समितियों पर वाहनों और बोरों का दबाव कम होगा, जिससे तौल प्रक्रिया तेज होगी और किसानों के समय तथा परिवहन खर्च की बड़ी बचत होगी।
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सिंचाई क्रांति: ₹10,000 करोड़ की नई परियोजनाएं और 1,500 पुरानी नहरों का जीर्णोद्धार
खेती को मौसम के भरोसे से मुक्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे व्यापक सिंचाई विस्तार का उल्लेख किया गया:
- दो वर्षों में ₹10 हजार करोड़ की योजनाएं: प्रदेश में सिंचाई प्रतिशत बढ़ाने के लिए पिछले दो वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की नई सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत की गई है।
- 76 हजार हेक्टेयर बढ़ेगा सिंचित रकबा: प्रदेश की 1,500 पुरानी और जर्जर हो चुकी सिंचाई परियोजनाओं के पुनरुद्धार के लिए ₹2,800 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है, जिससे टेल एरिया के खेतों तक पानी पहुंचेगा और 76,000 हेक्टेयर सिंचित रकबा बढ़ जाएगा।
- इंद्रावती नदी पर बैराज: बस्तर में इंद्रावती नदी पर मटनार और देऊरगांव बैराज जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से वनांचल के खेतों को बारहमासी पानी मिलेगा।
18% से 0% ब्याज का सफर: केसीसी और शून्य ब्याज ऋण का संबल
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के ऐतिहासिक योगदान को याद किया:
उन्होंने बताया कि अटल जी द्वारा शुरू किए गए ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC) ने किसानों को साहूकारों के चंगुल और महंगे ब्याज से मुक्ति दिलाई। पूर्व में सहकारी बैंकों से 18% तक भारी ब्याज पर ऋण मिलता था, जबकि आज साय सरकार किसानों को शून्य प्रतिशत (0%) ब्याज पर अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय’ बनाकर किसानों की समृद्धि को राष्ट्रीय नीतियों के केंद्र में स्थापित किया गया है।
श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय का जनसेवा को समर्पित जीवन
समारोह को संबोधित करते हुए वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्री पाण्डेय ने अपना संपूर्ण जीवन ग्रामीण अंचल और किसानों की भलाई के लिए समर्पित किया। मंत्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं एक किसान परिवार से आते हैं, इसलिए वे किसानों की वास्तविक पीड़ा और जरूरतों को गहराई से समझकर निर्णय ले रहे हैं।
“छत्तीसगढ़ के किसानों का पसीना ही प्रदेश की समृद्धि का असली आधार है। हमारी सरकार की स्पष्ट नीति है कि किसान को उसकी उपज का पूरा मान मिले और उसे खाद, बीज, पानी और कर्ज के लिए कभी परेशान न होना पड़े। 15 नवंबर से 360 नए केंद्रों पर धान खरीदी शुरू हो रही है। ₹10,000 करोड़ की नई सिंचाई परियोजनाओं से हम हर खेत तक पानी पहुंचाने के संकल्प को तेजी से साकार कर रहे हैं।”— श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (उत्कृष्ट कृषक रत्न समारोह संबोधन)
समारोह में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक
सर्किट हाउस रायपुर में आयोजित इस पावन सम्मान समारोह में शासन और समाज के प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे:
- मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय।
- विशिष्ट वक्ता: वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप।
- प्रमुख जनप्रतिनिधि: श्री कर्मवीर सिंह, श्री अखिलेश सोनी, श्री नवीन मार्कण्डेय, श्री राम गर्ग, श्री आलोक चंद्र ठाकुर।
- आयोजन परिवार एवं समिति: श्रीमती हर्षिता पाण्डेय, श्री अनुराग पाण्डेय, श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय स्मृति संस्थान के सदस्य तथा प्रदेशभर से पधारे सैकड़ों प्रगतिशील किसान।
उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह: एक नजर में
- समारोह का नाम: उत्कृष्ट कृषक रत्न सम्मान समारोह (Utkrisht Krishak Ratna Samman)
- आयोजन संदर्भ: श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की जयंती
- मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
- स्थल व तिथि: सर्किट हाउस, सिविल लाइंस, रायपुर (27 अक्टूबर 2026)
- धान खरीदी घोषणा: 15 नवंबर से शुरुआत, 360 नए उपार्जन केंद्र (कुल 3,100 केंद्र)
- सिंचाई निवेश: दो वर्षों में ₹10,000 करोड़ की नई परियोजनाएं
- नहर जीर्णोद्धार: 1,500 पुरानी योजनाओं हेतु ₹2,800 करोड़ (76,000 हेक्टेयर सिंचित रकबा बढ़ेगा)
- कृषि ऋण सुविधा: 0% ब्याज पर ऋण, केसीसी से साहूकारी कर्ज से मुक्ति
- विशिष्ट उपस्थिति: वन मंत्री श्री केदार कश्यप, हर्षिता पाण्डेय, अनुराग पाण्डेय
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Utkrisht Krishak Ratna Samman समारोह का आयोजन किस उपलक्ष्य में किया गया?
यह समारोह श्रद्धेय मनहरण लाल पाण्डेय की पावन जयंती के अवसर पर कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रदेशभर के प्रगतिशील किसानों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया।
धान खरीदी को सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 15 नवंबर से शुरू हो रही धान खरीदी के लिए प्रदेश में 360 नए उपार्जन केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे किसानों को लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और समय की बचत होगी।
छत्तीसगढ़ में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए क्या बड़े वित्तीय निर्णय लिए गए हैं?
राज्य में पिछले 2 वर्षों में ₹10,000 करोड़ की नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं तथा 1,500 पुरानी परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए ₹2,800 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिससे 76 हजार हेक्टेयर सिंचित रकबा बढ़ेगा।
किसानों को सस्ती पूंजी उपलब्ध कराने के लिए सरकार क्या सुविधा दे रही है?
सरकार द्वारा किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत (0%) ब्याज दर पर अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उन्हें महंगे साहूकारी कर्ज से स्थायी राहत मिली है।
आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन / जल संसाधन विभाग / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur)