रायपुर, 12 अक्टूबर: छत्तीसगढ़ में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार, अंतरराज्यीय तस्करी और युवाओं में बढ़ती नशे की लत के खिलाफ शासन ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बहु-विभागीय महाभियान की रूपरेखा तय की है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में Chhattisgarh State NCORD Meeting (छत्तीसगढ़ राज्य एनकोर्ड बैठक) आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम सहित गृह, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और सभी जिलों के कलेक्टर-एसपी शामिल हुए। मुख्य सचिव ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत राज्य का विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट और एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही पड़ोसी राज्यों से जुड़े बॉर्डर इलाकों में पुलिस और आबकारी विभाग को साझा चेकपोस्ट बनाकर 24×7 चौकसी बरतने तथा स्कूलों-कॉलेजों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का शिकंजा कसने का कड़ा आदेश दिया।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- ‘Chhattisgarh State NCORD Meeting’: मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय नार्को समन्वय समिति (NCORD) की बैठक संपन्न।
- नशा मुक्ति का विजन डॉक्यूमेंट: ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत राज्य और जिला स्तर पर बनेगा रिजल्ट-ओरिएंटेड रोडमैप।
- सीमाओं पर संयुक्त नाकेबंदी: अंतरराज्यीय सीमाओं पर गांजा, सिंथेटिक ड्रग्स और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी रोकने पुलिस-आबकारी की साझा चौकसी।
- मानस पोर्टल व पाक्षिक अभियानों की समीक्षा: 16 अगस्त से 25 सितंबर 2026 तक चले विशेष अभियानों और पोर्टल शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई।
- ANTF का शिक्षण संस्थानों में एक्शन प्लान: स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जागरूकता के साथ तस्करों की धरपकड़ होगी तेज।
- डाक व कूरियर सेवाओं पर भी निगरानी: पार्सल के जरिए नशीली दवाओं की डिलीवरी पर नजर रखने के लिए डाक विभाग व लॉजिस्टिक्स फर्मों से समन्वय।
Chhattisgarh State NCORD Meeting: नशा मुक्त भारत का बनेगा राज्यव्यापी विजन डॉक्यूमेंट
बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने स्पष्ट किया कि नशा नियंत्रण केवल बैठकों और कागजी निर्देशों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके परिणाम जमीनी स्तर पर दिखने चाहिए।
Chhattisgarh State NCORD Meeting के दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य एवं जिला स्तर पर एनकोर्ड (Narco Coordination Centre) की बैठकें नियमित और परिणामोन्मुख (Result-Oriented) आधार पर आयोजित की जाएं। गृह विभाग को नोडल बनाते हुए एक दीर्घकालिक विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा, जिसमें ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने, नशे के आदी युवाओं के पुनर्वास और जनजागरूकता के लिए ठोस समयबद्ध लक्ष्य तय किए जाएंगे। गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के जरिए राज्य में एनकोर्ड के तहत अब तक की प्रगति का ब्योरा रखा।
अंतरराज्यीय सीमाओं पर संयुक्त नाकेबंदी: पुलिस और आबकारी विभाग की विशेष चौकसी
छत्तीसगढ़ की सीमाएं ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, झारखंड और उत्तर प्रदेश से लगती हैं। इन सीमाओं से गांजा और कफ सिरप जैसी नशीली दवाओं की अवैध आवक रोकने के लिए मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश जारी किए:
- संयुक्त चेकपोस्ट और सघन जांच: संवेदनशील सीमावर्ती जांच चौकियों पर पुलिस और आबकारी विभाग का साझा अमला आधुनिक स्कैनर और डॉग स्क्वॉड के साथ तैनात रहेगा।
- खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और पड़ोसी राज्यों की एसटीएफ (STF) के साथ रियल-टाइम इनपुट साझा किए जाएंगे ताकि अंतरराज्यीय तस्कर गिरोहों की जड़ तक पहुंचा जा सके।
मानस पोर्टल (MANAS) और 16 अगस्त से 25 सितंबर तक चले अभियानों की समीक्षा
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के नार्को हेल्पलाइन मानस पोर्टल (MANAS Portal) से प्राप्त शिकायतों की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मानस पोर्टल पर आम जनता द्वारा ड्रग्स पेडलर्स, अवैध अड्डों और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर दी जाने वाली गुप्त शिकायतों पर बिना किसी देरी के 24 से 48 घंटे के भीतर रेड और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही प्रदेश भर में 16 अगस्त 2026 से 25 सितंबर 2026 तक चलाए गए विशेष पाक्षिक अभियान की समीक्षा करते हुए जब्त मादक पदार्थों, दर्ज एनडीपीएस (NDPS) मामलों और गिरफ्तार आरोपियों की जिलेवार जानकारी ली गई।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF): शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर दायरे में नो-ड्रग्स जोन
