रायपुर, 1 सितंबर 2026: छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा, कौशल और ज्ञान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में शुमार नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना विशाल कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध और भूमि की रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।
| NMIMS नवा रायपुर: एक नज़र में (मुख्य तथ्य) | विवरण |
|---|---|
| संस्थान का नाम | नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) |
| संचालक संस्था (Trust) | श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) |
| स्थान | सेक्टर-18, नवा रायपुर अटल नगर |
| भूमि और लीज अवधि | 40 एकड़, 90 वर्षों की लीज पर |
| कैबिनेट मंजूरी की तिथि | 21 जनवरी 2026 |
| लक्षित विद्यार्थी क्षमता | लगभग 10,000 विद्यार्थी (पूर्ण विकसित होने पर) |
| पहला बैच प्रारंभ | आगामी 2 से 3 वर्षों के भीतर |
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40 एकड़ में अत्याधुनिक कैंपस और 90 साल की लीज
नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि पर NMIMS का यह आधुनिक कैंपस विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले प्रतिष्ठित श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को राज्य सरकार द्वारा यह भूमि 90 वर्षों की लीज पर प्रदान की गई है।
ज्ञात हो कि राज्य मंत्रिपरिषद (Cabinet) द्वारा 21 जनवरी 2026 को संस्थान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई थी। इसके बाद प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करते हुए 1 सितंबर को मुख्यमंत्री की उपस्थिति में लीज और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की गई। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री अंकित आनंद तथा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के CEO श्री चंदन कुमार उपस्थित थे।
शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता का संगम: 10 हजार विद्यार्थियों को लाभ
संस्थान की स्थापना की संपूर्ण प्रक्रिया आगामी सात वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए पहला शैक्षणिक बैच 2 से 3 वर्षों के भीतर प्रारंभ कर दिया जाएगा। पूर्ण रूप से विकसित होने पर यहां लगभग 10,000 विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों (मुंबई, पुणे, दिल्ली आदि) की ओर न जाना पड़े।
नवा रायपुर बनेगा ‘एजुकेशन और नॉलेज हब’
राज्य सरकार नवा रायपुर को केवल एक प्रशासनिक राजधानी के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक अधोसंरचना से युक्त एक ‘एजुकेशन और नॉलेज हब’ (Education and Knowledge Hub) के रूप में विकसित कर रही है।
NMIMS की स्थापना से न केवल प्रदेश के युवा लाभान्वित होंगे, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से भी विद्यार्थी यहाँ अध्ययन के लिए आएंगे। इससे नवा रायपुर में एक विविधतापूर्ण और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण (Academic Ecosystem) विकसित होगा। विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय से नवाचार (Innovation) और उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा मिलेगा।
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विश्लेषण: NMIMS का छत्तीसगढ़ में आना क्यों ‘गेम चेंजर’ है?
(विश्लेषण)
पहला, प्रतिभा पलायन (Brain Drain) पर रोक: छत्तीसगढ़ से हर साल हजारों प्रतिभावान छात्र उच्च शिक्षा (विशेषकर मैनेजमेंट और इंजीनियरिंग) के लिए महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली जाते हैं। NMIMS जैसे ‘टियर-1’ (Tier-1) संस्थान के राज्य में आने से यह प्रतिभा और पूंजी दोनों राज्य में ही रुकेगी।
दूसरा, नवा रायपुर के मास्टर प्लान को गति: नवा रायपुर को बसाते समय इसे विभिन्न सेक्टर्स (जैसे- एजुकेशन हब, लॉजिस्टिक्स हब, आईटी हब) में बांटा गया था। सेक्टर-18 में NMIMS की 40 एकड़ में उपस्थिति इस शहर को वह ‘अकादमिक जीवंतता’ (Academic Vibrancy) देगी जिसकी इसे लंबे समय से दरकार थी। इससे शहर की इकोनॉमी (हॉस्टल, कैफे, ट्रांसपोर्ट) भी बूस्ट होगी।
तीसरा, इंडस्ट्री-एकेडेमिया लिंकेज (Industry-Academia Linkage): छत्तीसगढ़ तेजी से कोर माइनिंग के अलावा एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में कदम रख रहा है। उद्योगों को कुशल प्रबंधकों (Managers) और लीडर्स की जरूरत है। NMIMS के आने से स्थानीय उद्योगों को सीधे तौर पर उच्च-कुशल मानव संसाधन (Skilled Human Resource) मिल सकेगा।
CGPSC/UPSC परीक्षा दृष्टि से प्रासंगिक बिंदु
- CGPSC Pre/Vyapam Facts: NMIMS का कैंपस कहाँ खुलेगा? (सेक्टर-18, नवा रायपुर)। संचालक संस्था कौन सी है? (SVKM)। कितनी एकड़ भूमि और लीज? (40 एकड़, 90 वर्ष)।
- CGPSC Mains Paper-5 (Part-3) & Paper-7 (Part-2): छत्तीसगढ़ में मानव संसाधन विकास (Human Resource Development), उच्च शिक्षा की स्थिति, और रोजगारोन्मुखी शिक्षा कार्यक्रम।
- UPSC GS-2: Issues relating to development and management of Social Sector/Services relating to Education, Human Resources.
तीन प्रमुख बातें
- प्रतिष्ठित संस्थान की एंट्री: नवा रायपुर के सेक्टर-18 में 40 एकड़ भूमि पर NMIMS (संचालक: SVKM) की स्थापना होगी। 90 वर्षों की लीज प्रक्रिया CM साय की उपस्थिति में पूरी हुई।
- हजारों छात्रों को सीधा लाभ: 2 से 3 वर्षों में पहला बैच शुरू होगा। पूर्ण विकसित होने पर 10,000 विद्यार्थी यहाँ प्रबंधन और कौशल विकास की शिक्षा ले सकेंगे।
- एजुकेशन हब के रूप में पहचान: यह कदम प्रतिभा पलायन को रोकेगा और नवा रायपुर को राष्ट्रीय स्तर के एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में स्थापित करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. छत्तीसगढ़ में NMIMS का नया कैंपस कहाँ स्थापित किया जा रहा है?
NMIMS (नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज) का नया अत्याधुनिक कैंपस नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में स्थापित किया जा रहा है।
Q2. NMIMS के कैंपस के लिए किस संस्था को भूमि आवंटित की गई है?
संस्थान का संचालन करने वाले ‘श्री विले पार्ले केलवणी मंडल’ (SVKM) को राज्य सरकार द्वारा 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की लीज पर आवंटित की गई है।
Q3. नवा रायपुर NMIMS कैंपस में पहला बैच कब से शुरू होगा?
कैंपस को पूरी तरह विकसित होने में 7 साल लगेंगे, लेकिन विद्यार्थियों के लिए पहला शैक्षणिक बैच आगामी 2 से 3 वर्षों के भीतर प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्रोत
छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 01 सितंबर 2026, रायपुर।
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