रायपुर, 18 अक्टूबर: शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर शक्ति की भक्ति, सनातन आस्था और नारी शक्ति के सम्मान का अद्भुत उल्लास राजधानी रायपुर में देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित भव्य गरबा एवं डांडिया उत्सवों में पहुंचकर CM Vishnu Deo Sai Garba Raipur (सीएम विष्णु देव साय गरबा रायपुर) के तहत प्रदेशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कालीबाड़ी स्थित प्राचीन मां काली मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। इसके बाद वे मंडी परिसर, भानपुरी, गोवर्धन नगर और अमलीडीह में आयोजित पारंपरिक गरबा महोत्सवों में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति हमारी अगाध श्रद्धा और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘CM Vishnu Deo Sai Garba Raipur’: मुख्यमंत्री ने कालीबाड़ी मां काली मंदिर में टेका माथा; राजधानी के 5 प्रमुख गरबा आयोजनों में हुए शामिल।
- पाटीदार और क्षत्रिय समाज का आयोजन: मंडी परिसर, भानपुरी में कच्छ कड़वा पाटीदार समाज और गोवर्धन नगर में कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज के गरबा में पहुंचे सीएम।
- अमलीडीह में ढोलिडा रास गरबा: युवाओं और मातृशक्ति के साथ गरबा उत्सव में साझा की खुशियां।
- महतारी वंदन और लखपति दीदी: लगभग 68 लाख महिलाओं को हर महीने मिल रही ₹1,000 की मदद; प्रदेश में 14 लाख बहनें बनीं लखपति दीदी।
- ‘विकास भी, विरासत भी’: माता कौशल्या की पावन धरा और 5 शक्तिपीठों (दंतेश्वरी, बम्लेश्वरी, महामाया, चंद्रहासिनी) के संरक्षण का संकल्प।
- प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित: विधायक पुरंदर मिश्रा, देवजी भाई पटेल, जयंती पटेल, जगदीश पटेल सहित समाज प्रमुख रहे मौजूद।
CM Vishnu Deo Sai Garba Raipur: कालीबाड़ी से अमलीडीह तक गरबा महोत्सवों में पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार शाम राजधानी रायपुर के विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक पंडालों का सघन दौरा किया।
CM Vishnu Deo Sai Garba Raipur कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री सबसे पहले कालीबाड़ी स्थित ऐतिहासिक मां काली मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात वे कृषि उपज मंडी परिसर में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज द्वारा आयोजित ‘श्री पाटीदार नवरात्रि महोत्सव’ में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने भानपुरी में पाटीदार समाज के गरबा समारोह, गोवर्धन नगर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित नवरात्रि महोत्सव तथा अमलीडीह क्षेत्र में आयोजित भव्य ‘ढोलिडा रास गरबा-2026’ में भाग लिया। विभिन्न समाजों के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक साफा और स्मृति चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
गरबा हमारी आस्था और सामाजिक समरसता का उत्सव: विविधता में एकता का संदेश
गरबा पंडालों में उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि का पर्व हमें शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना के साथ समाज को एकजुट करने की प्रेरणा देता है:
- संस्कृति का राष्ट्रीय विस्तार: मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात से शुरू हुई गरबा की भक्तिमय परंपरा आज पूरे भारत और छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में उत्साह से मनाई जाती है। यह भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता का सबसे सुंदर उदाहरण है।
- समाज को जोड़ने वाले पर्व: उन्होंने कहा कि जब अलग-अलग जातियों और समाजों के लोग एक साथ मिलकर मां अंबे की आराधना में डांडिया और गरबा खेलते हैं, तो सामाजिक खाई मिटती है और आपसी भाईचारा मजबूत होता है।
महतारी वंदन और 14 लाख लखपति दीदी: मातृशक्ति के स्वावलंबन का रिपोर्ट कार्ड
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सनातन परंपरा में नारी को शक्ति का साक्षात स्वरूप माना गया है, और सरकार इसी भावना को नीतियों में ढाल रही है:
- महतारी वंदन योजना: प्रदेश की लगभग 68 लाख विवाहित माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह ₹1,000 की वित्तीय सहायता सीधे डीबीटी द्वारा भेजी जा रही है। इस राशि से महिलाओं का पारिवारिक निर्णय प्रक्रिया में आत्मविश्वास बढ़ा है।
- 14 लाख लखपति दीदी: महिला स्व-सहायता समूहों के उद्यमशीलता की बदौलत प्रदेश में 14 लाख बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो परिवार के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं।