अधिकारियों ने बताया कि राज्य पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) द्वारा स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के आसपास सक्रिय ड्रग नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है:
- कैंपस एक्शन प्लान: उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग के समन्वय से सभी शिक्षण संस्थानों में छात्रों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों, अवसाद और कानूनी परिणामों से अवगत कराने के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित होंगी।
- तस्करों की धरपकड़: स्कूल-कॉलेजों के आसपास गुमटियों, पान ठेलों और कैफे में हुक्का, प्रतिबंधित टैबलेट्स और ई-सिगरेट बेचने वालों के खिलाफ विशेष सर्च ऑपरेशन चलाए जाएंगे।
डाक पार्सल, कूरियर और मेडिकल स्टोर्स पर भी सख्त निगरानी
बैठक में डार्कवेब, ऑनलाइन डिलीवरी और कूरियर के जरिए नशीली दवाओं की तस्करी के नए ट्रेंड पर गंभीर चिंता जताई गई:
मुख्य सचिव ने डाक विभाग, निजी कूरियर कंपनियों और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को आपसी समन्वय से काम करने को कहा। बिना डॉक्टर के पर्चे (Prescription) के नशीली दवाएं और कफ सिरप बेचने वाले मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस तुरंत रद्द करने और कूरियर पार्सल की औचक जांच करने के निर्देश दिए गए।
“नशा मुक्त समाज का निर्माण केवल पुलिस विभाग का कार्य नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील विषय है। अंतरराज्यीय सीमाओं पर पुलिस और आबकारी अमला ऐसी सघन नाकेबंदी करे कि तस्करों की रीढ़ टूट जाए। शिक्षण संस्थानों को नशा मुक्त बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानस पोर्टल पर मिलने वाली एक-एक सूचना पर तत्काल कानूनी प्रहार होना चाहिए।”— विकासशील (IAS), मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन
बैठक में उपस्थित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस नेतृत्व
इस राज्यस्तरीय समीक्षा में शासन के सभी प्रमुख विभागों के विभागाध्यक्ष व्यक्तिगत और वर्चुअल माध्यम से शामिल रहे:
- शीर्ष अधिकारी: पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री अरूण देव गौतम, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार।
- विभागीय सचिव: कृषि सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया, गृह सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत।
- संबद्ध एजेंसियां: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA), पुलिस मुख्यालय (PHQ), वन, समाज कल्याण, डाक विभाग, राज्य एड्स नियंत्रण समिति, सभी संभागों के संभागायुक्त तथा समस्त जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (SP)।
छत्तीसगढ़ राज्य एनकोर्ड समीक्षा 2026: एक नजर में
- बैठक का नाम: राज्य स्तरीय समन्वय एनकोर्ड समिति (NCORD) बैठक
- आयोजन स्थल: मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर
- अध्यक्षता: मुख्य सचिव श्री विकासशील (IAS)
- मुख्य कार्ययोजना: नशा मुक्त भारत अभियान हेतु विजन डॉक्यूमेंट व टाइमबाउंड रोडमैप
- प्रमुख प्रवर्तन तंत्र: एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) एवं राज्य पुलिस
- डिजिटल पोर्टल समीक्षा: मानस पोर्टल (MANAS Portal) गुप्त शिकायत निवारण
- पाक्षिक विशेष अभियान अवधि: 16 अगस्त 2026 से 25 सितंबर 2026 (समीक्षा संपन्न)
- सहभागी एजेंसियां: गृह, आबकारी, NCB, डाक विभाग, FDA, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Chhattisgarh State NCORD Meeting की अध्यक्षता किसने की और क्या प्रमुख निर्देश दिए गए?
Chhattisgarh State NCORD Meeting की अध्यक्षता मुख्य सचिव विकासशील ने की। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए विजन डॉक्यूमेंट बनाने, सीमाओं पर पुलिस-आबकारी की संयुक्त नाकेबंदी और शिक्षण संस्थानों में विशेष अभियान के निर्देश दिए।
मानस पोर्टल (MANAS Portal) क्या है और बैठक में इसकी क्या भूमिका रही?
मानस पोर्टल केंद्रीय गृह मंत्रालय का एंटी-नारकोटिक्स मंच है, जहाँ नागरिक नशीले पदार्थों की तस्करी की गुप्त सूचना दे सकते हैं। बैठक में इस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण की समीक्षा की गई।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को क्या जिम्मेदारी सौंपी गई है?
ANTF को स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा शिक्षण संस्थानों के आसपास नशीले पदार्थ बेचने वाले तस्करों की धरपकड़ तेज करने का दायित्व दिया गया है।
नशे की तस्करी रोकने के लिए किन विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया?
पुलिस, आबकारी, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), डाक विभाग (कूरियर जांच हेतु), खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) और समाज कल्याण विभाग के बीच संयुक्त तालमेल पर जोर दिया गया है।
आधिकारिक स्रोत: गृह विभाग / पुलिस मुख्यालय (PHQ) / सामान्य प्रशासन विभाग (DPR Raipur), छत्तीसगढ़ शासन