Shining Chhattisgarh Shakti Swaroopa: ‘लाभार्थी नहीं, नेतृत्वकर्ता बनें महिलाएं’; सीएम साय ने 14 लाख लखपति दीदी और महिला सशक्तिकरण का पेश किया मॉडल

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रायपुर, 11 अक्टूबर: नवरात्रि के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की महिलाओं के लिए एक बड़ा विजन प्रस्तुत किया है। राजधानी रायपुर में हिंदी खबर द्वारा आयोजित Shining Chhattisgarh Shakti Swaroopa (शाइनिंग छत्तीसगढ़ शक्ति स्वरूपा) सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं, बहनें और बेटियां प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं की कतार में खड़ी ‘लाभार्थी’ बनाए रखना नहीं है, बल्कि उन्हें परिवार, समाज, व्यवसाय और प्रशासन में निर्णायक ‘नेतृत्वकर्ता’ बनाना है। समारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देकर प्रदेश का मान बढ़ाने वाली नारी शक्तियों को सम्मानित किया और अपने जीवन में मां के संघर्षों के प्रेरक संस्मरण साझा किए।

मुख्य बिंदु (Key Highlights):

  • ‘Shining Chhattisgarh Shakti Swaroopa’: रायपुर में नारी शक्ति सम्मान समारोह; सीएम साय ने कहा—’महिला सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है।’
  • महतारी वंदन योजना का संबल: 68 लाख से अधिक महिलाओं को अब तक 32 किस्तों में ₹20,700 करोड़ से अधिक की सीधी डीबीटी सहायता।
  • लखपति दीदी में रिकॉर्ड: 7.82 लाख के लक्ष्य के मुकाबले लगभग दोगुनी उपलब्धि; छत्तीसगढ़ की 14 लाख ग्रामीण महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’।
  • 481 महतारी सदनों की सौगात: महिला स्व-सहायता समूहों के संचालन और ग्रामीण सामाजिक सशक्तिकरण के लिए नए केंद्रों को मंजूरी।
  • बस्तर में शिक्षा की वापसी: नक्सल हिंसा से दशकों से बंद पड़े 421 स्कूल फिर से शुरू; ओरछा व जगरगुंडा में बन रही ‘एजुकेशन सिटी’।
  • खेल प्रतिभाओं का सम्मान: कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी पद व ₹30 लाख; कबड्डी चैंपियन संजू देवी को ₹50 लाख का प्रोत्साहन।

‘मां के संघर्षों ने सिखाया जनसेवा का मर्म’: सीएम साय ने साझा किए भावुक संस्मरण

शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा के श्लोक “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” का उल्लेख किया। उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन के अनछुए पन्नों को साझा करते हुए बताया कि एक साधारण किसान परिवार में जन्म लेने के बाद बचपन में ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था।

उन्होंने अपनी मां को अत्यंत विषम परिस्थितियों में चार भाइयों की परवरिश करते, खेती-बाड़ी संभालते और परिवार को एकजुट रखते हुए देखा। कठिन से कठिन दौर में भी उनकी मां ने बच्चों की शिक्षा, सनातन संस्कारों और सेवाभाव से कभी समझौता नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और जनसेवा का जो भाव आज उनके भीतर है, वह उनकी पूज्य माताजी के संघर्षों और संस्कारों की ही देन है।

महतारी वंदन और लखपति दीदी: ₹20,700 करोड़ और 14 लाख महिलाओं की आत्मनिर्भरता

मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार द्वारा हासिल किए गए अभूतपूर्व आर्थिक आंकड़ों का विस्तृत ब्योरा पेश किया:

  • महतारी वंदन योजना (₹20,700 करोड़ से अधिक): प्रदेश की 68 लाख से अधिक पात्र माताओं-बहनों को हर महीने ₹1,000 की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है। 32 किस्तों में अब तक ₹20,700 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बैंक खाते, आधार या तकनीकी त्रुटियों के कारण छूटी हुई पात्र महिलाओं के प्रकरणों का त्वरित समाधान कर उन्हें योजना से जोड़ा जाए।
  • 14 लाख ‘लखपति दीदी’ (Lakhpati Didi): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लखपति दीदी योजना में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल कायम की है। राज्य के लिए निर्धारित 7.82 लाख के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड तोड़ते हुए 14 लाख ग्रामीण महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
  • ‘बिहान’ (NRLM) का विस्तार: प्रदेश के 32.39 लाख ग्रामीण परिवार 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों (SHGs) से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। ये महिलाएं फूड प्रोसेसिंग, मिलेट्स, डेयरी, मशरूम, हस्तशिल्प और सिलाई-कढ़ाई के बड़े उद्यम चला रही हैं। 70,000 से अधिक जनजातीय महिलाएं वन धन विकास केंद्रों से जुड़ी हैं।

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481 महतारी सदन, उज्ज्वला और रानी दुर्गावती योजना से सुरक्षित भविष्य

मातृशक्ति के बुनियादी ढांचे और बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने कई बड़ी योजनाएं लागू की हैं:

  • 481 महतारी सदन (Mahtari Sadan): गांवों में महिला स्व-सहायता समूहों की बैठकों, प्रशिक्षण और आजीविका गतिविधियों के संचालन के लिए प्रदेश भर में 481 नए ‘महतारी सदनों’ के निर्माण को स्वीकृति दी गई है।
  • रानी दुर्गावती योजना (Rani Durgavati Yojana): बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए बजट में ₹15 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके तहत पात्र बालिकाओं के 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर ₹1.50 लाख (डेढ़ लाख रुपये) की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: प्रदेश की 39.73 लाख गरीब महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाते हुए निःशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।

बस्तर में शिक्षा की रोशनी: बंद पड़े 421 स्कूल फिर खुले, एजुकेशन सिटी का निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बेटी के सपनों के आड़े गरीबी, दूरी या हिंसा की दीवार नहीं आनी चाहिए:

दशकों तक नक्सल हिंसा के चलते बस्तर के वनांचल में जो 421 सरकारी स्कूल बंद हो चुके थे, सुरक्षाबलों के साहस और सरकार के प्रयासों से उन्हें दोबारा शुरू कर दिया गया है। वर्षों बाद इन स्कूलों में आदिवासी बेटियों की पढ़ाई की गूंज लौटना बस्तर के पुनर्जन्म का प्रतीक है। इसके साथ ही ओरछा और जगरगुंडा जैसे घोर संवेदनशील अंचलों में विशाल ‘एजुकेशन सिटी’ विकसित की जा रही हैं, ताकि बालिकाओं को अपने गृह क्षेत्र में ही हॉस्टल, खेल और आवासीय उच्च शिक्षा मिल सके।

स्वास्थ्य सुरक्षा: 2.49 करोड़ आयुष्मान कार्ड और एनीमिया मुक्त अभियान

स्वस्थ महिला से ही स्वस्थ छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करते हुए निम्नलिखित उपलब्धियां हासिल की हैं:

  • आयुष्मान भारत: प्रदेश में लगभग 2.49 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया (खून की कमी) की रोकथाम के लिए आंगनबाड़ियों को सशक्त किया गया है।
  • वय-वंदना योजना: 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए 6.21 लाख ‘वय-वंदना’ कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे बुजुर्ग माताओं को मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है।

खेलों और प्रशासन में बेटियों का दबदबा: ज्ञानेश्वरी, संजू और किरण पिस्दा को सम्मान

मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां खेल के मैदान से लेकर प्रशासनिक पदों तक नेतृत्व कर रही हैं:

  • ज्ञानेश्वरी यादव (वेटलिफ्टिंग): कॉमनवेल्थ गेम्स में देश के लिए रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी को राज्य सरकार ने पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर नियुक्ति और ₹30 लाख की सम्मान राशि दी है।
  • संजू देवी रावत (कबड्डी): एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्टार खिलाड़ी (कोरबा निवासी) को ₹50 लाख का प्रोत्साहन अनुदान दिया गया।
  • किरण पिस्दा (फुटबॉल): रायपुर आवासीय फुटबॉल अकादमी में प्रशिक्षित किरण का भारतीय सीनियर महिला फुटबॉल टीम में चयन हुआ है, जो रूस के खिलाफ खेल रही हैं।
  • प्रशासन में महिला शक्ति: राज्य के कई जिलों में महिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक पूरी दक्षता से सुशासन की कमान संभाल रही हैं। खेल उत्कर्ष मिशन के तहत बजट में ₹100 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

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आईटी, एआई और आधुनिक उद्योगों में महिलाओं के लिए आरक्षण

राज्य की नई औद्योगिक नीति में महिला उद्यमियों को विशेष रियायतें दी जा रही हैं। पारंपरिक सिलाई-कढ़ाई से आगे बढ़कर महिलाओं को इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टेक्सटाइल पार्क्स और फूड प्रोसेसिंग प्लांट्स में लीडरशिप रोल्स के लिए तैयार किया जा रहा है।

“हमारी सनातन संस्कृति में नारी केवल पूजनीय नहीं, बल्कि शक्ति का साक्षात स्वरूप है। जब एक बेटी पढ़ती है और अपने पैरों पर खड़ी होती है, तो वह पूरे परिवार और समाज को दिशा देती है। महतारी वंदन की 68 लाख बहनें और 14 लाख लखपति दीदियां यह गवाही दे रही हैं कि छत्तीसगढ़ बदल रहा है। हमारा संकल्प है कि बस्तर से सरगुजा तक हर बेटी निर्भीक होकर बड़े सपने देखे; उन सपनों को पूरा करने के लिए साय सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।”— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन (शक्ति स्वरूपा सम्मेलन संबोधन)

शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कॉन्क्लेव: एक नजर में

  • समारोह का नाम: शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ सम्मान समारोह
  • आयोजन स्थल: रायपुर, छत्तीसगढ़ (हिंदी खबर द्वारा आयोजित)
  • मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
  • विशिष्ट अतिथि: उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, ब्यूरो हेड सुश्री निशा द्विवेदी
  • महतारी वंदन योजना: 68 लाख+ महिलाएं, 32 किस्तों में ₹20,700 करोड़ से अधिक अंतरित
  • लखपति दीदी उपलब्धि: 7.82 लाख के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड 14 लाख महिलाएं बनीं लखपति
  • सामुदायिक अधोसंरचना: 481 नए ‘महतारी सदनों’ के निर्माण को मंजूरी
  • रानी दुर्गावती योजना: ₹15 करोड़ का बजट; 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर बालिकाओं को ₹1.5 लाख
  • बस्तर शिक्षा पुनरुद्धार: नक्सल हिंसा से बंद पड़े 421 स्कूल दोबारा शुरू
  • सम्मानित खेल विभूतियां: ज्ञानेश्वरी यादव (DSP पद + ₹30 लाख), संजू देवी (₹50 लाख), किरण पिस्दा

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

छत्तीसगढ़ में अब तक कितनी महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लखपति दीदी पहल के तहत छत्तीसगढ़ में 7.82 लाख के लक्ष्य के मुकाबले रिकॉर्ड 14 लाख ग्रामीण महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

महतारी वंदन योजना के तहत अब तक कुल कितनी राशि बांटी जा चुकी है?

महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 68 लाख से अधिक पात्र महिलाओं को 32 किस्तों में अब तक कुल ₹20,700 करोड़ से अधिक की सीधी वित्तीय सहायता डीबीटी से दी जा चुकी है।

रानी दुर्गावती योजना के तहत बालिकाओं को क्या आर्थिक सहायता मिलती है?

इस योजना के तहत बजट में ₹15 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत पात्र बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर ₹1.50 लाख (डेढ़ लाख रुपये) की सहायता दी जाती है।

बस्तर में नक्सल हिंसा से प्रभावित कितने स्कूलों को दोबारा खोला गया है?

शांति बहाली के बाद राज्य सरकार ने बस्तर में नक्सल हिंसा के कारण दशकों से बंद पड़े 421 प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों को फिर से शुरू कर दिया है।

आधिकारिक स्रोत: मुख्यमंत्री सचिवालय / महिला एवं बाल विकास विभाग / जनसंपर्क विभाग, रायपुर (छत्तीसगढ़ शासन)

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