प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में PMAY-U 2.0 के क्रियान्वयन की केंद्र ने की सराहना; प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने दिल्ली में की अहम बैठक, अमृत मिशन के लिए ₹100 करोड़ तत्काल स्वीकृत

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़

रायपुर | 21 अगस्त 2026


छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में गरीबों को किफायती आवास उपलब्ध कराने, स्वच्छता बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करने और जलापूर्ति को मजबूत करने की दिशा में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ (Pradhan Mantri Awas Yojana Urban) ने राष्ट्रीय स्तर पर एक नई सफलता दर्ज की है। आज 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के ‘संकल्प भवन’ में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) के सचिव श्री सत्येन्द्र सिंह ने राज्य में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

बैठक में छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा (IAS) और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित हो रही विभिन्न शहरी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट साझा करते हुए प्रमुख सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ के अंतर्गत 2.0 और 1.0 (विस्तारित अवधि) के त्वरित क्रियान्वयन का रोडमैप प्रस्तुत किया, जिसे केंद्रीय सचिव ने देश के अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया।

महत्वपूर्ण संकेतकप्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ (PMAY-U) एवं सुडा की प्रगति रिपोर्ट
योजना का नामप्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ (PMAY-U 2.0 प्रगति)
प्रशासकीय कमान (छत्तीसगढ़)प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं सूडा सीईओ श्री सुमीत अग्रवाल
वार्ता स्थल (नई दिल्ली)‘संकल्प भवन’, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)
अरबन चैलेंज फंड (UCF) आवंटनछत्तीसगढ़ के लिए ₹1500 करोड़ स्वीकृत (कुल ₹6000 करोड़ केंद्रीय पूल से)
अमृत मिशन 2.0 अग्रिम किस्तभारत सरकार द्वारा राज्य के कार्यों हेतु ₹100 करोड़ की राशि तत्काल जारी
शहरी विकास सहयोगी निकायहाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO)

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प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़: केंद्रीय सचिव सत्येन्द्र सिंह ने की PMAY-U 2.0 की सराहना

शहरी गरीबों के पक्के मकान के सपने को साकार करना और बुनियादी ढांचा प्रणालियों को गति देना कड़े नीतिगत सुधारों का हिस्सा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने नई दिल्ली के ‘संकल्प भवन’ में केंद्रीय सचिव से मुलाकात कर प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की:

  • PMAY-U 2.0 का सफल संचालन: केंद्रीय सचिव ने छत्तीसगढ़ में इस योजना के दूसरे चरण (2.0) के पारदर्शी और तीव्र कार्यान्वयन पर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) और निम्न आय समूहों (LIG) को सब्सिडी का सीधा लाभ दिया जा रहा है।
  • PMAY-U 1.0 का त्वरित विस्तार: इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ 1.0 के लंबित कार्यों को विस्तारित कार्यावधि के भीतर पूर्ण करने के लिए राज्य सरकार द्वारा बनाई गई समयबद्ध कार्ययोजना की भी सराहना की गई है।

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₹1500 करोड़ का अरबन चैलेंज फंड और रायपुर-भिलाई रिडेवलपमेंट कूटनीति

शहरी क्षेत्रों के नियोजित विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नए वित्तीय मॉडलों पर काम कर रहे हैं। इस द्विपक्षीय समझौते की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ के कड़े क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरों के कायाकल्प के लिए आवश्यक ‘अरबन चैलेंज फंड’ (Urban Challenge Fund – UCF) के सुव्यवस्थित क्रियान्वयन को भी शामिल करता है:

  • छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी राशि स्वीकृत: कुल ₹6000 करोड़ के केंद्रीय एलोकेशन में से छत्तीसगढ़ को ₹1500 करोड़ की बड़ी राशि आबंटन के लिए स्वीकृत की गई है। प्रमुख सचिव ने हुडको (HUDCO) से वित्तीय सहायता और क्षमता विकास के लिए एक कड़ा रोडमैप साझा किया।
  • चिन्हित की गईं बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं: इस फंड के तहत रायपुर में ऐतिहासिक गंज मंडी का पुनर्विकास, टर्शरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, नया मार्केट रिडेवलपमेंट, और पुरानी म्यूनिसिपल बिल्डिंग का पुनरुद्धार किया जाएगा। साथ ही, भिलाई-दुर्ग क्लस्टर में हाइब्रिड मॉडल पर आधारित देश का आधुनिक ‘वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट’ (Waste-to-Energy Plant) स्थापित किया जाएगा।

अमृत मिशन 2.0 के तहत ₹100 करोड़ की अग्रिम किस्त त्वरित स्वीकृत

नगरीय निकायों को आधुनिक जलापूर्ति और सीवरेज बुनियादी ढांचे से लैस करना इस मिशन का मुख्य लक्ष्य है। इस बैठक के दौरान न केवल प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ के कड़े कार्यान्वयन की समीक्षा की गई, बल्कि अमृत मिशन 2.0 के शेष नगरीय निकायों के विस्तार पर भी चर्चा हुई:

  • अमृत मिशन 2.0 (AMRUT 2.0) का कड़ा कार्यान्वयन: प्रमुख सचिव ने मिशन के तहत जारी कार्यों को अगले डेढ़ वर्षों के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूर्ण करने की योजना प्रस्तुत की। छत्तीसगढ़ द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राप्त ₹100 करोड़ का संपूर्ण उपयोग कर लेने की जानकारी देने के बाद, केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अतिरिक्त ₹100 करोड़ की अग्रिम किस्त राज्य को जारी कर दी।
  • छोटे निकायों में आ रही समस्याओं का निवारण: श्री बोरा ने छत्तीसगढ़ के अधिकांश नगरीय निकायों के छोटे आकार और कम जनसंख्या घनत्व (Low Density) के कारण आ रही व्यावहारिक दिक्कतों से भी अवगत कराया। इस पर केंद्रीय सचिव ने ‘स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0’ और ‘अमृत योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ को हरसंभव तकनीकी और वित्तीय सहयोग देने का आश्वासन दिया।

UPSC & CGPSC Urban Infrastructure Fact Box: PMAY-U, HUDCO & AMRUT 2.0

  • प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 (PMAY-U 2.0): यह केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा संचालित योजना है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों (EWS/LIG/MIG) को ब्याज सुब्वेंशन और सब्सिडी के माध्यम से पक्के घर उपलब्ध कराना है।
  • HUDCO (आवासन और शहरी विकास निगम): यह वर्ष 1970 में स्थापित केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जो देश भर में आवास और शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (जैसे जल प्रदाय, सीवरेज, मेट्रो) के विकास के लिए तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
  • अरबन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund): यह राज्यों के बीच शहरी सुधारों और उत्कृष्ट परियोजनाओं (जैसे रिडेवलपमेंट, अपशिष्ट प्रबंधन) को प्रतिस्पर्धी तरीके से लागू करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किया जाने वाला एक विशेष फंड है।

UPSC & State PCS Mains Analysis: शहरी सुशासन, लघु-निकाय वित्तीय प्रबंधन और सतत शहरीकरण (SDG-11)

मुख्य परीक्षा के समाजशास्त्र, लोक नीति, शहरी भूगोल (Urban Geography) और वित्तीय प्रबंधन के दृष्टिकोण से प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ का यह सुदृढ़ मॉडल ‘सस्टेनेबल अर्बनाइजेशन’ (SDG-11: सतत शहर और समुदाय) के लक्ष्यों को पूरा करने वाला एक आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करता है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में सबसे बड़ी चुनौती यह है कि राजधानी रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर को छोड़कर अधिकांश नगरीय निकाय (ULBs) बहुत छोटे आकार और कम जनसंख्या घनत्व वाले हैं, जिससे उनके आंतरिक संसाधन (Municipal Revenue) सीमित होते हैं।

इस ढांचागत वित्तीय संकट को हल करने के लिए, हुडको (HUDCO) जैसी संस्थागत प्रणालियों से पूंजी जुटाना और ‘अरबन चैलेंज फंड’ के तहत ₹1500 करोड़ का कुशल दोहन करना शहरी सुशासन की दिशा में बड़ी रणनीतिक कूटनीति है। रायपुर में गंज मंडी रिडेवलपमेंट और भिलाई में ‘वेस्ट-टू-एनर्जी’ हाइब्रिड मॉडल का निर्माण यह प्रदर्शित करता है कि कैसे कचरा प्रबंधन को आर्थिक रूप से व्यावहारिक (Viable Projects) बनाया जा सकता है। यह पारदर्शी प्रशासनिक कूटनीति सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDG-6: स्वच्छ जल और स्वच्छता तथा SDG-11: सतत शहर और समुदाय) के समयबद्ध लक्ष्यों को पूरा करने में ‘विकसित छत्तीसगढ़ @ 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा करने की सबसे मजबूत प्रशासनिक रीढ़ साबित होगी।


अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के माध्यम से इस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय शहरी विकास सहयोग और तकनीकी कूटनीतियों पर अपनी समझ का परीक्षण करें:

प्रश्न 1: हाल ही में नई दिल्ली के संकल्प भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ (PMAY-U 2.0) के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए किस केंद्रीय मंत्रालय के सचिव ने सराहना व्यक्त की है?

(A) केंद्रीय गृह मंत्रालय
(B) केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)
(C) नीति आयोग
(D) वित्त मंत्रालय

उत्तर: (B) केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA)
व्याख्या: नई दिल्ली में संपन्न हुई इस बैठक में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री सत्येन्द्र सिंह ने छत्तीसगढ़ में PMAY-U 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की सराहना की।

प्रश्न 2: छत्तीसगढ़ के शहरी विकास सुधारों के अंतर्गत, भिलाई-दुर्ग क्लस्टर में हाइब्रिड मॉडल पर आधारित किस पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा परियोजना को ‘अरबन चैलेंज फंड’ के तहत स्थापित करने का निर्णय लिया गया है?

(A) फ्लोटिंग सोलर प्लांट
(B) वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट (Waste-to-Energy Plant)
(C) टर्शरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
(D) हाइड्रोजन फ्यूल सेल स्टेशन

उत्तर: (B) वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट (Waste-to-Energy Plant)
व्याख्या: अरबन चैलेंज फंड के तहत भिलाई-दुर्ग क्लस्टर में कचरे से बिजली बनाने वाले देश के आधुनिक हाइब्रिड ‘वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट’ को स्थापित करने के लिए कड़े वित्तीय प्रयास किए जा रहे हैं।


Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ के तहत लंबित PMAY-U 1.0 के कार्यों के लिए क्या रणनीतिक कदम उठाए गए हैं?

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ 1.0 के शेष आवासों को विस्तारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के लिए राज्य के नगरीय प्रशासन विभाग ने एक सुदृढ़ कार्ययोजना तैयार की है, जिसके तहत निर्माण कार्यों की समयबद्ध भौतिक निगरानी की जा रही है।

Q2. अरबन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund) के तहत छत्तीसगढ़ को कितनी वित्तीय सहायता दी जा रही है?

इस राष्ट्रीय प्रतियोगितात्मक फंड के तहत छत्तीसगढ़ के लिए ₹1500 करोड़ की राशि का आवंटन प्रस्तावित किया गया है। इसके जरिए रायपुर में गंज मंडी, टर्शरी सीवेज प्लांट, मार्केट रिडेवलपमेंट और भिलाई में वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट का विकास किया जाएगा।

Q3. भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ के अमृत मिशन 2.0 (AMRUT 2.0) के लिए कितनी वित्तीय राशि हाल ही में स्वीकृत की है?

छत्तीसगढ़ द्वारा पूर्व आवंटित ₹100 करोड़ के पूर्ण उपयोग की रिपोर्ट देने के उपरांत, भारत सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के कार्यों के लिए अतिरिक्त ₹100 करोड़ की अग्रिम किस्त राज्य को जारी कर दी है।


तीन मुख्य निष्कर्ष (3 Key Takeaways)

  • शहरी आवास विकास में राष्ट्रीय सम्मान: प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी छत्तीसगढ़ 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन की केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) द्वारा कड़ाई से सराहना की गई है।
  • ₹1500 करोड़ का ऐतिहासिक रिडेवलपमेंट फंड: अरबन चैलेंज फंड के तहत रायपुर की गंज मंडी के कायाकल्प, म्यूनिसिपल बिल्डिंग पुनर्विकास और भिलाई-दुर्ग वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट जैसी बड़ी पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है।
  • अमृत मिशन 2.0 के लिए ₹100 करोड़: राज्य की वित्तीय तत्परता को देखते हुए केंद्र सरकार ने तत्काल ₹100 करोड़ की अतिरिक्त अग्रिम किस्त जारी की है, जिससे सुदूर छोटे निकायों में पेयजल पाइपलाइनों का विस्तार किया जाएगा।

UPSC & CGPSC Relevance (यूपीएससी और सीजीपीएससी प्रासंगिकता)

यह विषय मुख्य रूप से सीजीपीएससी मुख्य परीक्षा पेपर-6 (छत्तीसगढ़ का सामाजिक परिदृश्य, शहरी विकास योजनाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी), पेपर-5 (छत्तीसगढ़ का बजट और बुनियादी ढांचागत निवेश), तथा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के सामान्य अध्ययन पेपर-2 (सरकारी नीतियां और उनका क्रियान्वयन, महत्वपूर्ण वैधानिक संस्थाएं – हुडको, शहरी स्थानीय निकायों का वित्तीय प्रबंधन) और सामान्य अध्ययन पेपर-3 (बुनियादी ढांचा: आवास, शहरी जल प्रदाय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन 2.0, और सतत विकास लक्ष्य – SDG 11) के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और प्रासंगिक समसामयिक नीति व शहरी विकास विषय है।

Official Source (आधिकारिक स्रोत)

यह लेख भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA), राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) छत्तीसगढ़, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग छत्तीसगढ़, और प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा द्वारा 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित द्विपक्षीय समीक्षा बैठक के आधिकारिक प्रगति विवरणों और बजटीय आवंटन रिपोर्टों पर आधारित है।

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