बस्तर में बारिश थमी लेकिन आ गई आफत: खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर इंद्रावती, जगदलपुर में बिजली बंद

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जगदलपुर/रायपुर, 26 सितंबर: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर कम होने और बारिश थमने के बावजूद बस्तर में बाढ़ का गंभीर संकट पैदा हो गया है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से भारी मात्रा में पानी आने के कारण इंद्रावती नदी शनिवार रात तक खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर (12.56 मीटर) पहुंच सकती है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जगदलपुर के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर कई कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति बंद कर दी है।

मुख्य बिंदु:

  • इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर (12.56 मीटर) पहुंचने का अनुमान।
  • कलेक्टर आकाश छिकारा और एसपी शलभ सिन्हा ने लगातार दूसरे दिन डोंगाघाट, आसना और राहत शिविरों का किया दौरा।
  • करंट के खतरे से बचाव के लिए 11 केवी हाउसिंग बोर्ड, गणपति और पथरागुड़ा फीडर की बिजली एहतियातन बंद।
  • पनारापारा राहत शिविर में विस्थापित परिवारों के लिए भोजन, शुद्ध पेयजल और दवाओं के पुख्ता इंतजाम।

उफान पर इंद्रावती, रात 8 बजे तक चरम पर पहुंचेगा जलस्तर

मौसम विभाग के अनुसार भले ही बारिश की तीव्रता कम हो गई है, लेकिन ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऊपरी कैचमेंट एरिया से आ रहे भारी जलप्रवाह ने इंद्रावती को रौद्र रूप में ला दिया है। शनिवार रात आठ बजे तक नदी का जलस्तर 12.56 मीटर तक छूने का अनुमान है।

जलस्तर में इस तीव्र उछाल से तटीय बस्तियों और खेती की जमीनों में बैकवाटर भरने लगा है। प्रशासन ने एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नगर सेना के गोताखोरों को बोट्स के साथ अलर्ट पर रखा है।

ग्राउंड जीरो पर पहुंचे कलेक्टर और एसपी

बाढ़ के हालात से निपटने के लिए कलेक्टर आकाश छिकारा और एसपी शलभ सिन्हा लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। दोनों अधिकारियों ने शनिवार को लगातार दूसरे दिन डोंगाघाट और आसना जैसे सर्वाधिक संवेदनशील जलमग्न क्षेत्रों का दौरा किया।

अधिकारियों ने पनारापारा स्थित राहत शिविर पहुंचकर विस्थापित परिवारों से सीधा संवाद किया और भोजन, दूध, दवाइयों व स्वच्छता की व्यवस्थाएं परखीं। राहत दलों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी नागरिक को असुविधा न हो।

Bastar Collector Akash Chhikara and SP Shalabh Sinha inspecting flood affected areas near swelling Indravati river
Bastar Collector Akash Chhikara and SP Shalabh Sinha inspecting flood affected areas near swelling Indravati river

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हादसों से बचने के लिए कई पॉश इलाकों में पावर कट

बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने से करंट लगने की घटनाओं को रोकने के लिए विद्युत वितरण कंपनी ने जगदलपुर शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों की बिजली बंद कर दी है।

11 केवी हाउसिंग बोर्ड, गणपति और पथरागुड़ा फीडर से जुड़े इलाकों—जैसे वीआईपी कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, लालबाग, 440 फ्लैट्स, खपराभट्टी, चिमनी भट्टी और गिल बाड़ा में बिजली आपूर्ति रोक दी गई है। जलस्तर घटने और तकनीकी जांच के बाद ही बिजली बहाल की जाएगी।

“इंद्रावती का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और प्रशासन का पूरा अमला 24 घंटे मुस्तैद है। आम जनता से अपील है कि उफनते नदी-नालों के पास जाने या सेल्फी-वीडियो बनाने का जोखिम न लें। बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में सीधे कंट्रोल रूम को सूचना दें।”— आकाश छिकारा, कलेक्टर, बस्तर

आम जनता और प्रभावितों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश

  • बिजली कटौती का सामना: हाउसिंग बोर्ड, लालबाग, वीआईपी कॉलोनी और आसपास के निवासियों को जलस्तर सामान्य होने तक बिजली कटौती झेलनी पड़ेगी। इनवर्टर और इमरजेंसी लाइट पहले से तैयार रखें।
  • जलमग्न रास्तों से बचें: डोंगाघाट, आसना और आसपास के रपटों पर पानी चढ़ने से संपर्क मार्ग बाधित हैं। किसी भी स्थिति में उफनते पुल-पुलियों को पार न करें।
  • राहत शिविरों की सुविधा: निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले परिवारों को प्रशासन की सलाह पर तुरंत नजदीकी राहत शिविरों (जैसे पनारापारा) में पहुंचना चाहिए, जहां भोजन और प्राथमिक उपचार की मुफ्त व्यवस्था है।
  • कंट्रोल रूम से संपर्क: किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष या स्थानीय राजस्व अधिकारियों से सीधे संपर्क किया जा सकता है।

पृष्ठभूमि: चक्रवात ‘अर्नब’ और इंद्रावती की बाढ़ का इतिहास

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से पूरे बस्तर संभाग में 72 घंटे तक मूसलाधार बारिश हुई है। इंद्रावती नदी का बेसिन ओडिशा के कोरापुट और नबरंगपुर से लेकर छत्तीसगढ़ के बस्तर, दंतेवाड़ा और बीजापुर तक फैला है।

जब भी ओडिशा सीमा और बस्तर के कैचमेंट में एक साथ तेज बारिश होती है, इंद्रावती जगदलपुर में खतरे के निशान (8.30 मीटर) को पार कर जाती है, जिससे निचले इलाकों में गंभीर बाढ़ की स्थिति पैदा होती है।

बाढ़ से बचाव के लिए जरूरी निर्देश व कंट्रोल रूम अपडेट

  • जलस्तर का अनुमान: इंद्रावती का जलस्तर 12.56 मीटर (खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर)।
  • बिजली बंद वाले प्रमुख क्षेत्र: लालबाग, बैंक कॉलोनी, वीआईपी कॉलोनी, 440 फ्लैट्स, हाउसिंग बोर्ड।
  • सतर्कता नियम: उफनते रपटों को पार न करें, बिजली के उपकरणों को पानी के संपर्क से दूर रखें।
  • राहत केंद्र: पनारापारा स्थित राहत शिविर सक्रिय, भोजन और मेडिकल टीम तैनात।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

बस्तर में इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से कितना ऊपर पहुंच सकता है?

इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर यानी 12.56 मीटर तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।

जगदलपुर में बाढ़ के कारण किन इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद की गई है?

सुरक्षा की दृष्टि से हाउसिंग बोर्ड, वीआईपी कॉलोनी, लालबाग, बैंक कॉलोनी, 440 फ्लैट्स, खपराभट्टी और आमागुड़ा क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रखी गई है।

बस्तर में भारी बारिश और बाढ़ का मुख्य कारण क्या है?

बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब‘ और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार पानी की भारी आवक के कारण बस्तर की नदियां उफान पर हैं।

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