रायपुर, 27 अगस्त 2026: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम केरसई में आज भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहुंचने पर क्षेत्र की बहनों ने बड़े उत्साह और आत्मीयता के साथ उनका स्वागत किया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। बहनों के स्नेह से अभिभूत मुख्यमंत्री ने उनसे आत्मीय संवाद किया, उनकी बातें सुनीं और सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने क्षेत्रवासियों की मांगों को आत्मीयता से स्वीकार करते हुए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने घासीमुंडा में जर्जर प्राथमिक शाला के स्थान पर नया शाला भवन, केरसई तालाब का सौंदर्यीकरण, केरसई में मिनी स्टेडियम, दो बजरंग बली मंदिरों का जीर्णोद्धार, सीसी सड़क, दो सामुदायिक भवन और ग्राम ऊपरकछार में महतारी सदन बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने केरसई में लगभग 84.69 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम | रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद, ग्राम केरसई, फरसाबहार |
| मुख्य अतिथि | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय |
| विकास कार्य | ₹84.69 लाख के लोकार्पण एवं भूमिपूजन |
| घोषणाएं | मिनी स्टेडियम, महतारी सदन, शाला भवन, तालाब सौंदर्यीकरण, सामुदायिक भवन |
| लखपति दीदी | 13.85 लाख+ महिलाएं |
| महतारी वंदन | 68 लाख बहनों को मासिक आर्थिक सहायता |
| धान खरीदी | ₹3,100 प्रति क्विंटल |
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“आपका सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली मेरी जिम्मेदारी”
मुख्यमंत्री श्री साय ने बहनों से कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प का भी पर्व है। जब बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है तो वह धागा जीवन भर उसके सम्मान और सुख-दुःख में साथ खड़े रहने की जिम्मेदारी से जोड़ देता है। उन्होंने कहा, “आपने मुझे जो स्नेह और विश्वास दिया है, उसे बनाए रखना मेरा दायित्व है। मेरा फर्ज है कि आपका और क्षेत्र की जनता का सिर हमेशा ऊंचा रहे तथा विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं-बहनों के सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली से ही परिवार मजबूत होगा और मजबूत परिवारों से विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा। पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय आज पूरे प्रदेश की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं और उनके व्यस्त कार्यक्रम के बीच बहनों के बीच पहुंचकर राखी बंधवाना प्रदेश की माताओं-बहनों के साथ उनके आत्मीय रिश्ते को दर्शाता है।
केरसई को मिली विकास की अनेक सौगातें
मुख्यमंत्री श्री साय ने केरसई और आसपास के गांवों के लिए अनेक विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें घासीमुंडा में जर्जर प्राथमिक शाला के स्थान पर नया शाला भवन, केरसई तालाब का सौंदर्यीकरण, केरसई में मिनी स्टेडियम, केरसई एवं घासीमुंडा के बजरंग बली मंदिरों का जीर्णोद्धार, मुख्य मार्ग से अरुण के घर तक सीसी सड़क, ग्राम पंचायत कोहपानी के गढ़वामुड़ा यादव बस्ती में सामुदायिक भवन, घासीमुंडा में सामुदायिक भवन तथा ग्राम ऊपरकछार में महतारी सदन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने केरसई में लगभग 84.69 लाख रुपए के विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, सामुदायिक भवन सहित सभी आवश्यक अधोसंरचनाओं का तेजी से विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है और आने वाले समय में भी क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य निरंतर स्वीकृत किए जाएंगे।
13.85 लाख लखपति दीदी, 68 लाख बहनों को महतारी वंदन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की नीतियों के केंद्र में माताओं और बहनों का सम्मान, आर्थिक स्वावलंबन और खुशहाली है। आज प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को भी नई शक्ति दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख बहनों को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। बहनें इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई तथा सिलाई-कढ़ाई और अन्य आजीविका गतिविधियों के लिए कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आर्थिक संबल महिलाओं के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदियों का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक से भी जुड़ रही हैं और इसके माध्यम से आय के नए अवसर प्राप्त कर रही हैं। जशपुर जिले की बहनों को 50 ई-रिक्शा प्रदान किए जाने से उनके लिए स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह खुलेगी।
किसान, गरीब और हर जरूरतमंद परिवार के साथ सरकार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए भी प्रतिबद्ध है। प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों के लिए बड़ी संख्या में पक्के मकानों का निर्माण किया जा रहा है। गरीब परिवार का अपना पक्का घर केवल एक भवन नहीं, बल्कि उसके सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार है।
मुख्यमंत्री ने श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार प्रदेशवासियों को धार्मिक एवं तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर भी उपलब्ध करा रही है। समाज के ऐसे लोग, जो आर्थिक या अन्य कारणों से तीर्थयात्रा नहीं कर पाते थे, वे इन योजनाओं के माध्यम से अपनी आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण स्थलों के दर्शन कर पा रहे हैं।

नक्सलवाद के समाप्त होने से विकास को मिली नई गति
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई से प्रदेश के दूरस्थ और प्रभावित क्षेत्रों में विकास का नया वातावरण बना है। जिन इलाकों में पहले विकास कार्यों में बाधा आती थी, वहां अब तेजी से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी, सड़क, राशन और दूरसंचार जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा — सभी को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। सुरक्षा और विकास दोनों मोर्चों पर सरकार लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सौर ऊर्जा की जानकारी
मुख्यमंत्री श्री साय ने उपस्थित ग्रामीणों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि आम नागरिक अपनी समस्याएं और शिकायतें इसके माध्यम से सीधे दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने लोगों से मुख्यमंत्री बिजली बिल राहत योजना का लाभ लेने तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत अपने घरों में सौर पैनल लगवाने का भी आग्रह किया।
जशपुर में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में मेडिकल कॉलेज सहित एमसीएच यूनिट, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर न जाना पड़े और स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।
हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया। सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बालिका आयुषी को पासबुक प्रदान की गई। स्वामित्व योजना के अंतर्गत कौशल्या पैंकरा, कमला बाई, लालो, ज्योति बाई और सुमेत्रा खैरवार को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने सरस्वती स्व-सहायता समूह को एक लाख रुपए का चेक भी प्रदान किया और समूह की महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
महत्वपूर्ण जानकारी
- महतारी वंदन योजना: छत्तीसगढ़ सरकार की योजना, जिसके तहत प्रदेश की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। लगभग 68 लाख बहनें लाभान्वित।
- लखपति दीदी: स्व-सहायता समूहों से जुड़ी ऐसी महिलाएं जो वार्षिक ₹1 लाख या अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में 13.85 लाख+ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
- स्वामित्व योजना: प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना — ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के मालिकाना हक के लिए ड्रोन तकनीक से सर्वे और आवासीय पट्टे जारी करने की योजना।
- सुकन्या समृद्धि योजना: केंद्र सरकार की बालिकाओं के लिए बचत योजना, जिसमें बालिका के नाम पर खाता खोला जाता है और उच्च ब्याज दर मिलती है।
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076: छत्तीसगढ़ सरकार की शिकायत निवारण हेल्पलाइन, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं।
महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास: व्यापक संदर्भ
(विश्लेषण)
मुख्यमंत्री श्री साय का केरसई दौरा और रक्षाबंधन पर बहनों से संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की ग्रामीण राजनीति और विकास मॉडल की एक झलक है। इसे तीन व्यापक संदर्भों में देखा जा सकता है।
पहला, महिला केंद्रित शासन मॉडल। महतारी वंदन योजना (68 लाख लाभार्थी), लखपति दीदी (13.85 लाख), ई-रिक्शा वितरण, ड्रोन दीदी — ये सभी पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की एक समग्र रणनीति का हिस्सा हैं। यह दृष्टिकोण महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की सहभागी बनाने का प्रयास करता है।
दूसरा, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और उसके बाद दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्यों के विस्तार का उल्लेख किया। जशपुर जैसे जिले में, जहां पहले विकास कार्यों में बाधा आती थी, अब सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।
तीसरा, ग्रामीण अधोसंरचना का विस्तार। केरसई में मिनी स्टेडियम, महतारी सदन, सामुदायिक भवन, शाला भवन जैसी घोषणाएं ग्रामीण क्षेत्रों में खेल, शिक्षा और सामुदायिक जीवन के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
UPSC/CGPSC के लिए प्रासंगिक बिंदु
यह विषय CGPSC पेपर-2 (सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास) और पेपर-4 (शासन व्यवस्था, जनकल्याणकारी योजनाएं) तथा UPSC सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सामाजिक न्याय) के लिए प्रासंगिक है। परीक्षा की दृष्टि से निम्नलिखित बिंदु महत्वपूर्ण हैं:
- महतारी वंदन योजना — महिला आर्थिक सशक्तिकरण
- लखपति दीदी — स्व-सहायता समूह और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
- स्वामित्व योजना — ग्रामीण संपत्ति अधिकार
- प्रधानमंत्री आवास योजना — ग्रामीण आवास
- नक्सलवाद और विकास — सुरक्षा एवं विकास का संतुलन
- ग्रामीण अधोसंरचना — खेल, शिक्षा, स्वास्थ्य
- सौर ऊर्जा — प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना
तीन प्रमुख बातें
- बहनों से आत्मीय संवाद: CM साय ने केरसई में बहनों से कहा — “आपका सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली मेरी जिम्मेदारी।” 13.85 लाख लखपति दीदी, 68 लाख बहनों को महतारी वंदन, ड्रोन दीदी और ई-रिक्शा से महिला सशक्तिकरण का मॉडल।
- केरसई को विकास की सौगात: ₹84.69 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन। मिनी स्टेडियम, महतारी सदन, नया शाला भवन, तालाब सौंदर्यीकरण, सामुदायिक भवन, सीसी सड़क की घोषणा।
- नक्सलवाद के बाद विकास: CM ने कहा — ढाई वर्षों में नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई से दूरस्थ क्षेत्रों में विकास का नया वातावरण। बिजली, पानी, सड़क, राशन, दूरसंचार — सभी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. केरसई में मुख्यमंत्री ने कौन-सी प्रमुख घोषणाएं कीं?
मुख्यमंत्री ने घासीमुंडा में नया शाला भवन, केरसई में मिनी स्टेडियम, तालाब सौंदर्यीकरण, दो बजरंग बली मंदिरों का जीर्णोद्धार, सीसी सड़क, दो सामुदायिक भवन और ग्राम ऊपरकछार में महतारी सदन बनाने की घोषणा की। ₹84.69 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन भी हुआ।
Q2. महतारी वंदन योजना क्या है?
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की योजना है, जिसके तहत प्रदेश की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। लगभग 68 लाख बहनें इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं।
Q3. लखपति दीदी का क्या अर्थ है?
लखपति दीदी उन स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कहा जाता है जो वार्षिक ₹1 लाख या अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में 13.85 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
Q4. मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद और विकास पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई से दूरस्थ और प्रभावित क्षेत्रों में विकास का नया वातावरण बना है। बिजली, पानी, सड़क, राशन और दूरसंचार जैसी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं।
स्रोत
छत्तीसगढ़ शासन, जनसंपर्क विभाग (DPRCG), 27 अगस्त 2026, रायपुर।
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