- परिवार और समाज की रीढ़: मुख्यमंत्री ने कहा कि जब एक महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है, तो बच्चों की पढ़ाई, पोषण और पूरे परिवार का जीवन स्तर सुधरता है।
माता कौशल्या की धरा और देवी शक्तिपीठ: ‘विकास भी, विरासत भी’ का संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक पहचान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को रेखांकित किया:
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन जन्मभूमि है। यह मां दंतेश्वरी (दंतेवाड़ा), मां बम्लेश्वरी (डोंगरगढ़), मां महामाया (रतनपुर) और मां चंद्रहासिनी (चंद्रपुर) जैसी सिद्ध पीठों की पवित्र धरा है। राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ के मूलमंत्र पर चलते हुए प्रदेश के इन सभी प्रमुख शक्तिपीठों को 1,000 किलोमीटर लंबे शक्तिपीठ कॉरिडोर के रूप में विकसित कर रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहें।
“नवरात्रि केवल उपवास और गरबा का पर्व नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान और उनके प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारियों का पावन स्मरण है। हमारे छत्तीसगढ़ की 68 लाख महतारी वंदन की बहनें और 14 लाख लखपति दीदियां यह साबित कर रही हैं कि मातृशक्ति के बिना विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव नहीं है। माँ दुर्गा से यही प्रार्थना है कि हर घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (गरबा महोत्सव संबोधन)
समारोह में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुख
राजधानी के विभिन्न गरबा कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री के साथ वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे:
- श्री पुरंदर मिश्रा (विधायक, रायपुर नगर उत्तर)
- श्री देवजी भाई पटेल (वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक)
- श्री जयंती पटेल एवं श्री जगदीश पटेल
- कच्छ कड़वा पाटीदार समाज, कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज और गरबा आयोजन समितियों के पदाधिकारी एवं हजारों श्रद्धालु।
मुख्यमंत्री का गरबा एवं नवरात्रि दौरा: एक नजर में
- कार्यक्रम का नाम: रायपुर गरबा एवं नवरात्रि महोत्सव भ्रमण (CM Vishnu Deo Sai Garba Raipur)
- भ्रमण स्थल 1: मां काली मंदिर, कालीबाड़ी, रायपुर (दर्शन एवं विशेष पूजा-अर्चना)
- भ्रमण स्थल 2: श्री पाटीदार नवरात्रि महोत्सव (मंडी परिसर) एवं भानपुरी गरबा (कच्छ कड़वा पाटीदार समाज)
- भ्रमण स्थल 3: नवरात्रि महोत्सव, गोवर्धन नगर (श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज)
- भ्रमण स्थल 4: ढोलिडा रास गरबा-2026, अमलीडीह, रायपुर
- महिला सशक्तिकरण आंकड़े: 68 लाख महिलाओं को महतारी वंदन, 14 लाख लखपति दीदी
- सांस्कृतिक दर्शन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन ‘विकास भी, विरासत भी’
- प्रमुख उपस्थित जनप्रतिनिधि: विधायक पुरंदर मिश्रा, देवजी भाई पटेल, जयंती पटेल, जगदीश पटेल
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
CM Vishnu Deo Sai Garba Raipur में किन प्रमुख आयोजनों में सम्मिलित हुए?
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कालीबाड़ी मां काली मंदिर दर्शन के बाद मंडी परिसर व भानपुरी में कच्छ कड़वा पाटीदार समाज के गरबा, गोवर्धन नगर में कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज के महोत्सव और अमलीडीह के ढोलिडा रास गरबा-2026 में शामिल हुए।
गरबा उत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को लेकर क्या आंकड़े साझा किए?
मुख्यमंत्री ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की सीधी मदद मिल रही है और स्व-सहायता समूहों के जरिए 14 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक विरासत के लिए किस मंत्र का उल्लेख किया?
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए मंत्र ‘विकास भी, विरासत भी’ का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक विकास के साथ माता कौशल्या की धरा और राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।
गरबा महोत्सव में मुख्यमंत्री के साथ कौन-से प्रमुख नेता उपस्थित रहे?
इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, वरिष्ठ नेता श्री देवजी भाई पटेल, श्री जयंती पटेल, श्री जगदीश पटेल सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / जनसंपर्क संचालनालय (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन